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ये विदेश नहीं, अपना ही देश है, अपना ही प्रदेश है और अपना ही लखनऊ है, जहाँ विश्व स्तरीय कार्यक्रम हो रहा है क्योंकि दूर की बड़ी सोचवाली समाजवादी पार्टी ने देश की पहली स्पोर्ट्स सिटी ‘इकाना’ बनाकर इसे संभव किया है। अगर भाजपावाले, सपा के कामों से द्वेष...

713,901 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

10 Kommentare

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Sudhir Mishra 🇮🇳vor 1 Jahr

योगी सरकार भी आपके वजह से ही बनी है, न आप इतने घमंड में रहते (ऐ पुलिस,ऐ पुलिस), न सामने वाले को कमज़ोर और छोटा समझते, न ही गुंडे मवालियों को टिकट देते और न ही हिन्दू विरोधी होते, तो ये योगी सरकार कहाँ से बनाती यूपी की जनता?

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🇮🇳 Vishal JyotiDev Agarwalvor 1 Jahr

लखनऊ मेट्रो - रिवर फ़्रंट, स्टेडियम बना इकाना दुनिया के उद्योग जगत का, यूपी बना ठिकाना देख के एकस्प्रेस वे दुनिया, देती है तुमको दाद कोई तुझसा तुझसे पहले, हुआ न तेरे बाद... अखिलेश यादव जिंदाबाद - जिंदाबाद जिंदाबाद ❤️💚 ~ विशाल ज्योतिदेव #AkhileshYadav #diljitconcert #Lucknow #IkanaStadium

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VIKRAMvor 1 Jahr

उत्तर प्रदेश के तरक्की में समाजवादी पार्टी का बहुत बड़ा हाथ है

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Nitin Prajapativor 1 Jahr

सपा का काम जनता के नाम माननीय मुलायम सिंह यादव जिंदाबाद 🙏

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Arjun Yadav •vor 1 Jahr

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ का शो था. हज़ारों लोग उन्हें देखने पहुँचे.

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Vikash Yadavvor 1 Jahr

राजा यादव का रफ्तार देख के बताइए कितना तेज दौड़ रहा है

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Amit Dubeyvor 1 Jahr

यह सब छोड़ो, सरकार बना लिए तो सैफइ महोत्सव में सन्नी लियोन और तमन्ना को लाएंगे या नहीं????

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Vikash Yadavvor 1 Jahr

यह भी विदेश नहीं अपना ही देश है जहां भ्रष्टाचार हो रहा है

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kp Pathakvor 1 Jahr

पूर्व रक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री 'पद्म विभूषण' मुलायम सिंह यादव की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

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PRIYA Kvor 1 Jahr

उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी के बिना कभी इतनी तरक्की नहीं कर सकता था उत्तर प्रदेश का हाल बिहार से भी खराब होता अगर वहां समाजवादी पार्टी नहीं होती

