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मैं हर भारतीय से कहता हूँ संविधान पढ़ो,अपने अधिकारों को जानो।🇮🇳

35,582 Aufrufe • vor 3 Jahren •via X (Twitter)

10 Kommentare

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Muhammad Salmanvor 3 Jahren

Bahut khoob @drmerajhusain Bhai

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synyl2828vor 3 Jahren

are bhai ye nari ko to khule mein saans lene do... ye to madrassa mein nafrat band karo

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शांतिदूत (भूपेन्द्र)(आरक्षण गरीब को)vor 3 Jahren

ओर ये भी जान लो की 1947 का बँटवारा धर्म के आधार पर हुआ था। ओर कोई भी मियाँ भारत का अधिकारी नही है।

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Abrar Ahmadvor 3 Jahren

संविधान में अम्बेडकर जी को लिखना चाहिए था 40 परसेंट से ज्यादा मुस्लिम आबादी वाली लोकसभा और विधानसभा मुसलमानो की लिए आरक्षित!! संविधान में ये होना चाहिए था जो भी शख्स भरतीय मुसलमानो को जिहादी पाकिस्तानी बोले और देशभक्ति का सबूत मांगे उसके ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए

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Atomvor 3 Jahren

बाबा साहब के इस्लाम के ऊपर टिप्पणी भी बताया करो । तुम बस दलितों के बीच नंबर बना रहे हो।

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मोदी का परिवारvor 3 Jahren

संविधान पढ़ो अच्छी बात है!🙏🚩 किन्तु संविधान पहिले #मौलवी को पढ़ाना जरुरी है,क्यों की मदरसा मे पढ़ने वाले मदसा के छात्र #महिलाओ_का_सन्मान इस तरह से करेंगे तो कैसे चलेगा? 🤦‍♂️🤷‍♂️

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Dr. Sugosh Madhavvor 3 Jahren

सर सैयद के विचार पसमांदा के बारे में क्या थे इस पर बात करनी थी। पसमांदा का तो आज भी बुरा हाल है। उदाहरण देने में भी धूर्तता। आंबेडकर जी के मुस्लिम के बारे में क्या विचार थे पता है आप को।

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Komolika 🇮🇳vor 3 Jahren

हा. हिंदू संविधान पढे और संविधान के रास्ते पर चले. तूम Sh@riya पढना और पत्थरबाजी करना, दंगे करना और #STSJ के नारे लगाना. तूम संविधान मत पढना.

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Naresh Tanwarvor 3 Jahren

अधिकारों के साथ कर्तव्य भी आते हैं, हक और फर्ज दोनों को जानना जरूरी है

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श्वेता चौधरीvor 3 Jahren

और बाबा साहब ने तो पहले ही बता दिया था कि सारे मुसलमानों को पाकिस्तान भेज देना चाहिये,वो कभी देशभक्त नहीं हो सकते। मुसलमान भारत में रहेंगे तो कभी शांति नहीं होगी। मुसलमान भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ सकते हैं। : डॉक्टर भीमराव अंबेडकर

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तवायफ, सभी मजबूरी से मजबूत स्त्री को समर्पित🙏🏻 हाँ, हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ उसी गली में रहती हूँ, जिस गली में तुम रात बिताते हो परिवार के सामने मुझे नीच बतलाते हो, रात होते ही मुझे अपना बनाते हो नाम मेरा रंडी रखा है, और खुद मेरे पास हवस मिटाते हो हाँ मैं वही मयख़ाना हूँ, जिसके जिस्म से तुम पैमाना भरते हो सांझ होते ही सजती सवंरती हूँ, हर रात तेरे लिए बिस्तर नयी सजाती हूँ हाँ तेरे पाप को अपने कोख़ में पनाह देती हूँ, बिन बाप के बच्चों को अपना नाम देती हूँ बस तुम लोग के वजह से नाम नहीं कमा पाती हूँ, पैसे होने के बाद भी रंडी नाम से जानी जाती हूँ भूख खुद की इज़्ज़त बेचने को मजबूर करती है, बस यही सोचकर आँसू पी लेती हूँ तब भी ज़िंदा हूँ, ना इस काम से शर्मिन्दा हूँ आँशु क्या ज़हर क्या रोज़ सबको अपना बना लेती हूँ हर एक की बाहों में जाकर इश्क़ बाँटना आसान नहीं है, मेरी बेरंग जिंदगी से तेरी रात रंगीन करती हूँ काजल में अश्क़ छुपाती, पल पल नाम छुपाती, हर रोज़ बिकती हूँ, हर पल तेरे मुँह के "मेरी रंडी" नाम को भी अपनाती हूँ हांँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, कुछ मज़बूरी के कारण, काजल के पीछे अश्क़ छुपाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, अपनी भूख के लिए तेरी प्यास बुझाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ
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तवायफ, सभी मजबूरी से मजबूत स्त्री को समर्पित🙏🏻 हाँ, हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ उसी गली में रहती हूँ, जिस गली में तुम रात बिताते हो परिवार के सामने मुझे नीच बतलाते हो, रात होते ही मुझे अपना बनाते हो नाम मेरा रंडी रखा है, और खुद मेरे पास हवस मिटाते हो हाँ मैं वही मयख़ाना हूँ, जिसके जिस्म से तुम पैमाना भरते हो सांझ होते ही सजती सवंरती हूँ, हर रात तेरे लिए बिस्तर नयी सजाती हूँ हाँ तेरे पाप को अपने कोख़ में पनाह देती हूँ, बिन बाप के बच्चों को अपना नाम देती हूँ बस तुम लोग के वजह से नाम नहीं कमा पाती हूँ, पैसे होने के बाद भी रंडी नाम से जानी जाती हूँ भूख खुद की इज़्ज़त बेचने को मजबूर करती है, बस यही सोचकर आँसू पी लेती हूँ तब भी ज़िंदा हूँ, ना इस काम से शर्मिन्दा हूँ आँशु क्या ज़हर क्या रोज़ सबको अपना बना लेती हूँ हर एक की बाहों में जाकर इश्क़ बाँटना आसान नहीं है, मेरी बेरंग जिंदगी से तेरी रात रंगीन करती हूँ काजल में अश्क़ छुपाती, पल पल नाम छुपाती, हर रोज़ बिकती हूँ, हर पल तेरे मुँह के "मेरी रंडी" नाम को भी अपनाती हूँ हांँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, कुछ मज़बूरी के कारण, काजल के पीछे अश्क़ छुपाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, अपनी भूख के लिए तेरी प्यास बुझाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ

तृप्त ...🖤

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