Loading video...

Video Failed to Load

Go Home

प्रेमी के साथ पकड़े जाने पर पत्नी बोली वो प्रेमी के साथ जाएगी,पति नहीं रोक सकता, हाथापाई की… Adultery become New Normal with all ब्लेसिंग्स of Law and the Legal System, believes that adulterous relationship is better than sacred relationship! Abuse #patriarcy #VoiceOfTruth

19,737 views • 7 months ago •via X (Twitter)

17 Comments

manju Indian oil colour fine artist, Art 4 sale's profile picture
manju Indian oil colour fine artist, Art 4 sale7 months ago

वो कहीं भी जाए समस्या नहीं है मगर संविधान इस गंदगी को देखते हुए आदमी को इससे आसानी से तलक दे दे बेचारे को लूटे नहीं

Shibli Rampuri's profile picture
Shibli Rampuri7 months ago

पुरुष आयोग नहीं है पुरुष हेल्पलाइन नहीं है. बहुत सारी महिलाओं की मनमर्ज़ी उनके द्वारा अत्याचार किए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं

sarn 🕉️'s profile picture
sarn 🕉️7 months ago

Public execute her.

Anup sagar's profile picture
Anup sagar7 months ago

Bhai murder karde kam khatam

Sanatani's profile picture
Sanatani7 months ago

Kitna badnaseeb hai Zafar..Biwi bhi apni na hui. Aur SC kahta hai ..bear her adultery .

Arjun Khatri अर्जुन खत्री🇮🇳's profile picture
Arjun Khatri अर्जुन खत्री🇮🇳7 months ago

Bhai jane de is Chudail ko jaha marji jati hai.... Kal ke din tu Delete ho usse badhiya haath dho le.. Jab Khud Bala ja rahi hai to rok mat jani wali jake hi rahegi tu chahe kitna bhi rok le

मोक्ष 🥀's profile picture
मोक्ष 🥀7 months ago

जाने दो भाई मत झगड़ो बहुत खुश रहोगे तुम

Desi Banda !!!!'s profile picture
Desi Banda !!!!7 months ago

Feminist ji Sab thik , jo bolo wo sach , maan li aapki bat sirf yeh btao-agar ashiq hi pasand tha to shadi kyon ki ? Pati ka kasoor kya ? Kisi bhi mahiloa ke pass jwab hi,dena zarur

काफिर's profile picture
काफिर7 months ago

Adultery doing woman must go for prostitution not for marriage . Choice for once,freedom for always.

kay kay's profile picture
kay kay7 months ago

@PMOIndia_RC

Reelsforfeed 🇮🇳's profile picture
Reelsforfeed 🇮🇳7 months ago

Our courts allow them to do that in the name of Freedom. It’s not normal & it’s breaking the society & Culture. In relationship there is bonding, full freedom has a different meaning that can’t exist in relationship. @MLJ_GoI @PMOIndia @indSupremeCourt @barandbench @LiveLawIndia

raj's profile picture
raj7 months ago

Jane do jab pati se kuch nahi hota to jo chodega jabardast uske sath hi to jayegi

Minute observer's profile picture
Minute observer7 months ago

Har ghar me ho ye ईश्वर करे हर जज के साथ भी हो ऐसा

Satish Sharma's profile picture
Satish Sharma7 months ago

Desh ka system judiciary 💩 rakhelgiri bachalanta chinnargiri promote Karta h chahe koi bhi kare families society samaj ko barbad karna h freedom k nam p

𝘽𝙝𝙖𝙧𝙖𝙩𝙋𝙡𝙖𝙮𝙨 🎮🇮🇳's profile picture
𝘽𝙝𝙖𝙧𝙖𝙩𝙋𝙡𝙖𝙮𝙨 🎮🇮🇳7 months ago

When you marry with a who*re....

मैं तो बोलूंगा (मृत शरीर)'s profile picture
मैं तो बोलूंगा (मृत शरीर)7 months ago

पति को भी खुश करो, प्रेमी और उसके घर की महिलाओं बहन से पति की करवाओ दोस्ती

Bhaaratiya Naagrik's profile picture
Bhaaratiya Naagrik7 months ago

Aur karo shaadi sex ke liye mard jaat

Related Videos

Jaane Pehchaane Anjaane… what an incredible ORDINARY show… ये मोबाइल की दुनिया है… यहां हर चीज़ एक क्लिक पर आपकी है… everything is extraordinary… larger than life… most of the times unbelievable… But the irony is, it fits in the screen. सब कुछ असामान्य… लेकिन मेरा सवाल है…सामान्य कहाँ है? Where is our very own ordinary? As ordinary as watching a theatrical show… आँखों के सामने भावनाओं को उभरते हुए देखना… असामान्य कलाकार… Anupam Kher Swaroop Sampat Rawal meghna malik बग़ैर टेक के, सामान्य तरीक़े से हमें अपने ख़ुद से मिला रहे थे… आम ज़िंदगी के किरदार… अपने अकेलेपन, अपने अतीत.. अपने भविष्य को..अपने आप को खोज रहे थे… और थियेटर की उस साधारण सी कुर्सी पर बैठे मैं, पापा और उदयपुर से आए मेरे मामा को लग रहा था कि स्टेज पर मौजूद वो लोग… हम ही तो हैं… माँ के जाने के बाद पापा का नज़रिया… मामी और मामा के अलग हो जाने के बाद मामा की जद्दोजहद… एक मज़बूत, आत्मनिर्भर लड़की के संघर्ष… सबके जीवन का एक हिस्सा वहाँ स्टेज पर जी रहा था… काफी समय बाद महसूस हुआ कि ज़िंदगी की सबसे गहरी कहानियाँ किसी OTT प्लेटफ़ॉर्म पर नहीं, हमारे सामने साँस लेती हुई खड़ी होती हैं। अपनी माँ-बाबू जी के साथ इस बार कुछ सामान्य सा कीजिए… थिएटर में जाने पहचाने अनजाने देखिए… और एक-दूसरे की भावनाओं का स्पर्श कीजिए। ❤️ #jaanepehchaaneanjaane