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सत्तापक्ष से पैसा लेकर ‘डीपफ़ेक’ के द्वारा झूठे प्रचार का ‘अपराध’ करनेवालों की सूची जब से सरेआम हुई है, तब से डर के मारे इनके संचालक और उनके कर्मचारी भूमिगत-से हो गये हैं। अगर सत्ता की मिलीभगत न होती तो अब तक डीपफ़ेक वाले डीपजेल में होते। अब ग़ैरक़ानूनी काम करनेवाली ये गुनाहगारी कंपनियाँ जेल जाने के डर से बचने लिए अपना नाम बदलने के चक्कर में सत्ताधारियों के चक्कर काट रही हैं। वैसे जिन्होंने पैसे देकर ये काम करवाया है या कहिए कि ऐसी लालची कंपनियों को फँसाया है, वो तो स्वयं ही नाम बदलने के एक्सपर्ट हैं, ये कंपनियाँ फिर से उन्हीं की शरण में जाएं। वैसे सूची ज़ाहिर होने के बाद इन्हें कोई बचाएगा नहीं, इनके संचालकों और कर्मचारियों पर अगर सरकार की नहीं, तो जनाक्रोश और अपनी अंतरात्मा के ईमान की गाज तो गिरेगी ही। भाजपा इन्हें दूर से बाँस से भी नहीं छूएगी क्योंकि काम निकल जाने के बाद ये अपनों को नहीं पहचानते हैं तो फिर पैसों की लालची ऐसी कंपनियों को देखकर तो आँख क्या पूरा मुँह मोड़ लेंगे, वैसे भी सब जानते हैं, भाजपा किसी की सगी नहीं है। बेईमान कंपनियों का काउंटडाउन शुरू हो गया है। अब उनके कर्मचारी अपने को बचाने के लिए इस्तीफ़े भी देंगे, उनके खाते भी सीज़ होंगे और उनके पढ़े-लिखे संचालक जेल में शर्म से सिर झुकाए अपना जीवन गुज़ारेंगे। उनके बच्चे, परिवार और समाज वाले लोग उनसे पूछेंगे कि ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि इतनी प्रतिभा के बाद भी वो अवैधानिक काम कर रहे थे। वो तो एक शर्मसार जीवन बिताएँगे ही, अपनों को भी पूरी ज़िंदगी के लिए शर्मसार जीवन बिताने के लिए मजबूर कर देंगे। वैसे तो इस महाखुलासे के बाद वो पढ़े-लिखे भी बहुत शर्मिंदा होंगे, जो भाजपा द्वारा प्रचारित झूठ को सच मानकर, विपक्ष को बदनाम करने और ऐसे वीडियो को सोशल मीडिया पर बिना जाँच-परख के फ़ारवर्ड करने की साज़िश में अपने भोलेपन की वजह से शिकार हुए हैं। भाजपा लोगों के भोलेपन का इस्तेमाल करने में शातिराना उस्तादी रखती है। आशा है ऐसी जनता अपने अपराधबोध से उबरने के लिए आगे से भाजपा की ऐसी किसी साज़िश का हिस्सा नहीं बनेगी क्योंकि क़ानूनन गुनाहगार तो वो भी है जो किसी को बदनाम करने की बदनीयत से प्रचारित किसी सूचना या समाचार को आगे प्रसारित करता है। भाजपा ने अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए जानबूझकर जिस भोली-भाली जनता को अपराधी-सा बना दिया है, अब वही जनता भाजपा को हराकर, हटाकर सबक सिखाएगी। भाजपा ने अपने ही समर्थकों के साथ सिर्फ़ विश्वासघात ही नहीं, बल्कि धोखाधड़ी भी करी है और अपनी चार सौ बीसी से क़ानूनी रूप से उन्हें अपने झूठे प्रचार का हिस्सा बनाकर एक अपराध में संलिप्त भी कर दिया है। भाजपा से दूरी ही उनको बचा सकती है। हम माननीय न्यायालय से मांग करते हैं कि वो ‘डीपफ़ेक’ खुलासे का स्वतः संज्ञान लेकर, ऐसा अवैधानिक काम करवानेवाले राजनीतिक दल, अधिकारियों और ऐसा ग़ैरक़ानूनी काम करनेवाली कंपनियों के मालिकों-संचालकों के ख़िलाफ़ जाँच और दंड की प्रक्रिया तत्काल शुरू करें।

Akhilesh Yadav

179,008 Aufrufe • vor 1 Jahr

भाजपा सरकार के एजेंडे में न तो भर्ती है और न ही कोई और नौकरी। भाजपा नौकरी न देकर पीडीए के हक़ का आरक्षण मारना चाहती है। भाजपाई हर काम को आउटसोर्सिंग के ज़रिए करवाना चाहते हैं, इससे एक तरफ़ उन्हें आरक्षण नहीं देना पड़ता है और दूसरी तरफ़ जिनको आउटसोर्सिंग का ठेका मिलता है, उनसे कमीशन और चंदा वसूली करके ये भाजपाई अपना ख़ज़ाना भर लेते हैं। भाजपा की अग्निवीर जैसी योजनाओं ने देश की सुरक्षा के साथ ही युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को भी ख़तरे में डाल दिया है। आज बेरोज़गारी का जो हाल है, उससे न केवल युवाओं में बल्कि उनके परिवारों तक में मायूसी का माहौल है। लोग खेत-ज़मीन बेचकर अपने बच्चों को बड़ी उम्मीद से पढ़ाते हैं लेकिन जब भर्ती-नौकरी की कहीं कोई बात नहीं होती है तो वो नाउम्मीदगी और निराशा से घिर जाते हैं। भाजपा के राज में कोई ख़ुशख़बरी नहीं आती है। लोग मुस्कुराना भूल गये हैं। भाजपा ने पीड़ा, दुख, अपमान-अन्याय के सिवा जनता को कुछ नहीं दिया है। इसीलिए जनता अब ‘हँसी-ख़ुशी छीननेवाली भाजपा’ को हटाकर ही सच्चा उत्सव-त्योहार मनाएगी। भाजपा जाए तो भर्ती-नौकरी आए!

