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Ana Sayfaya Dön

जहां सांप्रदायिक तनाव होता है ये गुंडे वहीं नज़र आते है। जहां तनाव नहीं है, वहां पहुंचकर ये गुंडे तनाव पैदा करते हैं। खुद को धर्म के लड़ाके बताकर ये गुंडे गालियां देते हैं, विवादित एवं भड़काऊ बयानबाज़ी करते हैं। लेकिन मजाल भला कि मदर ऑफ डेमोक्रेसी की पुलिस...

114,659 görüntüleme • 27 gün önce •via X (Twitter)

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राजस्थान में राज RSS वाले कर रहे, ये खाली मुखौटे हैं जोधपुर में आज मीडिया से बातचीत की: अशोक गहलोत का जवाब: देखिए राजनीति में जो है, झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जी जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्रकृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, आप देखते हो उनको 15-20 साल से। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो। वो पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पे आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो आप बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है। डोटासरा जी को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। ये किरोड़ी मीणा जी को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है। तो भाई एसीबी तो दबाव में जब से डीजी साहब आए हैं, पहले मैंने कहा ये आदमी तो भला है डीजी। वो पूरी तरह सीएमओ के और सीएम के दबाव में है ये। और इनके जो नीचे अधिकारी है, वो भी इनकी बात नहीं मानते हैं। वो इनको उल्टा दबाते हैं। तो मुझे लगता है कि एसीबी का जो डीजी है, वो खुद परेशान होगा, मेरे ख्याल से जहां तक मैं समझता हूँ या जहाँ तक मेरे पास वहां से रिपोर्ट आती है। वहाँ के जो काम करने वाले अधिकारी कहते हैं ना कि भाई क्या हो रहा है हमारे यहाँ? स्थिति एसीबी की बहुत भयानक खराब है। दबाव में काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी को ऑबलाइज करने के लिए फैसले हो रहे हैं। आईओ कह रहा भाई ये मुल्जिम नहीं बनता हमारा। और ऊपर से कहते हैं डीजी साहब और जो दबाव आता है उनके ऊपर, नहीं आप इनको अरेस्ट करो। ऐसा मैंने आज तक कभी देखा नहीं। तीन-तीन बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। एसीबी में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी। यहाँ पंचायतें नहीं हो रही हैं। आईओ कह रहा भाई ये अरेस्ट नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई केस नहीं बनता। आप इसको अरेस्ट कीजिए। अरेस्ट हुए भी हैं, जिनमें महेश जोशी भी हैं। आईओ ने मना किया। वो ऑलरेडी द्वारा वैसे ही केस में अरेस्ट हो चुके थे। यहाँ वापस अरेस्ट कर लिया, क्या मजाक बना रखी है? क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि ये क्या हो रहा है? उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद आरएसएस वालों का आता होगा। आरएसएस के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार डाल देते हैं। राज आरएसएस कर रहा है ये तो मुखौटे हैं खाली। मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आजकल जो ये लोग राज करते हैं ये मुखौटे बने हुए हैं। राज आरएसएस वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, करप्शन सब वहीं से डायरेक्शन आते हैं। हालात बड़े गंभीर हैं राजस्थान के। ऐसी इनकी स्थिति बनेगी इस बार राजस्थान की, जनता जो है वो जागरूक है। ये कुछ भी कर लें, ये मुख्यमंत्री बदल देंगे ना, तब भी कुछ नहीं होने वाला है, अगली बार सरकार बदल के रहेगी। थैंक यू।

