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जब तक अशोक खरात जैसे ढोंगी पाखंडी बाबाओं पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा तब तक इसी तरह के तमाम ढोंगी पाखंडी बाबा उपजते रहेंगे। इस बात से महिलाओं को सीख लेनी चाहिए कि ऐसे पाखंडियों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। #AshokKarat #viralvídeo #viralbaba #baba #rupali #Nasik #maharashtra #maharashtraViralVideo

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ये हैं अयोध्या के घटिया बाबा निकाले तोंद, बैठने को तरसने वाला कर्महीन एक मेहनत काश इंसान से कितने घटिया ढंग से बात कर रहा है। खैर मुझे अच्छे से पता है कि ये पाखंडी धर्म का धंधा करने वाले हैं। पर अफसोस इस बात का है कि ये ANIL जी के गुरु हैं। ऐसे गुरु घंटाल से अच्छा है बिन गुरु ही रह जाए अनिल जी। एक निवेदन AYODHYA POLICE से है कि यदि इस घटना में कही किसी के अधिकारों का हनन और किसी को बेवजह परेशान करके बदनाम किया जा रहा हो,तो उस पर कार्यवाही जरूर करना चाहिए। अन्यथा कानून का राज नहीं रह जाएगा और एक दिन पुलिस को भी ऐसी बातों का शिकार होना पड़ेगा। क्योंकि पानी जब घुटने के नीचे हो तो आनंद देता है, कमर तक हो तो बहुत आनंद देता है लेकिन वही पानी अगर सिर के ऊपर चला जाएगा तो डूब जाएंगे मर जाएंगे। DGP UP UP POLICE

मनोज यादव

19,574 次观看 • 1 年前

शर्मनाक! एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति जब ऐसी नीच हरकत करता है, तो पूरे समाज का सिर झुक जाता है। नासिक पुलिस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी स्वागत योग्य है। ऐसे लोगों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाली खबर कैप्टन अशोक खरात की गिरफ्तारी। उन पर गंभीर आरोप लगे हैं और गिरफ्तारी के समय का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रशासन इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है। नासिक के तथाकथित ज्योतिषी अशोक खरात का काला सच! ज्योतिष विद्या के नाम पर 58 महिलाओं को ब्लैकमेल करने वाले इस पाखंडी का साथ देने वाली नेता रूपाली चकणकर ने भी अब इस्तीफा दे दिया है। देखिए कैसे धर्म की आड़ में लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया। Source

Ranjeet Kumar

121,996 次观看 • 5 个月前

इस वीडियो को देखकर खून खौल गया – इसे होली खेलना नहीं कहा जा सकता। यह पूरी तरह से जाहिलपन, छिछोरापन और एक लड़की के सम्मान का खुला चीरहरण है। यह केवल एक महिला की गरिमा का अपमान नहीं, बल्कि पूरे सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली घटना है। वीडियो में एक नाबालिग युवती के साथ जिस प्रकार की अमर्यादित हरकत की जा रही है, वह अत्यंत निंदनीय और घृणित है। ऐसे लोग इस देश, समाज और अपने परिवार – तीनों के लिए कलंक हैं। जब तक ऐसे लोगों को समाज के सामने बेनकाब नहीं किया जाएगा और उन पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटिया मानसिकता पर अंकुश लगना मुश्किल है। इस वीडियो का स्थान अभी स्पष्ट नहीं है। यदि किसी मित्र के पास इस वीडियो से संबंधित कोई भी जानकारी हो – जैसे स्थान, समय या संबंधित व्यक्तियों की पहचान.. तो कृपया हमें अवश्य उपलब्ध कराएं, ताकि इस मामले में उचित और दंडात्मक कार्रवाई के लिए पहल की जा सके। ~ साभार: NCIB Headquarters