Akhilesh Yadav

54,563 Aufrufe • vor 10 Monaten

आईपीएस वीके सिंह SI भर्ती-2021 के फैसले को लेकर पुलिस में एक आदमी की एकतरफा प्रशंसा हो रही है और ये तब है, जब वह आदमी मीडिया से भी दूर रहता है और अब SOG हेड के पद पर भी नहीं है। जहाँ हर कोई इनकी तारीफ़ कर रहे हैं, ये उन लोगों की तारीफ़ कर रहे हैं, जिन्होंने इस भर्ती को रद्द करने की कगार पर पहुंचाने में अपना योगदान दिया। एक अधिकारी को मुश्किल से ही अपनी टीम को श्रेय देता देखा जाता है। वीके सिंह का यह वीडियो पुराना है लेकिन बहुत कुछ सिखाता है। अपना काम पूरी जिम्मेदारी से, पूरी ईमानदारी से, पूरी शिद्दत से पूरा करना और बहुत कम बोलना। आपको बोलने की या मीडिया में बने रहने की कोई जरूरत नहीं होती। जब आप अच्छा और बड़ा काम करते हैं तो लोग खुद आपको चर्चा में रखते हैं। भजनलाल सरकार ने सब इंस्पेक्टर भर्ती सहित अन्य भर्तियों में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए बनाए गए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का हेड वीके सिंह को बनाया था। उनके नेतृत्व में जो काम शुरू हुआ तो वह आज तक इस ताकत से चल रहा है और इस ग्रुप ने आमजन की नजरों में पुलिस का सम्मान बढ़ाया ही है। किसी बड़े काम के लिए सही आदमी का चुनाव ही उस काम के अंजाम तक पहुंचाने की कुंजी होती है। सरकार ने यह काम बखूबी किया।

Arvind Chotia

28,802 Aufrufe • vor 5 Monaten

सपा के बनाए लखनऊ के गोमती रिवर फ़्रंट में आम जनता के स्वस्थ मनोरंजन के लिए जेट स्कीइंग का आनंद तब और बढ़ जाएगा, जब भाजपा सरकार की लापरवाही और उपेक्षा के कारण प्रदूषित हुई गोमती नदी अपने बदरंग और अपनी दुर्गंध को लेकर पर्यटकों के आनंद में बाधा नहीं बनेगी। भाजपा सरकार को कोई समझाए कि शुद्धीकरण से ही सौंदर्यीकरण की शुरुआत होती है। सच्चाई तो ये है कि परिवारवालों का सुख भाजपाइयों से देखा नहीं जाता है। इसीलिए सपा ने जब आम परिवारों के जीवन में नदी किनारे के आनंद को भरने का प्रयास किया तो जाँच के नाम पर भाजपाइयों ने गोमती रिवर फ़्रंट का विकास ही रोक दिया। जब विद्वेषपूर्ण जाँच में भी कुछ हाथ नहीं लगा तो भाजपाइयों ने जाँच-पर-जाँच का खेल शुरू करवा दिया। इससे अच्छा तो भाजपा सरकार अपने शासनकाल में चोरी हुए उन विदेशी फ़ाउंटेन की जाँच करवा ले, जिनके बारे में ये पता ही नहीं चला कि वो नदी में समा गये या आसमान निगल गया। अगर उप्र भाजपा सरकार ने सही से सपा के विकास कार्य को आगे बढ़ाया होता तो विदेशी मेहमानों का झूला साबरमती के किनारे नहीं, यहीं गोमती के किनारे लगा होता क्योंकि गोमती रिवर फ़्रंट का तो कोई मुकाबला ही नहीं है। आशा है इस आग्रहपरक टिप्पणी को पढ़कर लखनऊवाले घोषित करेंगे कि गोमती रिवर फ्रंट ही देश का सर्वश्रेष्ठ रिवर फ्रंट है, जो चाहे आकर देख ले। चलते-चलते ये एक आग्रह और है कि किसी ‘मुख्यनगर में कोई मुख्यताल’ भी है, लगे हाथों और समय रहते उसकी भी जाँच करवा लें क्योंकि 2027 में तो उसकी जाँच होना तय है।

