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दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती!
273,926 просмотров • 5 месяцев назад •via X (Twitter)
Комментарии: 33

फिर बतमीजी। हम एक ऐसे नेता को भी जानते है जो नाक से पपीता चीर देता है।

अब तुम्हें हर जगह सिर्फ स्टूल ही मिलेगी औरंगजेब की तरह पिता को कैद करके कुर्सी पर तो कब्जा कर लिया लेकिन जिस तरह से 5 साल उत्तर प्रदेश की सत्ता चलाये हो उसे देखकर पूरा दुनिया जानती है कि तुम स्टूल पर ही बैठने के लायक हो कुर्सी पर नहीं और अभी बंगाल गए थे तो ममता बनर्जी ने तुम्हारी औकात जानकर तुम्हें और तुम्हारे सभी साथियों को सिर्फ स्टूल पर बैठाया मुझे लगता है तभी तुम्हारा दिमाग में आइडिया आ गया कि दो स्टूल को मिलने से कुर्सी नहीं बनती

जिसको परिवारवाद के कारण विरासत में सत्ता मिल जाती है, चाहे बाप और चाचा को किनारे लगाना पड़े, वह दूसरों के संघर्ष कैसे पहचान पाएंगे?

घरवालों पर चिल्लाने से कुर्सी नहीं मिलती 🙏

"समृद्धि रूपी कमल खिला" बुआ उड़ गई, बबुआ उड़ गए। उड़ गया फर्जी गांधी, जात पात सब जड़ से उड़ गए।। हिंदू जब जब एक हुआ, सब गठबंधन ठगे गए। कर्म योगी की आंधी से, जाति समीकरण बिगड़ गए।। करते थे शीत कक्ष में, वोटों की अदला बदली। जब जनता जनार्दन हुई, सारी परिभाषा ही बदली।।

पर कुर्सी चली तो जाती है 😂 आपकी गई दस साल होने को है अगले पांच साल फिर नहीं मिलेगी ये दुःख काहे खत्म नहीं होता बबुआ का

स्टूल से याद आया बंगाल में दीदी की कुर्सी गई अब तो बैठने को स्टूल भी नहीं मिलेगा ... 🌶️🔥

इसे जानता नकार चुकी है मन की बहला रहे है दोनों

@Shivam_Hw दोनों स्टूलों को मिलाकर किसी की टेड़ी नाक को सीधा तो किया ही जा सकता है..!!

पिता जी की वजह से मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली लेकिन अब स्टूल ही मिल रहा है😂😂😂

दो स्टूल जोड़ने से कुर्सी नहीं बनती, यह तो ठीक है अखिलेश जी। पर याद रखिए, आपके परिवार ने तो पिछले दशकों में स्टूल भी नहीं जोड़े, सिर्फ कुर्सी तोड़ने का खेल खेला है। अब जब जनता ने एक मजबूत सिंहासन स्थापित कर दिया है, तो दो-दो स्टूल लेकर भी आपकी 'मिली-जुली' राजनीति फेल हो रही है। कुर्सी तो दूर, आपके गठबंधन में तो स्टूल भी हिल रहे हैं!

योगी जी ने उन दोनों के लिए पगदंडी तो छोड़ी है, लेकिन आपके लिए तो कोई रास्ता ही बाकी नहीं छोड़ा है! सिर्फ कूद कूद कर ही जाना पड़ रहा है! 🤔

सही बात कुर्सी तो एक ही है 😜 बाकी स्टूल वाले बराबर है

पंचर पुत्रों के पैरों में गिड़गिड़ाने से सरकार नहीं बनती।

आपके घर में तो स्टूल भी नहीं बचा! पिताजी को थप्पड़ मारकर कुर्सी छीनी, चाचा को पार्टी से निकाला और अब 'दो स्टूल' का व्यंग्य? आपकी साइकिल तो खुद दो टुकड़ों में बंट चुकी है एक परिवार, दूसरी फ्रैक्शन। BSP से गठबंधन करके UP में धूल खाई, कांग्रेस से हाथ मिलाकर भी हार गए। अब दो साथी दिख रहे हैं तो जलन हो रही है? सच्चाई ये है असली कुर्सी तो विकास और जनता के भरोसे बनती है, स्टूल-राजनीति से नहीं

और तू वो है जिसे कुर्सी भी नही मिलनी है

दो डिप्टी,फिफ्टी फिफ्टी करके, मुख्यमंत्री की छुट्टी करने की सोच रहे हैं।😉😉

भारत में बहुत कम ऐसे जानवर पाए जाते हैं जो दो मुंह वाले होते हैं,,,, बहुत लोग देखा होगा दो मुहा सांप एक तरफ से खाता है दूसरी तरफ से लोगों को काटता है काटने वाला मुंह सब कोई उसका नहीं देख पता है जिसे कहते हैं दोगला टाइप का सांप कहलाता है,,,,

ये दिन भी याद आते होंगे... भैय्या जी 😎

ताजा अनुभव 😄

अंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए सूरज से जंग जीतने निकले थे बेवक़ूफ़ सारे सिपाही मोम के थे घुल के आ गए (राहत इंदौरी)

अपने बाप स्व.मुलायम सिंह को किस तरह से स्टूल से उठने को कह रहा है, नक टेढ़वा का कहना है कि बवासीर से असहाय दर्द हो रहा उठो हमे बैठने दो... 👇

आप पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। आपके विरोध का इतना निम्न स्तर है।

🤣🤣

खुद औरंगज़ेब के नक्शे कदम पर चलते हुए @yadavakhilesh जी मुलायम सिंह यादव जी वाला कुर्सी हथिया कर खुद को कुर्सी वाला समझ रहे हैं! बताइए तो ज़रा आखिर कुर्सी की इतनी ललक इन्हें क्यों हैं ?

इनको फेंटा पिलाया जाए

यहाँ कुर्सी पर कौन बैठा है?

तेरे को वैसे भी मिल न रही 🤣 कुत्तों की तरह दुत्कार दिया गया दो बार 🤣

😂😂

टोंटी और टाइल्स चोरी करने वाला कभी मुख्यमंत्री नहीं बनता

गजब बेज्जती हैं ये स्टूल पर बैठे हुए हैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ही है या कोई दूसरा...?

बाप को ला,त मारकर भगाने से बन जाती है ??

@ShadowSakshi 😂😂😂😂😂

