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मैं जब भी यूपी जाता हूं गोरखपुर जाता हूं या अपने गांव जाता हूं लोगों से बात करता हूं वह चाहे बीजेपी का वोटर ना भी हो लेकिन एक बात वह जरूर बोलता है कि महाराज जी के शासन में कानून व्यवस्था बेहद शानदार हुई है योगी जी की...

97,816 views • 4 months ago •via X (Twitter)

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सनी देओल जैसे एक्टर ऐसे दहाड़कर, ललकारकर बोलते हैं 'मैं जाट हूं' तो इस कौम के तमाम नौजवानों को लगता है बाकी इंसानों से अलग और कुछ खास हूं। सड़क पर गाड़ी छू जाए तो बोलेंगे-यहीं गाड़ दूंगा, जाट हूं। कॉलेज में बहस हो जाए तो बोलेंगे-बीच से फाड़ दूंगा, जाट हूं। लड़कियां ना कह दें तो बोलेंगे-ज्यादा नखरे मत दिखा, मै छोरा जाट हूं। और बढ़ते बढ़ते ये जातीय वर्चस्व का नशा यहां तक पहुंच जाता है कि भगाना कांड हो जाता है, दलित लड़कियों का सामूहिक बलात्कार हो जाता है। मिर्चपुर कांड हो जाता है, दलितों का कुत्ता जाटों पर भौंक कैसे दिया! इसलिए उनकी पूरी बस्ती को जला दिया जाता है। जाति का गुरूर इतना हावी हो जाता है कि घटनाओं को ग़लत मानकर भी परिवारों का समर्थन पंचायत को चला जाता है और पंचायत के निर्णय पीड़ितों के ख़िलाफ़। इसलिए जातीय दंभ से बाहर निकलिए और जब तक जरूरत ना पड़े या कोई पूछे ना तब तक ये बोलने का कोई औचित्य नहीं है-मैं जाट हूं। सिनेमा वालों के चक्कर में मत पड़ें-कहीं कैसा भी मुनाफा देखेगा, लपक लेंगे पैसे पर। नहीं बोलेंगे कि उसूलों से समझौता नहीं-मैं जाट हूं।

Samar Raj

214,297 views • 1 year ago

राजस्थान के 'दुग्गल साहब' कल जयपुर में हुए एक कार्यक्रम में 'किसान' बने थे...और फिर इन्होंने जो ज्ञान दिया, वह आप भी सुनिए... "यह दूसरा कोई नहीं कहेगा, मैं किसान हूं इसलिए जानता हूं कि किसान साल में केवल 25-30 दिन ही काम करता है" कुछ समय पहले 'दुग्गल साहब' विधानसभा में पशुपालक बने थे और परबतसर पशु मेले से स्वयं नागौरी बैल खरीदने की बात कही थी...इनके राज में पशु मेलों और पशुपालन का क्या हाल हुआ है वह किसी से छुपा नहीं है। अब कल ये किसान बने, इन्हें लगता है किसान भी 'पर्चियों' से ही बन जाते हैं...!! मुख्यमंत्री जी, खेती 'पर्चियों' से नहीं होती और खेती में केवल किसान नहीं बल्कि उसका पूरा परिवार लगता है। छोटे-छोटे बच्चे भी खेतों में जाकर अपने माता-पिता की मदद करते हैं और महीनों की मेहनत के बाद एक फसल तैयार होती है। अगर मुख्यमंत्री जी वाकई 'किसान' होते, तो ऐसी बात कभी ना कहते। Congress Rajasthan PCC

Manish Mirdha

26,422 views • 4 months ago

यह वीडियो तब का है जब अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री थे और गोविंद सिंह डोटासरा राजस्थान के शिक्षा मंत्री थे कांग्रेस कार्यालय में एक बैठक में गोविंद सिंह डोटासरा माइक ऑफ करना भूल गए और उन्होंने वहां कहा कि मैं सिर्फ दो चार पांच दिन का मेहमान हूं आप लोग मेरे से आओ और जो काम करवाना है करवा लो मतलब गोविंद सिंह डोटासरा भी यह मान चुके थे कि उनके रहते 19 पेपर लीक हुआ है और राजस्थान प्रशासनिक सेवा भरती में भारी गड़बड़ी हुई है उनके सारे रिश्तेदार राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बन चुके हैं कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों के रिश्तेदार राजस्थान प्रशासनिक सेवा में अधिकारी बने हैं मीडिया लगातार सवाल उठा रहा है तो राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा उन्हें मंत्री पद से जरूर हटाएंगे इसीलिए उनकी राजस्थान कांग्रेस दफ्तर में एक विदाई समारोह भी हो गया लेकिन राहुल और प्रियंका वाड्रा की बेशर्मी देखिये उन्होंने अपने इस भ्रष्ट मंत्री को नहीं हटाया था जो कि मंत्री खुद मान चुका था कि वह दो-चार दिन का मेहमान है और आज इन्हें बीजेपी सरकार में बीजेपी के मंत्रियों का तुरंत इस्तीफा चाहिए

