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Ana Sayfaya Dön

राजे-रजवाड़े खत्म हो गए, यह लोग आपके वोट के मोहताज हैं। आप इन्हें प्रधानमंत्री बनाते हो, मुख्यमंत्री बनाते हो, सांसद-विधायक बनाते हो और यह आपको बेचारा समझते हैं, याचक समझते हैं"। राहुल गांधी को संसद में सुनने के बाद अब यह शानदार भाषण सुनिए। पवन खेड़ा Pawan Khera 🇮🇳...

123,606 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

Sandhya Chaturvedi. profil fotoğrafı
Sandhya Chaturvedi.1 yıl önce

@Garimaojha3 @Pawankhera पवन खेरा जी को सुनना हमेशा अच्छा लगता है 😊 बहुत अच्छे वक्ता हैं 👌👍

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Awesh Tiwari1 yıl önce

@Garimaojha3 @Pawankhera यकीनन, देखिए कितनी खामोशी से युवा सुन रहे।

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Shilpa Patil1 yıl önce

यह एक उत्कृष्ट वक्तव्य है! क्या यह समझना आवश्यक नहीं है कि मुफ्त राशन के मोहताज क्यों बनाए जा रहे है? उन्हें रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनने का अवसर क्यों नहीं दिया जाता? मीडिया चौबीस घंटे उनके गुणगान में लगा रहता है। क्या मीडिया कभी सरकार से सवाल नहीं पूछती कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? हम "invest in a girl child" ठीक से नहीं बोल पाते है, "investigate" बोलते है और मीडिया वाह वाह करती है। हम AI का Artificial Intelligence नहीं समझ सकते! आई, सिंगल, डबल और न जाने क्या क्या बोल देते है। लेकिन मीडिया फिर भी मुंह पर ताला लगाए बैठी रहती है। जब समस्याएं और मुश्किलें आती हैं, तो राहुल गांधी की याद आती है। जनता को अपने मुद्दों को उठाने के लिए राहुल गांधी की आवश्यकता है। लेकिन फिर भी, जब ये लोग अपना कीमती वोट किसी और को देते हैं, तो यह एहसास नहीं रहता कि उनके मुद्दे अगले 5 साल धूल खाएंगे।

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Teekhi Mirchi1 yıl önce

@Pawankhera खेड़ा कभी अपनी क्लास में मॉनिटर का चुनाव न जीत पाया यकीन न हो तो अबकी दिल्ली के किसी मुहल्ले से पार्षद का चुनाव लड़वा कर देख ले और हाँ प्रचार तो तू बढ़िया कर ही लेगा 🤔 ऐसे ही थोड़े 0 आई है दिल्ली में

Middle Class Indian profil fotoğrafı
Middle Class Indian1 yıl önce

@Pawankhera राजे राजवाड़े खत्म हो गए पर कांग्रेस पार्टी पर राज करने वाला राजपरिवार आज भी कायम है। मज़े की बात ये है कि राजे राजवाड़े खत्म हो गए बोलने वाला पवन खेड़ा और ये पोस्ट डालने वाला तू, दोनों उसी राजपरिवार की चरणवन्दना में लीन हो

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Bharti Makanjee1 yıl önce

@Pawankhera 👏👏👏👏Well said &explained Pawan bahaut zaroori thaa ye Kahana.

Team Rudraksh 🇮🇳 profil fotoğrafı
Team Rudraksh 🇮🇳1 yıl önce

@Pawankhera तुम्हारी पोस्ट की लास्ट लाइन सबसे अच्छी है। @RahulGandhi को यह लाइन जरूर पढ़नी और समझनी चाहिए। 😄😄😄

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Akash kumar1 yıl önce

@Pawankhera Election jeetne ke alawa congress wale sab kar sakte h...😂😂

देशभक्त जहाजी 🇮🇳🇮🇳(मोदी का परिवार) profil fotoğrafı
देशभक्त जहाजी 🇮🇳🇮🇳(मोदी का परिवार)1 yıl önce

@Pawankhera To kheda bsdk Gandhi parivar ka tu phir kyu muah me le choosta hai ,congress Gandhi parivar ko laat maar nikale