Rubika Liyaquat

80,319 views • 4 months ago

"I LOVE YOU विभु " I am Proud of You विभु लेकिन तुम झूठे थे, तुमने कहा था तुम मुझे सबसे ज्यादा प्यार करते हो। तुम मुझसे नहीं देश से ज्यादा प्यार करते थे। हम सबको गर्व है तुम पर। मैं हमेशा तुमसे प्यार करती रहूंगी। I LOVE YOU विभु..... शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल साहब की पत्नी निकिता कौल मैडम ने कुछ ऐसे दी थी अपने पति को अंतिम विदाई। आज निकिता मैम Indian Army में लेफ्टिनेंट हैं। सैल्यूट mam वीडियो देखिए.... 🇮🇳 वो देश के लिए चला गया… और वो उसकी वर्दी पहनकर उसके अधूरे सपने को पूरा करने निकल पड़ी। 🇮🇳 यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है… यह प्रेम, बलिदान और संकल्प की वह दास्तान है, जिसे भारत कभी नहीं भूल सकता। मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल बचपन से ही भारतीय सेना में जाने का सपना देखते थे। देहरादून की धरती से निकला यह नौजवान आगे चलकर भारतीय सेना का वीर अधिकारी बना और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए 55 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात हुआ। फिर उनकी जिंदगी में आईं नितिका कौल। दोनों मिले… दोस्ती हुई… दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली… और 19 अप्रैल 2018 को दोनों ने सात फेरे लेकर जिंदगी भर साथ निभाने का वादा किया। लेकिन किस्मत ने उनके लिए बहुत कम वक्त लिखा था। शादी के बाद मेजर विभूति की तैनाती कश्मीर में थी। नई-नई शादी… नए सपने… साथ जीने की ढेरों उम्मीदें… लेकिन दोनों को साथ रहने का समय बहुत कम मिला। फिर आया 18 फरवरी 2019। पुलवामा आतंकी हमले के कुछ ही दिनों बाद आतंकियों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में मेजर विभूति अग्रिम मोर्चे पर थे। मिशन कठिन था। खतरा सामने था। लेकिन एक सैनिक के लिए पीछे हटना विकल्प नहीं होता। मेजर विभूति ने अपने साथियों और मिशन को सर्वोपरि रखा। ऑपरेशन के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुए और अंततः मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। फिर आया वह पल… जिसे कोई पत्नी कभी देखना नहीं चाहती। मेजर विभूति का पार्थिव शरीर जब देहरादून पहुंचा, तो सामने उनकी पत्नी नितिका थीं। आंखों में आंसू थे… दिल में तूफान था… लेकिन चेहरे पर अपने शहीद पति के लिए गर्व था। उन्होंने अपने पति को अंतिम विदाई दी… सैल्यूट किया… और उस पल पूरे देश ने देखा कि एक सैनिक की पत्नी का साहस कितना बड़ा होता है। लेकिन नितिका ने यहीं रुकने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने पति की यादों में खो जाने के बजाय उनके सपने को अपना सपना बना लिया। उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी। फिर सेना में अधिकारी बनने की तैयारी शुरू की। SSB की कठिन चयन प्रक्रिया पार की। और उसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई पहुंचीं, जहां कभी उनके पति ने सैन्य प्रशिक्षण लिया था। सोचिए… जिस जगह से कभी विभूति देश की रक्षा करने के लिए निकले थे, उसी जगह से अब उनकी पत्नी भी देशसेवा की राह पर निकल रही थीं। महीनों की कठिन सैन्य ट्रेनिंग… पसीना… अनुशासन… मुश्किलें… और दिल में सिर्फ एक लक्ष्य— “मुझे भी देश के लिए जीना है।” फिर आया 29 मई 2021। नितिका कौल ने भारतीय सेना की वर्दी पहनी। कंधों पर सितारे सजे। और वह बन गईं 🇮🇳 लेफ्टिनेंट नितिका कौल। उस दिन शायद आसमान में कहीं मेजर विभूति भी मुस्कुरा रहे होंगे… क्योंकि उनकी प्रेमिका, उनकी पत्नी, उनकी जीवनसंगिनी ने उनके जाने के बाद भी उनके सपने को मरने नहीं दिया। एक ने अपना जीवन तिरंगे के नाम कर दिया… दूसरी ने अपना जीवन उसी तिरंगे की सेवा के नाम कर दिया। यही प्रेम की सबसे खूबसूरत परिभाषा है। जहां प्रेम सिर्फ साथ रहने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि किसी के जाने के बाद भी उसके सपनों को जिंदा रखता है। मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल साहब आपकी शहादत को कोटि-कोटि नमन। 🫡🇮🇳 लेफ्टिनेंट नितिका कौल मैडम आपके साहस और संकल्प को सलाम। 🇮🇳 भारत ऐसे वीरों को कभी नहीं भूलता। जय हिंद। 🇮🇳 #IndianArmy #MajVibhutiShankarDhoundiyal #LtNikitaKaul Video source ABP news

Pooja Rakesh

27,095 views • 1 month ago

भारत ने कल स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान के साथ मुद्दा सिर्फ़ पाक अधिकृत कश्मीर है और इस पर किसी भी अन्य पक्ष की मध्यस्थता का कोई प्रश्न नहीं उठता। आज अमेरिकी राष्ट्रपति के द्वारा स्पष्ट कर दिए जाने के बाद कि अमेरिका की तरफ़ से मध्यस्थता जैसा कोई कार्य नहीं किया गया अब स्थिति साफ़ है, मगर फिर भी विदेशी हस्तक्षेप का सवाल वो पूछ रहे हैं जिन्होंने विदेश की धरती पर जाकर कहा था इंग्लैण्ड और अमेरिका जो लोकतंत्र के संरक्षक हैं वो भारत में आकर हस्तक्षेप क्यों नहीं कर रहे हैं। Yesterday, external affairs, Ministry of India had made it clear that there is no question of mediation with any other party on the issue of Pakistan occupied Kashmir. today US President has also clarified that he has not done any mediation, but still the question is being asked by those people who have gone abroad and openly said that why the England in America, the defenders of democracy are not going to interfere in the India’s internal matter.

