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राम जी से घात का पैसा धर्म-दान पात्र का पैसा भाजपा के पाप का पैसा नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए ऐसा पैसा ~ नहीं चाहिए नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए ऐसा पैसा नहीं फलेगा ज़्यादा दिन नहीं चलेगा जो लेगा ~ उसको पाप लगेगा नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए... show more
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... राम भक्त के H.त्यारों से। आजम खां के हरकारों से। अतीक अहमद के यारों से। नहीं चाहिए! नहीं चाहिए। नाम राम का नहीं चाहिए। फेंक एजेंडा नहीं फलेगा। ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा। रामभक्त का श्राप लगेगा। नहीं चाहिए। नहीं चाहिए। नाम राम का नहीं चाहिए। कुछ बूझे? जहां सपा से कोई आए। सत्ता का लालच दिखलाए। पूछो !क्यों गोली चलवाई। अब्दुल को दी खीर मलाई। कहना! राम द्रोहियों से हम सबको। खीर मलाई नहीं चाहिए । नहीं चाहिए। नहीं चाहिए। नाम राम का नहीं चाहिए। कुछ बूझे? उनकी जैसी करनी होगी। उनको खुद ही भरनी होगी। रामलला से घात करेगा। वो ही इसका पाप भरेगा। तभी तो 👇 राम भक्त के H.त्यारों से। आजम खां के हरकारों से। अतीक अहमद के यारों से। नहीं चाहिए! नहीं चाहिए। नाम राम का नहीं चाहिए। अऊका 🙋😰

... राम भक्त के हत्यारों का । आजम खां के दुलारो का । अतीक अहमद के यारों का । ऐसे रामद्रोहीयो को सत्ता नहीं चाहिए! नहीं चाहिए। हिन्दू विरोध एजेंडा नहीं फलेगा। झूठ ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा। क्योकि रामभक्तों का श्राप लगेगा। ऐसे रामद्रोहीयो को सत्ता नहीं चाहिए! नहीं चाहिए। आपके घर सपा से कोई गुंडा आए। सत्ता में आने पर पैसों का लालच दिखलाए। पूछो !क्यों रामभक्तों पर गोली चलवाई। क्यो तुमने अब्दुल को दी खीर मलाई। कहना! राम द्रोहियों से हम सबको। खीर मलाई नहीं चाहिए । नहीं चाहिए। नहीं चाहिए। नाम राम का नहीं चाहिए। उनकी जैसी करनी होगी। उनको खुद ही भरनी होगी। रामलला से घात करेगा। वो ही इसका पाप भरेगा। ऐसे रामद्रोहीयो को सत्ता नहीं चाहिए! नहीं चाहिए।

बाप का पाप और रामभक्तों का संताप ही श्राप बना जिसने अक्लेश को हमेशा के लिए सत्ता से बेदखल कर दिया असली घात तो तुमने राम जी के साथ किया जब निहत्थे रामभक्तों की छाती छिदवा दी। जो माफियाओं की तिजोरी भरते थे वे आज दानपात्र पर भाषण दे रहे हैं। जो आ,तंकियों के मुकदमे उठाते थे वे आज पाप और श्राप का डर दिखा रहे हैं। सनातन को गाली देने वालों का दिया हुआ ज्ञान अब प्रदेश में नहीं चलेगा।

नमाजवादियों को कोई दें भी नहीं रहा है, वैसे ये पैसा दान का नहीं रामभक्तों के मेहनत से दिया गया टैक्स का पैसा है

😂

ये संघी भाजपाई अब तो खुलेआम पैसे देकर वोट खरीदने लगे हैं। अब इस देश में लोकतंत्र बचा नही है।

ये बोल कौन रहा है जिसको राम भक्तों पर गोलियां चलवा के गर्व महसूस हो रहा है। जिसने राम मंदिर के विरोध में संसद में काले कपड़े पहन के Black Day मनाया था। राम मंदिर आज तक नही गये तुमको बहाना चाहिए राम मंदिर के अपमान करने का। चुनाव में चुनावी हिंदू बने फिरते।

राम भक्तों पर चलाने वाले गोली समझ रहे थे जनता है भोली सत्ता हाथ से निकलते ही जेब हो गया है खाली जनता के पैसों से राते होती थी रंगीन हाथ से सत्ता निकलते ही अब हालात हो गया है संगीन समझ रहे हैं राम जी कर देंगे बेड़ा पार उनको पता नहीं वो हो चुके हैं बेकार ।।