Akhilesh Yadav

96,307 Aufrufe • vor 1 Jahr

भाजपा और उसके संगी-साथी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और अब उनमें ये डर बैठ गया है कि देश की 95% आबादी से बना पीडीए समाज जब भाजपा की करतूतों के ख़िलाफ़ एक साथ खड़ा हो जाएगा तो उनका क्या होगा। उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। वो सदैव की तरह भूमिगत होकर बिलबिला रहे हैं। इन नकारात्मक लोगों ने आज़ादी से पहले भी देश से ग़द्दारी की और अंडरग्राउंड रहकर देश को ग़ुलाम बनानेवालों की ग़ुलामी की, स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ चंद पैसों और वज़ीफ़े के लालच में मुख़बिरी का तुच्छ काम किया। इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं। न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं। देश और समाज के लिए एक गिरोह के रूप में ये एक विशाल ‘विषग्रंथी’ है। भाजपाइयों का जैसा संस्कार है, वैसा ही उनका शब्दकोश है और वैसी ही अभिव्यक्ति। भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है। भाजपा ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज़ है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज़ हो गया है। भाजपाइयों की घृणित मानसिकता से इसके अतिरिक्त कुछ और अपेक्षा भी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे विषैली मानसिकता वाले लोगों को देखकर तो आस्तीन का साँप भी ख़ुद को डसकर आत्महत्या कर लेता है। दरअसल जब-जब पीडीए समाज के किसी भी व्यक्ति का ऐसा अपमान होता है, पीडीए एकता और संकल्प उतना ही दृढ़ होकर उभरता है। पीडीए की एकता और एकजुटता को इससे और भी बल मिला है। आज भाजपा ने एक ऐसी लकीर खींच दी है कि भाजपा में शामिल पीडीए समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और सामान्य सदस्य तक का राजनीतिक भविष्य शून्य हो गया है। अब वो किस मुँह से अपने-अपने समाजों के सामने जाएंगे। पीडीए ने तो 2024 के आम चुनाव में ही भाजपा में शामिल ऐसे नेताओं का चुनावी बहिष्कार करके उन्हें हार का और बाहर का रास्ता दिखा दिया था, अब तो पीडीए समाज के बीच उनकी हमेशा के लिए मानसिक नाकाबंदी हो जाएगी। भाजपा की ये गहरी चाल है कि वो पीडीए समाज के अपने सभी नेताओं की सियासत की नींव खोद दे और उनकी राजनीति हमेशा के लिए ख़त्म कर दे। भाजपा का भ्रष्टाचार और आपसी मतभेद ही उसे अंतिम चरण में ले आया है, जहाँ ये खलनायक आपस की गैंगवार में एक-दूसरे का काला चिट्ठा खोलकर, एक-दूसरे को ही ख़त्म कर देंगे। इतिहास गवाह है कि जैसे ही नकारात्मक शक्तियां हारने लगती हैं वो टूटने लगती हैं, इनके साथ भी ऐसा ही होना शुरू हो गया है और आख़िरकार ये होगा भी क्योंकि इन जैसे अवांछित लोगों के लिए इतिहास अपनी चाल नहीं बदलेगा। देखना ये है कि ये दग़ाबाज़ लोग देश छोड़कर भागते हैं या अपने काले अतीत को दोहराते हुए भूमिगत होते हैं, डरपोकों के पास वैसे भी ज़्यादा विकल्प नहीं होते हैं।