NCIB Headquarters

53,959 次观看 • 6 个月前

धर्म और ज्योतिष की आड़ में छिपे इस दरिंदे का असली चेहरा देखें। दर्द की चीखों को कौन सुने यहाँ, खामोशियों में भी तूफ़ान पलते हैं। जिस्म नहीं, इंसानियत लूटी जाती है, ये ज़ख्म उम्रभर दिल में जलते हैं। पूजा-पाठ के बहाने वे उन्हें नशीला पदार्थ पिलाता था, हिप्नोटाइज करता और यौन शोषण करता था।महिलाओं से कहता अगर इसके बारे में किसी से बताओगी तो तुम्हारे पति की मौत हो जाएगी धमकी देता कि पति की मौत हो जाएगी। अशोक सीसीटीवी कैमरों से वीडियो रिकॉर्ड करता और ब्लैकमेल करता था पुलिस को अशोक के ऑफिस से एक पेन ड्राइव मिला, जिसमें 57 अलग-अलग महिलाओं के साथ 100 से अधिक अश्लील वीडियो थे भविष्य बताने के नाम पर वर्तमान बर्बाद करने वाला ढोंगी सलाखों के पीछे! नासिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 58 अश्लील वीडियो और 200 करोड़ की संपत्ति का खुलासा। सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे ढोंगी बाबा और ज्योतिषी मासूम लोगों की भावनाओं से खेलते रहेंगे? Source:

Ranjeet Kumar

85,611 次观看 • 5 个月前

ढोंगी अशोक ख़रात के केस में SIT जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ज्योतिष बाबा अशोक खरात जी "Wife Swapping" का धंधा भी किया करता था...!! इसका मतलब है कि: 1. पार्टनर स्वैपिंग सामाजिक और यौन संदर्भ में, पत्नी की अदला-बदली जिसमें गैर-एकल विवाह का एक रूप है जहां प्रतिबद्ध जोड़े अन्य जोड़ों के साथ यौन गतिविधियों में संलग्न होते हैं। उसके केबिन में जब महिला इलाज कराने के लिए आती तो झूमर की लाइट बंद करने का मतलब था कि अब कोई भी केबिन के अंदर न आए उसके केबिन में खास किस्म के शीशे थे जिनमें अंदर से बाहर देखा जा सकता था लेकिन बाहर से अंदर दिखाई नहीं देता था। [1500 से अधिक सीक्रेट नंबर मिले है जिनकी जांच जारी है.. 58 वीडियो की संख्या 150 तक जा पहुंची है। 2018 में 8000 की नौकरी करने वाले धीरज जाधव ने बाबा की खोली पोल। उसने केबिन में हिडेन कैमरा लगाया जिससे वो भी बाबा को और महिलाओं को करता था ब्लैकमेल। उसने बताया बाबा 100 किलो के भाव से इमली के बीज खरीद था और उन्हें पॉलिश करके पीड़िती महिलाओं को 1 लाख रुपए मुट्ठी के हिसाब से बेचा करता था।

Jeetu Besla

84,813 次观看 • 5 个月前

आजकल बाबा भी लॉन्च हो रहे हैं एक से बढ़कर एक कहीं झाड़-फूंक वाला बाबा, कहीं पानी पिलाने वाला, कहीं कंबल बाँटने वाला और कहीं तरह-तरह के ढोंग-ढकोसलों के जरिए लोगों की आस्था का फायदा उठाने वाले बाबा। अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक बाबा लकड़ी के सहारे कथित झाड़-फूंक करता दिखाई दे रहा है और महिलाओं के साथ आपत्तिजनक तरीके से व्यवहार करने के आरोपों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर समाज हम किस दिशा में ले जा रहे हैं? क्या ऐसे ढोंग और अंधविश्वास से देश की उन्नति होगी? देश की तरक्की चमत्कारों और अंधविश्वास से नहीं, बल्कि शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, तर्क और संविधान में विश्वास से होगी। किसी भी व्यक्ति को सिर्फ बाबा या साधु होने के नाम पर कानून और मर्यादा से ऊपर नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में वीडियो देखकर फैसला सुनाने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। विडंबना यह है कि कुछ लोग आंख मूंदकर हर बाबा को चमत्कारी मान लेते हैं। जरूरत है कि हम आस्था का सम्मान करें, लेकिन अंधविश्वास को बढ़ावा न दें। सवाल बाबाओं की संख्या का नहीं, हमारी वैज्ञानिक सोच का है। देश तभी आगे बढ़ेगा, जब हम चमत्कार नहीं तर्क और विज्ञान पर भरोसा करेंगे।

