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मुसलमान समाज सुधार के विरोधी होते हैं - डॉ. अंबेडकर
22,496 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)
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मुसलमान ऐसे हैं, मुसलमान वैसे हैं! हमें तो इतना पता है कि अगर @Prakharshri78 जैसे नफ़रती जमूरे सिर्फ एक महीना मुसलमान का नाम ना लेवें, तो अगले महीने इनका मालिक इन्हें लात मारकर नौकरी से निकाल देगा। और कुछ महीने बाद ये शहर के किसी चौराहे पर भीख मांगते नज़र आएंगे। इस जमूरे को मुसलमानों का धन्यवाद अदा करना चाहिए कि उनकी बदौलत ही इनका परिवार पल रहा है।

- All I Knew

प्रखर जिसे अपने धर्म में ग़लती नज़र आती हो उसे आए ! किसी को कहने नहीं जा रहे! लेकिन प्रखर अलहम्दुलिल्लाह मुसलमान ये कभी नहीं मानता और ना मानेगा के उसके धर्म में एक तिल केके बराबर भी खराबी है! ऐसे दस बीस अंबेडकर भी कह दें तब भी!

चूतिए, क्या क्या सुधार लिया.. दलितों को घोड़ी चढ़ने पर तुम्हारी जल जाती है, चुनाव में दलित आदिवासी ओबीसी हिंदू हो जाता है चुनाव के बाद दलित के हाथ का खाना भी स्वीकार नहीं.. अपनी देख ले चिंटू.. हम अपना देख लेंगे.. चूतिए

धर्म को मजाक बना दिया है

ये कट्टरपंथी कबीले वाले कभी नहीं सुधरने वाले

तू ये भी बताता चल कि डा० अम्बेडकर ने हिंदू धर्म के विनाश तक प्रयास जारी रखने की बात क्यों की थी। और इसी बात को आगे बढाते हुए @Profdilipmandal हिन्दू धर्म के विनाश की कामना कर रहे हैं। 👇

Hey @grok your views

21 प्रतिज्ञाएँ भी बोलते चलिए, क्योंकि डॉ अम्बेडकर ने जो कह दिया वह अटल सत्य है।

@Sanjay_Dixit झुंड और समाज दोनो काफी अलग है. बस
