
abhishek upadhyay
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Running most happening news network @TOPSecret24x7 Link given below. A Reporter in war! Russia-Ukrain-Armenia-Israel to Syria, everywhere!
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Big- ये यूपी की सबसे बड़ी ख़बर है। योगी आदित्यनाथ अगले चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होंगे। अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो मुख्यमंत्री का चयन चुनाव के बाद सबसे सलाह मशवरा करके तय किया जाएगा। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने आज डंके की चोट पर ऐलान कर दिया है। सोचिए, 'आज तक' के पास इतनी बड़ी ख़बर है और फिर भी वो खेल नहीं पा रहा है? आखिर क्यों? इस यक्ष प्रश्न का जवाब सिर्फ इतना है, कि आजतक की इस 'पंचायत' की स्पॉन्सरशिप में सरकार का हिस्सा कितना है?
abhishek upadhyay623,148 görüntüleme • 7 gün önce

बड़ी खबर (Exclusive)- चंपत राय पर राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह का बहुत बड़ा खुलासा। “चंपत राय को 5 जून की शाम को ही चढ़ावा चोरी का पता लग गया था। रकम भी उसी दिन बरामद हो गई थी। मैं खुद 5 जून की शाम उनसे कारसेवक पुरम में मिला था। फिर भी उन्होंने सच छुपाया और यहां तक कि 8 जून को झूठा बयान दिया॥” राम मंदिर के स्टार विटनेस महिपाल सिंह एक बार फिर से टॉप सीक्रेट के कैमरे पर।
abhishek upadhyay63,319 görüntüleme • 2 gün önce

Super Exclusive- संसद सत्र के पहले दिन बड़ा ख़ुलासा। “राम मंदिर का सच खोला तो RSS ने निकाल दिया! SIT को फोन किए, मेल किए, उसने पूछा तक नहीं!!” राम मंदिर चढ़ावा चोरी के 'स्टार विटनेस' महिपाल सिंह एक बार फिर से कैमरे पर। राम मंदिर SIT से लेकर RSS तक सारा सच बेपर्दा कर दिया। महिपाल सिंह ने टॉप सीक्रेट से कहा- “इंटरव्यू में सच बोला तो RSS ने निकाल दिया! मैने SIT को मेल किए, SIT चीफ को कई फोन किए पर SIT ने पूछा तक नहीं! SIT तो 5 जून 2026 के बाद की जांच कर रही है। मगर जो चोरी 2021 से शुरू हुई, उसका क्या? मंदिर के लिए बस 800 करोड़ चाहिए थे, मगर 3300 करोड़ से ज्यादा पहुंचा। मैं चंपत राय से 5 जून की शाम मिला था। उन्हें उसी शाम चढ़ावा चोरी का पता चल चुका था। रुपए भी बरामद हो गए थे। फिर भी चंपत राय ने सच छिपाया। L&T से बहुत ज्यादा कीमत पर काम कराया।” और भी बहुत कुछ….. जो हैरान करने वाला है। राम के भक्तों को परेशान करने वाला है।
abhishek upadhyay33,678 görüntüleme • 2 gün önce

योगी आदित्यनाथ ने 'भाषण मत दो' क्यों कहा? वो भी उस मां को, जो उनके ही महकमे की भीषण आपराधिक हरकत के चलते लखनऊ के अग्निकांड में अपना लाल खो चुकी थी। ये समझने के लिए आपको योगी आदित्यनाथ को समझना होगा। दरअसल यही 'असली' योगी आदित्यनाथ हैं। ये कोई पहली बार नहीं हुआ है और न ही आखिरी बार। उनकी अविस्मरणीय और अकल्पनीय संवेदनहीनता का एक और उदाहरण देखिए- ये घटना अप्रैल 2018 की है। कुशीनगर में स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी। ये एक मानव रहित क्रासिंग थी। लोग भड़के हुए थे। प्रशासन के खिलाफ आक्रोश ज़ाहिर कर रहे थे। योगी आदित्यनाथ बतौर सीएम वहां पहुंचे और उन 13 बच्चों की दर्दनाक मौत के विरोध में उमड़े इस आक्रोश पर त्योरियां चढ़ाते हुए इन शब्दों का प्रयोग किया- "ये नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।" आप अगर योगी आदित्यनाथ को जानते हैं तो जितना मैं लिख रहा हूं, उससे भी बहुत ज्यादा जानते होंगे!!
abhishek upadhyay419,888 görüntüleme • 28 gün önce