Shivam Samajvadi

32,872 次观看 • 6 天前

मनुस्मृति पर सवाल उठाकर “Smash the Patriarchy” कहने और महिला अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी की असल परीक्षा अब सामने है। जब ग्रैंड मुफ्ती अबू बकर अहमद महिलाओं को तिजोरी के सोने की तरह घर में बंद रखने की वकालत करते हैं और अब्दुल हाकिम अंसारी जैसे मौलाना महिलाओं को बोझ बताकर उनके बाहर काम करने पर सवाल उठाते हैं, तब राजनीति का दोहरा रवैया साफ दिखता है। “Smash the Patriarchy” का नारा किसी एक धर्म या राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी, जो महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं, उन्हें इन रूढ़िवादी बयानों पर भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उनकी सहयोगी पार्टी मुस्लिम लीग को भी तय करना होगा कि वह महिलाओं की आजादी के साथ है या इस संकीर्ण सोच के। देखिए, विस्तृत रिपोर्ट… ⬇️

BJP

56,860 次观看 • 2 天前

32 दरिंदे और सिस्टम बहरा! कब मिलेगा इस 13 साल की बच्ची को इंसाफ? | Justice Now 13 साल की बच्ची, 32 दरिंदे और हमारा बहरा सिस्टम! कब तक हम ऐसी हैवानियत पर खामोश रहेंगे? यह वीडियो किसी राजनीतिक एजेंडे या मजहब के बारे में नहीं है, यह हमारी इंसानियत की आखिरी चीख है। जब तक हम बेटियों की चीख पर राजनीति, राज्य और पार्टी देखना बंद नहीं करेंगे, तब तक अपराधियों के हौसले ऐसे ही बुलंद रहेंगे। आज उस मासूम का बचपन उन चार कमरों में दफन हो चुका है, लेकिन क्या हम उसे इंसाफ भी नहीं दिला सकते? खबर ठंडी होते ही फाइलें भी ठंडी हो जाती हैं। आज फैसला आपका है—सोशल मीडिया पर सिर्फ स्क्रॉल और ट्रोल करना है या एकजुट होकर इस बहरे सिस्टम को जगाना है? इस वीडियो को हर प्लेटफॉर्म पर पहुंचाएं, अपनी सरकारों को टैग करें और तब तक शोर मचाएं जब तक उन 32 दरिंदों को ऐसी सजा न मिले जिससे आने वाली नस्लों की रूह कांप जाए। आज आवाज उठाइए, क्योंकि अगर आज हम चुप रहे, तो कल सिर्फ शहर का नाम बदलेगा, किसी और मासूम का..... #justice

