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भारत की अदालतें बहुसंख्यकवाद को रोकने में असफल रही है: मौलाना महमूद मदनी
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33 Comments

ये भी ठीक हैं 🤲

और जाओ कुफ़्फ़ार के पास अपने फैसले कराने ये बोलते हुए हमको पूरा भरोसा है अदालत पे गलती जूडिशीएरी की नहीं मुत्ताहिदा क़ौमियत के नशे की है

जमीयत को और उसके सुवर को बाहर फेंक देंगे हिन्दू राष्ट्र भारत से इनको पहेले ही 1947 में पाकिस्तान दे चुके हे

देश बहुसंख्यकों के अनुसार चलेगा कठमुल्लों के अनुसार नहीं,यही कानून है।

उस दिन तो जमीयत ने कुछ नहीं बोला जब अतीक अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज डर के मारे फैसला सुनने से भी मना कर देते थे । जब श्रद्धा वॉकर के 35 टुकड़े हुए , साक्षी को चाकुओं से गोद कर दिल्ली के साहिल ने मार दिया था , निकिता तोमर को बल्लबगढ़ में तौसीफ ने खुले आम गोली मार दी थी ।

यही तो हमारा भी कहना है भारत क न्यायलय बहुसंख्यक वाद की क़ीमत पर अल्पसंख्यक वाद को बचाती रही है तभी भारत में अल्पसंख्यक फल फूल रहे है पाकिस्तान में तो अल्पसंख्यक गायब हो गए और ये कुत्ता आज ऐसे भौंक रहा है किसी मुस्लिम देश में कोई हिन्दू ऐसा बोलकर दिखा दे तुरंत STSJ हो जायेगा

अदालतें बहुत भेदभाव कर रही है हिंदुओं के साथ उन्हें सारे मंदिर लौटाने चाहिए हिंदुओं को नहीं तो भविष्य में वो खुद लेने रोड पर आ सकते है क्योंकि गीता में लिखा है धर्म की रक्षा के लिए परिवार और धर्म में चुनना पड़े तो धर्म को चुनना पड़ेगा और इधर तो अपने रिश्तेदार भी नहीं है सामने 😂

Mentally ill kom.

झूठे और मक्कार लोग। जो STSJ पर ईमान रखते हैं और बात बात पर नारे लगाते हैं वे बहुसंख्यकवाद पर भाषण दे रहे हैं।

हम भी तो 712 इश्वी से गर्म रेत से जली गाँव वाले मुगल लुटेरों घुसपैठियों मूर्तियाँ तोड़नेवाले जाहिलों को इस हिंदू स्थान में घुसने से रोकने में असफल रहे दस लाख लाशों पर मुल्क का बटवारा रोकने में असफल रहे कश्मीर से हिंदुओ का पलायन रोकने में असफल रहे 😎

दढ़ियल चचा को बताओ की बीमारी पड़ोस के पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगान से आयी है बड़ी लाइलाज बीमारी है !

इस्लाम एक धर्म और मानवता के आदर्शों के रूप में इस्लाम असफल साबित हुआ है। जहाँ-जहाँ यह विचारधारा पहुँची, वहाँ मानवीय मूल्यों के बजाय जबरन धर्मांतरण, हिंसा और असहिष्णुता ही देखने को मिली। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है

भारत की अदालतें बहुसंख्यवाद को रोकने में असफल रही है: मौलाना महमूद मदनी का बयान

इस आदमी को केवल संविधान में दिए अधिकार ही याद रहता है, उसी संविधान में दिए गए नागरिकों के लिए कर्तव्य क्या क्या है याद नहीं रहता। लच्छेदार बाते मीडिया में कहना हो तो संविधान नहीं तो सरिया से कोई समझौता नहीं होगा का दोहरा चरित्र।यही सारे मौलाना का कम है।

तुम्हें तो पाकिस्तान दे दिया था ना 1947 समझौते में । फिर भारत में क्या कर रहे हो। भारत तो हिंदुओं के लिए था है और रहेगा।

भारत , भारतिय संविधान से चलेगा शरिया वगैरे से नही !

Abe 30 crore aadmi minority ????? duniya 140+ country ke population 10 crore se kam hai. Duniya islamism se pareshan hai ushe thik karo na ki dushra par ungli uthao

Muslim population is the second largest population in bharat ,

ये ज्ञान पाकिस्तान को क्यों नहीं देते??

एक तो मजहब के नाम पर पाकिस्तान मांग के गए नहीं,अनधिकार भारत में रह गए,हिंदुओं के नरसंहार किए।अब ये बकलौती!ये भारत के न्यायतंत्र का अपमान कर रहा है।इसे अंदर करने की जरुरत है।

India could have chosen to be a Hindu state. It didn’t.Despite being a Hindu-majority nation, the leadership chose restraint and built a Constitution based on rule of law, equality, and rights.Minorities are safe in India because power was used responsibly.

Muslim population is the second largest population in bharat .

Kya yeh dono Jihadi bata payenge ki kaise 20 % population 24 crore musalman minority ban gaya jab Asli minority Jains,Christians,Sikhs,Buddhists sirf 6-7% population hein

यह कैसे दुष्ट माइनॉरिटी है जो देश के ही टुकड़े कर देते हैं, जिहादी आतंकी

अब ये महमूद लात खाएगा

नाइजीरिया में ईसाई महिलाएं पिछले रविवार को चर्च प्रार्थना सभा से 173 लोगों के अपहरण के बाद रो पड़ीं। दुनिया के लिए यह बड़ी खबर क्यों नहीं है? इस्लामवादियों द्वारा 173 निर्दोष ईसाइयों का अपहरण गाजा के लिए नंगा नाच करने वाले कनर्वटेड कुछ बको 🤔🤔

सपोले 1990 के कश्मीर नरसंहार पर बात क्यों नहीं करता? अदालतों से क्यों नहीं पूछता कि क्यों नहीं रोक पाया? तुम्हारे लोगों ने किया था इस लिए?

भारत की अदालते न्याय करने में असफल है। आज भी इज़लमिक आतंकी बाहर खुले घूम रहे, कन्हैया लाल के हत्यारे आज भी बिरयानी और शाम को tv देख के मनोरंजन कर रहे। काश, न्यायलय अपना डरपोकपना छोड़ के लोगो और देश के साथ न्याय करे, सत्य के साथ खड़ा हो और मक्कार और गद्दारो पे चाबुक चलाए।

When u are in minority demand - Constitution When u become majority demand - Sharia...

ऐसे नाकाम सरकार जो अदालत को इंसाफ देने से भी रोक दे। सत्ता में बने रहने की क़ाबिल नहीं।

Ek baar toh pakistan le liya ab dobara lena hai kya

इन झोपड़ी वालों के हक़ मे अदालत फैसला ना दे तो बहुसंख्यक वाद

बात तो वही है जिस देश में तेरे क़ौम की संख्या ज्यादा है वहां क्या होता है अल्पसंख्यक के साथ
