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दुष्प्रचार गया ‘तेल’ लेने…. ! भारत ने रूस से तेल ख़रीदना बंद कब किया ?

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मोदी जी से बड़ा कूटनीतिज्ञ और कौन होगा ? - रूस से तेल ख़रीदकर रूस की अर्थव्यस्था को बचाया - यूक्रेन को 1% से बढ़कर 15% डीजल निर्यात किया ताकि यूक्रेन को सस्ता तेल मिले - यूक्रेन के उस पैसे से फिर रूस से तेल खरीदा - रूस के उस तेल को यूरोप को बेचा ताकि यूरोप में तेल महंगा न हो भारत ने रूस को पैसे दिए, भारत को यूक्रेन और यूरोप ने पैसे दिए - यूरोप ने भारत के बेचे तेल को टैंको में भरकर यूक्रेन को दिए ताकि यूक्रेन लड़ सके - यूक्रेन ने भारत से रूस का तेल खरीदा ताकि अपने टैंक/फाइटर विमानों में भरकर रूस से लड़ सके - भारत ने रूस से तेल ख़रीदकर उसे पैसे दिए ताकि युद्ध में रूस की अर्थव्यवस्था न गड़बड़ा जाए मोदी जी की कूटनीति ने Russia को बचाया, लेकिन Ukraine को बचाया, Europe को बचाया असली नोबेल के हकदार Trump नहीं बल्कि Narendra Modi जी हैं😎 अब तो भारत China से संबंध ठीक कर रहा है

Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं)

235,748 просмотров • 11 месяцев назад

भारतीय की कंपनियों ने सस्ता रूसी तेल खरीदकर कम से कम 10.5 बिलियन डॉलर की बम्पर बचत की. आपको क्या मिला, आपका पेट्रोल डीज़ल क्यों नहीं सस्ता हुआ? तेल का खेल👇👇 ▪️भारत कच्चा तेल आयात करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है ▪️भारत अपनी कुल जरूरत का 85% से भी ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है ▪️रुस- यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रुस से सस्ता कच्चा तेल ख़रीदना शुरू किया ▪️इस कच्चे तेल की खरीद से अप्रैल 2022 और मई 2024 के बीच देश की बड़ी रिफ़ाइनिंग कंपनियों ने बम्पर बचत की ▪️रिफ़ाइनिंग कंपनियों ने कम से कम 10.5 बिलियन डॉलर की बचत की है जो भारतीय रुपयों में लगभग 892 अरब के बराबर है ▪️यूक्रेन पर फरवरी 2022 के आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों ने रूस से तेल आयात में कटौती की, और इसके बाद रुस ने अपने तेल दाम पर भारी छूट देना शुरू किया ▪️रुस पहले हमारे तेल व्यापार में एक बेहद मामूली खिलाड़ी हुआ करता था, युद्ध के बाद से वह हमारा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है ▪️इस तेज़ी से बढ़े व्यापार ने रूस को भारत के शीर्ष व्यापार पार्टनर की टोली में भी शामिल कर दिया है ▪️FY23 के लिए, रूस से आयात हुआ कच्चा तेल कुल आयातित तेल का 21.5% था ▪️FY24 के लिए, रूस से आयात हुआ कच्चा तेल कुल आयातित तेल का 36% था ▪️रूस के कच्चे तेल की कीमत दूसरे देश के कच्चे तेल से करीब 10-12% कम थी ▪️भारत की पांच भारतीय रिफाइन कंपनियों को इसका फ़ायदा हुआ है - Indian Oil Corp, HPCL, BPCL, Reliance, Nayara ▪️रुस के सस्ते तेल ने भारत को तेल बेचने वाले अन्य देशों को भी डिस्काउंट देने को विवश किया, जिससे इन रिफ़ाइनिंग कंपनियों ने और बचत की ▪️अब रूस ईरान और सऊदी अरब जैसे पारंपरिक आपूर्ति करने वाले देशों को दरकिनार करके भारत के लिए कच्चे तेल का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है 900 अरब रुपये की बचत सिर्फ़ रुस के सस्ते तेल से - पर आपका पेट्रोल डीजल सस्ता क्यों नहीं हुआ? सोचियेगा ज़रूर

Supriya Shrinate

350,585 просмотров • 2 лет назад

ट्रंप की धमकी के आगे एक बार फिर नरेंदर-सरेंडर हो गए हैं। ट्रंप ने आदेश दिया कि रूस से तेल खरीदना बंद करो, मोदी फटाफट आदेश का पालन करने में जुट गए। अब खबर है कि रिलायंस रूस से तेल खरीदना कम करेगा। रिलायंस रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल खरीदता था। ट्रंप पहले ही बता चुके हैं कि इस साल के अंत तक भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। एक बात साफ है- नरेंद्र मोदी कमजोर प्रधानमंत्री हैं। यही वजह है कि भारत के फैसले अब ट्रंप ले रहे हैं। रूस भारत का पुराना सहयोगी रहा है और ट्रंप के दबाव में मोदी रूस से संबंध खराब कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने अपनी 'पप्पी-झप्पी' वाली विदेश नीति से देश का बहुत नुकसान किया है।

Congress

204,066 просмотров • 10 месяцев назад

ट्रेड डील में भारत की ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ ⦿ 6 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पेनल्टी टैरिफ के आदेश में लिखा- भारत ने अमेरिका से वादा किया है कि वह रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा ⦿ ट्रंप ने ये भी लिखा- अमेरिका ये निगरानी करेगा कि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर, रूस से कच्चा तेल न खरीदे। अगर ऐसा हुआ तो पेनल्टी दोबारा लगा दी जाएगी ⦿ 9 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा जारी फैक्ट शीट में भी भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल न खरीदने का वादा करने की बात दोहराई गई ⦿ 14 फरवरी, 2026 को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत ने रूस से कच्चा तेल न खरीदने का सशर्त वादा किया है ⦿ अमेरिका मई, 2024 में पाबंदी लगा चुका है कि भारत, ईरान से भी कच्चा तेल नहीं खरीद सकता, जिसे मोदी सरकार ने स्वीकार कर लिया है ⦿ भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, जो हमारी ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है। हम 40% कच्चा तेल रूस और 11% कच्चा तेल ईरान से आयात करते थे। यानी कुल जरूरत का लगभग 51% ⦿ फरवरी 2022 से जनवरी 2026 के बीच भारत ने रूस से 15.24 लाख करोड़ रुपए का कच्चा तेल आयात किया और सस्ती दरों के कारण लगभग 1.81 लाख करोड़ रुपए की बचत हुई अब ट्रंप के कहने पर मोदी सरकार अमेरिका और वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगी, लेकिन रेट सस्ता नहीं होगा। ऐसे में मेरा सीधा सवाल है- क्या ये भारत की आत्मनिर्भरता के साथ खिलवाड़ नहीं है? : कांग्रेस महासचिव Randeep Singh Surjewala जी 📍 दिल्ली

Congress

11,871 просмотров • 6 месяцев назад