Preeti Chobey

10,542 次观看 • 2 个月前

भाई साहब बहुत गुस्से में बोले... सीख यह दी : कृपा से बने हो तो कृपा को योग्यता में बदलिए चेतावनी यह दी: जिस दिन कृपा हट गई, कहीं नहीं रहोगे बेटियों को जेहादियों से बचाना है। कहने में संकोच नहीं होना चाहिए कि पद पर, प्रतिष्ठा पर, दायित्वों पर, प्रशासन पर और सरकार पर जो मठाधीश बैठे हैं, क्या उनका बुलडोजर सोया हुआ है? तुम्हें योग्यता से वह दायित्व मिला है या किसी की कृपा से? अगर योग्यता से दायित्व मिलता है तो योगी जैसे बनते। अगर कृपा से मिला है तो असम के हिमंत विश्व सरमा के जैसे बनते, जिसने कृपा को योग्यता में बदल दिया। ऐसी कृपा को योग्यता में बदलिए। समाज बहुत तेज गति से आशा और अपेक्षा रखता है कि जो काम शासन और सत्ता का है, वह करना चाहिए। यह कृपा, कृपा ही न बनी रह जाए। हाथ बंधे हुए हैं प्रशासन के। मिलते हैं जब एसडीएम, एसपी, कलेक्टर, डिप्टी से तो कहते हैं कि हमें आदेश हैं ऊपर से। यह ऊपर वाला कौन है? जिस दिन यह कृपा हट गई, कहीं नहीं रहोगे। समय याद किया जाएगा पूरे देश में राजस्थान क्राइम में सबसे ऊपर जा रहा है। ये सुरक्षा में लगे हुए पुलिसकर्मी करें तो क्या करें? ये जैसा सत्ता में बैठे हुए लोग होते हैं, वैसा ही काम करने की इनकी मानसिकता होती है। चाहे पड़ोस के राज्य को देख लीजिए। स्व का बोध होना चाहिए। भारत को भारत बने रहने देना चाहिए। समाज को समाज की तरह से जीना चाहिए। यह अत्याचार अब नहीं चलेंगे। समाज उठकर के खड़ा होगा। (भाई साहब का नाम दिनेश मणि रत्नम है बताया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक हैं। उन्होंने हालांकि सीख और चेतावनी देते हुए किसी का नाम नहीं लिया है। टोंक में पिछले दिनों गांव डारड़ा हिंद की एक 13 वर्षीय बच्ची को पांच युवकों ने धर्म परिवर्तन कर निकाह करने के लिए न केवल दबाव डाला बल्कि उसके पीछे-पीछे उसकी कोचिंग क्लास में भी घुस गए। रोकने पर कोचिंग संचालक और बीच बचाव करने आए अन्य लोगों को बुरी तरह पीटा। बाद में ग्रामीणों ने रास्ता बंद करके प्रदर्शन भी किया। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन अपेक्षित कार्रवाई आज तक नहीं की गई। इस बात की गहरी नाराजगी है और उसे भाई साहब ने खुलकर व्यक्त किया है। संघ की ओर से इस तरह की अभिव्यक्ति आमतौर पर देखने को नहीं मिलती है।)