Super Exclusive- राम मंदिर SIT के चीफ पर खुद '420' की एफआईआर! जांच कैसे निष्पक्ष होगी सरकार? राम मंदिर SIT के चीफ और लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत पर खुद दर्ज है चीटिंग और फोर्जरी की एफआईआर! मेरठ CJM कोर्ट ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर CO स्तर के अधिकारी को उनकी जांच के लिए कहा है। जांच मेरठ क्राइम ब्रांच के CO के पास। फ्रॉड, फोर्जरी, कमीशन खोरी और फ्लूड लगाकर सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ के गंभीर आरोप। जो खुद फ्रॉड और फोर्जरी की जांच के दायरे में, वो कर रहा है राम मंदिर में हुए गबन, फ्रॉड और फोर्जरी की जांच!!! फिर राम मंदिर की जांच निष्पक्ष कैसे होगी? जैसा सरकार कहेगी, एकदम वैसे होगी। पूरी ख़बर TOP SECRET
abhishek upadhyay125,361 görüntüleme • 14 gün önce

आ ही गई उस माँ की गवाही!! लखनऊ के भीषण अग्निकांड में झुलसकर मरे आदित्य श्रीवास्तव की माँ की गवाही। ये कहा था, योगी आदित्यनाथ ने- “जो पूछ रहे हैं, वो बताओ, भाषण मत दो। हम भाषण सुनने नहीं आए हैं!” यही वो हिस्सा था जिसके बीच PTI ने audio mute कर दिया था। ABP News के सीतापुर संवाददाता पंकज सिंह गौर ने इसे सामने लाकर पत्रकारिता का धर्म निभा दिया। आप एक पल के लिए सब माफ कर दीजिए। हिंदू-मुस्लिम के पर्दे के पीछे जारी प्रचंड भ्रष्टाचार को माफ कर दीजिए! सत्ता की रगों का ग्लूकोज़ बन चुके उन्मुक्त जातिवाद को माफ़ कर दीजिए! बुलडोज़र के कहीं पाशविक आक्रमण तो कहीं भीगी बिल्ली से समर्पण को माफ़ कर दीजिए! कानून की टाँग और सीने में धँसे संदेहास्पद एनकाउंटरों को माफ़ कर दीजिए! पर क्या आप कभी भ्रष्टाचार की आग में अपना बेटा खोकर ज़ार-ज़ार बिलखती इस माँ के साथ की गई, सत्ता के अहंकार की ऐसी बदसलूकी को माफ़ कर सकेंगे? सोचिएगा!! PMO India Narendra Modi RSS
abhishek upadhyay224,741 görüntüleme • 28 gün önce

Super Exclusive- "चंपत राय करते थे होटल-जमीन की डील, मैं जितनी बार मिलने गया, मैने अपनी आंख से देखा है।" अब तक की सबसे विस्फोटक गवाही। राम मंदिर का ध्वज डिजाइन करने वाले इंडोलॉजिस्ट ललित मिश्रा का चंपत राय पर सबसे सनसनीख़ेज़ खुलासा। चंपत राय की 'अपने लोगों' के साथ की गई होटल और ज़मीनों की डील की आंखों देखी गवाही। ललित मिश्रा के डिजाइन किए गए ध्वज का ही प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल नवंबर में किया था राम मंदिर पर ध्वजारोहण। SIT की जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण ख़बर।
abhishek upadhyay103,480 görüntüleme • 18 gün önce

बड़ी खबर- राम मंदिर एफआईआर पर सबसे विस्फोटक इंटरव्यू। राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज पर करपात्री महाराज का विस्फोटक वार। “चंपत राय तो कौव्वा चोर। मगर ज़िम्मेदारी केवल चंपत राय की नहीं। असली ज़िम्मेदार तो गोविंद देव गिरी। गोविंद देव गिरी की जांच हो। इन्होंने बस एक काम किया है। प्रधानमंत्री को चाँदी के चम्मच से चरणामृत पिलाया है॥”
abhishek upadhyay117,762 görüntüleme • 24 gün önce

बड़ी ख़बर- राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर फट पड़े कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर। कहा- "मंदिर के धन को खाने वाला 60 हजार साल तक मल का कीड़ा बनेगा। अधिकारियों को मंदिर से बाहर करो। योगी से कहूंगा कि वे चार शंकराचार्य में से किसी एक को, जो उन्हें सबसे अधिक प्रिय हो, उसी को अध्यक्ष बनाकर सनातन कोड बनाया जाए और धर्मज्ञों के हाथ में जिम्मेदारी दी जाए।" राम के नाम पर मची लूट और उस महापाप को दबाने की 'ईश्वरीय' छूट, पर सनातन आक्रोश का ज्वार फूट रहा है। ऐसा लग रहा है मानो मर्यादा पुरूषोत्तम राम ने स्वयं अपने पापियों के संहार का बीड़ा उठा लिया है!!
abhishek upadhyay171,454 görüntüleme • 1 ay önce

