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झाँसी की ये झलकियां देखिये!सड़क हो या पुल या फिर खेत-खलिहान, हर जगह आवारा पशु इतनी बड़ी तादाद में नज़र आ रहे हैं कि जैसे यहां आदमियों के चलने की कोई जगह ही नहीं बची। हर घड़ी ये आवारा पशु दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं। फसलों को तबाह...

68,817 views • 3 years ago •via X (Twitter)

9 Comments

Ashish Sagar Dixit's profile picture
Ashish Sagar Dixit3 years ago

बाँदा मे 3 साल में 50 करोड़ आवारा गायों पर खर्च हुआ है। समूचे बुंदेलखंड की सूरत गायों के संदर्भ मे लगभग एक सी है।

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भरत कुमार मेरे भाई3 years ago

किसानों की आय दो गुनी करने का आसन उपाय योगी जी और मोदी जी ने गाय माता के नाम पर अनेक प्रकार के टैक्स लेकर अंतः गऊ माता को लावारिस छोड़ कर ही तो सम्मान और पुरस्कार दिया जा सकता है

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Neelesh Kumar Vishwakarma3 years ago

जुलाई माह में हमारे एक रिश्तेदार की मौत इन्हीं जैसे आवारा पशुओं के धक्का मारने से हो गई थी। अब आप ही बताओ किसके खिलाफ़ पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखाई जाए।

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Ck Bhardwaj3 years ago

इसकी जिम्मेदार सरकार नही है किसान ही हैं जब गाय दूध देती है तब तक घर पर रखते हैं बाद में खुला छोड़ देते हैं। गांव जाकर लोगो से पूछना । कोई सरकार छोड़ने नहीं जाती गायों को ।

Manushweta's profile picture
Manushweta3 years ago

गौ रक्षा की ओट में मानव हिंसा करने वाली मोदी सरकार को कोई फर्क नही पड़ता है आखिर में झेलना तो ये सब जनता को ही है और झेलना भी चाहिए क्योंकि जनता ने ही तो इन्हे ऐसा करने की अजादी दी,ना जाने कितने मासूम लोग मारे गये,इन्सान की रक्षा सबसे पहले है सबको पाप की भरपायी तो करनी ही पड़ेगी

Aryan shrinate's profile picture
Aryan shrinate3 years ago

एक बात बताओ दोस्तो, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां के लोगों को तुम इंसान नहीं मानत हो क्या। देखो, वहां का कितना बुरा हाल है, कुछ लाइनें वहां के लोगों के लिए भी लिखा करो भाई।

Gauri's profile picture
Gauri3 years ago

आवारा पशुओं से न हो परेशान भाजपा सरकार कर रही है पूरा इंतजाम 👇👇

सपा का विभीषण's profile picture
सपा का विभीषण3 years ago

शर्म करो कांग्रेसियों क्या हालत बना दिया राजस्थान की...👇👇

R.K. Sharma's profile picture
R.K. Sharma3 years ago

@satpalpunia एक परिवार के हिस्से में कितने छुट्टा पशु आयेंगे,गौमाता व खेती की बदहाली क्यों?

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“आज देश में एक संप्रदाय के ख़िलाफ़ तलवारें बाँटी जा रही हैं। जज़्बाती और सांप्रदायिक नारे लगाकर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है और उसके ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने की कोशिश हो रही है। लेकिन यह सब सरकार को दिखाई नहीं दे रहा। एक बहरी–गूंगी और निकम्मी सरकार ने मानो आँखें बंद कर ली हैं, मुँह सिल लिए हैं और कानों पर ढक्कन डाल लिए हैं। इन्हें न अन्याय दिख रहा है, न आतंक और न ही समाज को तोड़ने वाली ये खतरनाक साज़िशें। जो लोग नफ़रत फैलाकर देश को सांप्रदायिकता की ओर धकेल रहे हैं, जो गुंडे और अराजक तत्व माहौल ज़हरीला कर रहे हैं; वे सरकार को नज़र नहीं आ रहे। जबकि इन्हीं के कारण कल किसी भी राज्य, किसी भी ज़िले, किसी भी शहर में कोई भी बड़ी और दुखद घटना घट सकती है। यह केवल लापरवाही नहीं, यह देश की एकता और शांति के साथ गंभीर खिलवाड़ है।” नगीना सासंद, Chandra Shekhar Aazad जी