Dr. Sudhanshu Trivedi

52,885 views • 1 year ago

आज अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर डॉ. अभिषेक वर्मा, शिवसेना (NDA) गठबंधन एवं चुनाव के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक, ने नई दिल्ली में डी.टी.सी. कर्मचारी एकता यूनियन (रजि.), संबद्ध शिवसेना, द्वारा डी.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के अधिकारों एवं मांगों को लेकर आयोजित शक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। डॉ. अभिषेक वर्मा जी ने स्पष्ट कहा कि डी.टी.सी. कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को पूरी मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को शीघ्र पूरा कराने हेतु शिवसेना दिल्ली के प्रशासनिक नेतृत्व के साथ प्रभावी संवाद करेगी। उन्होंने कर्मचारियों के लिए बेहतर सामाजिक सुरक्षा, पेंशन व्यवस्था, भत्ते, सम्मानजनक वेतन, स्थायी नौकरी, अवकाश तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। श्री संदीप चौधरी, दिल्ली शिवसेना प्रमुख, एवं अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में हजारों डी.टी.सी. कर्मचारियों ने डॉ. वर्मा को उनके संघर्ष में साथ देने और कर्मचारियों की आवाज को मजबूती देने के लिए धन्यवाद दिया। On the occasion of International Workers’ Day, Dr. Abhishek Verma, Chief National Coordinator, ShivSena (NDA) Alliance and Elections, attended the mass mobilisation programme in New Delhi as the Chief Guest. The programme was organized by the D.T.C. Karamchari Ekta Union (Regd.), affiliated with ShivSena, in support of the rights and demands of DTC contract employees. Dr. Abhishek Verma clearly stated that the fight for the rights of DTC employees will be taken forward with full strength and commitment. He assured that ShivSena Delhi will engage with the administrative leadership to ensure that the key demands of the employees are addressed at the earliest. He also emphasized the need for better social security for workers, including pension benefits, allowances, dignified wages, permanent employment, leave entitlements, and all essential facilities. In the presence of Shri Sandeep Choudhary, Delhi ShivSena Chief, and other office bearers, thousands of DTC employees thanked Dr. Verma for standing with them in their struggle and for strengthening the voice of the workers.

Dr. Abhishek Verma

386,573 views • 5 months ago

हम सिर्फ मूकदर्शक नहीं बने रह सकते। अब समय आ गया है कि हम, सभी धर्मनिरपेक्ष भारतीयों को इन ताकतों को हराने के लिए एक साथ आना चाहिए। इन लोगों के बीच कितना ज़हर फैल गया है और वे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ ऐसा करने के बारे में कैसे सोच सकते हैं जो शायद उनके दादा की उम्र का है। बहुत हो गया ज्ञापन देना और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करना। अगर सरकार और पुलिस आंखें मूंद रही है तो एक समुदाय के तौर पर हमें खड़े होकर इन ताकतों का मुकाबला करने की जरूरत है। यह अब एक सामान्य चलन बन गया है और हम भारतीय कुछ नहीं कर रहे हैं। We just can’t be mute spectators. It’s high time we, all secular Indians should come together to defeat these forces. How so much poison has spread among these men and how could they even think of doing such a thing to somebody who maybe their grandfathers age. Enough of giving memorandums and expressing our anger on social media. If govt and police is turning a blind eye then we as a community need to stand and counter these forces. It has become a normal trend now and we as Indians our doing nothing. PMO India CMO Maharashtra Devendra Fadnavis महाराष्ट्र पोलीस - Maharashtra Police Asaduddin Owaisi

Imtiaz Jaleel

271,126 views • 2 years ago

#BharatJodoYatra is a People’s Movement, unequalled in history. As the Yatra completes one year today, on behalf of the Indian National Congress, I congratulate Shri Rahul Gandhi, all Bharat Yatris and the lakhs of our citizens who walked and joined in this historic endeavour. From Kanyakumari to Kashmir, Bharat Jodo Yatra covered more than 4000 Kms and carried a message of unity in diversity, with lakhs of people from all walks of life. The trend of manufacturing irrelevant headlines to divert attention from the real issues of people to hide the agenda of hate and division is a systemic attack on our collective conscience. The Yatra seeks to bring real issues of economic inequalities, price rise, unemployment, social injustices, subversion of Constitution, centralisation of power, to the centre stage of people’s imagination. The Yatra continues to fight the menace of hate and hostility in our society through a conversation. The Bharat Jodo Yatra is not just a physical endeavour, it is a sincere effort to rebuild our broken collective conscience. Our ingrained values of Justice, Liberty Equality, and Fraternity, for us, are supreme. The Congress party is continuously reaching out to people in an endeavour to reclaim our Constitution and protect our Democracy. Today, Bharat Jodo Yatra continues...🇮🇳 *** #BharatJodoYatra - एक राष्ट्रीय जन-आंदोलन है, जो इतिहास में अद्वितीय है। आज यात्रा के एक वर्ष पूरा होने पर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से, मैं श्री Rahul Gandhi, सभी भारत यात्रियों और हमारे लाखों नागरिकों को बधाई देता हूँ जो इस यात्रा में शामिल हुए। कन्याकुमारी से कश्मीर तक, भारत जोड़ो यात्रा ने 4000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की और जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ विविधता में एकता के लिए संवाद स्थापित किया। नफ़रत और विभाजन के एजेंडे को छिपाने के लिए, लोगों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए, अप्रासंगिक सुर्खियां बनाने की प्रवृत्ति हमारी सामूहिक चेतना पर एक सोचा-समझा प्रहार है। यात्रा आर्थिक असमानताओं, महँगाई, बेरोज़गारी, सामाजिक अन्याय, संविधान के विध्वंस, सत्ता के केंद्रीकरण के वास्तविक मुद्दों को लोगों की कल्पना के केंद्र में लाने का प्रयास करती है। यह यात्रा लोगों की भागीदारी के माध्यम से हमारे समाज में नफ़रत और शत्रुता के खतरे से लड़ने के लिए जारी है। भारत जोड़ो यात्रा सिर्फ एक भौतिक प्रयास नहीं है, यह हमारी टूटी हुई सामूहिक चेतना को फिर से बनाने का एक ईमानदार प्रयास है। हमारे लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के हमारे संवैधानिक मूल्य सर्वोच्च हैं। कांग्रेस पार्टी, हमारे संविधान की रक्षा और हमारे लोकतंत्र की सुरक्षा करने के प्रयास में लगातार लोगों तक पहुंच रही है। आज भी, भारत जोड़ो यात्रा जारी है...🇮🇳

