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ये है भाजपाई भ्रष्टाचार का कमाल सड़क पर चल रही है नाव-ही-नाव ये गोरखपुर नहीं है, स्मार्ट सिटी आगरा है।

120,999 次观看 • 1 年前 •via X (Twitter)

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ये है उप्र में भाजपा सरकार के ‘हवाई दावों की हवा में उड़ती फ़ाइल’! कानपुर मेयर का ये दिखावटी गुस्सा कितना सच है, जनता सब जानती है। कानपुर ही नहीं पूरे उप्र की जनता को भाजपाई मेयरों ने ठगा है। उप्र में स्मार्ट सिटी बनाने का काग़ज़ी काम भाजपाई भ्रष्टाचार का शिकार होकर काग़ज़ों में ही लटका है। स्मार्ट सिटी के नाम पर उप्र को बजबजाती नालियों, सडाँध भरे नालों, गड्ढेयुक्त सड़कों-गलियों, जाम में फँसी सड़कों के अलावा अगर और कुछ मिला है तो वो है ‘भाजपाई राजनीति’ का वो प्रदूषण जो सारे ठेके अपने लोगों को लेन-देन के सौदे के बदले में देता है। इसीलिए इनका काम न होने का क्रोध केवल दिखावा है। जनता ऐसे नाटक देख-देखकर त्रस्त हो चुकी है और अगले मेयर चुनाव में भाजपा के मेयरों को हराने-हटाने के लिए तैयार बैठी है।

Akhilesh Yadav

529,090 次观看 • 2 年前

इस जान बचाने वाले लड़के नाम फ़ैज़ान ना होता तो शायद नोएडा मीडिया इसे हीरो की तरह चला रहा होता! ये तस्वीरें यूपी के पीलीभीत की हैं जहां शुभम तिवारी कार समेत नदी में गिर जाता है और नाव पर सवार फैज़ल उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहा है। वीडियो दिल की धड़कनें बढ़ाने वाला है क्योंकि कार धीरे-धीरे डूब रही है और फैज़ल अपनी जान पर खेलकर उसे निकालने की कोशिश कर रहा है फिर देखते ही देखते कार पानी में पूरी डूब जाती है और कार से टकराकर नाव भी पलट जाती है लेकिन फैज़ल ने शुभम का हाथ नहीं छोड़ा और आखिर में शुभम को बचा ही लिया...💕 अपनी जान पर खेलकर किसी को बचाने की ये अदभुत कहानी है मगर अफसोस ये है कि मीडिया फैज़ल का नाम नहीं लिख रही है बस एक नाविक लिख रही है...पता नहीं क्यों❓

Surendra Rajput ‏

25,165 次观看 • 9 个月前

जब भाजपाई विधायक जी को नहीं मिला हिस्सा, तब ही खुला किस्सा! भ्रष्टाचार की परतों में छिपी भाजपाई चोरी तभी खुलती है जब बँटवारे को लेकर झगड़ा होता है। भाजपाइयों ने हर विभाग को, ऊपर से लेकर नीचे तक, भ्रष्टाचार के जाल में फँसा रखा है। जो ईमानदार बाबू या अधिकारी हैं वो भाजपाई मेगा-करप्शन के इस मेगा-नेटवर्क में बहुत घुटन महसूस कर रहे हैं। जो भाजपाई विधायक बड़े मासूम बनकर कह रहे हैं कि ये सिर्फ़ छोटे कर्मचारियों की मिलीभगत से संभव नहीं है, बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, तो उन्हें अपनी बात पूरी करते हुए ये भी कहना चाहिए कि ये गोरखधंधा सिर्फ़ भाजपाई विधायक के स्तर पर संभव नहीं है, इसमें भाजपाई सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री के विरुध्द भी ‘काग़ज़ी सड़क’ बनाने की कार्रवाई होनी चाहिए। जिनमें ख़ुद दाग-दोष वो बन रहे सफ़ेदपोश देखते हैं ये मामला जाँच और दंडात्मक कार्रवाई से सुलझता है या शांतिपूर्ण गुप्त बँटवारे से। वैसे ये तो वो मामला है जो खुल गया, बाक़ी का क्या। साहसी पत्रकार से हमारा आग्रह है कि जब ‘6 करोड़’ की सड़क के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया है तो ‘6000 करोड़’ से ज़्यादा के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के महा-भ्रष्टाचार का महा-भंडाफोड़ भी करें। 6 करोड़ का घोटाला तो 6000 करोड़ से अधिक के महाघोटाले के आगे एक प्रतिशत का दसवाँ हिस्सा भी नहीं है। इस भ्रष्टाचार का लिंक तो गोरखपुर से लखनऊ होते हुए न जाने कहाँ तक रहा होगा। ये डबल इंजन नहीं, डबल करप्शन की सरकार है। ईमानदार कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

174,239 次观看 • 1 年前