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“मैं भी कभी भक्त था!”
417,775 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)
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तुम्हें अपने बाप दिग्विजय सिंह की तस्वीर लगाने में शर्म आ रही है क्या ?

आदत से लाचार🫣 इसलिए ट्वीट कर गाली सुनते हो।

मैं भी कभी..

वो भी क्या दिन थे !!!😂😂😂😂😘😘

संतो के सान्निध्य से व्यक्ति उन्नत होता है, देखो आज देश के प्रधान सेवक बनकर देश विदेश में ख्याति है। अच्छी विद्या ग्रहण करने के बावजूद स्वार्थ,कपट, ठगों के साथ यारी, संतो के प्रति नफरत फैलाने से कुछ ये 👇 हाल होता है।

आप भी कभी केजरीवाल के अनन्य भक्त थे मारुति वेगन-R सहित करोड़ों रुपए की मदद करी थी अब उसी मालिक ने ही पिछवाड़े लात मार कर भगा दिया तो क्या करें....? बड़े-बड़े शहरों में छोटी-छोटी बातें होती रहती है !!

ये तेरे अब्बू भी थे कभी भक्त 😀

प्रशांत, पेशेवर वकील होने के नाते तुम सभी को न्याय मंदिर का प्रहरी होना चाहिए...कानूनी खामियां एवं न्याय प्रक्रिया में लापरवाही व चूक के कारण किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो जाए इसकी जिम्मेदारी सबसे पहले वकील समुदाय के ऊपर ही आती है। पूज्य संत श्री आशारामजी बापूजी के प्रकरण में सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट पूज्य बापूजी पर लगे सभी आरोपों को झूठा साबित करती है, इसके बावजूद निर्दोष संत अन्याय पूर्ण तरीके से सताए जा रहे इस न्यायिक चूक पर चिंता व्यक्त करने के बजाए दो कौड़ी का ट्वीट करके अपनी घटिया मानसिकता प्रदर्शन ही कर रहे हो। राजनैतिक द्वेष व सनातन हिंदू संतो के प्रति नफरत के कारण कब तक अपने दोगलेपन का परिचय दे कर जूते खाते रहोगे??? जब बात आतंकवादियों और तुम्हारे अपने असली अब्बा की आ जाती तो फिर तुम्हारे जैसे दोगले न्याय व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह उठाने से बिल्कुल नही चूकते, और दूसरी तरफ यदि हिंदू संत की बात हो तो तुम अपने घटिया पैदाइश व परवरिश का परिचय दे ही देते हो। @parigupta1606 @Savit12 @dr_santoshvyas1 @0__Shunya__0 @_jaunpuriya @VHPDigital

भाई सुप्रीम कोर्ट ने तुम्हारी औकात 1 रूपीए लगाई थी वो याद है के नहीं ?
