
Suresh Kapse
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संजय राउत का सनसनीखेज बयान 🔥🔥 "लॉरेंस बिश्नोई अस्तित्व में नहीं है, अमित शाह ही लॉरेंस बिश्नोई है।" देखिये वीडियो 👇 संजय राउत ने आगे कहा लॉरेंस बिश्नोई तो सिर्फ एक नाम है, लेकिन देश में जो गुंडों और माफियाओं की टोली चल रही है, उसका असली सरदार गुजरात का अमित शाह है। अंत में वे कहते हैं कि इसलिए हमें यह "रेजिम" (शासन/सरकार) बदलना है। आज एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल सामने आया है कि आखिर लॉरेंस बिश्नोई है कहाँ? स्पीच के दौरान खुलकर यह बात कही गई कि 'लॉरेंस बिश्नोई' तो महज़ एक नाम या चेहरा भर है, असली खेल और व्यवस्था कुछ और ही बयां कर रही है। आरोप लगाया गया कि देश के गृह मंत्री, जिनके कंधे पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, उनका तौर-तरीका किसी माफिया सरगना जैसा प्रतीत होता है। तितर-बितर हो रही व्यवस्था और गुंडों-माफियाओं की इस चल रही टोली के पीछे असल सरदार गुजरात के अमित शाह को बताया गया है। इसी को लेकर अब यह आवाज उठाई जा रही है कि देश और समाज हित में इस मौजूदा 'रेजिम' (शासन) को बदलना बेहद ज़रूरी हो गया है।" #BJP #Congress #rss #AmitShah #SanjayRaut देखिये वीडियो 👇
Suresh Kapse186,433 views • 4 days ago

27-28 सितंबर 2026 को दिल्ली के तिलक नगर में हुए थप्पड़ विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के बीच भारी राजनीतिक गतिरोध देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के दौरान भीड़ और धक्का-मुक्की की वजह से सौरभ भारद्वाज को सांस लेने में भारी दिक्कत महसूस हुई।
Suresh Kapse348,538 views • 26 days ago

कांग्रेस का सनसनीखेज दावा 🔥💥🔥💥 🚨 धमाका! एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी का नाम: क्या है पूरा सच या सिर्फ एक सनसनी? नई दिल्ली: हाल ही में उजागर हुई 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) से पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है! इस नए खुलासे में दावा किया गया है कि अमरीका के कुख्यात अपराधी और दोषी ठहराए जा चुके जेफ्री एपस्टीन के एक ईमेल में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ज़िक्र आया है, जिसके बाद विपक्ष और मीडिया में सवालों की झड़ी लग गई है। 🔥 क्या हैं सनसनीखेज दावे? जुलाई 2017 का रहस्यमयी ईमेल: एपस्टीन फाइल्स के मुताबिक, एपस्टीन ने 9 जुलाई 2017 को लिखे एक ईमेल में दावा किया था कि भारतीय प्रधानमंत्री ने उससे सलाह ली थी और अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए इज़राइल दौरा किया था। तारीखों का खेल: रिपोर्टर्स और राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान इस बात पर गया कि पीएम मोदी जून 2017 के अंत में वाशिंगटन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले थे और ठीक इसके बाद जुलाई 2017 के पहले हफ्ते में ऐतिहासिक इज़राइल दौरे पर गए थे। विपक्ष का तीखा हमला: इस खुलासे के बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि देश के शीर्ष नेतृत्व का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित और अपराधी व्यक्ति की फाइलों में कैसे आया? #BJP #Congress #rss #EpsteinFiles
Suresh Kapse17,965 views • 3 days ago

बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी। ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध अपने शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस से भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई दिशा देने वाली महान वीरांगना, झाँसी की #रानी_लक्ष्मीबाई जी उन्हें शत-शत नमन। उनकी असाधारण वीरता और मातृभूमि के प्रति अमिट निष्ठा की गौरवगाथाएं युगों-युगों तक हम सभी को राष्ट्रसेवा हेतु प्रेरित करती रहेंगी। #RaniLaxmiBai
Suresh Kapse78,467 views • 20 days ago

तुरंत राष्ट्रपति शाशन लागु हो, नए इलेक्शन हो बेलेट पेपर से !! - सुप्रीम कोर्ट के वक़ील
Suresh Kapse305,308 views • 3 months ago

अखिलेश प्रताप सिंह ने तोतले हाटीया का अटक अटक कर बोलना बंद कर दिया !! 🔥💥🔥💥
Suresh Kapse190,287 views • 1 month ago

50 - 50 करोड़ मे नेता खरीदे जा रहे है, PM केयर फंड की जाँच होना चाहिए - CJP
Suresh Kapse216,070 views • 2 months ago

बच्चों छात्रों को लाठियों से पीटकर लहूलुहान करने के बाद पूरे देश का माहौल बदल चुका है 🙏
Suresh Kapse238,065 views • 3 months ago

SIR गड़बड़ी - सुप्रीम कोर्ट वकील महमूद प्रचा बोले शेख हसीना की तरह Modi जी को भागने नहीं देंगे !!! "SIR (Special Investigation Report/System) और ईवीएम की धांधली के खिलाफ अब देश की जनता सड़कों पर उतर रही है।जंतर-मंतर 2.0 की शुरुआत हो चुकी है। अगर चुनाव आयोग और सरकार ने निष्पक्ष चुनाव और पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की, तो जो हाल बांग्लादेश में शेख हसीना का हुआ है, वही स्थिति भारत में भी बन सकती है।हम देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और हम शेख हसीना की तरह मोदी जी को देश छोड़कर भागने नहीं देंगे। उन्हें यहीं जनता के सवालों का और चुनाव में हुई गड़बड़ी का जवाब देना होगा।" मुद्दा: ईवीएम और SIR प्रक्रिया में कथित धांधली को लेकर चुनाव आयोग तथा सरकार का विरोध। मंच: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन/प्रेस कॉन्फ्रेंस (Jantar Mantar 2.0)। बयान का तात्पर्य: बांग्लादेश में राजनीतिक तख्तापलट के बाद शेख हसीना के देश छोड़ने के घटनाक्रम का हवाला देते हुए लोकतांत्रिक विरोध और जवाबदेही तय करने का दावा।
Suresh Kapse50,372 views • 19 days ago