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गोरखपुर के महंत योगी जी है परंतु संवैधानिक पद पर उपराष्ट्रपति के लिए उनका सम्मान देखिए ❤️ स्वयं रेड कारपेट से नीचे फ़र्श पर चलने को तैयार है और धनकड़ जी के लिए हर कदम सम्मान है 🙏 ये छोटी बातें ही नेता को बहुत बड़ा बनाती है।

365,165 просмотров • 2 лет назад •via X (Twitter)

Комментарии: 10

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कुलदीप सिंह (क्षात्र धर्म )2 лет назад

ये संस्कार क्षत्रियों के रगो में लहू बनकर दौड़ता है ! यही हमारी संस्कृति है !

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Monu kumar2 лет назад

यही तो भारतीय संस्कृति है,जो अन्यत्र नहि मिलती।

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अजय सनातनी (बनारस)2 лет назад

यह एक सनातनी योगी ही कर सकता है। महाराज जी ने कहा था बुलडोजर चलाने जिगर चाहिए।

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Avadhesh Sharma2 лет назад

तुम लोगो को अंध भक्त इसीलिए कहा जाता है, ना तो योगी जी जान बूझकर कारपेट ने चलने की कोशिश कर रहे और आंखें खोल के वो भी कारपेट पर ही चल रहे हैं कितना चाटोगे

Фото профиля सौराष्ट्र जीत सिंह🚩
सौराष्ट्र जीत सिंह🚩2 лет назад

योगी जी इस देश के राम हैं।

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विजय प्रताप हिंदू2 лет назад

आज से 50 साल बाद स्कूलों में यह पढ़ाया जाएगा कि भारत मुस्लिम देश कैसे बन गया इसका कारण है अखिलेश यादव लालू यादव अरविंद, राहुल, ममता बनर्जी जिसने मुसलमानों का साथ दिया इस प्रकार जैसे पृथ्वीराज चौहान हार गया क्योंकि जयचंद ने मोहम्मद गौरी का साथ दिया था दोगले हिंदू

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Rajkumar2 лет назад

योगी जी पर हम सब को गर्व है फिर भी कुछ तुतिये है जो योगी जी को अभी तक पहचान नही पाए,मेरी सारी उम्र योगी जी के चरणों को समर्पित

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Yogendra Singh2 лет назад

योगी बनने के लिए त्याग सबसे बड़ी शर्त है। बस त्याग के आड़े कोई आये न सुल्तानपुर से या प्रयागराज से

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Devanand Panday2 лет назад

Baba hai hamare...

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S. kumar2 лет назад

अपने अपने संस्कार💐💐

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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है। सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई। 2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो। ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है। इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है। डरो मत!

Rahul Gandhi

1,957,260 просмотров • 2 месяцев назад

माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी के खिलाफ मुख्यमंत्री Ashok Gehlot जी ने राजनीति से प्रेरित होकर जो टीका-टिप्पणी की है, वो दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन गहलोत जी को उपराष्ट्रपति के बारे में ऐसे बयान शोभा नहीं देते हैं। लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की आये-दिन दुहाई देने वाले गहलोत जी अब राजनीतिक आरोप लगाने में इतने निम्न स्तर की राजनीति पर उतारू हो गये हैं कि उन्होंने संवैधानिक पद पर आसीन उपराष्ट्रपति महोदय पर अमर्यादित टिप्पणी करके ना केवल पद की गरिमा का हनन किया है बल्कि प्रदेशवासियों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाया है। जबकि श्री जगदीप धनखड़ जी ने उपराष्ट्रपति पद पर आसीन होकर राज्य का मान समूचे देश में बढाया है, हर राजस्थानी उनका अभिनंदन करता है वहीं मुख्यमंत्री जी उनके कार्यक्रमों और दौरों को लेकर जिस प्रकार की सोच रखते हैं, यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।

Rajendra Rathore

10,105 просмотров • 3 лет назад

|| जयतु जयतु भारतम् || विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को रूस के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' से सम्मानित किया जाना समस्त भारतवासियों के लिए गौरवशाली क्षण है। माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में वैश्विक मंच पर भारत के मान, सम्मान और स्वाभिमान में निरंतर वृद्धि हो रही है। माननीय प्रधानमंत्री जी को प्राप्त यह सम्मान वैश्विक पटल पर 'नए भारत - सशक्त भारत' की बढ़ती प्रतिष्ठा का परिचायक है। राजस्थान परिवार की ओर से यशस्वी प्रधानमंत्री जी को इस सम्मान हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ । Narendra Modi PMO India

Bhajanlal Sharma

12,517 просмотров • 2 лет назад

योगी जी हमारे दिल की बात समझते हैं…❤️ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर ₹12,000 करना सिर्फ एक रकम बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन हजारों बहनों की मेहनत और समर्पण का सम्मान है, जो वर्षों से बच्चों के पोषण और उनके बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। जब किसी मेहनतकश बहन के चेहरे पर अपनी मेहनत के सम्मान की खुशी दिखाई देती है, तो वह खुशी सिर्फ उसकी नहीं होती..वह हर उस महिला की खुशी होती है, जो परिवार और समाज के भविष्य को मजबूत बनाने में अपना योगदान दे रही है। ये फैसला बताता है कि संवेदनशील नेतृत्व वही है, जो ज़मीन से जुड़ी आवाज़ सुने और उसे सम्मान दे। योगी जी ने आंगनवाड़ी बहनों की बात सुनी, उनका मान बढ़ाया और उनके चेहरे पर मुस्कान लाई। ये सिर्फ मानदेय में बढ़ोतरी नहीं, मातृशक्ति के सम्मान की बात है।

Harsha Patel 🇮🇳

10,255 просмотров • 16 дней назад