Video wird geladen...
Video konnte nicht geladen werden
बिना इजाज़त ढहाया गया मस्जिद वो सच जो आपसे छुपाया जा रहा है
177,710 Aufrufe • vor 2 Jahren •via X (Twitter)
8 Kommentare

किसकी इजाजत चाहिए अवैध निर्माण को तोङने के लिए??? मुस्लिम से???

जब सब कुछ हो जाए तब यह आएंगे भी टीम कार्ड खेलने के लिए इनको मुसलमान की कोई फिक्र नहीं है इनको सिर्फ अपने ट्वीट से पैसे कमाने हैं हाल में ही अभी बताया गया की 18 से 25 साल के लड़कों को ₹1000 मिलता है पत्थर फेंकने के लिए तो हमें नहीं लगता कि यह मोहतरमा कितना सच बोल रही है

अवैध निर्माण को हटाने के लिए इजाज़त नहीं चाहिए होती । हाई कोर्ट ने धंवस्तीकरण कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। झूठ ना फैलायें तो बेहतर होगा

कौमी फितरत

मस्जिद यह देश की संस्कृति नही है यहां जबरन मस्जिद बनवाई गई थी लेकिन अब पुनः अपनी संस्कृति की रक्षा करने वाले को खड़ा कर दिया है अब मस्जिद मुक्त भारत होने में मात्र 50 साल और है। इस्लाम कोई धर्म नहीं है।

डार्लिंग इज़ाजत किसकी ? निगम की ज़मीन , जिसपर अवैध निर्माण तो हुआ साथ मे वो ज़मीन कयी लोगो को बेच भी दी । तो जो लोग ज़मीन ख़रीद के मकान बना रहे है वो चूतिये है क्या?

आखिर यह गौर से की औलाद को मर्जी तोड़ने और मदरसा तोड़ने की किसने आर्डर दिया है क्या मंदिर सरकारी जमीन में नहीं है अगर मस्जिद तो राजा है मदरसा तोड़ा जाए सरकारी जमीन का तो फिर मंदिर भी थोड़ा जाए क्या सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट हाथ में चूड़ियां पहन लिया है क्या कोर्

कटमुल्ली तेरे पास इतने सही कागज़ थे तो कोर्ट में पेश कर दिया होता। पत्थर बाजी और पेट्रोल बॉम्ब का इस्तेमाल करने बालो का अब पक्का इलाज होगा। तू भोंक पर इलाज तो पक्का होगा साथ पुस्तो के नाम याद आ जायेंगे। ये नया हिंदुस्तान हमारा है याद रखना होगा