Aazad Samaj Party - Uttar Pradesh

58,614 views • 8 months ago

माघमेला क्षेत्र में पिछले साल की तरह ही इस साल फिर से साधु-संतों-भक्तों के साथ हुआ दुर्व्यवहार अक्षम्य है। सदियों से चली आ रही शाही-स्नान की अखंड सनातनी परंपरा में गत वर्ष भी इसी सरकार द्वारा विघ्न डाला गया था। प्रश्न ये है कि ऐसी घटनाएं भाजपा की सरकार में ही क्यों हो रही हैं। मौनी अमावस्या का शाही-स्नान क्या पहली बार हो रहा है। इस अवस्था के लिए भाजपा का कुशासन और नाकाम व्यवस्था ही दोषी है। मुख्य को हर जगह ‘मुख्य’ बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अहंकारी भाजपाई शासन और प्रशासन अपने से बड़ा किसी को नहीं मानता है। अब क्या इसका दोष भी ‘एआई’ पर मढ़ेंगे? यदि उत्तर प्रदेश के गृह सचिव मनमानी कर रहे हैं तो भी गलत है और अगर किसी के निर्देश पर कर रहे हैं तो और भी गलत है। जाँच हो! घोर निंदनीय!

Akhilesh Yadav

48,073 views • 8 months ago

धीरे-धीरे सबका नंबर लगने लगा है. जब सेनाओं के लिए ‘अग्निपथ स्कीम’ आई थी, तो आवाज़ भी आई थी कि हमने तो ऐसी कोई स्कीम मांगी नहीं थी, हमसे किसी ने इस पर चर्चा ही नहीं की थी. और जनरल एमएम नरावने की बातें भी याद आती हैं, लेकिन उस समय कोई सेनाओं के पक्ष में नहीं बोल पाया था. सेनाओं की पुकार अनसुनी कर दी गयी और इस वर्ष अग्निवीरों के 4 वर्ष पूरे हो रहे हैं. अब CAPF के इस बिल के समय आप चमत्कारों की कामना ज़रूर कर सकते हैं, कि ये पास नहीं होगा, लेकिन BJP सरकार इस बिल को कल एकतरफ़ा पास करा देगी. मैं तो समझ ही नहीं पाती कि क्या किसी देश की सरकार समाज में कर दिये ध्रुवीकरण के बाद अब अपनी सेनाओं में भी दो खेमे खड़े कर रही है, CAPF में भी दो खेमे खड़े कर रही है!! क्या यह सरकार भारतीयों द्वारा, भारतीयों के हित में चलाई जा रही है, या इसमें कोई विदेशी प्रभाव शामिल हो गया है ? यह सवाल उठता है कि क्या यह सरकार अमेरिका या किसी बाहरी एजेंसी के प्रभाव में चल रही है !! बहुत संदेह होता है कि क्या कोई भारतीय नेतृत्व स्वयं अपने ही देश की सेनाओं को कमजोर करने का काम कर सकता है ? #CAPFBill_काला_कानून

Wg Cdr Anuma Acharya (Retd)