भाजपा की ये चाल आरंभ से पहले ही विफल हो गई, क्योंकि उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने सरकार को स्पष्ट संदेश दे दिया कि "हमें पाप का पैसा स्वीकार नहीं है" " नहीं चाहिए पाप का पैसा "

चुनाव आ रहे हैं अखिलेश जी को राम याद आ रहे हैं

Ye hai Sapaiyo ki hakikat ye Yadmulle na bhagwan ram ko mane na mandir gaye , ro rahe hai aise jaise inhone badi ladai ladi ho mandir bnane ki

तुम्हारे बाप के पास करोड़ों की सम्पत्ति कैसे आयी मास्टरी कर के कमाए थे क्या 😅

"मुर्गा छाप लाल टोपी वाले टोटी चोर" 🤣🤣 बाप को सीएम की कुर्सी से गिराकर ख़ुद सीएम बनने वाला "टोंटी चोर" सरकारी आवास से टोंटियां चुराने वाला

देश के पीएम, भाजपा के तमाम सीएम किसी पुल, नाले, सड़क और हाइवे का उद्घाटन या किसी ट्रेन को हरी झंडी दिखानी हो पब्लिसिटी मात्र के लिए चंद मिनट में करोड़ों खर्च कर देते हैं जबकि इससे भी कम पैसे में ग्रामीण सड़क का निर्माण आराम से हो सकता है

अखिलेश जी, राम मंदिर का चढ़ावा चोर पकड़े गए, पैसा वापस आया, ट्रस्ट ने खुद जांच मांगी। लेकिन आपका तमाशा जारी है! आपकी पार्टी ने कभी मंदिर नहीं बनने दिया, बाबरी पर जश्न मनाया, आजम-अतीक जैसे राम-विरोधियों को पालतू बनाया। अब “राम जी से घात का पैसा” गाने लगे? सपा के सत्ताकाल के घोटाले, पेपर लीक, माफिया राज… वो पैसा कहाँ गया? जो खुद कभी रामलला के दर्शन तक नहीं गया, वो आज धर्म की दुहाई दे रहा है! आपका ये “नहीं चाहिए” सिर्फ वोट की भूख है। राम भक्तों को सपा का पाप-पैसा कभी नहीं चाहिए। जल्दी चुनाव आ रहा है, जनता याद रखेगी!

अखिलेश जी, आप राम जी के चढ़ावे का नाम लेकर गीत गा रहे हैं तो पहले यह बताइए कि सनातन आस्था का अपमान करने वाली राजनीति कब बंद करेंगे। मंदिर ट्रस्ट में कुछ कर्मचारियों द्वारा की गई गड़बड़ी पकड़ी गई, दोषियों पर कार्रवाई हुई, गिरफ्तारियां हुईं और जांच चल रही है। लेकिन आप इसे ‘भाजपा का पाप’ बताकर पूरे मंदिर और भक्तों की आस्था पर कीचड़ उछाल रहे हैं। यह चढ़ावा चोरी नहीं, बल्कि गिनती की प्रक्रिया में हुई गलती थी जिसे ठीक किया जा रहा है। आपको ‘ऐसा पैसा नहीं चाहिए’ तो याद दिला दूं कि आपके शासन में गरीबों के पैसे कहां गए, वह हिसाब जनता अभी तक मांग रही है। भगवान राम की भक्ति को वोटबैंक की राजनीति का औजार बनाना बंद कीजिए। सनातन समाज समझ चुका है कि कौन आस्था की रक्षा कर रहा है और कौन सिर्फ नारा लगाकर अपना स्वार्थ साध रहा है।

वक्फ बोर्ड की जमीन पर एक और कविता सुना दो नेता जी, नहीं तो कृष्ण जन्मस्थली पर अपनी आंखें खोल दो,

जो इंसान कभी श्री राम मंदिर नहीं गया। जिसके पिता कारसेवकों पर गोलियां चलवाई, उसे श्री राम मंदिर में अचानक इतना रुचि क्यों ? जो अपने धर्म का ना हुआ वो एक मंदिर के दान पात्र से चोरी का रोना रो रहा है। .....तुमको सनातन से दिक्कत हैं न!!! इस बार जनता फिर तैयार है...देखते हैं कितना शीट लाते हो ये सब कर के।।

