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भारत कोई कृषि प्रधान देश नहीं बल्कि जाति प्रधान देश है।

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9 Yorum

sandeep kumar pandey profil fotoğrafı
sandeep kumar pandey3 yıl önce

तुम जैसे जाति के अलावा कुछ बात करते हो, ब्राह्मण के जाति को छोड़ो ,तुम सब कसम खाओ की अपना अपना जाति छोड़कर एक दूसरे के साथ सब रहे, शादी व्याह करे, खाना पीना करे तब मानेंगे ब्राह्मण जातिवाद करते है तुम सब नही

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Pankaj Mishra3 yıl önce

भारत कृषि प्रधान देश नहीं दलित प्रधान देश है यह लोग धीरे-धीरे देश को निगल रहे हैं और डकार भी नहीं ले रहे

Nitin Jadhav 🇮🇳 profil fotoğrafı
Nitin Jadhav 🇮🇳3 yıl önce

सही बोला, जातिवाद को बढ़ावा देने वाले क़ायदे (एट्रोसिटी एक्ट, रिजर्वेशन बिल) यहाँ जल्दी पास बोते है। यहाँ तक कि जातिवादी सर्टिफिकेट तक इस देश में दिया जाता है जो जातिवाद को क़ानूनी बना कर बढ़ावा देता है। दूसरी ओर कृषि क़ानून के ख़िलाफ़ सभी देश विरोधी खड़े हो कर आतंक मचलते है।

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राजीव3 yıl önce

भारत कृषि प्रधान देश है। किसानों को अपमानित मत करो। कितनी बार किसानों का दिया हुआ मुफ्त में खाए होगे, किसान आंदोलन में।

अनुज द्विवेदी, (अर्जुन) profil fotoğrafı
अनुज द्विवेदी, (अर्जुन)3 yıl önce

हे, अतिजड़, पशुतुल्य, मृतोपजीवी शरीरसृप जब तुम भिष्ठापान करोगे तो तुम्हें भारत कृषि प्रधान कैसे दिखेगा? इसलिए तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में कहा है- जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।। भावार्थ - मात्र ग्रहणता की बात है कि आप क्या ग्रहण करते हैं, गुण या अवगुण?

Dharmendra Raikwar profil fotoğrafı
Dharmendra Raikwar3 yıl önce

Aur is jaati pradhan desh mai bhi tum paise kama rahe ho agar aantakvadi pradhan desh mai paida hue hote to kisi ne 72 hooro ke pas bhej diya hota

दुर्वासा/Krishnatrey profil fotoğrafı
दुर्वासा/Krishnatrey3 yıl önce

जाति प्रमाण पत्र के बिना आरक्षण नही जाति प्रमाण पत्र के बिना स्कॉलरशिप नहीं जाति प्रमाण पत्र के बिना fee माफ नहीं। जाति प्रमाण पत्र के बिना sc St act मे पैसा नहीं। जाति प्रमाणपत्र के बिना 0 अंको पर नियुक्ति नहीं। नोट: संविधान के अनुसार जन्म से लेकर मृत्यु तक जाति नहीं बदलती है।

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Sunil Jha3 yıl önce

ये साहब ही हैं मारीच। बनकर घूम रहे हैं दलितों के हितैषी। लेकिन दलितों के आरक्षण की रेवड़ी को पंचर पुत्रों में बांटने के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं। हां ये दुसरी बात है तुर्की से मिलने वाली फंड के लिए कर रहे हैं। दलितों से कोई दुश्मनी थोड़े है 😂😂😂

Shirish tiwari profil fotoğrafı
Shirish tiwari3 yıl önce

और जो भी कोशिश होगी इसको समाप्त करने की ..तुम जैसे कथित इसको खत्म होने नहीं दोगे ..क्यों की जख्म कुरेदना तुम्हारा धंदा है ..रोजी रोटी और टिआरपी ...नफरती ऐजंडा और बडे नफरतीयों की नफरत बढा कर सहायता धृवीकरण में करना ...

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