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Ana Sayfaya Dön

ट्रंप का भारत से ट्रेड डील पर बड़ा दावा “भारत के साथ डील पर कोई असर नहीं। ये डील बहुत बढ़िया है। अब भारत हमें टैरिफ़ दे रहा है हम भारत को टैरिफ़ नहीं दे रहे। हमने मामला पूरा उलट दिया है” इस बयान को भारत में विपक्ष बना...

130,006 görüntüleme • 6 ay önce •via X (Twitter)

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सोचिए भारत का विपक्ष कितना नीच विपक्ष है भारत को पांचवीं पीढ़ी के 48 फाइटर जेट खरीदने हैं जो पूरे विश्व का सबसे बड़ा डिफेंस डील होने वाला है अमेरिका भारत को अपना कबाड़ f35 फाइटर जेट बेचना चाहता है लेकिन भारत ने उसे रिजेक्ट कर दिया तो अमेरिका दबाव बनाने के लिए यह टैरिफ की नौटंकी कर रहा है ऐसे मामलों पर जब विपक्ष को भारत के साथ खड़ा रहना चाहिए तो विपक्ष घाघरा और लहंगा उठा कर ताली बजा बजाकर डांस कर रहा है और पाकिस्तान का उदाहरण दे रहा है अबे दोगलो पाकिस्तान ने अपना पूरा खनिज संसाधन और देश अपने मिलिट्री बेस एयरबेस सब कुछ अमेरिका को दे दिया है तो क्या भारत भी अपने संप्रभुता के साथ समझौता करें ? हम उस खुद्दार नस्ल के लोग हैं जो घास की रोटी खा सकते हैं मगर अपनी अस्मिता और अपनी संप्रभुता के साथ समझौता नहीं कर सकते

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

65,581 görüntüleme • 1 yıl önce

भारत के लिए अमेरिका सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण ट्रेड सरप्लस वाला पार्टनर था। कई दशकों से भारत ने भारी मात्रा में अमेरिका को निर्यात किया और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। लेकिन अब ट्रंप की इस ट्रेड डील से भारत अमेरिका का डंपिंग ग्राउंड बन गया है और ये नरेंद्र मोदी के सरेंडर की वजह से हुआ है। इस ट्रेड डील के अनुसार 5 साल में हमें 500 बिलियन डॉलर का आयात अमेरिका से करना है। यानि भारत को अपना आयात 3 गुना बढ़ाना पड़ेगा। अर्थव्यव्सथा और रुपए की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। मतलब हमें हर साल अमेरिका से 40-42 बिलियन डॉलर के आयत को 100 बिलियन डॉलर करने होगा। सवाल है कि हम अमेरिका से क्या सामान खरीदेंगे, इसका जवाब पीयूष गोयल के पास नहीं है। पीयूष गोयल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बताया कि हम अमेरिका से क्या नहीं लेंगे, लेकिन ये नहीं बताया कि क्या-क्या आएगा। नरेंद्र मोदी का किसानों से रिश्ता आप जानते ही हैं। जब किसान सड़क पर निकलते हैं तो उनका सिर फोड़ा जाता है, लेकिन अब इस ट्रेड डील से किसानों की कमर तोड़ी जा रही है, जो आने वाले दिनों में साबित हो जाएगा। अमेरिका के किसान इस डील से खुश हैं क्योंकि उन्हें भारत का बड़ा मार्केट मिल गया। दोस्ती बराबरी की होती है। ऐसे में जब दोस्त आपको रोज 2 थप्पड़ मारे और आपके कुछ कहने पर एक थप्पड़ कम कर दे। तो आप इसे रियायत समझकर खुश नहीं हो सकते। क्या ये दोस्ती है? 3% के टैरिफ को बढ़ाकर 50% कर दिया और अब घटाकर 18% कर दिया, तो मोदी खुश हो रहे हैं। जिस 3% की वजह से अर्थव्यवस्था मजबूत हुई, क्या उसे आप भूल जाएंगे? : AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ जी 📍 दिल्ली

Congress

21,006 görüntüleme • 7 ay önce