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Ana Sayfaya Dön

रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल #शिव

42,647 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

9 Yorum

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Manish Choudhary 1 yıl önce

लोकसभा चुनाव के वक्त हमें जाति धर्म को लेकर ठगा गया। आज @RavindraBhati__ को देखते है तो सोचते है भाई हार कैसे गया सांसद होता तो कितना बेहतर रहता है। लेकिन खैर छोड़ो जातिवाद की जड़ में थे हम नेताओं की आड़ में हम खिलाफ थे। आज मन दुखी है लेकिन आगे आजीवन भाई के साथ है हम 🙌😔

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Solar Heavy1 yıl önce

take the journey

𝐃𝐘𝐍𝐀𝐌𝐈𝐂 𝐔𝐍𝐈𝐎𝐍 𝐎𝐅 𝐌𝐀𝐑𝐖𝐀𝐑 profil fotoğrafı
𝐃𝐘𝐍𝐀𝐌𝐈𝐂 𝐔𝐍𝐈𝐎𝐍 𝐎𝐅 𝐌𝐀𝐑𝐖𝐀𝐑1 yıl önce

आपके प्रति प्रेम🙏

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Balkaur Singh Dhillon1 yıl önce

👍👍

राजस्थानी काका 🙏🏻 profil fotoğrafı
राजस्थानी काका 🙏🏻1 yıl önce

इस कार्यक्रम की गूंज दिल्ली तक गयी है 🤩

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Happy secret full Fun1 yıl önce

महे थारे भैलौ हूं, थारे संघर्ष ओर थारे विचारा रे भेलु हूं,❤️👍🤔🌹

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@rs_rathore_nosar 1 yıl önce

मान गए भाटी साहब ❤️‍🩹 डोकरी की मेहर हैं 🦅

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Amit choudhary1 yıl önce

किसी कलाकार का फायदा होगा तों बहुत अच्छा कार्यक्रम हैं

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Aaditya Singh rathore1 yıl önce

सबसे शानदार आयोजन अब इसकी गूंज दिल्ली तक जाएगी

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चर्चा के बहाने रोहिड़ी के दिन भी बहुरेंगे… अरविन्द चोटिया @ रोहिड़ी इससे पहले कभी चर्चा में नहीं आया। जब से शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल तेवड़ा है, तभी से रोहिड़ी लोगों की जुबान पर आया है। असल में यह एक गांव है और इसके पास है विस्तृत मरुस्थल। जोरदार सुनहरे धोरे, जिनका ओर-छोर दिखाई नहीं देता। राजस्थान में जैसलमेर के सम का मरुस्थल सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है और जैसलमेर के पर्यटन व्यवसायियों ने उसी मरुस्थलीय क्षेत्र का जोरदार दोहन किया है। करोड़ों रुपए कमाए हैं और करोड़ों रुपए हर साल कमा रहे हैं। दैनिक भास्कर में काम करते हुए करीब दो वर्ष पूर्व मैं जब राजस्थान के अनदेखे और कम देखे गए पहलुओं की तलाश में घूम रहा था तब मैंने बाड़मेर से शिव होते हुए जैसलमेर जाने का प्लान किया हुआ था। बहुत सीधा रास्ता था। 31 दिसंबर, 2022 का दिन था। शिव से जैसलमेर पूरा 100 किलोमीटर पड़ रहा था और चमचमाता हाईवे था। डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लगने की संभावना ही नहीं थी। मैं 31 की शाम सम के धोरों पर पहुंचना चाहता था। शिव में मुझे रविंद्र सिंह भाटी मिले। तब वे विधायक नहीं थे। मेरी यात्रा का उद्देश्य पूछने पर उन्होंने सुझाव दिया कि दादा, आपको गडरा रोड होते हुए जैसलमेर जाना चाहिए ताकि आप वहां रोहिड़ी का डेजर्ट भी देख सको। मुझे रोहिड़ी के डेजर्ट के बारे में तब कुछ भी जानकारी नहीं थी जबकि सम के धोरे जाने-पहचाने थे और यह भी पता था कि वे आज गुलजार होंगे, फिर भी मैंने रविंद्र की बात मानते हुए गडरा रोड का रुख किया। सड़क उतनी अच्छी नहीं थी, सफर थकाऊ था लेकिन भारतमाला सड़क पर जैसे ही रोहिड़ी का डेजर्ट देखा, सारी थकान दूर हो गई और एक नई स्फूर्ति आ गई। यह एक अनछुआ मरुस्थल था। इक्के-दुक्के आदमी के अलावा कोई नहीं था। दूर-दूर तक रेत की लहरें ही लहरें। जैसे रेत का समुद्र। (उसी दिन का बनाया हुआ वीडियो इस पोस्ट में संलग्न कर रहा हूं।) रेत के इस समुद्र के दोहन की अपार संभावनाएं तो थी ही और हैं ही। कभी अवसर मिले तो यह स्थान देखने जरूर जाइए। रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल के बहाने यहां पर्यटन की उन्हीं संभावनाओं को पंख लग सकते थे। किसी भी नए डेस्टिनेशन की तलाश और पहचान इसी तरह बनती है। कोई जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए यही कर सकता है कि वह रोजगार-व्यापार के नए रास्ते खोले, नई राह दिखाए। हालांकि बाड़मेर जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि का हवाला देते हुए आयोजन की पहले से दी हुई अनुमति को रद्द कर दिया है। कहा जा रहा है कि यह अनुमति राजनीतिक द्वेष और दुर्भावनावश रद्द की गई है लेकिन सरकार को सुझाव है कि ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना चाहिए। जैसलमेर का तनोट राय माता तो एन बॉर्डर पर ही है और इन दिनों वहां हजारों पर्यटक रोजाना आते हैं। सुरक्षा की व्यवस्था हमारे रक्षकों ने बनाई हुई है। वाघा बॉर्डर पर प्रतिदिन ही हजारों पर्यटक आते हैं और वहां भी सुरक्षा की जबर्दस्त व्यवस्था कायम की हुई है। कायदे से तो राजस्थान के पर्यटन विभाग और केंद्र के पर्यटन मंत्रालय को इस आयोजन में भागीदारी करते हुए इसे नेक्स्ट लेवल पर ले जाने की कोशिश करनी चाहिए थी। सौभाग्य से राजस्थान की पर्यटन मंत्री दीया कुमारी पर्यटन व्यवसाय की जानकार हैं और सौभाग्य से ही केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत राजस्थान से ही हैं और पश्चिमी राजस्थान से भी हैं। संभवत: यह एक अवसर को चूकने जैसा है। सरकारों को आगे विचार करना चाहिए कि वह रोहिड़ी जैसे संभावनाशील स्थान को पर्यटन मानचित्र पर कैसे ला सकती है और इसके जरिए बाड़मेर के इस उपेक्षित क्षेत्र के लोगों के जीवन में क्या बदलाव जा सकती है। फिलहाल, रोहिड़ी चर्चा में आ गया है। आने वाले समय में इस पर चर्चा होती रहेगी और यहां के गरीब लोगों को रोजगार भी मिलेंगे ही। Ravindra Singh Bhati Diya Kumari Gajendra Singh Shekhawat Bhajanlal Sharma #रोहिडी_म्यूजिक_फेस्टिवल #रोहिड़ी_म्यूजिक_फेस्टिवल #रोहिड़ी #Rajasthan

Arvind Chotia

75,242 görüntüleme • 1 yıl önce