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‘पद-नाम’ को, ‘पद-मान’ देना ही स्वस्थ परंपरा होती है।
412,321 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)
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खड़गे जी का माइक बंद कर दिया, मुझे कहा आप होंगी कलाकार मुझे फर्क नही पड़ता धनकड़ हमेशा असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते है, सार्वजनिक रूप से माफी मांगे

इनके खिलाफ इंडिया गठबंधन वाले अगर महाभियोग प्रस्ताव ला दे तो मजा आ जाय

विपक्ष के प्रति इन दोनों लोगों का जो रवैया है, वो बेहद ही निंदनीय है, शर्मनाक

धनखड़ इस कुर्सी के लायक नहीं !

उपदेश देना आसान होता है, देखिए आपने अपने पिता के साथ क्या किया था।

अध्यक्ष जी इन्हें सिर्फ मोदी जी की चापलूसी करनी है और विपक्षी सांसदो के भाषणों के बीच में टीका टिप्पणी करना है

धनखड़ जी ने सही भाषा में समझाया इनको... जो जिस भाषा में समझे उन्ही भाषा का प्रयोग करना चाहिए... Great Reply Dhankhad Ji 🙏

🙏🙏🙏 बिल्कुल सही अखलेस जी; #समाजवादीपार्टी नें तो #उत्तरप्रदेश के बलात्कारियों को अपना खुला समर्थन प्रदान कर वैसे भी एक बेहद "स्वस्थ परंपरा" पहले ही कायम कर दी है 😀🙏😀 #अयोध्या #Ayodhya #AkhileshYadav #UttarPradesh #उत्तरप्रदेश

बिल्कुल सत्य कहा आपने पद-नाम’ को, ‘पद-मान’ देना ही स्वस्थ परंपरा होती है।

पिता को पिता का मान देना ही स्वस्थ परंपरा होती है टोंटी भईया भरे मंच पर आपने जो नेता जी का अपमान किया था भूली नहीं हैं जनता, अब ज्ञान की गंगा बहा रहे हैं यह ज्ञान आपको लेने की आवश्यकता है