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rajubhai hindu1 yıl önce

@Pawankhera Tuje sale kon fanding deta rehta Tu to ek 2 ka bhi nahi lagta

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पत्रकार का प्रश्न : सर जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या हुई है। जवाब : देखिए कानून को तोड़ के कोई हत्या करता है, वह तो हत्यारा होता है। चाहे जेल के अंदर हो, चाहे फील्ड में हो, चाहे कहीं हो। इसलिए मुझे इसकी जानकारी तो है नहीं, मीडिया में खबर आई है, तो यह तो इनकी लापरवाही तो है, कि जेल के अंदर कैसे तो मतलब ऐसी स्थिति बन गई और पहले बीकानेर में भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। जगह-जगह घटनाएं होती हैं तो दुख होता है, कि जेल के अंदर कैसे तो हथियार पहुँच जाते हैं, कैसे हत्याएं होती हैं, कैसे मोबाइल पहुँच जाते हैं। तो यह तो जेल के जो हमारे अधिकारी हैं और सरकार है, उनको चाक-चौबंद होना चाहिए जिससे कि ऐसी घटनाएं नहीं हों। कानून अपना काम करे। कानून चाहे जगन गुर्जर हो चाहे कोई हो, अपना काम करे। परंतु इस प्रकार से अगर हत्याएं होती हैं आपस के अंदर ही, तो कल उसने मारा कल उसको और कोई मार देगा मान लीजिए। तो यह चलता रहेगा क्या सिलसिला? तो यह अच्छी बात थोड़ी है। यह कोई जाट, गुर्जर और किसी जाति की बात नहीं है। यह बात है कि आप किस प्रकार से हत्या हो जाती है जेल के अंदर, तो आपस में हत्याएं होने लग गईं। तो यह कोई सिलसिला रुकेगा ही नहीं। तो यह चिंता सरकार को होनी चाहिए। पत्रकार का प्रश्न : सर, यह कोई पैरामेडिकल जो एग्जाम्स थीं, उसको भी निरस्त करने का फैसला किया गया है, गड़बड़ी के चलते। जवाब : यह कल आए थे बच्चे मेरे पास में, बहुत तकलीफ में थे बेचारे कि साहब हमने इतनी मेहनत करी, एग्जाम का वक्त आया और पेपर लीक हो गया। अब यह किस मुँह से हमें दोष दे रहे थे? इनके वक्त में तो ओएमआर शीट भी और यह पेपर लीक हो रहे हैं और यह पूरे देश में हो रहे हैं। नीट का पेपर तो केंद्र सरकार, एनटीए की देखरेख में हो रहा था। तो यह जो है, इनके पास कोई जवाब तो है नहीं। हमें बदनाम करने का पूरा इन्होंने षड्यंत्र किया था चुनाव में, उसमें कामयाब हो गए थे। अब जनता के सामने एक्सपोज हो गए हैं, यह बोलने की स्थिति में नहीं रहे हैं।

Ashok Gehlot

121,320 görüntüleme • 3 ay önce

पूरे देश के सामने ये साफ हो चुका है कि हमारी परीक्षा प्रणाली में बहुत गंभीर समस्या है। सवाल सिर्फ NEET का नहीं है, बल्कि सभी प्रमुख परीक्षाओं का है। मंत्री जी खुद को छोड़कर बाकी सबको दोष दे रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि जो कुछ यहां हो रहा है, उसके बुनियादी सिद्धांतों को वे समझ रहे हैं। मुद्दा यह है कि जो कुछ हो रहा है, उससे देश के लाखों छात्र बेहद चिंतित हैं और आश्वस्त हैं कि भारतीय परीक्षा प्रणाली एक फ्रॉड है। लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली को खरीद सकते हैं...। इसीलिए हम माननीय मंत्री से कुछ बहुत आसान सा सवाल पूछ रहे हैं। सवाल सिस्टम का है और आप इस मुद्दे को सिस्टम के स्तर पर ठीक करने के लिए वास्तव में क्या कर रहे हैं? -राहुल गांधी जी, नेता प्रतिपक्ष