33,371 views • 6 months ago

राजस्थान की जनता आज बुरी तरह त्रस्त है। स्कूलों में पढ़ाई ठप है, बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल रही, गरीबों का इलाज नहीं हो रहा, सड़कें टूटी पड़ी हैं, पीने का पानी नहीं है, और अपराध इस कदर बढ़ चुका है कि आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। माताओं-बहनों के साथ हर दिन दरिंदगी की घटनाएं सामने आ रही हैं, गुंडे खुलेआम फिरौती मांग रहे हैं, धमकाकर वसूली कर रहे हैं और माफिया पूरी तरह राजस्थान को जकड़ चुका है। लेकिन भाजपा सरकार से कानून व्यवस्था संभल नहीं रही। ये लोग इन असली समस्याओं का समाधान करने के बजाय असंवैधानिक कानून लाकर, असंवैधानिक भाषा बोलकर केवल दंगे भड़काने और अपनी नाकामियों को छिपाने की साजिश कर रहे हैं। हम सड़क पर भी लड़ेंगे और सदन में भी लड़ेंगे। सत्ता के नशे में डूबे भाजपाईयों को केवल राज चाहिए, चाहे प्रदेश अशांत हो जाए। ये लोग डर और भय का गुजरात मॉडल राजस्थान पर थोपना चाहते हैं। लेकिन ये भूल रहे हैं कि राजस्थान वीरों की धरती है, ये महाराणा प्रताप का प्रदेश है, जो कभी नहीं झुकेगा। यहां इनकी नापाक इरादे नहीं चलेंगे। पंचायत राज, नगर निकाय और आने वाले हर चुनाव में जनता इन्हें करारा जवाब देगी।

Govind Singh Dotasra

13,765 views • 8 months ago

दिल्ली के स्कूल जाते बच्चे दिल्ली की BJP सरकार और उनके मंत्री से कुछ कह रहे हैं. क्या उनकी आवाज़ उन तक जाएगी? क्या इन बच्चों को नहीं पता कि मौजूदा वक्त में अब क़लम और किताब की बजाए हर हाथ में हथियार देने की सियासत हावी है. जब आप वोट शिक्षा के नाम पर नहीं, धार्मिक उन्माद और नफ़रत के नाम पर दें. तो इसकी सज़ा नेता के बच्चों को नहीं, गरीब कमज़ोरों के बच्चों को ही मिलेगी. कुर्सी पाकर ये किसी की झुग्गी तोड़ते हैं, तो किसी का स्कूल. चुनना आपको था, आप चूक गये. हमारा क्या है जी! हम तो कल भी शिक्षक, शिक्षा और क़लम किताब की बात कर रहे थे, आज भी कर रहे हैं और कल भी करते रहेंगे. #SaveEducationSaveNation

Dr. Laxman Yadav

52,905 views • 1 year ago

आज अखबार में मुख्यमंत्री जी का आर्टिकल प्रकाशित होने और प्रदेश के हालातों पर : दूसरा जो है, आज आर्टिकल आया है मुख्यमंत्री महोदय का, आर्टिकल आया अच्छी बात है। पांच साल बनाम डेढ़ साल, कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं पूरे प्रदेशवासियों और प्रदेश के गांव गांव में तो ऐसी सरकार का निकम्मापन नाकारापन मैने कभी नहीं सुना किसी सरकार का। सरकारें बीजेपी की भी रही हैं सरकारें राजस्थान में कांग्रेस की भी बनी हैं बीजेपी की भी रही हैं इतना निकम्मा नकारापन मैंने कही देखा नहीं,और इतने कम समय के अंदर, आप बताइए तीन साल बाद में सरकार के बारे में लोग प्रतिक्रिया देते हैं काम नहीं हो रहे हमारे, करप्शन बहुत है सुनवाई नहीं हो रही है किस के पास जाएं सब बातें बोलते हैं लोग तीन साल के बाद में। यही सरकार ऐसी है 6 महीने में ही लोगों को समझ पड़ गया पूत के पांव पालने में होते हैं न वो कहावत चरितार्थ हुई है तो राजस्थान में हुई है। अरे ये क्या हो गया हम ने ये क्या कर दिया, चुनाव तो, सरकार तो पहले वाली चली गई कांग्रेस की पर नई सरकार में ये क्या हो रहा है जिसके पास जाएं, वो सरकार का मुख्या अगर दावा करे तो मैं ये बार बार कहता हूं ये उनका बहुत बड़ा साहस है हिम्मत है कि वो ये मुकाबला कर रहे हैं। और आज ही जिस अखबार में आर्टिकल लिखा गया कम से कम सीएमओ को चाहिए था डीआईपीआर को चाहिए था मैनेज करते आज तो उनके खिलाफ न्यूज नहीं आती। आज भास्कर के अंदर आर्टिकल भी आया है और मुख्यमंत्री के दावे को खोखला साबित कर रहे हैं वो ऐसी ऐसी घटनाएं आज आई हैं उसके अंदर कानून व्यवस्था की हो या अन्य घटनाएं हों तो आज तो मैनेज करना चाहिए था कम से कम। मैनेजमेंट भी नहीं किया आर्टिकल की खुद की धज्जियां उड़ गईं उसके अंदर ही। पत्रिका में क्या आता है अलग बात है और अखबारों में क्या आता है वो तो लंबी चौड़ी बाते हैं लगातार आ रही हैं।

