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तुरंत राष्ट्रपति शाशन लागु हो, नए इलेक्शन हो बेलेट पेपर से !! - सुप्रीम कोर्ट के वक़ील
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सुप्रीम कोर्ट में तेरे जैसे वामपंथी मानसिकता के बहुत सारे हैं तू अकेला नहीं है तुम लोगों का एक ही मकसद है कैसे भी करके भाजपा को हटाना चाहिए इसके लिए जो करना पड़े कान खोल के सुन ले दलाली जितनी मर्जी करेगा तू मगर देश की जनता भाजपा के साथ है और हमेशा रहेगा

बैलेट पेपर ही देश का भविष्य हैं। बैलेट पेपर नहीं तो वोट नहीं। Evm हटाए भ्रष्टाचार मिटाए।

ये चुटिया पप्पू का मूत पीकर पगला गया है . अबे भोसड़ीके एक याचिका लगा ना सुप्रीम कोर्ट में . तेरी माँ बहन वहीं हो जाएगी . सारे ग़ुलाम भिसड़ीके पप्पू को जबरदस्ती शेर बनाने ओर तुले हैं और वो डायपर गीला करके बैठा है

अब देश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए और बैलट पेपर से चुनाव कराया जा कल कल की परसों जो है कि सुप्रीम कोर्ट के जज छात्रों का वीडियो को बोला कि हमको समय देखने का नहीं मेरा समय बर्बाद नहीं किया जाए बोला कि छात्रों का भविष्य से मेरा भविष्य कीमती है सीपीआईएमएल

सुप्रीमकोर्ट न्याय नही दे सकता तो सजा देने का अधिकार भी नही उनको।

तु तो सुलझा हुआ वकिल है तब क्या झक मरा रहे थे, इतने सारे पेपर लीक हुआ था। मांग करो सरकार से ऐसा कानून बनाने की की किसी की हिम्मत न हो पेपर लीक करने का।

ऐसे तो गली गली में कचरे के भाव में भीख मांगते है वकील जो अपने कपड़े के बोर्ड पर लिखते है सुप्रीम कोर्ट का वकील, कभी घूमकर आओ जहां आस पास में कोर्ट हो वहां पर, ऊपर काला कोर्ट पहनते है, नीचे जूतों का ठिकाना नहीं होता, प्लास्टिक की चप्पल या रबर की स्लीपर पहने ग्राहक ढूंढते हैं

ये तो ऐसे बोल रहा है जैसे इसका बाप का राज है खुद तो जिहादी का नाजायज़ औलाद की तरह दिख रहा है

मुझे लगता वकील साहब देश प्रेमी हे तभी मोदी के राज में सख्त बोल रहे

ईवीएम से वोट का आविष्कार किसने किया?1999 में इसका प्रयोग हो 2004 में व्यापक रूप से ईवीएम का उपयोग हुआ तब कांग्रेस जीती थी।यदि ईवीएम से चुनाव अवैद्य हैं तो 2004 के चुनाव भी अवैद्य हुए! तत्समय के सरकार के सारे फैसले, संविधान संशोधन, खर्च सभी अवैद्य होने से निरस्ती व वसूली योग्य है

यह इसके बाप का देश है क्या वकालत भी अपने मन का करेगी फैसला भी जज देते हुए जज है। एक कटवा बलात्कार में दोषी पाया गया उसको नीट की तैयारी के लिए छुट्टी दे दी गई⁉️😎😎क्यों अपराधी नहीं है वह इनके बाप का राज है क्या सिलेक्टेड नहीं है इलेक्टेड सरकार है‼️😎😎😎

विदेशी फंडिंग पर पलने वाले लोग हे ये मुस्लिम वकील। नीचे लिस्ट देखे तब ये कहां थे।

संविधान जिंदा है अभी देश में।तेरे बाप का देश नही।मोदीजी क्युं चूप बैठे है,उनको तुरंत इमर्जेंसी लगाकर ऐसा कचरा साफ कर देना चाहिए।

अब समझ आया अपराधी सजा से कैसे बच जाते है.ये वकील भी अंगरेजौ के जमाने के लगते हे.इनहे भी पीडा हे बिरटिश राज कयो चला गया.पहले इनहे तसल्ली थी कि अंगरेज गये तो कम से कम अपनी पैदाइश कांगरेश के रूप में छोड गये तो ऊनकी ही कसम खा लेते थै अब ये हिन्दू पार्टी आ गई, ये इनहे बरदासत कैसे होगा

प्रोटेस्ट के वक्त ये किस बिल में घुसा था ये वकील 2014 से ही भोक रहा है EVM ये और महमूद pracha भोंकते जा रहा हैं

