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बड़ी ख़बर- पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के खिलाफ आंदोलन उत्तर प्रदेश में भी शुरू हुआ। प्रयागराज में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र एकजुट हुए। जमकर धरना प्रदर्शन शुरू। प्रयागराज के प्रतियोगी छात्र इससे पहले यूपी पीसीएस परीक्षा में Normalaization और अलग अलग दिन परीक्षा के मुद्दे पर...

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वर्षों के इंतज़ार के बाद यूपी में एक अदद भर्ती निकली और उस परीक्षा का पेपर भी लीक होने की खबर आ रही है! इस परीक्षा के लिए 60 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन दिया था। अकेले यूपी में एक दर्जन से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके है, जिससे करोड़ों की संख्या में युवाओं का सपना टूटा है। जो मां-बाप पेट काटकर अपने बच्चों को प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भेजते हैं, ऐसी घटनाएं उन्हें भी तोड़ देती हैं। सरकार की इस आपराधिक लापरवाही की कीमत लाखों छात्र अपना करियर तबाह कर चुका रहे हैं। डबल इंजन सरकार युवाओं के सपनों पर डबल मार है। #UPP_Paper_Leak

Rahul Gandhi

1,066,213 Aufrufe • vor 2 Jahren

मोदी सरकार - पेपर लीक सरकार पिछली बार की तरह इस बार भी NEET का पेपर लीक हो गया। खबरों के मुताबिक👇 ⦁ पेपर लीक एक गेस पेपर के जरिए किया गया ⦁ परीक्षा के 180 सवालों में 150 सीधे गेस पेपर से आ गए ⦁ परीक्षा के सवालों में दिए ऑप्शन भी गेस पेपर जैसे क्रम में थे इतना ही नहीं- गेस पेपर में बायोलॉजी और केमिस्ट्री के जितने सवाल शामिल थे, वो सब मुख्य परीक्षा में आए थे। देश में लगभग हर परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है। बीते 7 साल में करीब 65 परीक्षाओं का पेपर लीक हो चुका है, जिसका सीधा असर करीब 2 करोड़ अभ्यर्थियों पर पड़ा है। पेपर लीक माफियाओं के तार अक्सर BJP के बड़े नेताओं से जुड़े होते हैं, जिनके संरक्षण में परीक्षा में धांधली का खेल रचा जाता है, करोड़ों रुपए की बंदरबांट होती है और छात्रों का भविष्य तबाह कर दिया जाता है। ऐसे में सवाल हैं: • मोदी सरकार पेपर लीक कब रोक पाएगी? • देश के लाखों छात्रों के साथ न्याय कब होगा? • NTA और शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी कब तय होगी?

Congress

44,284 Aufrufe • vor 3 Monaten

जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की, सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी पीओसी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक क्यों है? - मंत्री Jagat Prakash Nadda जी

Piyush Goyal

404,057 Aufrufe • vor 1 Monat

आज बिहार में NEET के पेपर लीक होने की ख़बरें सामने आई हैं। इसके अलावे राजस्थान से परीक्षा केंद्रों पर NEET परीक्षा के प्रश्नपत्रों के गलत सेट बांटे जाने की भी शिकायतें आई हैं। पिछले 7 वर्षों में, 70 से अधिक पेपर लीक हुए हैं। ऐसा होने से 2 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों का भविष्य बर्बाद हुआ है। कई राज्यों में पेपर लीक को लेकर कानून होने के बावजूद पेपर लीक हो रहे हैं। ये हाल के कुछ उदाहरण हैं: • बिहार में 15 मार्च को शिक्षक भर्ती परीक्षा में 3.75 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। कुछ ही दिनों में पेपर लीक की वजह से परीक्षा रद्द करनी पड़ी। • 17 और 18 फरवरी को यूपी पुलिस परीक्षा में 60 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। 24 फरवरी को पेपर लीक के चलते योगी सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। Congress की 5 युवा न्याय गारंटियों में से एक #PaperLeakSeMukti है। पेपर लीक में शामिल अपराधियों को सिर्फ़ सज़ा देना पर्याप्त नहीं है। हमारा लक्ष्य किसी भी पेपर को लीक होने से रोकना है। हमारे कानून पेपर-आधारित और कंप्यूटर-आधारित परीक्षाओं के लिए - पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, परिवहन, प्रशासन और निरीक्षण से लेकर परीक्षा की प्रक्रिया के हर चरण में ईमानदारी और निष्पक्षता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करेंगे। वे युवा जो इन परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों बिताते हैं, और बेहतर भविष्य की आशा के लिए समय और पैसा ख़र्च करते हैं, उनके लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि पेपर लीक न हों। पेपर लीक से मुक्ति कड़ी मेहनत करने वाले हर उम्मीदवार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। #HaathBadlegaHalaat

Jairam Ramesh

27,368 Aufrufe • vor 2 Jahren

विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने संसद में एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के बारे में उल्लेख किया। यह जांच का विषय है और हमारी सरकार इस मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू पर जनता के समक्ष अपना पक्ष और तथ्य प्रस्तुत करेगी। जांच के आधार पर सत्य सामने लाया जाएगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। लेकिन आज मैं कुछ पेपर लीक की घटनाओं की चर्चा करना चाहता हूं। जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार यहां एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताएं हुईं। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी PUC परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक (सेलेक्टिव) क्यों है? राहुल गांधी जी ये बताएं कि उन्होंने यूपीए और यूपीए से सपोर्टेड सरकारों के बारे में क्यों नहीं चर्चा की? ये स्पष्ट बताता है कि राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है, छात्रों को जस्टिस मिले, इसमें उनकी कोई रूचि नहीं है। राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। - श्री Jagat Prakash Nadda पूरा वीडियो देखें:

BJP

51,586 Aufrufe • vor 1 Monat

विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने संसद में एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के बारे में उल्लेख किया। यह जांच का विषय है और हमारी सरकार इस मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू पर जनता के समक्ष अपना पक्ष और तथ्य प्रस्तुत करेगी। जांच के आधार पर सत्य सामने लाया जाएगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। लेकिन आज मैं कुछ पेपर लीक की घटनाओं की चर्चा करना चाहता हूं। जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार यहां एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताएं हुईं। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी PUC परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक (सेलेक्टिव) क्यों है? राहुल गांधी जी ये बताएं कि उन्होंने यूपीए और यूपीए से सपोर्टेड सरकारों के बारे में क्यों नहीं चर्चा की? ये स्पष्ट बताता है कि राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है, छात्रों को जस्टिस मिले, इसमें उनकी कोई रूचि नहीं है। राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। - माननीय श्री Jagat Prakash Nadda जी

Sambit Patra

48,391 Aufrufe • vor 1 Monat