Super Exclusive- “मिश्रा जी 40 परसेंट लेते थे, मेरे पास रिकॉर्डिंग...!!” राम मंदिर इंजीनियर का महाविस्फोटक खुलासा। “चंपत राय को बताया तो मुझको हटाया” ‘टॉप सीक्रेट’ पर राम मंदिर प्रोजेक्ट निर्माण के इंजीनियर दीनानाथ वर्मा Super Exclusive मंदिर निर्माण से लेकर मंदिर की मिट्टी और चढ़ावे तक एक ‘भयावह महापाप’ की आँखो-देखी गवाही!! पहली बार!!!
abhishek upadhyay151,671 görüntüleme • 1 ay önce

हे अफसरों! जिस बुलेट ट्रेन की रफ़्तार से मुख्यमंत्री के आगे पीछे टहल-दौड़ रहे हो, उसके 10 फ़ीसदी रफ़्तार से भी अगर आग बुझवाने, फायर सेफ्टी ऑडिट कराने, या फिर नक़्शे के ख़िलाफ़ बनी इमारतों पर बुलडोजर चलवाने के लिए टहले-दौड़े होते, तो आज लखनऊ में यह भयावह दुर्घटना न होती!! ईश्वर तुम्हें घर पहुँच कर AC डाइनिंग टेबल पर निवाला तोड़ते समय, एक-एक कौर में इन जलकर मरे बच्चों का चेहरा अवश्य दिखाए!!
abhishek upadhyay121,505 görüntüleme • 1 ay önce

Super Exclusive- राम मंदिर में चोरी को Facilitate किया गया? यूपी के गृह विभाग की फाइलों में पहले 4 सालों से लटका हुआ है राम मंदिर के गेट नंबर 3 पर Vehicle scanner लगाने का प्रपोज़ल। वाहनों में भरकर ले जाई जा रही क़ीमती धातु से लेकर विस्फोटक तक को पकड़ने के लिए प्रस्तावित था। खुद यूपी के मुख्य सचिव ने साल 2020 में प्रस्ताव दिया। साल 2021 में करीब 60 करोड़ की लागत से भारत सरकार की कंपनी सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से ख़रीद का फ़ैसला हुआ। साल 2022 में केंद्रीय गृह सचिव ने अनुमोदन दिया। तब से लगातार सरकारी फाइलों से झूल रहा है ये राम मंदिर की सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद सेंसिटिव प्रस्ताव। मई 2026 में एक बार फिर अयोध्या के SSP ने भेजी आख्या। पर सरकार ने अब तक वित्तीय मंज़ूरी नहीं दी। इसी साल अप्रैल में संजय प्रसाद को पुलिस हेडक्वार्टर की ओर से चिट्ठी लिखी गई, और इतने महत्वपूर्ण प्रस्ताव के लिए बजट ही सैंक्शन न करने का जिक्र किया गया। ये है राम मंदिर पर सरकार का रोल। क्या SIT इस रोल की भी जांच करेगी? (पूरी खबर टॉप सीक्रेट के YouTube चैनल पर)
abhishek upadhyay36,459 görüntüleme • 9 gün önce

Super Exclusive- “राम मंदिर निर्माण समिति से मेरे पास email आई थी।” राजस्थान की बंसी पहाड़पुर पत्थर खदान के मालिक दिलीप सिंह राठौड़ का बड़ा खुलासा। “मैं मंदिर के लिए बिना पैसे पत्थर देने को तैयार था। उन्होंने 5 गुना अधिक में दूसरी खदान से ख़रीदा पत्थर। चढ़ावा चोरी तो आज सामने आया है। ये सब बहुत पहले से चल रहा है।” (पूरा इंटरव्यू टॉप सीक्रेट के YouTube channel पर)
abhishek upadhyay62,681 görüntüleme • 17 gün önce

