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पीडीए की एकता ही देश का भविष्य है।

74,958 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

10 Kommentare

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Sudhir Mishra 🇮🇳vor 1 Jahr

आपके लिए PDA का मतलब परिवारवादी डेवलपमेंट अथॉरिटी है!

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Solar Heavyvor 1 Jahr

whoa have you heard this song?

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योगी युगेvor 1 Jahr

सामान सौ बरस का पल की खबर नहीं। योगीजी द्वारा किये गये विकास और जनता की चिन्ता ने आपके खुद के भविष्य गर्त में डाल दिया है। सबको पता है कि आप फिर से 97000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार वाली सरकार बनाने के लिए अधीर हुए जा रहे हैं। इसलिए बाकी दुनिया के भविष्य की बात न करिए। दलितों ने आपको असली जगह बताने की ठान ली है। OBC भी एकजुट हो रहे हैं कि हमारे वोट लेकर अखिलेश यादव पांच साल तक सिर्फ अपने परिवार का भला करते रहे।

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Chaudhary Manzar Yar Manzar ( 8K )vor 1 Jahr

पीडिए जननायक माननीय श्री अखिलेश यादव जी ज़िंदाबाद

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गुरु प्रसाद यादव, लखनऊvor 1 Jahr

सवर्णवादी हारेंगे, पीडीए जीतेगा ।

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Vimal Yaduvanshivor 1 Jahr

आजकल यह लोग बहुत अच्छा वीडियो बना रहे हैं।

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Vishwanath Yadav Vissuvor 1 Jahr

पीडीए की एकता ही देश का भविष्य है।

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एच आर सीनम 🇮🇳🏹✍️vor 1 Jahr

कांग्रेस से दूरी बहुत बड़ी भूल होगी

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Pradeep Tiwarivor 1 Jahr

.... @myogiadityanath गए जहन्नुम लोग कुछ,कुछ को आया होश। ओवैसी पर भी अभी , जल्द पड़ेगी ओस।। "प्रदीप,,😜🤣

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धर्मेन्द्र त्रिपाठी अयोध्याvor 1 Jahr

यहां अगर अजीत प्रसाद की जगह कोई दूसरा उम्मीदवार होता तो आज तस्वीर कुछ अलग होती

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भाजपा और उसके संगी-साथी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और अब उनमें ये डर बैठ गया है कि देश की 95% आबादी से बना पीडीए समाज जब भाजपा की करतूतों के ख़िलाफ़ एक साथ खड़ा हो जाएगा तो उनका क्या होगा। उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। वो सदैव की तरह भूमिगत होकर बिलबिला रहे हैं। इन नकारात्मक लोगों ने आज़ादी से पहले भी देश से ग़द्दारी की और अंडरग्राउंड रहकर देश को ग़ुलाम बनानेवालों की ग़ुलामी की, स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ चंद पैसों और वज़ीफ़े के लालच में मुख़बिरी का तुच्छ काम किया। इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं। न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं। देश और समाज के लिए एक गिरोह के रूप में ये एक विशाल ‘विषग्रंथी’ है। भाजपाइयों का जैसा संस्कार है, वैसा ही उनका शब्दकोश है और वैसी ही अभिव्यक्ति। भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है। भाजपा ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज़ है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज़ हो गया है। भाजपाइयों की घृणित मानसिकता से इसके अतिरिक्त कुछ और अपेक्षा भी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे विषैली मानसिकता वाले लोगों को देखकर तो आस्तीन का साँप भी ख़ुद को डसकर आत्महत्या कर लेता है। दरअसल जब-जब पीडीए समाज के किसी भी व्यक्ति का ऐसा अपमान होता है, पीडीए एकता और संकल्प उतना ही दृढ़ होकर उभरता है। पीडीए की एकता और एकजुटता को इससे और भी बल मिला है। आज भाजपा ने एक ऐसी लकीर खींच दी है कि भाजपा में शामिल पीडीए समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और सामान्य सदस्य तक का राजनीतिक भविष्य शून्य हो गया है। अब वो किस मुँह से अपने-अपने समाजों के सामने जाएंगे। पीडीए ने तो 2024 के आम चुनाव में ही भाजपा में शामिल ऐसे नेताओं का चुनावी बहिष्कार करके उन्हें हार का और बाहर का रास्ता दिखा दिया था, अब तो पीडीए समाज के बीच उनकी हमेशा के लिए मानसिक नाकाबंदी हो जाएगी। भाजपा की ये गहरी चाल है कि वो पीडीए समाज के अपने सभी नेताओं की सियासत की नींव खोद दे और उनकी राजनीति हमेशा के लिए ख़त्म कर दे। भाजपा का भ्रष्टाचार और आपसी मतभेद ही उसे अंतिम चरण में ले आया है, जहाँ ये खलनायक आपस की गैंगवार में एक-दूसरे का काला चिट्ठा खोलकर, एक-दूसरे को ही ख़त्म कर देंगे। इतिहास गवाह है कि जैसे ही नकारात्मक शक्तियां हारने लगती हैं वो टूटने लगती हैं, इनके साथ भी ऐसा ही होना शुरू हो गया है और आख़िरकार ये होगा भी क्योंकि इन जैसे अवांछित लोगों के लिए इतिहास अपनी चाल नहीं बदलेगा। देखना ये है कि ये दग़ाबाज़ लोग देश छोड़कर भागते हैं या अपने काले अतीत को दोहराते हुए भूमिगत होते हैं, डरपोकों के पास वैसे भी ज़्यादा विकल्प नहीं होते हैं।

Akhilesh Yadav

48,520 Aufrufe • vor 2 Monaten