Mallikarjun Kharge

176,665 views • 3 years ago

For the first time, the entire ‘Vande Mataram’ was sung at the Congress headquarters on Independence Day. After the initial stanzas of Vande Mataram were sung, Sonia Gandhi became agitated and asked for the rendition to be stopped rather than played in full. Rahul Gandhi too appeared to signal that it should end. They were told to let it continue. The message was clear: the complete National Song is now to be respected under the new legal framework, and intentional obstruction or disturbance can invite serious consequences. They eventually fell in line, and Vande Mataram was sung in full. 🇮🇳 For decades, the Gandhis and the Congress have displayed an uneasy relationship with the idea of a culturally confident, civilisationally rooted India. That discomfort stood exposed, ironically, on Independence Day. Vande Mataram. 🇮🇳 —- /// —- पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। 🇮🇳 ‘वंदे मातरम्’ की शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी असहज हो गईं और पूरे गीत के गायन के बजाय इसे रोकने के लिए कहा। राहुल गांधी ने भी इसे रोकने का संकेत दिया। लेकिन उन्हें इसे जारी रखने के लिए कहा गया। संदेश स्पष्ट था: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण सम्मान किया जाना चाहिए और जानबूझकर इसमें व्यवधान डालने या इसका अपमान करने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। आखिरकार, दोनों को पीछे हटना पड़ा और पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया। 🇮🇳 दशकों से गांधी परिवार और कांग्रेस की एक ऐसे भारत की अवधारणा के साथ असहजता दिखाई देती रही है, जो अपनी सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत मूल्यों में दृढ़ता से निहित हो। विडंबना देखिए कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही यह असहजता फिर उजागर हो गई। वंदे मातरम्। 🇮🇳

Amit Malviya

238,327 views • 1 month ago

मेगा हाईवे पर बिखरे मिले 15 से अधिक रीट अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र शेरगढ़ (जोधपुर)। शेरगढ़ उपखण्ड की सोइन्तरा ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित मेगा हाईवे पर अस्पताल और आशापुरा मंदिर के बीच उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे रीट भर्ती परीक्षा 2025 के करीब 15 प्रवेश पत्र बिखरे हुए मिले। मौके पर मिले प्रवेश पत्र बालोतरा, सिणधरी, जालोर और बाड़मेर जिलों के अभ्यर्थियों के बताए जा रहे हैं। ये सभी प्रवेश पत्र 17 से 19 जनवरी के बीच आयोजित रीट भर्ती परीक्षा से संबंधित हैं। क्षेत्रों के अभ्यर्थियों के नाम, फोटो और परीक्षा केंद्रों का विवरण दर्ज है। सभी प्रवेश पत्र एक ही स्थान पर पड़े मिले, जिससे मामला सामान्य नहीं लग रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि — इतने सारे प्रवेश पत्र एक साथ गिरना संयोग नहीं हो सकता आशंका है कि किसी एजेंट या दलाल द्वारा इस्तेमाल के बाद इन्हें फेंक दिया गया हो 🛑 जांच की मांग तेज स्थानीय लोगों व युवाओं ने मांग की है कि— पुलिस व प्रशासन मामले की गंभीर जांच करे यह पता लगाया जाए कि प्रवेश पत्र किसने और क्यों फेंके... More Than 15 REET Admit Cards Found Scattered on Mega Highway Shergarh (Jodhpur): Panic spread in the Soientra Gram Panchayat area of Shergarh subdivision when more than 15 admit cards of REET Recruitment Examination 2025 were found scattered along the roadside on the Mega Highway, between the local hospital and Ashapura Temple. The admit cards recovered from the spot reportedly belong to candidates from Balotra, Sindhari, Jalore and Barmer districts. All these admit cards are related to the REET recruitment examination conducted between January 17 and January 19. Each admit card contains the candidates’ names, photographs and details of their examination centres. The fact that all the admit cards were found lying at the same location has raised serious doubts, as the incident does not appear to be a mere coincidence. According to local residents: It is unlikely that so many admit cards could fall at one place by accident. There is a strong suspicion that these admit cards were used by some agent or middleman and later thrown away. 🛑 Demand for Thorough Investigation Local residents and youths have demanded that: The police and administration conduct a serious and thorough investigation into the matter. The identity of the person who dumped these admit cards and the purpose behind it should be ascertained.

