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कावड़ियों के अपने ही majje चल रहे हैं 😂
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42 Kommentare

यह कावड़ का नाम तो मैं ट्विटर पर आने के बाद में ही सुना है मुझे तो पता ही नहीं था की कावड़ होता क्या है 🤔😂

क्यों उत्तर प्रदेश में तो सब जानते हैं 🙄🙄

मैं नहीं हूं न वहा से मुझे निर्देश दीदी से पता चला कि ऐसा भी अंधविश्वास होता है 😂

आपको इतिहास पता नहीं लेकिन यह भी बुद्ध परम्परा का हिस्सा था लेकिन उस समय बारिश के कारण बौद्ध लोग नही आ पाते थे तो गांव के लोग उनके लिए पानी और खाना लेकर जाते थे इसी तरह क्योंकि बारिश में वो लोग गुफाओं में रहते थे तो गांव तक आना मुश्किल था बहुत ही पुराना इतिहास है

Haan आपकी बात सही है जब मैंने साइंस जर्नी की stream देखी थी तब इसकी सच्चाई पता चली। Hinduon Ne ise buddhisto Se Hi copy Kiya Hai और अब पूरी तरीके से अंधविश्वास के अलावा और उसमें कुछ भी नहीं बचा।

उसे समय बुद्धिस्ट भिक्कू नहीं आ पाए थे ना तो तू यह सब किया जाता था लेकिन आज इसका पूरा अर्थ बदल गया।

इसका कारण है कि लोगों को इतिहास मालूम ही नहीं है ..पण्डो ने जो लिखा बताया उसी को इतिहास मानते हैं बस यही पूरे भारत देश के लोगो के साथ हुआ है ..भारत को विदेशी जो 5 सदी में आते थे शिक्षा के लिए वो विश्व गुरु कहते हैं .क्योंकि उस समय शिक्षा का केंद्र ही भारत और बुद्ध की शिक्षा थी

बड़े ही आनंदित कावड़िये 🤣🤣🤣

में तो चला कांबड भरने।

जाव भाई भक्ति करो 🤓🤓 मोक्ष मिलेगा

इनकी धार्मिक भावनाएं इनके चरित्र की तरह हैं गिरती ही रहती है फिर आहत होती रहती है @SonOfBharat7 @BajrangDalOrg @VHPDigital आओ थोड़ा धार्मिक भावना आहत वाला नाच दिखाओ

ये कांवड़ यात्री नहीं है, पाखंडी, इन जैसे लोगों के कारण जो सच्चे ह्रदय से जाते हैं उनका सम्मान भी कम हो रहा है पुरस्थ ही धर्म को कलंकित कर रहे हैं। ऐसे लोगों का बहिष्कार होना चाहिए।

मुझे इसमें साज़िश की बु आ रही है,ऐसा लगता है ये किसी के कहने पर हो रहा है। आप देखें जो कांवड़िए है वो कांवड़ ले कर जा रहे है, अब बिना पैसे तो कोई मनोरंजन करेगा नही ! इस से अगले साल कांवड़ियों की भीड़ बढ़ सकती है! ये एक चाल है और जाल भी। जय भीम जय विज्ञान जय संविधान 💐

आत्मा नहीं दिखती शरीर देखते हो गंदे इंसान हो तुम क्या महिला शिव भक्ति में आनंदित नहीं हो सकती मुस्लिम और ईसाई लड़कियां भी शिव भक्ति में आनंद नृत्य कर सकती हैं वामपंथियों तुमने देश को खोखला कर दिया है पूरे विश्व को खोखला करने में लगे हो

ब्राह्मणवाद के धर्म ने देश को बर्बाद और लूट लिया है

ब्राह्मण की बात ही नहीं कर रहा मैं ब्राह्मणवाद कहां से आ गया आप वामपंथी लग रहे हैं मुझे

कावेडिया बेचारे थक जाते है उन्हें भी एंटरटेनमेंट मिलना चाहिए साल बाद तो यात्रा निकलती है. ऐसा मौका साल मे एक बार आता है, सरकार को चहिये इनके लिए spa aur massage पार्लर खोले.