Akhilesh Yadav

48,668 Aufrufe • vor 4 Monaten

बेनीवाल जी जब NDA से सांसद बने तब 2 साल में ही सैकड़ों बार संसद में उन्हें "धन्यवाद मोदी जी - धन्यवाद शाह जी" बोलते हुए सुना गया था। लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन से सांसद बनने के बाद कभी इन्हें राहुल गांधी जी और खड़गे साहब का धन्यवाद तो दूर नाम लेते हुए भी नहीं सुना है। हनुमान बेनीवाल की पार्टी अगर कहीं पर भी उम्मीद रखती है तो वो किसान दलित मुस्लिम इत्यादि वर्ग के वोटों से रखती है और ये सब ऐसे वर्ग है जिनका भरोसा राहुल गांधी के साथ है। बेनीवाल को ये कहते हुए सुना जाता है कि उनका एलायंस केंद्र में है, राज्य में नहीं तो केंद्र में वो अपना नेता किसको मानते हैं, ये जनता को बताना चाहिए और खुलकर बताना चाहिए जैसे आप खुलकर कांग्रेस सांसदों से अपनी तारीफ सुनना चाहते हैं। बाकी ये कोई नकार ही नहीं सकता है कि RLP के वोट कांग्रेस को नहीं मिले होंगे क्योंकि बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा में तो आप ने खुलेआम घोषणा कर दी थी, RLP टीम बाड़मेर जैसलमेर मे अपना समर्थन भाजपा को दे चुकी थी उसके बाद भी RLP वोटरों ने कांग्रेस को ही वोट दिए थे। जबकि जयपुर ग्रामीण में घमंडी कांग्रेस नेताओं द्वारा INC प्रत्याशी को आपकी सभा न करने का आदेश देने, उन नेताओं द्वारा आपकी पार्टी का मंच से ही अपमान किए जाने के बाद भी RLP के चाहने वालों ने कांग्रेस के अनिल चोपड़ा को ही वोट दिए थे। क्योंकि RLP और कांग्रेस का वोट बैंक एक ही है तो उन्हें लोकसभा चुनाव में तो बांटना नामुमकिन सा हो जाता है, और इस वोट बैंक की उम्मीद राहुल गांधी जी से है 🙂

अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali

20,635 Aufrufe • vor 3 Monaten

बिजली के निजीकरण के पीछे भाजपा का बड़ी कंपनियों से सीधे एकमुश्त चंदा लेने की योजना का लालच ही काम कर रहा है। भाजपा कर्मचारियों की नौकरियाँ निगल जाएगी और बिजली की मनमानी रेट बढ़ाकर जनता का ही शोषण करेगी। महंगाई की मारी जनता से भाजपा क्योंकि ख़ुद सीधे वसूल नहीं सकती है, इसीलिए वो निजी पूँजीपतियों के माध्यम से जनता की जेब पर डाका डालना चाहती है। सिवाय भाजपा और पूँजीपतियों के निजीकरण का लाभ किसी को नहीं मिलनेवाला। आज बिजली का निजीकरण कर रहे हैं कलको पानी और सड़क पर चलने का भी कर देंगे। भाजपा हर निजीकरण के नाम पर दरअसल चंदा वसूली के काम को ठेके पर देती है। भाजपा का बस चले तो सरकार को ही आउटसोर्स कर दे। साथ ही निजीकरण के माध्यम से भाजपाई आरक्षण का भी अधिकार पिछले दरवाज़े से छीन लेना चाहते हैं। हम प्रदेश की जनता, बिजली कर्मचारियों और आरक्षण समर्थकों के साथ हैं और हमेशा रहेंगे।