Bhera ram

54,374 views • 8 months ago

एक पुरुष यह कैसे जान सकता है कि एक महिला पुरुष के प्रति सेक्सुअल आकर्षण महसूस कर रही है?.. यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य है। यह महिला की शारीरिक भाषा है। इसमें सभी महिलाएं शामिल होंगी, यह शरीर की भाषा के मनोवैज्ञानिक कहते हैं। पहले, एक पुरुष की तरह, एक महिला अपनी सेक्सुअल भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं करती, वह इन्हें अपनी गहरी मन में दबाकर रखती है।लेकिन, अगर वह महिला अपनी सेक्सुअल भावनाओं को छुपा भी ले, तो उसके शरीर के अंग उन्हें उजागर कर देंगे। जैसे, जब एक पुरुष सेक्सुअल उत्तेजना महसूस करता है या उत्तेजक दृश्य देखता है, तब उसके शारीरिक अंगों में बदलाव आते हैं, और वह खुद भी इसे रोक नहीं सकता। ठीक वैसे ही, जब एक महिला एक पुरुष के प्रति आकर्षित होती है, तो उसके शरीर में कुछ बदलाव होते हैं, लेकिन एक पुरुष को इसके कारणों की तलाश करने की जरूरत नहीं है, अगर वह महिला उसे सुंदर लगता है, तो यह काफी है। महिला का सेक्सुअल आकर्षण तुरंत नहीं होता, यह एक फूल की तरह है, जो धीरे-धीरे खिलता है। महिला का एक पुरुष के प्रति आकर्षण भी धीरे-धीरे होता है, यह प्रकृति का महिला का स्वभाव है, जिसे महिला खुद भी सोचकर बदल नहीं सकती। एक महिला को एक पुरुष के प्रति आकर्षित होने के लिए, उसके गहरे मन में उस पुरुष की जगह होनी चाहिए। जब एक महिला सेक्सुअल आकर्षण महसूस करती है, तो पहले उसकी होंठों में बदलाव आता है। जब एक महिला उस पुरुष को देखती है, जिसे वह आकर्षक पाती है, उसके मस्तिष्क में "लव हॉर्मोन" स्रावित होते हैं, और उसके होंठों में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। तब उसके होंठ सूजे हुए होते हैं, और वह अपने होंठों को दांतों से काट लेती है, या होंठों को एक साथ घुमाती है, या अपनी जीभ से होंठों को नम करती है। ये सारी चीजें वह बिना जाने करती है, लेकिन शारीरिक भाषा के मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह निश्चित रूप से होता है। वह अपने होंठों के माध्यम से ध्यान आकर्षित करती है, लेकिन यह सब सेक्सुअल आकर्षण का संकेत है। लेकिन वह खुद नहीं जानती कि यह सब अवचेतन स्तर पर हो रहा है। यह घटना महिला खुद रोक नहीं सकती, अगर वह इसे रोकने की कोशिश करती है, तो इसका मतलब है कि वह सेक्सुअल आकर्षण महसूस नहीं कर रही है। इसलिए, जब वह अपने प्रेमी से मिलने जाती है, तो वह पास में मौजूद बच्चों को चुम ले सकती है; ये उसके होंठों की आदतें हैं। दूसरी बात, शारीरिक भाषा विशेषज्ञ महिला की कमर की बात करते हैं, महिला की कमर हजारों वर्षों से कवियों द्वारा एक अविस्मरणीय प्रतीक के रूप में वर्णित की जाती रही है। महिला की कमर प्रजनन का एक प्रतीक मानी जाती है। जब महिला सेक्सुअल आकर्षण महसूस करती है, तो उसकी कमर स्वाभाविक रूप से झूलने लगती है, यह शारीरिक भाषा के विशेषज्ञ कहते हैं। महिला सामान्य रूप से चलती है और जब वह एक पुरुष के प्रति सेक्सुअल आकर्षण महसूस करती है, तो उसकी कमर एक नृत्य की तरह मोड़ खाती है, और इसे महिला के स्वभाव के रूप में माना जाता है। तीसरी बात, महिला की आंखें प्रेम और सेक्सुअल आकर्षण के मामले में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब महिला सेक्सुअल आकर्षण या प्रेम के विचारों में होती है, तो उसकी आंखें फैल जाती हैं और वह पुरुष को और भी अधिक आकर्षक तरीके से देखती है। इस पर भी महिला का कोई नियंत्रण नहीं होता। अगर आप अपनी प्रेमिका या पत्नी में ऐसे बदलावों को देखेंगे, तो इसका मतलब है कि आपको अगले रोमांस की दिशा में बढ़ना चाहिए।
0:44

Sensitive content

एक पुरुष यह कैसे जान सकता है कि एक महिला पुरुष के प्रति सेक्सुअल आकर्षण महसूस कर रही है?.. यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य है। यह महिला की शारीरिक भाषा है। इसमें सभी महिलाएं शामिल होंगी, यह शरीर की भाषा के मनोवैज्ञानिक कहते हैं। पहले, एक पुरुष की तरह, एक महिला अपनी सेक्सुअल भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं करती, वह इन्हें अपनी गहरी मन में दबाकर रखती है।लेकिन, अगर वह महिला अपनी सेक्सुअल भावनाओं को छुपा भी ले, तो उसके शरीर के अंग उन्हें उजागर कर देंगे। जैसे, जब एक पुरुष सेक्सुअल उत्तेजना महसूस करता है या उत्तेजक दृश्य देखता है, तब उसके शारीरिक अंगों में बदलाव आते हैं, और वह खुद भी इसे रोक नहीं सकता। ठीक वैसे ही, जब एक महिला एक पुरुष के प्रति आकर्षित होती है, तो उसके शरीर में कुछ बदलाव होते हैं, लेकिन एक पुरुष को इसके कारणों की तलाश करने की जरूरत नहीं है, अगर वह महिला उसे सुंदर लगता है, तो यह काफी है। महिला का सेक्सुअल आकर्षण तुरंत नहीं होता, यह एक फूल की तरह है, जो धीरे-धीरे खिलता है। महिला का एक पुरुष के प्रति आकर्षण भी धीरे-धीरे होता है, यह प्रकृति का महिला का स्वभाव है, जिसे महिला खुद भी सोचकर बदल नहीं सकती। एक महिला को एक पुरुष के प्रति आकर्षित होने के लिए, उसके गहरे मन में उस पुरुष की जगह होनी चाहिए। जब एक महिला सेक्सुअल आकर्षण महसूस करती है, तो पहले उसकी होंठों में बदलाव आता है। जब एक महिला उस पुरुष को देखती है, जिसे वह आकर्षक पाती है, उसके मस्तिष्क में "लव हॉर्मोन" स्रावित होते हैं, और उसके होंठों में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। तब उसके होंठ सूजे हुए होते हैं, और वह अपने होंठों को दांतों से काट लेती है, या होंठों को एक साथ घुमाती है, या अपनी जीभ से होंठों को नम करती है। ये सारी चीजें वह बिना जाने करती है, लेकिन शारीरिक भाषा के मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह निश्चित रूप से होता है। वह अपने होंठों के माध्यम से ध्यान आकर्षित करती है, लेकिन यह सब सेक्सुअल आकर्षण का संकेत है। लेकिन वह खुद नहीं जानती कि यह सब अवचेतन स्तर पर हो रहा है। यह घटना महिला खुद रोक नहीं सकती, अगर वह इसे रोकने की कोशिश करती है, तो इसका मतलब है कि वह सेक्सुअल आकर्षण महसूस नहीं कर रही है। इसलिए, जब वह अपने प्रेमी से मिलने जाती है, तो वह पास में मौजूद बच्चों को चुम ले सकती है; ये उसके होंठों की आदतें हैं। दूसरी बात, शारीरिक भाषा विशेषज्ञ महिला की कमर की बात करते हैं, महिला की कमर हजारों वर्षों से कवियों द्वारा एक अविस्मरणीय प्रतीक के रूप में वर्णित की जाती रही है। महिला की कमर प्रजनन का एक प्रतीक मानी जाती है। जब महिला सेक्सुअल आकर्षण महसूस करती है, तो उसकी कमर स्वाभाविक रूप से झूलने लगती है, यह शारीरिक भाषा के विशेषज्ञ कहते हैं। महिला सामान्य रूप से चलती है और जब वह एक पुरुष के प्रति सेक्सुअल आकर्षण महसूस करती है, तो उसकी कमर एक नृत्य की तरह मोड़ खाती है, और इसे महिला के स्वभाव के रूप में माना जाता है। तीसरी बात, महिला की आंखें प्रेम और सेक्सुअल आकर्षण के मामले में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब महिला सेक्सुअल आकर्षण या प्रेम के विचारों में होती है, तो उसकी आंखें फैल जाती हैं और वह पुरुष को और भी अधिक आकर्षक तरीके से देखती है। इस पर भी महिला का कोई नियंत्रण नहीं होता। अगर आप अपनी प्रेमिका या पत्नी में ऐसे बदलावों को देखेंगे, तो इसका मतलब है कि आपको अगले रोमांस की दिशा में बढ़ना चाहिए।