Arvind Chotia

20,272 次观看 • 10 个月前

अशोक की पीड़ा को सुना जाना चाहिए... ट्विटर पर आंसू बहाते, पौंछते अशोक मेघवाल के वीडियो ने मुझे विचलित कर दिया। मैंने अशोक से वादा किया कि हम जरूर मिलेंगे। जैसे भी हो सकेगा, आवाज उठाएंगे। जहां तक पहुंचा सकते हैं, वहां तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। जितना हो सके। मुझे अशोक की पीड़ा सही लगी। उसके साथ अन्याय हुआ है लेकिन संभवतः एससी-एसटी एक्ट का जिस तरह दुरुपयोग होता है, संभवतः उसका केस भी उसी तरह देखा गया। अशोक के अनुसार पाली जिले में रहने वाले उसके परिवार की जमीन पर 2021 में दबंगों ने कब्जा कर लिया। प्रतिरोध करने पर उसकी मां का सिर फोड़ दिया गया और उसकी गर्भवती बहन के साथ मारपीट की गई। अशोक ने उस वक्त अखबारों में छपी हुई खबरें भी दिखाई। पुलिस के कुछ अफसरों ने उसकी बहुत अच्छी मदद की तो कुछ ने नहीं की। इससे पहले अशोक ने शिक्षक बनने का सपना देखा था लेकिन इस घटना के बाद उसने वकालत की पढ़ाई को चुना। मैं एक बार पहले भी अशोक से मिला था। तब वह काफी कॉन्फिडेंट दिखा था लेकिन आज टूटा हुआ सा था। अशोक की पीड़ा को सुना जाना चाहिए और उसे और उसके परिवार को न्याय भी मिलना चाहिए। अशोक दलित वर्ग की मुखर आवाज है लेकिन इस चक्कर में वह ग़लत तरीके से लोगों को टारगेट करता रहा। अनेक लोगों से बेमतलब में पंगे लिए। कई लोगों पर व्यर्थ की अशोभनीय व्यक्तिगत और जातीय टिप्पणियां भी की, महिलाओं पर भी, और चलती हवा में बहकर उसने मनु स्मृति जलाने के वीडियो भी पोस्ट किए जिसका मैं बिल्कुल भी समर्थन नहीं करता। लेकिन इस सबके बावजूद पीड़ा के इस मौके पर उसे अकेला छोड़ना भी अन्याय से कम नहीं होगा। मैंने तय किया कि मैं अपना धर्म निभाऊंगा। मैंने उसे किसी पर भी अनर्गल टिप्पणियां नहीं करने का सुझाव भी दिया। अशोक से बहुत सारे लोगों को शिकायतें हैं। मुझे भी है, लेकिन नफ़रत को नफरत से कभी नहीं जीता जा सकता। नफरत को सिर्फ प्रेम से ही जीता जा सकता है। तो, अशोक का पक्ष उसी के शब्दों में सुनिए और अपने विवेक से फैसला कीजिए। जय हिन्द Ashok Meghwal

Arvind Chotia

65,926 次观看 • 1 年前

इस वीडियो से स्पष्ट है की धर्म की आड़ में इस तरह के पाखंडी कथावाचक एक जाति का वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं लेकिन कान खोलकर सुन लो जिनका तुम अपमान कर रहे हो ये महापद्मनंद और जननायक कर्पूरी ठाकुर के वंशज हैं। जिस दिन इनको ये बात समझ आ जाएगी उस दिन तुम्हारी दुकान का शटर भी डल जाएगा। धिक्कार है मुख्यमंत्री शिवराज चौहान पर जिनके राज में न सिर्फ ये जातिवादी फल-फूल रहे हैं बल्कि बहुजन-पिछड़ों को अपमानित भी कर रहे हैं। संविधान जाति-धर्म-वंश-लिंग के भेदभाव को नकारता है इसलिए ऐसे पाखंडियों का स्थान कथा पांडाल नहीं, जेल है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) नाई-सेन-सविता नंद वंश के अपने भाइयों का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

Chandra Shekhar Aazad

380,870 次观看 • 3 年前

कहीं राजस्थान में भी जंतर-मंतर जैसे हालात न बन जाएं… सरकार को तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आंदोलन को बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए। तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से अपनी जायज़ ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। अब हजारों शिक्षक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठने को मजबूर हो गए हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय संवेदनहीन भाजपा सरकार आवाज़ दबाने में लगी है। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक बंद कर दीं गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारी मांग है कि सरकार को गंभीरता के साथ तुरंत शिक्षकों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए। अगर समय रहते संवाद नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की हठधर्मिता पर होगी। Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan

