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चीख सुनते ही आत्मा दहल रही है #Kanpur
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आज भर आत्मा दहलेगी, कल से फिर बुलडोजर का गुणगान करने लग जाएगी

अगर परिवार मुस्लिम होता तो आपकी आत्मा से लेकर बांछे तक सब खिल जाती है। अमृतकाल की सबसे अच्छी विशेषता यही है कि अब दुख और क्रोध जाति और धर्म को देखकर आता है।

@anamikamber मुसलमानों की चीख आपको सुनाई क्यों नहीं देती?

जब चला मुस्लिम पे बुलडोजर तब योगी के नाम का मचाया हाहाकार, जब खुद का घरौंदा भी जाता दिखा, तो आ गए मातम मनाने सरकारी कलाकार

आप तो बुलडोजर चलवाने के लिए ब्रांड एम्बेसडर थी न ? खूब हौसला बढ़ाया जा रहा था । बुलडोजर को काहे की निशानी बता रही थी ? बुलडोजर से नहीं देश संविधान से चलता है ।

उत्सव मनाओ कविताएं पढो आदित्यनाथ के कसीदे में , ऐसे न जाने कितने मरे है और कितने मरेंगे तुम राग दरबारी गाओ

दर्द एक सा होता है... हम तब भी उस दर्द का अहसास था और अब भी है। बुलडोजर राज मुर्दाबाद.. आपको सत्ता की गुलामी करना है, खूब करो वोट दो.. जूते पालिस करो.. लेकिन उन फैसलों का कभी समर्थन न करो.. जो भविष्य में आपको अपनी औकात याद दिला दे। जय हिंद.. जय भारत..

गरीब ब्रह्मण के हत्यारे बुलडोजर बाबा को सज़ा कब मिलेगी.??

सबको पता है हत्यारा कौन है .? पर इंसानियत के दुश्मनों की औकात नहीं कि उसे टैग कर सकें उसका नाम ले सकें घटना के दोषी डीएम और पुलिस प्रशासन व बुलडोजर चलाने वाले ड्राइवर को बता रहे हैं बुलडोजर नीति किसने अपनाई उसका कहीं नाम ही नहीं है वाह! इन बिकाऊ और बाजारू लोगों का क्या कहना

बुलडोजर कार्रवाई की हार्दिक शुभकामनाएं! जय श्री राम