हमारे लिए तो सबसे बड़ी खुशी की बात यही है कि जो टोंटी ब्रो 2012 में किसी भगवान की पूजा नहीं करता था आजकल वह बिना पूजा किए घर से नहीं निकलता .... सनातन में आपका पुनः स्वागत है

अगर भाजपा के पास पाप का पैसा है तो समाजवादी के पास कौन सा अपना कमाया है जिसके दादा भुखमरी के कारण मर गए थे आज उनके पास हजारों करोड़ की अघोषित संपत्ति है घोटालों में सबसे भ्रष्ट नेता थे अजन्मा पुरूष यानी जिसे धरती पुत्र कहते है बेबकूफ लोग

रामभक्तों के खून का पैसा कारसेवकों पर गोली का पैसा सपा के गुंडाराज का पैसा नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए ऐसा पैसा ~ नहीं चाहिए नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए ऐसा पैसा नहीं फलेगा ज्यादा दिन नहीं चलेगा जो लेगा ~ उसको पाप लगेगा नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए ऐसा पैसा ~ नहीं चाहिए नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए तो समझे… जब सपा से कोई आए जाति-धर्म में तुम्हें बाँटने आए तो बैठाके पूछो क्यों गोली चलवाई अयोध्या में क्यों लाशें गिराई कहना नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए ऐसा पैसा ~ नहीं चाहिए नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए तो समझे… जिस पैसे में पाप की बू आए जिससे माफियाओं को शय मिल जाए उसको नहीं लगाना हाथ वरना लग जाएगा श्राप पाप कर देगा सब नाश इसीलिए रामभक्तों के खून का पैसा अतीक-मुख्तार के साथ का पैसा सपा के तुष्टिकरण का पैसा नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए ऐसा पैसा ~ नहीं चाहिए नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए

मंदिर की तरफ क्यों देख रहे हो आप मजार की तरफ देखो ना

सपा की कविता में तुक तो खूब है, लेकिन सच का कोई हिसाब नहीं है। राम के नाम पर झूठे आरोप सजाए, जनता को बहकाने के गीत सुनाए। मंदिर और धर्म को राजनीति में घसीटकर, हर बात का दोष भाजपा पर मढ़ाए। अरे सपा वालों, इतना याद रखो— **राम का नाम किसी की जागीर नहीं, और धर्म किसी की राजनीतिक ढाल नहीं।** जनता अब तुकबंदी से नहीं बहकेगी, काम और विकास के आधार पर फैसला करेगी। तुम कविता गाते रहो, आरोप लगाते रहो, **जनता जवाब देगी—काम हुआ है, काम होता रहेगा!**

सपा की कविता में तुक तो खूब है, लेकिन सच का कोई हिसाब नहीं है। राम के नाम पर झूठे आरोप सजाए, जनता को बहकाने के गीत सुनाए। मंदिर और धर्म को राजनीति में घसीटकर, हर बात का दोष भाजपा पर मढ़ाए। अरे सपा वालों, इतना याद रखो— **राम का नाम किसी की जागीर नहीं, और धर्म किसी की राजनीतिक ढाल नहीं।** जनता अब तुकबंदी से नहीं बहकेगी, काम और विकास के आधार पर फैसला करेगी। तुम कविता गाते रहो, आरोप लगाते रहो, **जनता जवाब देगी—काम हुआ है, काम होता रहेगा!**

सीएम आवास से टोंटिया चुराने वाला कारसेवको पर अंधाधुंध फायरिंग करवाने वाला 1200 करोड़ रुपए से हज हाउस बनाने वाला मंदिरों से लाउडस्पीकर उतरवाने वाला चौरासी कोसी परिक्रमा पर रोक लगाने वाला मंदिरों में घंटी बजाने से रोकने वाला अपनी बीबी की बेइज्जती सहने वाला नहीं चाहिए नहीं चाहिए

हाइपॉक्रेसी कि भी कोई सीमा होती है

बस रिवर front के घोटाले और खनन माफिया के पैसे से कोई दिक्कत नहीं होती?