Ashok Gehlot

13,496 views • 1 year ago

#दूध_को_असल_कहानी भिंड के एक दूधिए की जुबानी, दूध की असल कहानी! वैसे यही कहानी भारत के हर अंचल, हर राज्य की है। करप्शन और मिलावट का कोई #लोकल_ब्रांड नहीं होता। ध्यान रहे, डेयरी इंड्रस्ट्री बहुत ताकतवर और संगठित है। हजारों करोड़ की #डेयरी_इंडस्ट्री के पीछे, अरबों करोड़ की #हेल्थ_इंडस्ट्री और इनके पीछे खरबों करोड़ की #फॉर्मा_इंडस्ट्री खड़ी है। सत्ता और लोकतंत्र को दिन-रात ताश की गड्डियों की तरह फेंटते हैं ये। फिर भी लोकतंत्र की गलतफहमी में जी रहे हैं हम। हमारी बचकानी प्रतिक्रिया पर ये ताकतवर मुस्करा कर आगे बढ़ जाते हैं। मामूली और सब्जबाग में जीने वालों के पास एक ही वाक्य, "..सरकार क्या कर रही है?" बस! हो गया इति सिद्धम! Narendra Modi Dr Mohan Yadav

सुमन्त

18,811 views • 1 month ago

आलू के दाम गिरने से बर्बाद हो रहे किसानों के लिए किसान और खेती विरोधी भाजपा सरकार पूरी तरह लापरवाह होकर बैठी है और उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। भाजपा को सिर्फ़ अपनी राजनीतिक सत्ता से मतलब है। भाजपा के नेता चुनाव प्रचार के लिए तो उपलब्ध हैं लेकिन किसानों की परेशानी-दिक़्क़तों के लिए उनके पास समय नहीं है। भाजपा का पूरा खेल ही यही है कि पैदावार के दाम इतने कम करवा दो कि किसानों की लागत तक न निकले और वो थक-हार कर खेतीबाड़ी का काम ही छोड़ दें और अपनी ज़मीनें भाजपा के समर्थक अमीरों को कौड़ियों के दाम बेचने पर मजबूर हो जाएं और फिर ये भाजपाई पैसेवाले, किसान को उसके अपने खेत में ही मालिक से मजदूर बना दें। भाजपाइयों की साज़िश ही ये है कि वो किसानों की ज़मीन हड़प कर बड़े स्तर पर खेती करके खाद्यान्न और फसलों की पैदावार को अपने हाथों में ले लें और फिर मनमानी क़ीमत जनता से वसूलें। इसीलिए भाजपा कभी भू-अधिग्रहण बिल लाती है, कभी तीन कृषि काले क़ानून या फिर भारत की खेती-कारोबार के लिए प्राणघातक अमेरिकी डील करती है। यही हाल रहा तो वो दिन दूर नहीं जब कि आज के खेत का मालिक किसान, कल को अपने ही खेत की पैदावार को ख़रीदने पर मजबूर हो जाएगा। भाजपा दल नहीं दलाल है।

Akhilesh Yadav

79,939 views • 6 months ago