Ashok Gehlot

56,795 görüntüleme • 2 ay önce

यह हैं शरद शर्मा। जब ये NDTV में थे तब आम आदमी पार्टी को कवर करते थे और अरविंद केजरीवाल ने इन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी की कई कमेटियों में सदस्य बनवाया था, जिनसे इन्हें सैलरी मिलती थी। उस समय ये हमेशा आम आदमी पार्टी की तारीफ करते और उसका बचाव करते नजर आते थे। अब NDTV छोड़ने के बाद ये दिल्ली, बिहार और बंगाल चुनावों में जाकर लोगों के मुंह से BJP के खिलाफ बातें निकलवाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार जनता इन्हें वहीं जवाब दे देती है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में ये अरविंद केजरीवाल को 70 में से 50 सीटें दे रहे थे, लेकिन नतीजा यह हुआ कि खुद अरविंद केजरीवाल अपनी सीट हार गए और उनकी जमानत तक जब्त हो गई। अब कहा जाता है कि इन्हें पंजाब से केजरीवाल की तरफ से सैलरी मिल रही है, इसलिए ये लगातार पंजाब मॉडल और केजरीवाल के गुणगान करते नजर आते हैं। इसी वजह से लोग कहते हैं कि इनके असली मालिक केजरीवाल हैं और ये उन्हीं के लिए काम करते हैं।

Vaishali Poddar

49,224 görüntüleme • 3 ay önce

मेरे सभी हिंदू भाइयों से जो कावड़ यात्री हैं, उन सभी से ये गुजारिश है कि सड़कों पर आपको जगह-जगह पर मुसलमान शरबत पिलाते हुए और केला खिलाते हुए मिलेंगे। कृपया इनसे न ही केला खाइए, और न ही शरबत पीजिए। वजह ये है कि ये लोग जो भी पैसा खर्च कर रहे हैं आपको केला खिलाने के लिए या शरबत पिलाने के लिए, ये वो अपने सदके और खैरात के पैसे से करते हैं। मुझे बहुत से लोगों ने बताया है कि मुसलमान सदका खैरात निकालता है और उससे आपको ये केला खिलाते हैं, शरबत पिलाते हैं। आपको बता दूं सदका और खैरात पैसे की मैल की तरह होता है। मुसलमान जो पैसा कमाता है, उसमें से वो पैसे की मैल की तरह उसको निकालता है कि ये पैसे में से निकाल दो, किसी गरीब को खिला दो, किसी फकीर को खिला दो, और फिर उसके बाद तुम्हारी बाकी कमाई जो है वो पाक हो गई। तो कृपया आप इनके मैल को न खाएं, ये आपको मीठी-मीठी बोली दे रहे हैं, और आपका धर्म भ्रष्ट कर रहे हैं। तो कृपया इन लोगों को जहां देखिए इनके खिलाफ एफआईआर कराइए, इनके खिलाफ कार्रवाई कराइए। और मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाबा जी से भी ये रिक्वेस्ट करूँगा कि मुसलमानों को इस तरीके के किसी भी काम को करने से पूरी तरह रोका जाए, ये कावड़ियों का धर्म भ्रष्ट कर रहे हैं।

Sidd

28,129 görüntüleme • 26 gün önce

इंटर्नशिप कर रहे बच्चे डॉक्टरों का अलग ही भौकाल है। ये पढ़े लिखे गुंडे होते हैं। इनका एटीट्यूड रोड छाप गुंडे वाला होता है। ना बात करने की तमीज ना बड़े छोटे का लिहाज। कोई मरीज के मरीज दोबारा पूछ लिया या जल्दी ट्रीटमेंट के लिए पूछ लिया तो,लगता है ये उन्हें ज़िंदा निगल जाएँगे।ये नहीं समझते कि मरीज के परिजन सरकारी अस्पतालों में मुजरा इनका देखने नहीं आए हैं,मुसीबत में इनके भरोसे आए हैं।क्युकी इनका कोई परिजन बीमार है। और किस मरीज का परिजन बेचैन या हड़बड़ी में नहीं होता है? ये लोग मरीज और उसके परिजन को पिट देंगे या गाली देंगे पर कोई कुछ बोलने वाला नहीं लेकिन कोई पलटवार कर दे तो इनका यूनिन सीधे हड़ताल पर चले जाते हैं,और इनके हड़ताल की वजह कितने मरीज की मौत हो जाती हैं। यह वीडियो रिम्स की है

The Bihar

98,447 görüntüleme • 5 ay önce