Super Exclusive- ‘मंदिर का गर्भगृह बहुकोण बनाया! ये तो मंदिर ‘राक्षस कोण’ बनाया!’ राम मंदिर बनाने वाली कंपनी को नहीं था, मंदिर बनाने का कोई अनुभव। राजस्थान के बंसी पहाड़पुर में पत्थर खदान मालिक दिलीप सिंह राठौड़ ‘टॉप सीक्रेट’ पर। दिलीप सिंह राठौड़ के मुताबिक उन्होंने सबसे पहले राम मंदिर के लिए बिना मूल्य लिए पत्थर देने की बात की थी, मगर उनका आरोप है कि उन्हें खारिज कर 5 गुना क़ीमत पर मंदिर के लिए पत्थर ख़रीदे गए। (पूरा इंटरव्यू टॉप सीक्रेट के YouTube channel पर)
abhishek upadhyay47,498 görüntüleme • 17 gün önce

Super Exclusive- “मंदिर का डिज़ाइन ही गलत है। मंदिर का शिखर ऐसा बनाया जाता है ताकि भगवान की मूर्ति के सिर के ऊपर कोई परिक्रमा न कर सके। यहां तो 3 मंज़िल खड़ी कर दी है। ये राक्षस गुण का मंदिर है।” राजस्थान की बंसी पहाड़पुर पत्थर खदान के मालिक दिलीप सिंह राठौड़ का बड़ा खुलासा। दिलीप राठौड़ का कहना है कि उन्होंने मंदिर के लिए निःशुल्क पत्थर देने की बात कही थी। उनके पास Construction committee से ई-मेल आई थी। मगर वही पत्थर 5 गुने अधिक में अन्यत्र से ख़रीदा गया। (पूरा इंटरव्यू टॉप सीक्रेट के YouTube channel पर)
abhishek upadhyay44,808 görüntüleme • 16 gün önce

Super Exclusive- जिसे ढूंढ रही है दुनिया, वो 'टॉप सीक्रेट' पर। "मैं राम मंदिर में ही हूं....।" राम मंदिर का सबसे रहस्यमय किरदार, इंटरव्यू में पहली बार। गोपाल राव के बेहद करीबी और अयोध्या से बोरे भर भरकर कर्नाटक ले जाने के आरोपी सोमेश 'आनंद' का पहला इंटरव्यू। "मैं कहीं नहीं भागा हूं। मैं राम मंदिर में ही हूं।" "मुझसे आज तक SIT ने पूछताछ नहीं की। मैं लगातार राम मंदिर में।" "मेरा असली नाम सोम शंकर अलंद। मैं कर्नाटक के कलबुर्गी से।" "मैं कर्नाटक में विश्व हिंदू परिषद का जिला संगठन मंत्री था। गोपाल राव जी क्षेत्र संगठन मंत्री थे। "राम मंदिर ट्रस्ट से मुझे 21 हज़ार रुपए की तनख्वाह मिल रही है।" "ये लोग गोपाल जी का नाम खराब करने के लिए मेरा नाम इस्तेमाल कर रहे हैं।" और इसके बाद पचासों ट्रेन यात्राएं और बोरे में भर भरकर ट्रेन से ले जाने पर सोमेश आनंद ने जो बताया वो तो...........!!!! ये रहा पूरा इंटरव्यू।
abhishek upadhyay82,644 görüntüleme • 1 ay önce

ये तस्वीरें शर्मनाक हैं। बीजेपी यूपी के प्रदेश अध्यक्ष कतार में 17 वें नंबर पर। एयरपोर्ट पर गृह मंत्री अमित शाह के स्वागत में कुल 20 लोग थे। इसमें यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष 17वें नंबर पर खड़े थे। यहां तक कि चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी उनसे पहले थे। योगी आदित्यनाथ को ये सोचना था कि ये अनर्थ नहीं होने देना था। एक तो उन्हें एयरपोर्ट से हटाकर प्रेरणा स्थल पर रहने को कहा गया। फिर जब 'ऊपर' से आए फोन के बाद पंकज चौधरी आनन-फानन में एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें आगे नहीं आने दिया गया। ऐसी लड़ाई तो खानवा, प्लासी और पानीपत के मैदान में भी नहीं हुई होगी, जो यूपी की ज़मीन पर योगी आदित्यनाथ की छाया में चल रही है। योगी आदित्यनाथ का अपनों से ही 'सिविल वार' पिछले 8.5 सालों से लगातार जारी है। इतना जबरदस्त सिविल वार इससे पहले शायद अमेरिेका में अब्राहम लिंकन के राष्ट्रपति बनने से पहले ही चला होगा!! यूपी में बीजेपी के भीतर अद्भुत इतिहास बन रहा है!! न भूतो! न भविष्यत्!!
abhishek upadhyay434,441 görüntüleme • 5 ay önce