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नींद नहीं आ रही थी! तो सोचा आप लोगों से बात करूँ। दिमाग़ constantly चल रहा है! मेरी फ़िल्म #TanviTheGreat एक ऐसा जज़्बा है जो आज की date में थोड़ा फैशनेबल नहीं है! फ़िल्म अच्छाई के बारे में है।अपने और कुछ दोस्तों (जिनका फ़िल्मों से कोई लेना देना नहीं...

48,173 views • 1 year ago •via X (Twitter)

10 Comments

KJS DHILLON🇮🇳's profile picture
KJS DHILLON🇮🇳1 year ago

Dear @AnupamPKher sair Really looking forward to seeing #tanvithegreat on big screen soon 👍🙏

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Anupam Kher1 year ago

Thank you Sir! You are very kind and generous! 😍🙏

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Pooran sharma1 year ago

आपका दिल साफ और स्वच्छ है आप एक श्रेष्ठ कलाकार हैं जय हिंद 🇮🇳🙏🏻

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MADHAV PATIL1 year ago

आप की फ़िल्म बहुत चलेगी बिल्कुल कंगना रनौत जी के फिल्मो की तरह।

PMModiMeriShan Inder Gopal (Modi ka Parivar)'s profile picture
PMModiMeriShan Inder Gopal (Modi ka Parivar)1 year ago

Butterflies before launch not making you sleep tight? Best wishes for your project being accepted by the audiences in full glory🙏

विश्व🙏 गुरु's profile picture
विश्व🙏 गुरु1 year ago

Jay Shri Ram

Rajesh kumar joshi's profile picture
Rajesh kumar joshi1 year ago

We have stopped watching your movies As you r no more the hreat actor u were!! Instead u just r a propoganda master

Vivek Kumar's profile picture
Vivek Kumar1 year ago

जब इरादे सच्चे हों और नीयत साफ़, तो रास्ते खुद कहानियाँ बन जाते हैं। #TanviTheGreat कोई फ़िल्म नहीं, एक यक़ीन है — जो रिश्तों, मेहनत और हौसलों से बना है। शायद ट्रेंडिंग में न हो आज अच्छाई, मगर कल वही रौशनी बन जाएगी…

अमृता त्रिपाठी AmritaTripathi امرتا ترپاٹھی's profile picture
अमृता त्रिपाठी AmritaTripathi امرتا ترپاٹھی1 year ago

नींद न आना एक बहाना है, असली मकसद अपनी फिल्म का प्रमोशन करना है! लेकिन मैं तो फिल्म देखती ही नहीं।

VIKASH YADAV's profile picture
VIKASH YADAV1 year ago

क्या मुझे फिल्म में काम मिल जाएगा महोदय जी

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#धुरंधर एक माइल्ड प्रोपेगेंडा फ़िल्म है! इस फ़िल्म के निर्माताओं ने फुली प्रोपेगेंडा फिल्म्स "द बंगाल फाइल्स" या योगी आदित्यनाथ के जीवन पर बनी "अजय" जैसी फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर हुई दुर्गति से सीख लेते हुए इस फ़िल्म को बहुत चालाकी से बनाया है! फ़िल्म अपने ट्रैक पर चलते चलते भी कई जगह RSS/BJP का एजेंडा आगे बढ़ाती नजर आती है! फ़िल्म में एक संवाद है - "हिन्दू बहुत डरपोक कौम होती है" यह संवाद पाकिस्तानी आतंकी से बुलवाया गया है! इसके अलावा IB चीफ बने आर. माधवन एक जगह यूपी के माफियाओं के सन्दर्भ में कहते हैं कि - "जब कभी यूपी में देश के बारे में सोचने वाली सरकार आएगी, तब ये सुबूत काम आएंगे" यहाँ ध्यान रखने वाली बात है कि फ़िल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है और 1999 से 2008 के बीच का समय दिखाती है! इस सबके बावजूद फ़िल्म बहुत शानदार है... 3 घंटे से ज्यादा कि फ़िल्म में आप कहीं भी बोर नहीं होते, हर कैरेक्टर इतना परफेक्ट दिखाया गया है कि आप कोई कमी ढूंढ ही नहीं सकेंगे! फ़िल्म में न तो जबरदस्ती का कोई गाना है और न ही कोई जबरदस्ती का सेक्स सीन, जबकि रणवीर सिंह हीरोइन के साथ लिव इन में रह रहे होते हैं! इस फ़िल्म का BGM इस फ़िल्म को अलग ही लेवल पर पहुंचा देता है, मुझे नहीं लगता है कि ऐसा BGM आज से पहले हिंदी फ़िल्म में कभी प्रयोग किया गया हो! एक्शन सीन तो ऐसे हैं कि हॉलीवुड भी पानी पानी हो जाये! फ़िल्म में सभी कलाकारों ने शानदार काम किया है लेकिन अक्षय खन्ना is Amazing ❤️❤️ #DhurandharReview #DhurandharTrailer #DhurandharKaDhamaka #RanveerSingh #AkshayeKhanna #SanjayDutt