Govind Singh Dotasra

63,193 次观看 • 1 个月前

आज टीवी स्क्रीन पर युवा कांग्रेस के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के नाम इस तरह चलाए जा रहे हैं मानो कोई संगीन अपराध हुआ हो। सवाल यह है कि क्या कभी इसी गंभीरता और तत्परता से Pulwama attack के मास्टरमाइंड्स के नाम चलाए गए? क्या Delhi bombings के दोषियों की सूची भी इसी तरह बार-बार दिखाई गई? राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता अधिक जरूरी है, न कि लोकतांत्रिक विरोध को अपराध की तरह प्रस्तुत करना। यदि मीडिया सच में जवाबदेही चाहता है, तो उसे सत्ता से सवाल पूछने चाहिए, आतंकवादी हमलों के असली गुनहगार कौन थे, उन पर क्या कार्रवाई हुई, और न्याय की प्रक्रिया कहाँ तक पहुँची। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल युवाओं के नाम चलाना आसान है; लेकिन देश की शहादत से जुड़े मामलों में उतनी ही मुखरता दिखाना असली पत्रकारिता है। लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना अपराध नहीं, अधिकार है। लेकिन जिस तरह से गिरफ्तार युवाओं की सूची टीवी पर प्रसारित की गई, वह चिंता का विषय है। क्या यही पैमाना हर मामले में अपनाया जाता है? जब देश ने Pulwama attack में अपने जवान खोए, तब क्या मीडिया ने उतनी ही गंभीरता से मास्टरमाइंड्स के नाम और उनकी जवाबदेही पर बहस चलाई? मीडिया का दायित्व है कि वह डर नहीं, तथ्य दिखाए। युवा कांग्रेस के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को सनसनी की तरह प्रस्तुत करना और आतंकवाद जैसे गंभीर विषयों पर अपेक्षित तीखापन न दिखाना, यह दोहरा मापदंड प्रतीत होता है। देशभक्ति का अर्थ यह नहीं कि सवाल न पूछे जाएँ, बल्कि यह है कि हर शहादत पर जवाबदेही तय हो।

Alok Sharma

34,634 次观看 • 6 个月前

आज कैलिफोर्निया (संयुक्त राज्य अमेरिका) के गुरु रविदास मंदिर में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा का उद्घाटन मेरे लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण रहा। इस अवसर पर उन्हें नमन कर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र आदरांजलि दी। यह मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है कि इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुझे बाबा साहेब की विचारधारा को अंतरराष्ट्रीय धरती पर नमन करने का अवसर मिला। बाबा साहेब की विचारधारा सीमाओं में नहीं बंधी—वह आज अमेरिका की धरती पर भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी भारत में थी और है। मैं गुरु रविदास मंदिर ट्रस्ट और अमेरिका में रह रहे सभी सामाजिक न्याय के साथियों का धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने इस ऐतिहासिक पहल को साकार किया। यह प्रतिमा नहीं, यह प्रतिकार है। यह पत्थर नहीं, यह परिवर्तन है। यह आदरांजलि नहीं, यह शपथ है – कि हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक अंतिम व्यक्ति को न्याय न मिले। जय भीम | जय मसीहा रविदास | जय संविधान

Chandra Shekhar Aazad

182,116 次观看 • 1 年前

बहुत जरूरी बातें.....दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एन.हरिहरन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई हिंसा पर कोर्ट के सामने रखी हैं. -प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग से पहले पर्याप्त चेतावनी देना पुलिस की कानूनी जिम्मेदारी है. -अब तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है, जिसमें पुलिस यह दिखा सके कि उसने प्रदर्शनकारियों को साफ तौर पर कोई चेतावनी दी थी कि वे वहां से हट जाएं, नहीं तो उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जाएगा. -पुलिस ने न तो कोई सार्वजनिक घोषणा की गई, न ही सायरन या व्हिसल बजाई कि अब लाठीचार्ज होने वाला है. -यहां तक कि अंग्रेजों के जमाने में भी जब धारा 144 लागू लगती थी तो भी इन बेसिक चीजों का पालन किया जाता था. -केवल यह कहकर कि पुलिस को ड्यूटी निभाने में कठिनाई हो रही थी तो वह छात्रों पर बदले की कार्रवाई नहीं कर सकती. जंतर-मंतर पर ऐसा ही दिखाई दिया है. - छात्रों के पास किसी प्रकार के हथियार नहीं थे. ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह से लाठीचार्ज ठीक नहीं है. Credit- Bar and Bench

Mandeep Punia

19,362 次观看 • 1 个月前