Akhilesh Yadav

73,070 Aufrufe • vor 1 Jahr

पत्रकार: "आप लोग यहाँ इतनी क्या करने आए हैं?" तिलचट्टा दीदी : "हम यहाँ इस शिक्षा व्यवस्था ठीक करने आए हैं! पत्रकार: आप कलेक्टर हो क्या? तिलचट्टा दीदी: नहीं, हम जनता के सेवक हैं,हम छात्रों के हक के लिए सरकार से लड़ने आए हैं!" पत्रकार: "पर दीदी, ये काम के लिए सरकार ने कलेक्टर रखे हुए हैं फिर आप क्यों आए? तिलचट्टा दीदी: कलेक्टर काम नहीं कर रहा है इसलिए हम आए हैं । पत्रकार: लेकिन सरकार ने इस स्कूल के विकास के लिए पूरा फंड पहले ही जारी कर दिया है। नए कमरों और लैब का काम भी चालू हो चुका है। सरकार तो इस पर काम कर रही है।" तिलचट्टा दीदी: "नहीं! हमें उससे मतलब नहीं है। काम हो रहा है तो क्या हुआ, हम तो फिर भी आंदोलन करेंगे!" पत्रकार: "लेकिन जब फंड मिल गया और काम शुरू हो गया, तो आंदोलन की असली वजह क्या है? तिलचट्टा दीदी: "हम आंदोलन नहीं करेंगे तो जनता को पता कैसे चलेगा कि कार्यवाही हुई है! पत्रकार: "इसका मतलब आप लोग क्रेडिट लेने आए हो। क्योंकि सरकार ने ऑलरेडी फंड दिया हुआ है लेकिन आप मीडिया में दिखाना चाहती हो कि हमारे आने की वजह से फंड जारी हुआ है।वैसे भी स्कूल प्रशासन या बच्चों ने तो आपको बुलाया नहीं है, उन्हें कोई प्रॉब्लम नहीं है।" तिलचट्टा दीदी: "अरे तुम्हें प्रॉब्लम नहीं है तो भी हम तो आएंगे ही आएंगे!" पत्रकार: "अच्छा दीदी, अगर आप वाकई इस स्कूल के बच्चों की मदद करना चाहती हैं, तो यहाँ पानी की टंकी छोटी है, उसे बड़ा बनवा दीजिए। उसके लिए थोड़े पैसे दे दीजिए, बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी।" तिलचट्टा दीदी: (भड़कते हुए) "अरे नहीं-नहीं! हमारा काम फंड देना या टंकी भरवाना थोड़े ही है। हमारा काम तो सिर्फ आंदोलन करना है! हम यहाँ सोई हुई सरकार को जगाने आए हैं!" पत्रकार: "लेकिन सरकार तो जगी हुई है और 25 तारीख़ से यहाँ काम भी चालू होने वाला है। फिर ये ड्रामा क्यों?" तिलचट्टा दीदी : "अरे हटाइए भी! काम चालू हो या न हो, हमें तो कैसे भी करके यहाँ राजनीति करनी है। और सुनो, हम तुम्हारी सेवा करके ही रहेंगे! नहीं मानोगे तो जबरदस्ती तुम्हारी सेवा करेंगे!" पत्रकार : "वाह दीदी! वैसे एक बात बताइए... आप कर्नाटक तो कभी जाती नहीं, झारखंड आप कभी गईं नहीं, केरल और पंजाब में आपको कोई दिक्कत दिखती नहीं है! आपको देश की सारी समस्या सिर्फ बीजेपी शासित राज्य और हमारे बच्चों के इसी हाई स्कूल में दिख रही है क्या?" तिलचट्टा दीदी: हमें बीजेपी RSS के लोग रोका जा रहा है । हमें मारा जा रहा है.... छात्रों का शोषण हो रहा है ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला ......

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

81,831 Aufrufe • vor 13 Tagen

इस धरती पर ही नहीं बल्कि पूरे ब्रह्मांड में इससे बड़ा धूर्त और टोपी बाज आदमी अपने नहीं देखा होगा यह गुजरात उप चुनाव में प्रचार करने आया था तो यह कह रहा है की एक आदमी पूछा की गोपाल इटालिया तो विपक्ष में है तो हमारे काम कैसे होंगे तो मैंने कहा काम करने के लिए सरकार की कोई जरूरत नहीं होती विधायक विपक्ष में रहकर ही सरकार से काम करवा सकता है सरकार में रहकर नहीं यही टोपिबाज आदमी जब लुधियाना चुनाव प्रचार में अपने प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहा है तो कह रहा है याद रखना तुम्हारे काम तभी होंगे जब सत्ता पक्ष को वोट दोगे सत्ता पार्टी के विधायक को जिताओगे क्योंकि सत्ता में रहने वाला विधायक ही काम करवा सकता है गजब का टोपी बाज है भाई😂😂😂😂

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

18,124 Aufrufe • vor 2 Monaten