Vishal JyotiDev Agarwal 🇮🇳

52,198 views • 8 months ago

#WATCH मुंबई: निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने अपनी फ़िल्म 'द बंगाल फ़ाइल्स' के बारे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र पर कहा, "पुलिस ने मुझे सीधे तौर पर बताया है कि यह फ़िल्म सिर्फ़ इसलिए रिलीज़ नहीं हो रही है क्योंकि इसमें हिंदू नरसंहार की अनकही कहानी है। जब इस देश में मुस्लिम इतिहास पर फ़िल्में बन सकती हैं, तो क्या हिंदू इतिहास पर फ़िल्में नहीं बन सकतीं? यह भारत का इतिहास है और इसका हिंदुओं और मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने एक निजी स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने के बारे में सोचा था लेकिन मुझे बताया गया है कि उसमें भी बाधा आएगी। इसका मतलब है कि राज्य ख़ुद यह काम करवा रहा है..."

ANI_HindiNews

53,480 views • 11 months ago

सवाल : सर, जादूगरी आज पूरे विश्व में कला कहलाती है, कल मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अशोक गहलोत जी हेराफेरी करते हैं। जवाब : हेराफेरी है। ये सरकार पूरी हेराफेरी से ही चल रही है। सरकार नाम की चीज है नहीं। ये सरकार खुद ही हेराफेरी कर रही है और लोगों को भ्रमित कर रही है और कुछ काम नहीं कर रही है। मैजिशियन की कला तो देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय जगत में बहुत ही प्रसिद्ध कला है। उसका उद्गम स्थान कहते हैं हिंदुस्तान से ही हुआ था। सैकड़ों साल पहले, जादू कला का उद्गम जो है हिंदुस्तान से चला था दुनिया के मुल्कों में अमेरिका हो या इंग्लैंड हो। तो हमें तो गर्व होना चाहिए। अब मुख्यमंत्री को पता ही नहीं है इस कला बैकग्राउंड क्या है तो फिर वो ऐसे कमेंट करेंगे और क्या करेंगे? किसी ने कह दिया होगा उनके पीआर देखने वाले ने कि आप ये जुमला बोल दो। वो जुमला बोल गए। अपने मन से नहीं बोले थे मुझे मालूम है। सवाल : पिताजी के साथ आप विदेश में इस कला का प्रदर्शन करने गए थे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर। जवाब : वो छोड़िए, वो तो विदेश गए हम लोग। पिताजी जापान भी गए थे। हम हांगकांग भी गए थे। लंबी कहानी है। सवाल : आपने सरकार चलाई। जादूगरी करते थे हर कामकाज, मॉडल लेकर आए। जवाब : लोग प्यार से कहते हैं भाई जादूगर तो प्यार से, आप लोगों के प्यार, आपकी मोहब्बत, प्रदेशवासियों का विश्वास अटूट है। मेरी लाइफ की पूंजी यही है। मुझे जिंदगी में जो प्यार, जो विश्वास मुझे मिला है प्रदेशवासियों से, वो मिसाल बहुत कम है। मैं