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क़सम से सारे पाप धूल जाते! बस अपना प्रधानमंत्री भी ऐसे डंके की चोट पर कह पाता ट्रम्प अब तुमसे नहीं डरूँगा, रूस से ही तेल लूंगा, वह भी रुपए में।

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ट्रेड डील में भारत की ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ ⦿ 6 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पेनल्टी टैरिफ के आदेश में लिखा- भारत ने अमेरिका से वादा किया है कि वह रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा ⦿ ट्रंप ने ये भी लिखा- अमेरिका ये निगरानी करेगा कि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर, रूस से कच्चा तेल न खरीदे। अगर ऐसा हुआ तो पेनल्टी दोबारा लगा दी जाएगी ⦿ 9 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा जारी फैक्ट शीट में भी भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल न खरीदने का वादा करने की बात दोहराई गई ⦿ 14 फरवरी, 2026 को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत ने रूस से कच्चा तेल न खरीदने का सशर्त वादा किया है ⦿ अमेरिका मई, 2024 में पाबंदी लगा चुका है कि भारत, ईरान से भी कच्चा तेल नहीं खरीद सकता, जिसे मोदी सरकार ने स्वीकार कर लिया है ⦿ भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, जो हमारी ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है। हम 40% कच्चा तेल रूस और 11% कच्चा तेल ईरान से आयात करते थे। यानी कुल जरूरत का लगभग 51% ⦿ फरवरी 2022 से जनवरी 2026 के बीच भारत ने रूस से 15.24 लाख करोड़ रुपए का कच्चा तेल आयात किया और सस्ती दरों के कारण लगभग 1.81 लाख करोड़ रुपए की बचत हुई अब ट्रंप के कहने पर मोदी सरकार अमेरिका और वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगी, लेकिन रेट सस्ता नहीं होगा। ऐसे में मेरा सीधा सवाल है- क्या ये भारत की आत्मनिर्भरता के साथ खिलवाड़ नहीं है? : कांग्रेस महासचिव Randeep Singh Surjewala जी 📍 दिल्ली

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