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जातिगत जनगणना हमारा मिशन है

72,217 次观看 • 1 年前 •via X (Twitter)

10 条评论

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🇮🇳 Shashi 🇮🇳🚩1 年前

जातिगत जनगणना देश की बर्बादी है और कांग्रेस से बेहतर इसे कोई नहीं कर सकता !

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abhishek1 年前

Dumbest politican in indian history

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सुनील राऊत मैं_भी_हिंदू_हूं🇮🇳🇮🇳1 年前

पहले अपनी जाति बता दो 😜😜😜😜

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Aanand Krishna1 年前

Your mission is just to divide people on the name of Caste. One more thing, You won't succeed.

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Kamlesh Sankhe( मोदी का परिवार)1 年前

ईनका मीशन एक ही है... हिंदू मे जातीगत मतभेद पैदा करो, उन्हे बाॅंटो भारत में हिंदू एकजूट हो गये तो भारत को कोई रोक नहीं पायेगा, १० साल में विश्व की पाचवी अर्थव्यवस्था बन चूका है भारत, तिसरे स्थान पे आने की तयारी है....हमारे साथी चीन , पाकिस्तानी, अमेरिका के आका....क्या जबाब देंगे??

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Anup Kapoor1 年前

मदिरालय में नृत्य करने वाली नृत्यांगना🐷 के गर्भ से सावरकर पैदा नहीं हो सकता......🤨

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atul kumar1 年前

झंडनायक के वादे सिर्फ झुठ और हिंसा फैलाने वाले हैं । कांग्रेस मंच पर महिला कांग्रेस से ही सुरक्षित नहीं है तो घर पर क्या हाल करेंगे कांग्रेसी ।

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𝗔𝗻𝗶𝗹 𝗠𝗼𝗵𝗮𝗻 ⁽ᴮᴶᴾ⁾1 年前

विकास की बात छोड़ो, विभाजन की राजनीति में ही महारत हासिल है। जातिगत जनगणना नहीं, असली मिशन तो जाति के नाम पर वोट बैंक की खेती है!

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Dhanraj Daga ( Modi Ji Ka Pariwar )1 年前

कांग्रेसी चमचे नेहरू को महान बताने के लिए कितनी शानदार कहानियां गढ़ लेते हैं लेकिन आपको कभी सच्चाई नहीं बताएंगे इन सज्जन का कहना है की नेहरू की विदेश नीति इतनी शानदार थी कि जब उन्होंने गोवा पर सैनिक कार्रवाई किया तब 180 के 180 देश भारत के साथ हो गए यूनाइटेड नेशन में पुर्तगाल के पक्ष में कोई नहीं आया अब जरा सच्चाई जानते हैं 1- अमेरिका उस वक्त वियतनाम और क्यूबा में बुरी तरह से फंसा था और अमेरिका एक और तीसरा मोर्चा नहीं खोलना चाहता था इसीलिए अमेरिका चुप रहा 2- पुर्तगाल का शासक एंटोनियो सालाजार जो एक सैनिक तानाशाह था वह इतना बड़ा अत्याचारी था और लोकतंत्र का दमन किया था इसीलिए यूनाइटेड नेशन में एक तानाशाही सत्ता के प्रति सहानुभूति पैदा नहीं हुई 3- चीन उस वक्त खुद मकाऊ और हांगकांग पर नज़रें गड़ाया था जो ब्रिटिश कब्जे में थे इसीलिए उस मजबूरी में गोवा पर भारत का साथ देना पड़ा वरना चीन का मकई और हांगकांग पर दावा कमजोर हो जाता 4- ब्रिटेन ने भारत का साथ इसलिए दिया क्योंकि ब्रिटेन खुद अर्जेंटीना के तट पर ब्रिटेन से भी बड़ा एक द्वीप फॉकलैंड कब्जा किया हुआ है इसीलिए ब्रिटेन इस पर चुप रहा ना वह पुर्तगाल के पक्ष में कुछ कहा ना भारत के पक्ष में कुछ कहा 5- इजिप्ट इसलिए चुप रहा क्योंकि अरबो डॉलर खर्च करके स्वेज कैनाल बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी इजिप्ट के ऊपर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में रॉयल्टी का केस दायर किया था तो यदि इजिप्ट पुर्तगाल के पक्ष में बोलना तो उसका केस कमजोर हो जाता 6- सोवियत संघ इसलिए भारत का साथ दिया क्योंकि वह एशिया में एक और पश्चिम का के देश का शासन नहीं चाहता था 7- कनाडा न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया अफ्रीका के सभी देश तथा कॉमनवेल्थ के अन्य देश और नाटो के तमाम देश खुद कभी ना कभी ब्रिटेन या दूसरे देशों के गुलाम थे इसीलिए वह भी इस मामले में तटस्थ रहे यही कारण है कि जब भारत ने गोवा पर हमला किया तब पुर्तगाल या भारत दोनों के पक्ष में कोई देश नहीं आया भारत में अकेले वह मामला हैंडल किया लेकिन यही दलाल महोदय यह नहीं बताते की गोवा मामले के ठीक 1 साल के बाद जब चीन ने भारत पर हमला किया और बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा किया तब सोवियत संघ ने यह कहकर भारत का मदद नहीं किया कि भारत हमारा दोस्त है तो चीन हमारा भाई है और भाई और दोस्त में से हमेशा भाई को चुना जाता है अमेरिका ने भारत के साथ इसलिए नहीं दिया क्योंकि उस वक्त भारत सोवियत संघ के साथ था नतीजा यह हुआ कि भारत को बहुत बड़ा हिस्सा गंवाना पड़ गया

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Ayush $ingh1 年前

24 hours is not clearly enough for Bikas. In Kerala station

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