ऐसे भाजपा को लोग सरकार दे बैठे है, जो जनता को तो लुटती ही है। लेकिन वह, अब भगवान के दानपात्र को भी लूटने लगी है। भगवान को लूटने का कोई एक नहीं बहुत किस्से सामने आने लगे है। फिर भी लोग कहते है कि यह ईमानदार सरकार है। तो लोगो को ही समझना होगा, की इन्हें ना विकास चाहिए। ना धर्म की रक्षा करनी है। इन्हें सिर्फ और सिर्फ़ लूटना है, वह देश को लूटना चाहते है। वह भगवान को भी लूटना चाहते है। वह बस एक चीज पैसा चाहते है। तो कर लो एक ऐलान की हम इस बार बदलाव लाएंगे, चोर की सरकार नहीं हम नेताजी के आशीर्वाद की अखिलेश सरकार लाएंगे।

अब पछताए क्या होवे जब चिड़िया चुग गई खेत अखिलेश जी राम भक्ति तब दिखानी थी जब हमारे भगवान का मंदिर नहीं बना था उसे बनाने के लिए मेहनत करनी थी लेकिन उस समय चुनाव जीतने के लिए मंदिर को नहीं बनने दिया और अब चुनाव जीतने के लिए भक्ति दिखा रहे हो गजब के नौटंकी बाज़ हो भैया

श्री राम भक्तों पर गोलिया चलवाने बालों मौलानाओ की शरण में जाने बालों हिंदू समाज को ज्ञान ने दे

AI वीडियो बनाने से चुनाव नहीं जीते जाते जनता को बुवकूफ़ समझना तुम्हारे सबसे बड़ी भूल होगी तुम्हारे लिए अंत में EVM ही दोषित पाया जाएगा क्यों की BJP प्रचंड बहुमत से जीत रही है

जब भाजपा राम जी की नहीं हुई तो देस समाज की क्या होगी। जिसका नाम लेकर इसने गद्दी पाया उसी का खजाना लुट लिया।

एक बार इनसे भी पुछ लो..... क्या चाहिए 🤔

20 हजार रुपए में तो लोग एक दूसरे का खून तक कर देते हैं फ़िर वोट देना तो मामूली बात है वैसे भी पहले 1000/500 और दारू की बोतल पर वोट बेचते थे अब 20 हज़ार मिलेंगे तो कौन मना करेगा सब ले लेंगे बल्कि मारामारी करेंगे eligiblity के लिए

अखिलेश यादव जी, रामलला के नाम पर राजनीति करने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास का आईना भी देख लीजिए। जिस मामले की जांच अभी चल रही है, उसमें फैसला आने से पहले ही आपने आरोपों को सच घोषित कर दिया यही आपकी राजनीति का असली चेहरा है। SIT जांच कर रही है, कार्रवाई हो रही है, यानी व्यवस्था सवालों को दबा नहीं रही बल्कि कानून के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। और विडंबना देखिए आज वही अखिलेश यादव मंदिर के दान की चिंता में गीत लिख रहे हैं, जिनकी पार्टी के शासनकाल में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के प्रति रवैया जनता भूली नहीं है। रामलला के भक्तों के दान पर सवाल उठाना आसान है, लेकिन यह बताना मुश्किल है कि आपकी सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए क्या किया था? आज राम मंदिर का भव्य निर्माण सामने है, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र विकसित हो रहा है और मंदिर ट्रस्ट का वित्तीय corpus मार्च 2026 तक लगभग ₹1,876 करोड़ बताया गया है। इसलिए अखिलेश जी राम के नाम पर झूठ नहीं चलेगा आस्था के नाम पर राजनीति नहीं चलेगी, जांच से पहले फैसला सुनाने की आपकी राजनीति नहीं चलेगी। जिसे सच में पारदर्शिता की चिंता है वह जांच पूरी होने का इंतजार करता है; जिसे सिर्फ राजनीति करनी होती है, वह जांच से पहले ही फैसला सुना देता है। रामलला आस्था हैं आपकी राजनीतिक पटकथा का विषय नहीं। जनता सब देख रही है कौन राम मंदिर के निर्माण के साथ खड़ा था और कौन आज उसी मंदिर के नाम पर राजनीति कर रहा है। आज जब महिलाओं को उनका अधिकार मिल रहा है सुरक्षा और समृद्धि मिल रहा है तो सपा प्रमुख को इस बात का दर्द हो रहा है कि महिला समृद्धि और सुरक्षित हो रही है।