तृप्त ...🖤

450,219 views • 1 year ago

शरद जी होते तो आज वे और आदरणीया रेखा जी अपनी शादी की 37वीं सालगिरह मना रहे होते! 42 वर्ष की आयु में शरद जी ने विवाह किया. शरद जी ने यशस्विता भरे राजनैतिक जीवन के साथ-साथ सुंदर वैवाहिक जीवन जीवन जिया! आज शरद जी जहाँ भी होंगे, रेखा जी के लिए गुलाब लिए मुस्करा रहे होंगे! गुलाब उन्हें बेहद पसंद था! गेहूँ की लड़ाई लड़ते-लड़ते भी गुलाब की सुगन्ध वे बचा ले जाते थे! बहुत सुरभित व्यक्तित्व रहा उनका! वही महसूस कर सकता है, जिसको उनका सान्निध्य मिला! मैं उनसे अक्सर कहता कि देश और समाज से आपने न्यूनतम लिया और अधिकतम दिया. परिवार के अंदर जिस तरह की राजनैतिक-सामाजिक जागृति व सांस्कृतिक चेतना का स्वस्थ वातावरण आपने बनाया, वह नयी पीढ़ी की सुंदर और शालीन परवरिश से झलकता है। शरद जी सुन कर बस मुस्करा देते! प्रेमचंद कहते हैं, "विवाह का केवल और केवल यही उद्देश्य है कि जीवनसाथी एक-दूसरे की आत्मोन्नति में सहायक सिद्ध हों." आदरणीय शरद जी व रेखा जी का दाम्पत्य जीवन कुछ ऐसा ही रहा! दोनों एक-दूजे के सहगामी होकर निजी व सार्वजनिक जीवन को रौशन करते रहे! राजस्थान यूनिवर्सिटी से बॉटनी में पीएचडी रेखा जी जबलपुर यूनिवर्सिटी के गोल्ड मेडलिस्ट रहे शरद जी की राजनीति में बाधक नहीं, बल्कि ताक़त व सहयोगी बन कर उनकी दुश्वार राहें हमवार करती रहीं! शरद जी को मार्टिन लूथर बहुत पसंद थे. उनके विवाह की 37वीं वर्षगांठ पर मार्टिन लूथर के ही शब्दों में, “There is no more lovely, friendly, and charming relationship, communion or company than a good marriage.” जीवनसाथी में जिन्होंने सच्चा दोस्त ढूंढ लिया, उनसे बढ़कर ख़ुशक़िस्मत और कौन होगा! “Happy is the man who finds a true friend, and far happier is he who finds that true friend in his wife.” - Franz Schubert दोनों का सुंदर साहचर्य व मणिकांचन योग आख़िर तक बरक़रार रहा! आप दोनों को दिली मुबारकबाद! ❤ मुझ पर जब भी घर की ओर से शादी का दबाव आता, मैं शरद जी की मिसाल माँ और पिताजी के सामने रख देता! क्यों हड़बड़-हड़बड़ करके शादी करनी है! जब लगेगा कि हां, अब उस मन:स्थिति में हैं कि शरीक-ए-हयात के साथ जीने का पूरी तरह समय है मेरे पास, उनको वक़्त दे सकेंगे, तो फिर दाम्पत्य जीवन आरम्भ करने का वही उपयुक्त समय होगा!

Dr. Jayant Jigyasu

17,146 views • 7 months ago

Rahul Gandhi is at it again, recycling a Chinese narrative, dressing it up as breaking news, and then accusing the Indian government of hiding it. There is no “slow encroachment” by China in Arunachal Pradesh as he alleges. China has claimed Arunachal, calling it “South Tibet”, for decades. In the 1960 border talks, it sought around 69,000 sq km of Arunachal Pradesh. The Longju issue is not new either. In 1959, China attacked an Assam Rifles post there and captured the area. During the 1962 war, Chinese forces launched major operations across the Kameng, Subansiri, Siyom, Siang and Lohit valleys, before withdrawing north of the LAC after the ceasefire. India today is far better prepared. Improved infrastructure has strengthened patrolling and surveillance, while the Army and ITBP remain geared up to monitor and check Chinese activity. On an undemarcated border, patrol face-offs can occur. Established mechanisms and protocols exist to resolve them. And Rahul Gandhi is lying about Galwan too. He keeps weaponising the Prime Minister’s “not an inch” remark while conveniently ignoring that the then Army Chief, General M.M. Naravane, is on record saying that “not an inch” of territory was lost in the Galwan clash. Rahul Gandhi knows, or should know, all this. Instead, he takes an unsubstantiated claim, presents it as established fact, attacks India’s security establishment and accuses the government of suppressing the “news”. This is not national security scrutiny. It is furthering a Chinese narrative for domestic political propaganda. And he is doing it again. —— /// —— राहुल गांधी एक बार फिर चीन के प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। अरुणाचल प्रदेश में चीन के किसी “धीरे-धीरे कब्ज़ा करने” की बात कहना तथ्यहीन है। चीन दशकों से अरुणाचल प्रदेश को “South Tibet” बताकर उस पर दावा करता आया है। 1960 की सीमा वार्ताओं में भी उसने लगभग 69,000 वर्ग किमी क्षेत्र पर दावा किया था। लॉन्गजू का मामला भी नया नहीं है। 1959 में चीन ने वहां असम राइफल्स की चौकी पर हमला कर उसे कब्जे में लिया था। 1962 के युद्ध में कामेंग, सुबनसिरी, सियांग और लोहित घाटियों में चीनी सेना ने बड़े सैन्य अभियान चलाए, लेकिन युद्धविराम के बाद PLA LAC के उत्तर में लौट गई। आज भारत की स्थिति अलग है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर ने सीमा पर पेट्रोलिंग और निगरानी क्षमता को मजबूत किया है। भारतीय सेना और ITBP चीनी गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। सीमा का पूरी तरह सीमांकन न होने के कारण कभी-कभी पेट्रोलिंग के दौरान आमना-सामना हो सकता है। ऐसे मामलों के समाधान के लिए स्थापित प्रोटोकॉल और तंत्र मौजूद हैं। और गलवान पर भी राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं। वे बार-बार प्रधानमंत्री के “एक इंच जमीन नहीं गई” वाले बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं, लेकिन यह बताना भूल जाते हैं कि तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे भी रिकॉर्ड पर कह चुके हैं कि गलवान में एक इंच जमीन नहीं खोई गई। राहुल गांधी को यह सब पता है, या पता होना चाहिए। फिर भी वे बिना किसी ठोस विवरण के एक दावा उठाते हैं, उसे तथ्य की तरह पेश करते हैं, देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं और सरकार पर “खबर दबाने” का आरोप लगाते हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाना नहीं है। यह घरेलू राजनीति के लिए चीन के नैरेटिव को आगे बढ़ाना है। और राहुल गांधी यह काम बार-बार कर रहे हैं।