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

44,849 views • 1 month ago

ये तस्वीर कैलिफोर्निया के जंगल की नहीं, मेरे सपोटरा विधानसभा के पड़ोसी गांव लुलौज के पहाड़ों की हैं। जहां ऊपर पहाड़ियों में दिनभर से भीषण आग लगी हुई है। आग की लपटों ने वहां के हरे-भरे पेड़-पौधों और जमीनी जीव-जंतुओं को जलाकर राख कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि तेज हवा या आंधी के झोंके से कभी भी यह आग गांव तक पहुंच सकती है और पूरा गांव जलकर खाक हो सकता है। दुखद बात यह है कि अब तक शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मैं सरकार और प्रशासन से मांग करता हूं कि इस विकराल आग को बुझाने के लिए तुरंत प्रभावी और ठोस प्रयास किए जाएं, ताकि गांव और पर्यावरण को इस विनाशकारी आपदा से बचाया जा सके।

Hansraj Meena

28,933 views • 1 year ago

उत्तर प्रदेश के बरेली में नेपाल की एक छात्रा को चोर समझकर खंभे से बांधकर पीटना बहुत ही शर्मनाक और अमानवीय घटना है। वह लड़की बार-बार कहती रही कि वह चोर नहीं है, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी और न ही उसकी इज़्ज़त का ख्याल रखा। वह नोएडा में पढ़ाई करती है और बरेली अपने दोस्त से मिलने आई थी। ऐसे में उसके साथ इस तरह का व्यवहार होना हमारे समाज और कानून पर सवाल खड़ा करता है। यह घटना दिखाती है कि कैसे भीड़ कानून को अपने हाथ में ले रही है और बाहर से आई महिलाओं को आसानी से निशाना बनाया जा रहा है। सरकार और प्रशासन को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आगे से किसी भी लड़की के साथ ऐसा न हो। यह इंसानियत और न्याय की ज़रूरत है।

Hansraj Meena

43,133 views • 1 year ago

जय जानकी 🙏 यह वीडियो देखकर मैं भीतर से बहुत डिस्टर्ब हो गई हूं। मैं जब भी यात्रा पर जाती हूं तो मेरे बैग में कुछ मैथिली पाग और मिथिला पेंटिंग का शॉल होता है। किसी विशिष्ट जन से मिलती हूं उनका स्वागत अभिनंदन मैथिली पाग से करते हुए यह कहती हूं कि यह मिथिला का मान और हमारी बड़की दीदी जगत जननी मां सीता का आशीर्वाद है। यह वीडियो अभी देखा अत्यंत स्तब्ध और आहत हूं। मिथिला के पाग का अपमान सहन करना मेरे लिए मुमकिन नहीं है। यह माननीय महिला नेत्री बाहर की है इन्हें मैथिली संस्कृति के प्रति ज्ञान शून्य हैं। मैं किसी के लिए हर्टिंग लैंग्वेज प्रयोग करने से बचती हूं, मेरे संस्कार इसकी अनुमति नहीं देते। लेकिन मैं माननीय नेत्री से कहना चाहूंगी कि जब कभी भी आमना सामना हुआ तो मिथिलावासियों ने जो पाग पहना कर आपका सम्मान किया था और उस पाग का आपने अपमान किया है इसका बदला लेते हुए आपके सर पर मैं अपने पैरों की जुती रखूंगी। आप यही डिजर्व करती हैं। सबसे ज्यादा तकलीफ की बात यह है कि इस डायलॉग पर वहां उपस्थित जिन मैथिल या मिथिलानी ने ताली बजाई है उनका स्वागत भी उनके सर पर जूता रखकर करना चाहिए। सिया के आशीर्वाद और मिथिला के मान का अपमान करने वालों को सीता का श्राप जरूर लगेगा। जय मिथिला 🙏 जय जानकी 🙏 नोट - मिथिला के सक्रिय संगठनों और संस्थाओं से मेरा विनम्र अनुरोध है कि इस महिला के खिलाफ मिथिला संस्कृति के डिफेमेशन के लिए कानूनी फॉर्मेट में भी कार्यवाही की दिशा में कदम उठाए।