इस चूतिया को वकील किस ने बना दिया, जिसको ये भी नहीं मालूम कि संविधान के अनुसार देश में इमरजेंसी तो लग सकती है लेकिन प्रेजिडेंट रूल नहीं लग सकता। फिर यही लोग चिल्लाते फिरते हैं कि संविधान को बचाओ। फर्जी वकील।

गलत फहमी के शिकार हो गए हो। तुमको शायद ये लग रहा है कि ye जंतर मंतर पर जो कुछ सड़क छाप लम्पट बैठे हैं और ये तुम्हारे हिसाब से बहुत बड़ा आंदोलन है तो ये तुम्हारी बहुत बड़ी भूल है ये छुटभैया है और इनके चक्कर में तुम्हारे अंदर भी सरकार पलटने का जोश आ गया तो ये गलत फहमी दूर कर लो

सुप्रीम कोर्ट के वकील जी, लोकतंत्र में हार स्वीकार करना भी लोकतंत्र है। EVM पर 100+ बार कोर्ट में चुनौती दी गई, हर बार खारिज हुई। 2019-2024 में कई राज्य विपक्ष ने जीते, तो EVM तभी सही था? बैलेट पेपर से बूथ कैप्चरिंग और rigging का पुराना खेल वापस लाना चाहते हो? जनता का फैसला स्वीकार करो, विकास पर फोकस करो।

In Madharchodo ko to alag se kutte ki maut maro in wampanthiyo ko bhtt karliya drama in behen k lodo ne

Kiska agenda chala raheho bhai?? Desh humara bhi hai. Hum puch raha hai aapko.

दिमाग खराब हो गया है बुड्ढे का, लोग प्रधानमंत्री को गालियां दे रहे हैं,जान से मारने की धमकी दे रहे हैं उनकी मां को गालियां दे रहे हैं और कितनी छूट चाहिए इन हरामियों को? क्या खलेआम सड़क पर प्रधानमंत्री को पीटने जाने पर आत्मा तृप्त होगी, इनके लिए इमरजेंसी ठीक थी।

अबे साले बुड्ढे बैलेट पेपर भी आ जाएगा पेल पुराने युग में पहुँच जा । कपड़े त्याग कर पत्ते बाँधले आगे पीछे । मिट्टी के बर्तनों में खाना खा। हरामी आ जाते है ज्ञान झाड़ने । आरक्षण के बीज।

देश में इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो रहे है जिसके जिम्मेदार सरकार है देश जब संभाल नहीं सकते तो कुर्सी छोड़ दो जनता सब देख लेगी कब तक देश को लूटते रहेंगे देश सेवा के नाम पर

बुलेट युग की याद सता रही है दादाजी को..तभी बेलेट पेपर याद आ रहे हैं।

उम्मीद के मुताबिक रुझान मिलने शुरू हो गए हैं। पहले मेट्रो बंद, फिर Swiggy और Zomato बंद, फिर इंटरनेट बंद और अब दिल्ली यूनिवर्सिटी से पैगाम आने लगे हैं। ये चल क्या रहा है? हमारा भारत महान… इससे पहले तो ऐसा कभी नहीं था। पता नहीं किसकी नज़र लग गई है। कांग्रेस भी एक समय यही सोचती थी कि हमें कोई सत्ता से बाहर नहीं कर सकता। नतीजे सबके सामने हैं। सत्ता किसी के लिए हमेशा नहीं रहती। समय बदलता है, हालात बदलते हैं और हर किसी का एक दिन हिसाब होता है। इसलिए भाईचारा बनाए रखिए। सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन समाज और देश हमेशा रहना चाहिए।

#राहुल_तुम_संघर्ष_करो_हम_मोदी_के_साथ_है

Hta do salo modi ko fir khud ko bachane ke liye rona padega jab sare aam tumhara khtna kr k raju se rijwan bnaya jayga. Duniya loha man rhi h bharat ka lekin ghar ke bhedi hi lunga dhate he

तुम्हारे माशटर को मुर्गा बनाना चाहिए । तुम्हें ना हिंदी शिखा पाया ना अनुशाशन ।

इतना खर्चा होते हुए भी बैलेट पेपर फाड़ देते थे, बूथ लूटा जा रहे थे बोगस वोटिंग होती थी क्या भूल गए तभी तो लालू, मुलायम और कॉंग्रेस, ममता जेसी आइटमो का जन्म हुआ और आज जब सही चल रहा हैं तो कालनेमी लोगों को रास नहीं आता