Amit Malviya

19,989 views • 1 month ago

“ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान जब ब्रह्मोस मिसाइल की गगनभेदी गर्जना आकाश में गूंजी, तो वह प्रतिध्वनि बनी हल्दीघाटी के रण से उठी उस अमर हुंकार की, जहाँ चेतक पर सवार महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान, साहस और स्वतंत्रता की अखंड ज्योति प्रज्वलित की थी। प्रातः स्मरणीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप — एक युगद्रष्टा, एक राष्ट्रनायक, जिनकी अटूट प्रतिज्ञा, अदम्य वीरता और राष्ट्रभक्ति आज भी हर भारतीय की आत्मा में एक अमिट ज्योति के रूप में आलोकित है। चार शताब्दियों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी, उनका तेज, बलिदान और संकल्प आज भी उतना ही प्रासंगिक है क्योंकि वे केवल इतिहास के पृष्ठों में नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता की शाश्वत धड़कन में जीवंत हैं। आज उनकी जयंती के पावन अवसर पर, आइए हम श्रद्धा, गर्व और कृतज्ञता के साथ उस अमर योद्धा को नमन करें। जिनकी गौरवगाथा भारत माता के मस्तक का अटल मुकुट है। जय महाराणा प्रताप! जय हिन्द! When the BrahMos missile thundered through the skies during Operation Sindoor, its fierce cry was likened to the legendary charge of Chetak during the Battle of Haldighati — unstoppable, fearless, and resolute. Such is the enduring spirit of Veer Shiromani Maharana Pratap — a symbol of unyielding courage whose legacy echoes through every act of valour, even centuries later. For over 400 years, his bravery has stirred the soul of our nation, reminding us that true strength lies in honour and unwavering resolve. Today, we bow our heads in respect and pride to celebrate the birth of our warrior who will forever be our inspiration. Jai Maharana Pratap! Jai Hind! #महाराणाप्रताप #जयंती #MaharanaPratapJayanti #MaharanaPratap #Chetak #Haldighati #Legacy #Valour #OperationSindoor #BrahMos #Freedom #Sacrifice #Warrior #Courage #Inspiration #Nation #Honour #Glory #Soul #Mewar #LRSM #Udaipur #SaveWater