Priyanka Gandhi Vadra

145,034 görüntüleme • 2 yıl önce

पत्रकार का सवाल : क़ानून व्यवस्था को लेकर लगातार जोधपुर में फायरिंग भी हो रही है। जवाब : अब देखो ना, दौड़ा-दौड़ा के मारा। यह घटना राजस्थान भर में हो रही है, कहीं मर्डर हो रहे हैं, कहीं रेप हो रहे हैं। सुनवाई नहीं हो रही है और एक नई बात हो गई है, थानों के अंदर जो है पैसे खा लेते हैं क्योंकि करप्शन की हदें पार हो गई राजस्थान के अंदर। करप्शन तो देखो हर राज के वक़्त में होता है, मैं स्वीकार करता हूँ। इस बार तो सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं। सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं और थाने वाले कहते हैं, जिसका रेप हो गया, पहली बात तो ग़रीब परिवार है वो, थाने में जाते ही नहीं हैं, चले भी गए, चले भी गए मान लो वो, तो क्योंकि पहले खा लेते हैं रेपिस्ट से, कहते हैं, "तुम जाके समझौता कर लो जयपुर के अंदर।" क्या मज़ाक है यह? स्थिति बड़ी नाज़ुक है। पत्रकार का सवाल : आपके द्वारा जो अस्पताल बनाए गए हैं, जो सैटेलाइट किए गए हैं ना, उनमें पद तो भर दिए गए हैं लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं दे रहे हैं, पैसों के लिए। जवाब : भैया, मैं बोल चुका हूँ यह पॉइंट अभी। वो बिल्डिंग अभी खड़ी है, ना इक्विपमेंट है, ना डॉक्टर वहाँ पर हैं। पत्रकार का सवाल : सर, शेखावत जी ने एक आरोप और लगाया था कि हमने ₹27,000 करोड़ दिए लेकिन जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के चलते जो है, पानी के जो है कनेक्शन नहीं दिए गए, उसमें भारी घोटाला किया गया है। जवाब : यह वेग बातें हैं देखो। इन बातों, जब तक आप आँकड़े नहीं दो कि भाई हमने यह दिए थे, इसमें यह खर्च हुए, इसके खर्च नहीं हुए, तब तक कोई स्वीकार भी नहीं करेगा और ऐसे आरोप तो वेग आरोप हैं, मतलब इनमें कोई दम नहीं होता है। उनको पूछो भाई, हिंदुस्तान भर में आप तो मंत्री थे, विभाग इंपॉर्टेंट था आपका, हमें ख़ुशी हुई, मैंने प्रधानमंत्री मोदी जी को कहा मीटिंग के अंदर, "यह आपने अच्छा काम किया कि आपने यह नया विभाग को इस रूप में इंपॉर्टेंस दी है।" तो आप बताइए हमारी कितनी बड़ी रुचि होगी? अब क्यों नहीं काम कर रहे हैं ये? हमारी सरकार के वक़्त में काम कम हुआ, अब क्यों नहीं काम कर पा रही है? अब तो इनकी सरकार है, क्यों नहीं काम कर पा रही है? दूसरा, इनको चाहिए सब राज्यों का हिसाब दें, कहाँ पर कितना पैसा पहुँचा है, कहाँ मैंने एक्स्ट्रा मदद करी है। ईआरसीपी (ERCP) में जो व्यक्ति झूठ बोल सकता है, प्रधानमंत्री के मुँह से हमने टेप सुना दिया इनको, प्रधानमंत्री ने तीन बार बोला, दो बार बोला राजस्थान में, "ईआरसीपी को हम राष्ट्रीय परियोजना घोषित करेंगे।" और यह खड़े होकर बोल गए मीटिंग के अंदर, ऐसा कोई हो तो मैं पता नहीं क्या बोला, "इस्तीफ़ा दे दूँगा" या क्या बोलूँगा, पता नहीं, यह बोल गए वहाँ। मुझे याद नहीं, पर कुछ बोले थे खड़े होकर जयपुर की मीटिंग के अंदर। तो इनको पता ही नहीं है। जो प्राइम मिनिस्टर की कही हुई बात है, आप नहीं स्वीकार कर पा रहे हो, या पूरा नहीं कर पा रहे हो, अलग बात है। आप कहो भाई, "यह हमारी मजबूरी थी, भूल गए, पर इसमें यह अड़चन आ रही है, यह नियम नहीं कहते।" कुछ भी बोलो, आप यह कैसे कह सकते हो, बोले ही नहीं वो? तो यह इनके बारे में मैं नहीं बोलूँ तो अच्छा है।

Ashok Gehlot

25,542 görüntüleme • 3 ay önce

यह जो राहुल गांधी से बातचीत कर रहा है यह बांग्लादेश में तख्तापलट का मास्टरमाइंड मोहम्मद यूनुस है इसे ही अंतरिम सरकार का प्रधानमंत्री बनाया जा रहा है यह बांग्लादेश के श्रमिक फंड में 2.2 मिलियन का घोटाला करके लंदन भाग गया क्योंकि इसके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए थे उसके बाद यह लंदन और पेरिस में रहकर अमेरिका और ब्रिटेन के साथ मिलकर रॉकफेलर फाउंडेशन और जॉर्ज सोरेस के साथ मिलकर पाकिस्तान की ISI के साथ 1 साल से प्लानिंग करके बांग्लादेश सरकार का तख्ता पलट कर दिया राहुल गांधी जो कैमरे पर बातचीत कर रहे हैं आप उसे सुनिए कितनी खतरनाक बातचीत कर रहे हैं और यह तो कैमरे के सामने हैं आप कल्पना करिए जब कैमरे के सामने इतनी खतरनाक बातचीत हो रही है फिर पर्दे के पीछे राहुल गांधी और मोहम्मद यूनुस में कितनी खतरनाक बातें हुई होगी लेकिन राहुल गांधी भारत में इसलिए नहीं सफल हो सकते क्योंकि भारत में यह वामपंथी मानसिकता के लोग तख्तापलट नहीं कर सकते

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

311,474 görüntüleme • 2 yıl önce