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बुढो बीदेशमा पसीना चुहाउदै बुढी नेपालमा तिज मनाउदै जय नारी 🙏👇

26,394 次观看 • 11 个月前 •via X (Twitter)

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आज अम्बेडकरवा जिंदा होता तो हिंद की इस बेटी लेफ्टिनेंट कर्नल "सोफिया कुरैशी"🫡 की बातें सुनकर बहुत ही ईर्ष्या करता । कारण जान लिजिए 👇 अम्बेडकर:- Indian Muslim Can't be loyal to India. सोफिया कुरैशी :- हमारी दादी जी वीरांगना लक्ष्मी बाई के साथ युद्ध लडीं। हमारे दादा जी यजुर्वेद की एक सूक्ति - "वयं राष्ट्रम जागृयाम पुरोहिता:" बार बार दोहराते थे । जिससे हमे प्रेरणा मिली। हिंदू मान्यताओं और मुसलमानो के प्रति नफरत भरे लेख लिखने वाला अम्बेडकर ये सब बर्दाश्त कर पाता ? अब आप तय कीजिए अम्बेडकर को महान बताना उचित है या सोफिया कुरैशी जी को? मेरी नजर मे तो "सोफिया कुरैशी 🇮🇳🫡" ही महान है । जय हिंद जय भारत 🙏

T.N.Mishra

185,211 次观看 • 1 年前

आदरणीय स्वास्थ्य मंत्री पूर्व महाराजा जी, सादर निवेदन है कि टोंक के जनाना अस्पताल की जो हालत है, वह केवल एक इमारत की जर्जर दीवारों की कहानी नहीं, बल्कि उन माताओं-बहनों की पीड़ा का दस्तावेज़ है जो महज़ 80 किलोमीटर दूर राजधानी से उम्मीद लेकर वहाँ पहुँचती हैं। प्रसव कक्षों की बदहाली, संसाधनों की कमी और व्यवस्था की लाचारी ये सब मिलकर उस “स्वस्थ राजस्थान” के दावों पर एक खामोश सवाल खड़ा करते हैं। आप इन दिनों राजपूत समाज की चिंता में विशेष सक्रिय दिखते हैं। विनम्रता से निवेदन है…राजघरानों और ठिकानों से जुड़े परिवार कुल आबादी का एक छोटा सा हिस्सा हैं। 70–80% वही मध्यमवर्गीय, खेतों में पसीना बहाने वाले, फौज में सेवा देने वाले, रोज़ी-रोटी के लिए संघर्ष करने वाले लोग हैं… और उनके परिवार भी इन्हीं सरकारी अस्पतालों की चौखट पर भरोसा करते हैं। उनकी बहू-बेटियाँ भी महलों में नहीं, इन्हीं जनाना वार्डों में जिंदगी को जन्म देती हैं। हुकुम, पैलेस की ऊँचाई से सब हरा-भरा दिख सकता है, पर ज़मीन की धूप में दरारें साफ़ नज़र आती हैं। कभी बिना सूचना, बिना प्रोटोकॉल, एक साधारण नागरिक की तरह इन अस्पतालों की चौखट पर खड़े होकर देखिए…आपको रिपोर्ट नहीं, हक़ीक़त दिखेगी। उम्मीद है कि आज जब आप सुबह की धूप में एक कप चाय के साथ दिन की शुरुआत करें, तो इस पीड़ा की सूचना पर भी एक नज़र डालेंगे। हो सकता है आपके इर्द-गिर्द के चेले-चपाटी यह सच आप तक न पहुँचाएँ, पर जनप्रतिनिधि होने के नाते सच से मुँह मोड़ना समाधान नहीं। मैंने अपना धर्म निभाया है…शेष आपकी संवेदना और निर्णय पर है। क्योंकि सत्ता की असली शान महलों से नहीं, अस्पतालों की सुध से तय होती है। Gajendra Singh Khimsar Sachin Pilot जय श्री राम 🙏

Vivek Shrivastava

15,347 次观看 • 5 个月前