धर्म के ठेकेदार इसलिय ऐसा कर रहे है की अगली बार ये और ज़्यादा संख्या मैं आए । अनपढ़ रहेगा इंडिया तभी तो घटिया पार्टी को वोट देगा इंडिया

🤦🤣🤣

ये महादेव का अपमान है । कहां गए बजरंगदल और करणीसेना वाले?धर्म को इस तरह अपमानित करने वालों को दौड़ा कर मारो! किसी एक को अच्छे से प्रशाद दो बाकी सब सुधर जाएंगे!

Hindu hi hindu Dharm ka beda garg kar raha hai...

एक सवाल: कांवड़ किसी नर्तकी भक्त को लग गया और उसमें से जल चालक गया तो कांवड़िये किसकी सूताई करेंगे? १. सपाई कांवड़ियों की २. अनअनुशासित पुलिसकर्मियों की ३. कांग्रेसियों की ४. पाक समर्थित षड्यंत्रकारी छद्मवेशी मुल्लों की

How to make God happy? Their God would be happy with their romance 😁😁😁

बस यही कारण है हर साल कांवड़ियों की तादाद बढ़ती जा रही है

वाह वाह चल योगी जीवी तो कांवड़िया मंच के नचनिया में दोनों साथ साथ ही नाचेंगे दोनों साथ साथ ही नाचेंगे आह आह हा

धर्म को अच्छे से रिप्रेजेंट कर रहे है जैसे इंद्र देवता किया करते थे।😁

याहा कोई कावड खंडित नही हहो रही है? याहा कावड के साथ भद्दा माजक खिलवाड दिखाई दे रहा है पर मजाल है किसी की भावना आहात नहीं होगी

अब इनकी कावंड खंडित नही हो रही? ये नशेड़ी गंजेड़ी है जो कावंड यात्रा के नाम पे अय्याशी करने निकलते है!! जो सच मे भक्त होगा उसको इन सब छिछोरपंती मे थोड़े लगेगा!!

यह हमारे देश का दुर्भाग्य है क्योंकि यहां शिक्षा को महत्व नहीं दिया जाता बल्कि पाखंड को महत्व दिया जाता है जिसका ये जीता जागता परिणाम सामने है कुछ गंधभक्तों को यह बुरा लगेगा ऐसे लोगों को ईश्वर सद्बुद्धि

भोले बाबा स्वीकार करेंगे क्या ये वाली भक्ति

कांवड़ियों की श्रद्धा देखते ही बन रही है।

महादेव भक्त और शंकराचार्य से निवेदन है तत्काल ऐसे कार्यक्रम की रोका जाए नहीं तो कावड़ यात्रा को कुछ संयमित करने का निर्देश से... सरकार वोट के चक्कर में धर्म का तमाशा aur जनाजा nikal diya

वाह क्या सीन है।

हे भगवान 🙏

Kaisi bhakti hai ek din kavar le jane se sochte ho ki mokchh mil jaye, aur sath me nark ka rasta khojte ho kya yahi bhakti hai jo hamare sanskriti ko aage le jayega

रूप रंग देखने से तो ऐसा लग रहा है कि ये 3% वाले नहीं है ये तो नीला कबूतर और काले कौवे है और तो और वो जो डांसर है उनको भी नीले रंग से रंग दिए है पक्का ये भीमटो की कोई चाल है सनातन को बदनाम करने की

In logo ke liye narak me reservation hai koi inki seat nhi lega🤣

Bhai कावड़ wale thoda sa khusa kya ho gye tum ko jalan hone lagi kya wo insaan nahin hai ? kya unke ander dil nahin hai? Bhai ye upar se unke saririk kirya kalapo ko mat dekho, man to unka bhakti me hi hai, fir wo chahe kisi mahila ko mare ya hotel me tod fod kare

Fir koi kyu na kanwariyaa bane😊

यही सनातन धर्म है।

बच्चों बच्चों को मजा चखाया जा रहा है, ताकि अगले साल और बच्चे आएं।

अच्छा है, अभी इनकी तिर्थयात्रा भ्रष्ट नहीं हो रही है। कमाल की संस्कृति है।

