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त्रेता का ‘रामराज्य’ आज का ‘समाजवाद’ है।
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29 Comments

Yah jaha ram hi nahi waha ram rajya kese hain 📢

Yah Akhilesh kisi muslim ko rastriya adysksh kyu nahi banate abhi rajya sabha election me bhi seat nahi diye wo dari bichane tant lagane jhadu lagane ke liye hain📢🧕

Yah आजम वर्ष 2016 में गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन के दौरान डॉ. अंबेडकर की मूर्ति की ओर इशारा करते हुए कहा था कि, "इस आदमी के हाथ का इशारा कहता है कि जहां मैं खड़ा हूं, वह जमीन तो मेरी है ही, बल्कि सामने वाला खाली प्लॉट भी मेरा है।📢

Rajneeti BC... Jo Kal Ram mandir ke karsewak ko maar ke garv mehsus kar rahe the Aaj bc wo samajwad ko ramrajya bata rahe hai chi BC

रामराज्य धर्म, न्याय और सर्वकल्याण पर आधारित था, जिसमें विषमता नहीं थी और वर्ग संघर्ष की कोई अवधारणा नहीं थी। गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि राम प्रताप विषमता खोई। आज का तथाकथित समाजवाद जो PDA जैसे जातिगत गठबंधन, परिवारवाद और वोट बैंक पर टिका है, वह न तो रामराज्य है और न ही लोहिया, जेपी या कर्पूरी ठाकुर का समाजवाद। भगवान राम ने शबरी से लेकर निषाद तक सबका समान सम्मान किया, बिना किसी तुष्टीकरण या सत्ता की राजनीति के। सच्चा समाजवाद भारतीय संस्कृति के मंदिर भंडारे और धर्मभाव से निकलता है, न कि सत्ता हथियाने के लिए बनाए गए नारे से।

रामचंद्र जी सूर्यवंशी राजा थे, क्षत्रिय थे, - योगी आदित्यनाथ जी समाजवाद में तो - केवल PDA 🤣🤣

Yah chicha Sp vidhayak hain 📢

2017 से पहले बहन-बेटियाँ घर से निकलते वक्त असुरक्षित महसूस करती थीं — क्या यही समाजवाद था? अतीक-मुख्तार जैसे माफियाओं ने पूरे प्रदेश को अपराध का अड्डा बना दिया था — क्या यही समाजवाद था? 2017 से भी बुरी हार का सामना करना पड़ेगा इस बार। जनता फिर से फैसला करेगी। 🎯

मतलब कुछ भी भगवान राम का PDA है और भगवान राम के मंदिर पर उनके भक्तों पर गोली चलवा दो मतलब बिना सर पैर की बात है

त्यागी जी जिन्हें ब्राह्मणों ने ख़ुद त्याग दिया है बो अखिलेश की सरकार बनाएगा 😆😆😆

समाजवाद से ही रामराज मुमकिन जय सनातन जय समाजवाद 💪🙏🇮🇳

रामराज्य की मूल भावना धर्म, न्याय और लोककल्याण थी, जहाँ भेदभाव और विषमता के लिए कोई स्थान नहीं था। गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी कहा है—“राम प्रताप विषमता खोई।” आज PDA के नाम पर जातिगत समीकरण, परिवारवाद और वोट बैंक की राजनीति को समाजवाद बताने पर सवाल उठते हैं। यह न तो रामराज्य की समरसता का स्वरूप है और न ही डॉ. लोहिया, जयप्रकाश नारायण व कर्पूरी ठाकुर के विचारों की वास्तविक भावना। प्रभु श्रीराम ने शबरी से लेकर निषादराज तक सभी को समान आदर दिया। उनका आदर्श किसी तुष्टीकरण या सत्ता-केंद्रित राजनीति पर नहीं, बल्कि समभाव और मानवीय मूल्यों पर आधारित था। भारतीय संस्कृति में सच्चे समाजवाद की जड़ें मंदिरों के भंडारों, सेवा, सहयोग और धर्मभाव में दिखाई देती हैं, न कि केवल राजनीतिक नारों में।

मेरा नेता मेरा अभिमान अखिलेश यादव जिंदाबाद

और आज का PDA समाज रामराज्य का ही विरोधी है इसे कहते हैं मियाँ की जूती और मियाँ का ही सर

Chal bhakk

मेरा नेता मेरा अभिमान अखिलेश यादव जिंदाबाद

अरे तो लड़ ले अयोध्या इतना ही हैं कि तो बस बकैती बतियाने को कह दो

मा. श्री अखिलेश यादव जी

ये बताओ, हमारा कृष्ण धाम कब आजाद कराओगे उसी दिन से त्रेता का तो पता नहीं द्वापर युग जरुर आ जाएगा, इस बार आवाज उठाकर कर दो bjp का मुँह बंद. हिन्दू समाज आपका कृतज्ञ हो जाएगा

ब्राह्मणों को खुलकर अखिलेश जी का सर्मथन करना चाहिए। क्योंकि 2027 में कोई भी माई का लाल सपा को रोक नहीं पायेगा । यद्यपि ठाकुर समाज योगी को छोड़ने वाला नहीं है। यदि ब्राह्मण समाज सपा में चला जाए तो उत्तर प्रदेश से इस दुष्ट सरकार का खात्मा हो जाएगा ।

राम भक्त पर गोलi

लाख टका जय जय समाजवाद 👏🏻

PDA है सिर्फ वोट लेने के लिये, टिकट देना हो तो... परिवार और धन्नासेठों को दो?

भगवान राम के आशीर्वाद से ही बनेगी इस बार पी डी ए सरकारत

👍🙏

राम मंदिर की तरह भी बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर का गुंबद का ऊपर का सोना बेच दिए है इस षड्यंत्र का खुलासा करिए भैया इसको बड़ा मुद्दा बनाए जैसे राम मंदिर वाला बना ताकि इन चोरों का पर्दाफाश हो सके भाजपा हर जगह मंदिर मेरे देश में लूट मचा रखी है वह किसी को नहीं छोड़ रही है

बिल्कुल सत्य है अखिलेश जी परंतु उसी भगवान राम के लिए गए हुए निहत्थे लोगों पर आपके पिता/चाचा श्री ने क्या क्या करवायें थे और कैसे कैसे बयान दिए थे याद कीजिएगा, क्या उसके लिए आपने कभी भी जनता से माफी मांगी? यह पितृ रीढ़ आप पर बोझ बन कर रहेगा, जय महाकाल जय महाकाली, जय बाबा किनाराम

पी डी ए जिंदाबाद जिंदाबाद

जय समाजवाद जय अखिलेश जी PDA जिंदाबाद

