Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

भारत तेल खरीद के मामले में अमेरिका को ठेंगा दिखा देता है

18,663 Aufrufe • vor 5 Monaten •via X (Twitter)

0 Kommentare

Keine Kommentare verfügbar

Kommentare vom Original-Post werden hier angezeigt

Ähnliche Videos

ट्रेड डील में भारत की ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ ⦿ 6 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पेनल्टी टैरिफ के आदेश में लिखा- भारत ने अमेरिका से वादा किया है कि वह रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा ⦿ ट्रंप ने ये भी लिखा- अमेरिका ये निगरानी करेगा कि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर, रूस से कच्चा तेल न खरीदे। अगर ऐसा हुआ तो पेनल्टी दोबारा लगा दी जाएगी ⦿ 9 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा जारी फैक्ट शीट में भी भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल न खरीदने का वादा करने की बात दोहराई गई ⦿ 14 फरवरी, 2026 को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत ने रूस से कच्चा तेल न खरीदने का सशर्त वादा किया है ⦿ अमेरिका मई, 2024 में पाबंदी लगा चुका है कि भारत, ईरान से भी कच्चा तेल नहीं खरीद सकता, जिसे मोदी सरकार ने स्वीकार कर लिया है ⦿ भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, जो हमारी ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है। हम 40% कच्चा तेल रूस और 11% कच्चा तेल ईरान से आयात करते थे। यानी कुल जरूरत का लगभग 51% ⦿ फरवरी 2022 से जनवरी 2026 के बीच भारत ने रूस से 15.24 लाख करोड़ रुपए का कच्चा तेल आयात किया और सस्ती दरों के कारण लगभग 1.81 लाख करोड़ रुपए की बचत हुई अब ट्रंप के कहने पर मोदी सरकार अमेरिका और वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगी, लेकिन रेट सस्ता नहीं होगा। ऐसे में मेरा सीधा सवाल है- क्या ये भारत की आत्मनिर्भरता के साथ खिलवाड़ नहीं है? : कांग्रेस महासचिव Randeep Singh Surjewala जी 📍 दिल्ली

Congress

11,871 Aufrufe • vor 5 Monaten

अमेरिका को चीन से लड़ना है तो उसे हिन्दुस्तान के डाटा की जरुरत है। बिना हिन्दुस्तान के डाटा के अमेरिका चीन से नहीं लड़ सकता। क्योंकि चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा डाटा है और फिर भारत के पास है। दुनिया AI की बात करती है लेकिन बिना डाटा के AI का कोई मतलब नहीं है और डाटा भारत के पास है। पिछली सदी तेल की थी, सउदी अरब, अमेरिका, रूस, ईरान के पास तेल था लेकिन 21वीं सदी डाटा की है। लेकिन US-भारत की ट्रेड डील में नरेंद्र मोदी ने पूरा डाटा अमेरिका के हवाले कर दिया है। अब हिन्दुस्तान का डाटा अमेरिका कहीं भी रख सकता है। : 'कांग्रेस मजदूर महारैली' में नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 📍 बरनाला, पंजाब

Congress

301,923 Aufrufe • vor 5 Monaten

अमेरिका का गेर जिम्मेदार राष्ट्रपति Donald Trump भारत पर 25% Terrif और साथ में Russia से व्यापार करने के लिए पेनल्टी लगानें का ऐलान कर चुके हैं। आश्चर्य होता है की अमेरिका जैसे सुपर देश के पास राष्ट्रपति को सलाह देने वाले सिर्फ एकतरफा आर्थिक पहलू देखकर Trump को भारत पर Terrif लगाने का सलाह देते है या ट्रम्प अपनी मर्जी से फेसले लेते हैं? Canada के Business Tycoon हो - #Pakistan के Arif Jhakariya हो - पाकिस्तानी मिडिया की बेबाक पत्रकार Arzoo Qadri हो - या अमेरिका का राजनेता Nikki Haley हो, पुरा विश्व इस बात पर एक सुर में कह रहा की भारत पर टैरीफ लगाना ट्रम्प को भारी पड़ेगा।। भारत पर टैरीफ लगाने पर को सिर्फ खरोंच आयेगी, भारत का कोइ नुक़सान नहीं होगा किन्तु Asia में अमेरिका का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। आज Chaina पर अमेरिका का दबाव है, वो भारत के सशक्त बनने की वजह से है, अमेरिका अगर भारत को दुश्मन समझेगा तो उनका घाटा होगा। भारत के रुस से तेल खरीदने पर अमेरिका को आपत्ति है, पर नाटो देश आज भी गैस के लिए रुस पर निर्भर है। Trump चाहते हैं की भारत उसके दबाव में आये, लेकिन अमेरिका की Amazon - Microsoft - Google - Apple- Tesla जैसी कंपनियां भी ट्रम्प के दबाव को दरकिनार करके भारत में अपने कारोबार का विस्तार कर रही है✅ 1965 - 1971 -1974 - 1998 में जब भारत कमजोर था, तब भी अमेरिका का दबाव में भारत नहीं आया था। आजका भारत सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि विश्व में शक्ति के रुप में स्थापित हो चुका है, तब ट्रम्प का ये Tariff Bomb अमेरिका को भारी नुक्सान पहुंचाएगा ।। अंत में सिर्फ इतना ही की भारत पर टैरीफ लगाकर ट्रम्प ने कुल्हाड़ी पर पैर मारा है, ट्रम्प सिर्फ एशिया में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में अप्रासंगिक हो जायेगा। जय हिन्द 🇮🇳

अखण्ड भारत संकल्प

21,278 Aufrufe • vor 1 Jahr