LakshyarajSinghMewar

41,389 views • 1 year ago

"The time has come for BJP vs All & Narendra Modi vs Rahul Gandhi Recently, when the INDIA Alliance meeting was held, Rahul Gandhi ji presented his views with complete clarity. You must have also seen the podcast that he recently gave to the media. Do watch and listen to it; he has spoken very openly and candidly. It is my clear belief that today the INDIA alliance needs to be strengthened further, and the biggest responsibility for strengthening it lies with the Congress, because Congress is the largest national party in this alliance. Recently, Shiv Sena (UBT)'s Sanjay Raut ji also said that all those parties which had separated from the Congress in the past should return to the Congress. I have strongly supported his statement as well. Along with this, I also believe that the INDIA alliance should now openly hand over its leadership to Rahul Gandhi ji, so that the picture before the public remains absolutely clear ,the contest should be directly between 'Modi versus Rahul Gandhi'. The public always wants to know who the face before them is as an alternative, a face that is accepted by everyone. We must not forget history. The same thing happened during Indira Gandhi ji's time. In that period too, opposition forces created an atmosphere of 'Congress versus All'. A similar situation was created during Rajiv Gandhi ji's time as well, when false allegations were levelled against him in the Bofors case and, because of the misinformation campaign, we lost the election. As a result, V. P. Singh ji became Prime Minister for barely one year. Whereas the reality was that there was no substance in the Bofors allegations. When the Kargil War took place and those very Bofors guns came to the country's aid, our brave soldiers, while operating the Bofors guns, raised the slogan 'Rajiv Gandhi Amar Rahe'. But unfortunately, it was in the name of this false Bofors issue that our government lost power at that time. In exactly the same way, the government of respected Manmohan Singh ji was removed on the basis of fabricated allegations relating to the 2G spectrum and Coalgate. Today I want to ask: where has that Lokpal disappeared? The RSS and BJP together put forward a Gandhian face like Anna Hazare ji, made him the face before the country, and after damaging the political atmosphere of the nation, removed Manmohan Singh ji's government from power. These people have always done the same thing, whether it was the era of Indira ji or Rajiv ji. They created the Chakravyuh of 'Congress versus All'. And I say this with great regret: during that period, even progressive parties like the CPI, CPM and the Socialists came onto the same platform as the BJP and started raising slogans of 'Remove Congress, Save the Country'. But the people of this country are wise; within just two and a half years, such a storm in favour of Indira Gandhi swept the country that Congress returned to power with a thumping majority, and the people once again made Indira ji Prime Minister with great respect. History bears witness to how they defamed Rajiv Gandhi ji over the Bofors case involving sixty crore rupees. But today, when we make a direct allegation of corruption worth twelve thousand crore rupees in the Rafale deal, the media does not even make it an issue! You can yourself think about what the condition of the country has become. Now the time has come when the contest should be 'BJP versus All' only then will their eyes open. For this, Congress will have to take the initiative and make efforts, and Congress will make those efforts. As soon as the people of the country understand that the real truth and welfare of the nation lie with the Congress, the parties that are part of the NDA today and are standing with Modi ji and the BJP , will leave the BJP. When the people in the regions represented by those regional parties themselves turn against the BJP, those parties will be compelled to leave the NDA and will try to join the INDIA Alliance. On that day, the BJP will finally understand its real standing on the ground. "अब भाजपा वर्सेज ऑल एवं मोदी बनाम राहुल गांधी का वक्त आ गया है" अभी हाल ही में जब इंडिया गठबंधन की बैठक हुई थी, तब राहुल गांधी जी ने पूरी स्पष्टता के साथ अपनी बातें रखी थीं। आपने उनका वह पॉडकास्ट भी देखा होगा जो उन्होंने हाल ही में मीडिया को दिया है। आप उसे जरूर देखिएगा और सुनिएगा, उन्होंने बहुत खुलकर और साफगोई से बातचीत की है। मेरा स्पष्ट मानना है कि आज इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है, और इसे मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी कांग्रेस की है; क्योंकि कांग्रेस इस गठबंधन की सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है। अभी हाल ही में शिवसेना (UBT) के संजय राउत जी ने भी कहा था कि जो पार्टियाँ अतीत में कांग्रेस से अलग होकर गई हैं, उन सभी को वापस कांग्रेस में लौट आना चाहिए। मैंने भी उनके इस बयान का पुरजोर समर्थन किया है। इसके साथ ही मेरा यह भी मानना है कि इंडिया गठबंधन को अब खुलकर राहुल गांधी जी को अपना नेतृत्व सौंप देना चाहिए, ताकि जनता के सामने तस्वीर बिल्कुल साफ रहे, मुकाबला सीधा 'मोदी बनाम राहुल गांधी' का हो। जनता हमेशा यह जानना चाहती है कि विकल्प के रूप में उनके सामने कौन सा ऐसा चेहरा है, जिसे सब स्वीकार करते हैं। हमें इतिहास को नहीं भूलना चाहिए, इंदिरा गांधी जी के समय में भी यही हुआ था। उस दौर में भी विपक्षी ताकतों ने 'कांग्रेस बनाम अन्य सभी दल' (Congress vs All) का माहौल बना दिया था। यही स्थिति राजीव गांधी जी के वक्त भी पैदा की गई, जब उन पर बोफोर्स का झूठा आरोप लगाया गया और दुष्प्रचार के कारण हम चुनाव हार गए। परिणाम यह हुआ कि वी.पी. सिंह जी महज एक साल के लिए प्रधानमंत्री बन गए। जबकि हकीकत यह थी कि बोफोर्स के आरोपों में कोई दम ही नहीं था। जब कारगिल युद्ध हुआ और यही बोफोर्स तोपें देश के काम आईं, तब हमारे जांबाज सैनिकों ने बोफोर्स चलाते हुए 'राजीव गांधी अमर रहे' के नारे लगाए थे। लेकिन अफसोस, इसी झूठे बोफोर्स के नाम पर तब हमारी सरकार चली गई थी। ठीक इसी तरह, 2G स्पेक्ट्रम और कोलगेट (कोयला घोटाला) के मनगढ़ंत आरोपों के दम पर आदरणीय मनमोहन सिंह जी की सरकार को हटा दिया गया। आज मैं पूछना चाहता हूँ कि वो लोकपाल कहाँ गायब हो गए? आरएसएस और बीजेपी ने मिलकर अन्ना हजारे जी जैसे गांधीवादी चेहरे को आगे बैठा दिया, देश के सामने उन्हें मोहरा बनाया और देश का राजनीतिक माहौल बर्बाद करके मनमोहन सिंह जी की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। ये लोग हमेशा से ऐसा ही करते आए हैं, चाहे इंदिरा जी का दौर हो या राजीव जी का। इन्होंने 'कांग्रेस बनाम अन्य सभी' का चक्रव्यूह रचा। और मुझे यह कहते हुए बेहद अफसोस होता है कि उस दौर में सीपीआई, सीपीएम और सोशलिस्ट जैसी प्रगतिशील पार्टियाँ भी बीजेपी के साथ एक मंच पर आ गईं और 'कांग्रेस हटाओ, देश बचाओ' के नारे लगाने लगीं। लेकिन देश की जनता समझदार है; महज ढाई साल के भीतर ही देश में इंदिरा गांधी की ऐसी आंधी चली कि कांग्रेस भारी बहुमत (Thumping Majority) के साथ वापस सत्ता में लौटी और जनता ने बड़े मान के साथ इंदिरा जी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाया। इतिहास इस बात का गवाह है कि साठ करोड़ रुपये के बोफोर्स मामले को लेकर इन्होंने राजीव गांधी जी को किस तरह बदनाम किया था। लेकिन आज जब हम राफेल सौदे में बारह हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाते हैं, तो मीडिया इसे मुद्दा ही नहीं बनाता! आप खुद सोच सकते हैं कि देश की स्थिति क्या हो चुकी है। अब वह समय आ गया है जब मुकाबला 'बीजेपी बनाम अन्य सभी दल' (BJP vs All) होना चाहिए, तभी जाकर इनकी आँखें खुलेंगी। इसके लिए कांग्रेस को आगे बढ़कर प्रयास करने होंगे और कांग्रेस यह प्रयास करेगी। जैसे ही देश की जनता को यह समझ आएगा कि देश की असली सच्चाई और भलाई कांग्रेस के साथ है, वैसे ही एनडीए (NDA) में शामिल दल, जो आज मोदी जी और बीजेपी के साथ खड़े हैं, बीजेपी का साथ छोड़ देंगे। जब उन क्षेत्रीय दलों के इलाकों की जनता ही बीजेपी के खिलाफ हो जाएगी, तब वे मजबूर होकर एनडीए छोड़ेंगे और इंडिया गठबंधन में शामिल होने का प्रयास करेंगे। उसी दिन जाकर बीजेपी को अपनी असली जमीन समझ में आएगी।

Ashok Gehlot

10,071 views • 3 months ago