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झाँसी की ये झलकियां देखिये!सड़क हो या पुल या फिर खेत-खलिहान, हर जगह आवारा पशु इतनी बड़ी तादाद में नज़र आ रहे हैं कि जैसे यहां आदमियों के चलने की कोई जगह ही नहीं बची। हर घड़ी ये आवारा पशु दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं। फसलों को तबाह... show more
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बाँदा मे 3 साल में 50 करोड़ आवारा गायों पर खर्च हुआ है। समूचे बुंदेलखंड की सूरत गायों के संदर्भ मे लगभग एक सी है।

किसानों की आय दो गुनी करने का आसन उपाय योगी जी और मोदी जी ने गाय माता के नाम पर अनेक प्रकार के टैक्स लेकर अंतः गऊ माता को लावारिस छोड़ कर ही तो सम्मान और पुरस्कार दिया जा सकता है

जुलाई माह में हमारे एक रिश्तेदार की मौत इन्हीं जैसे आवारा पशुओं के धक्का मारने से हो गई थी। अब आप ही बताओ किसके खिलाफ़ पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखाई जाए।

इसकी जिम्मेदार सरकार नही है किसान ही हैं जब गाय दूध देती है तब तक घर पर रखते हैं बाद में खुला छोड़ देते हैं। गांव जाकर लोगो से पूछना । कोई सरकार छोड़ने नहीं जाती गायों को ।

गौ रक्षा की ओट में मानव हिंसा करने वाली मोदी सरकार को कोई फर्क नही पड़ता है आखिर में झेलना तो ये सब जनता को ही है और झेलना भी चाहिए क्योंकि जनता ने ही तो इन्हे ऐसा करने की अजादी दी,ना जाने कितने मासूम लोग मारे गये,इन्सान की रक्षा सबसे पहले है सबको पाप की भरपायी तो करनी ही पड़ेगी

एक बात बताओ दोस्तो, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां के लोगों को तुम इंसान नहीं मानत हो क्या। देखो, वहां का कितना बुरा हाल है, कुछ लाइनें वहां के लोगों के लिए भी लिखा करो भाई।

आवारा पशुओं से न हो परेशान भाजपा सरकार कर रही है पूरा इंतजाम 👇👇

शर्म करो कांग्रेसियों क्या हालत बना दिया राजस्थान की...👇👇

@satpalpunia एक परिवार के हिस्से में कितने छुट्टा पशु आयेंगे,गौमाता व खेती की बदहाली क्यों?