समझता हूं कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे प्रदेश के लोगों ने कमी नहीं रखी। छत्तीस ही कौम के लोगों ने मुझे जो विश्वास दिया है, वोट दिया नहीं दिया परंतु उनका प्यार, उनकी मोहब्बत, उनका विश्वास अटूट रहा है। जब जाकर एक आदमी मेरी कम्युनिटी का है MLA विधानसभा में और वो माली कम्युनिटी का मैं खुद ही था कांग्रेस के अंदर ,तब भी मुझे मुख्यमंत्री रखा पाँच साल, दस साल, पंद्रह साल। ये आप समझ लीजिए इससे बड़ा क्या उदाहरण हो सकता है देश के अंदर कि जिस व्यक्ति का एक MLA हो और वो व्यक्ति जो है, चाहे सोनिया जी थी, चाहे राहुल जी थे, सबका सहयोग रहा, प्रियंका जी का रहा और मुझे तीन-तीन बार मुख्यमंत्री बना दिया। पहली बार जब बनाया होगा तो क्या सोचा होगा? कुछ तो देखा होगा । कुछ तो जो मैंने काम किया PCC के अंदर तो कुछ ऐसे काम हुए होंगे पार्टी के इंटरेस्ट के अंदर जिसके कारण से मुझे अवसर मिला। तो मैं समझता हूं कि वो मेरी जिंदगी की बहुत बड़ी एसेट है, पूंजी है। उसको साथ लेकर मैं आगे बढ़ना चाहता हूं।

Ashok Gehlot

51,255 views • 18 days ago

सवाल सिर्फ एक का नहीं है… ये सिलसिला बढ़ता जा रहा है... बिहार के किशनगंज (ठाकुरगंज) के रहने वाले "मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी साहब" की ट्रेन में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है और रेलवे इसको महज एक हादसा बताता है। और यह एक पहली घटना नहीं है... हाल ही में एक और मौलाना के साथ भी ट्रेन में इसी तरह की बदसलूकी और मारपीट की घटना सामने आई थी... फर्क बस इतना था कि वो ज़िंदा बच गए… लेकिन उनके साथ जो हुआ, वो भी कम डरावना नहीं था। दोनों घटनाएं एक ही बात की तरफ इशारा करती हैं... ट्रेन में सफर अब सुरक्षित नहीं रह गया??? अगर आप ट्रेन में (मुस्लिम) सफ़र करते है तो अपने सुरक्षा का इंतजाम करके चलिए नहीं तो समाज में बहुत से ब्रेन डेड जॉम्बी घूम रहे है,उन 🐷 का अंदर का शैतान दाढ़ी टोपी वालों को देखते ही बाहर आ जाता है तो ऐसे 🐷 से बचने के लिए खासा इंतजाम करके चले ताकि वक्त आने पर आप अपनी आत्मरक्षा कर सके। ये सिर्फ दो लोगों की कहानी नहीं, ये पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। आज आवाज़ उठाओगे तो कल हालात बदल सकते हैं, वरना ये खामोशी ही सबसे बड़ा खतरा बन जाएगी क्योंकि खामोशी कुफ्र है और जो खामोशी से आंख नहीं मिला पाता है वो कही का नहीं रह जाता है। तो बोलना सीखिए और अपने आप को पहचानिए।

𝓛𝓭𝓾𝓽𝓿 𝓴𝓷𝓲𝓰𝓱𝓽 𝓬𝓸𝓶𝓶𝓮𝓷𝓽𝓸𝓻𝔂

78,599 views • 3 months ago