Priya Mallick

42,078 views • 10 months ago

जब लूट जाएगी दुनियां 'आधुनिकता' से।। एकदिन लौट आयेगी 'आध्यात्मिकता' से।।🙏 श्री प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन करने के लिए विराट और अनुष्का का मज़ाक उड़ाने वालों और हर गुरु को "ढोंगी" कहने वालों के लिए मैं बहुत दुखी हूँ।😢 यह प्रतिक्रिया अज्ञानता के अलावा और कुछ नहीं दर्शाती। मैं उन्हें दोष नहीं देता; यह केवल इस बात का परिणाम है कि हम ऐसे माहौल में नहीं पले-बढ़े हैं जहाँ आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान की कमी है। भारत गहन आध्यात्मिकता की भूमि है। दुनिया भर से लोग आंतरिक खुशी और आत्म-साक्षात्कार की तलाश में भारत आते हैं, फिर भी कई भारतीय खुद अपनी संस्कृति और धर्म से अनजान या खारिज़ रहते हैं। वे लोग धन्य हैं जिनके जीवन में एक गुरु या एक जीवित मार्गदर्शक है, ज्ञान का एक प्रकाशस्तंभ जो जीवन की चुनौतियों से निपटने में मदद करता है, जिससे आनंद और आत्म-साक्षात्कार होता है। दुर्भाग्य से, आध्यात्मिक गुरुओं को अक्सर गलत समझा जाता है या उनसे नफ़रत की जाती है क्योंकि मीडिया का ध्यान 0.1% से भी कम छद्म धार्मिक व्यक्तियों के कुकर्मों पर होता है। यहाँ तक कि हम जिन मूर्तियों की पूजा करते हैं, जैसे भगवान राम और भगवान कृष्ण, उनके भी अपने गुरु थे। भारत में हर महान हिंदू शासक का भी एक गुरु था जिसने उन्हें धार्मिकता और सफलता की ओर निर्देशित किया। वास्तव में, मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि भारत के लगभग 99% सबसे धनी और सबसे सफल व्यक्तियों के जीवन में कोई न कोई गुरु अवश्य होता है। कोई चाहे कितना भी अमीर या सफल क्यों न हो जाए, उसे हमेशा एक उच्च सिद्धांत के आगे झुकने की आवश्यकता होती है और अपने गुरु से बढ़कर कोई महान व्यक्ति नहीं है। जो लोग गुरु शिष्य परंपरा को सही मायने में समझते हैं, वे अधिक संतुलित, उद्देश्यपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने के लिए बाध्य हैं। भारत की समृद्ध संस्कृति प्रत्येक साधक के लिए अनंत ज्ञान रखती है, जो आध्यात्मिक विकास और आत्म-खोज के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है। "गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा, गुरु साक्षात परब्रह्म, तस्मै श्री गुरवे नमः" मैं गुरु तत्व के शाश्वत सार को विनम्रतापूर्वक नमन करता हूँ! ✍️ THREAD MSG #premanandjimaharaj #KumbhMela2025

THREAD MSG

22,475 views • 1 year ago

अगर अपराधी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी का स्वजातीय ठाकुर है, खासमखास है, अपनी जाति वाला है तो उसे गोली चलाने, गुंडई करने की पूरी भाजपाई और आदित्यनाथी छूट है? वीडियो में आदित्यनाथ बिष्ट जी का भाषण और गोली चलाता और पिस्टल लहराता खुली जीप वाला स्वजातीय ठाकुर गुंडा और आदित्यनाथ जी के साथ उसकी तस्वीर सबके सामने है। ये महज एक तस्वीर नहीं बल्कि वो नंगा सच है जिसे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट सबसे छुपाते हैं और किसी भी दलित पिछड़े पर एनकाउंटर और गिरफ्तारी की कार्यवाही तत्काल कराते हैं। हो सकता है हमारे सवाल उठाने के बाद इसकी भी गिरफ्तारी का नाटक रचा जाए लेकिन सच्चाई छिप नहीं सकती कि यूपी में " मुख्यमंत्री की जातिवादी भाजपा सरकार का जातिवादी आतंक है"

Samajwadi Party Media Cell

16,243 views • 3 months ago

बिहार की राजधानी में पटना मेडिकल अस्पताल है जिसमें एक वार्ड है जिसे लावारिस (परित्यक्त) वार्ड कहा जाता है। यहां आपके पास ऐसे मरीज हैं जिनके पास वापस जाने के लिए कोई नहीं है क्योंकि उन्हें उनके परिवार ने छोड़ दिया है। उनकी भलाई के लिए देखने और प्रार्थना करने वाला कोई नहीं है। कम से कम कहने के लिए वार्ड की स्थिति अमानवीय है। वे शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह से अत्यधिक पीड़ा में हैं। हर रोज रात 9 बजे एक आदमी इस वार्ड में पिछले 22 सालों से इन लोगों के लिए खाना और दवा लेकर आता है और सबसे पहला सवाल यही पूछता है- क्या आपको दर्द हो रहा है? भोजन और दवा गौण है, गुरमीत सिंह जो प्रदान करता है वह कुछ प्यार और सम्मान है। कपड़े की दुकान में पाँचों भाई जो कुछ भी कमाते हैं, वे प्रतिदिन 10% भोजन और दवा लाने में लगाते हैं। उन्होंने पिछले 22 वर्षों में एक भी छुट्टी नहीं ली है और कारण सरल है - मैं परित्यक्त को नहीं छोड़ सकता। मरीज उन्हें भगवान के रूप में मानते हैं लेकिन उनका कहना है कि वह एक साधारण नश्वर हैं और सिर्फ उन लोगों के असहनीय दर्द को कम करने की कोशिश कर रहे हैं जिनके पास कोई नहीं है। गुरमीत सिंह, आप हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। गरीबों के लिए आपका बेहिचक प्यार और 'सेवा' ही आपको असाधारण बनाती है। ईश्वर आपको और अधिक शक्ति दे और हम सभी आपसे सीखें कि - दूसरों के लिए समर्पित जीवन वास्तविक खुशी का अनुभव करता है।

Vatsala Singh

48,426 views • 12 days ago