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लखनऊ से बड़ी ख़बर- 'मैं खड़ी रही, पूजा नहीं करने दी', BJP की दलित विधायक ने लगाए जातिगत भेदभाव के आरोप। बीजेपी विधायक जय देवी कौशल ने लखनऊ के काकोरी में मंदिर में पूजा के दौरान उनसे जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वो जीर्णोद्धार समारोह... show more
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पुजारी का नाम तो बता दे श्री के।

ये दलित समाज मे पासी जाती से हैं और पासी लोग अपने को बड़का हिन्दु समझता है निकल गई सब हिन्दुगीरी।

जहां सम्मान नहीं वहां क्यों जाते है .. ठीक उसी तरह इस मोदी भक्ति नामक पार्टी से भी छुटकारा पाओ .. क्यों रहना ऐसी पार्टी में जो तुम्हे कुपोषित कर रही है

नाली के नोलन ये भी तो बता कि मंदिर में पूजा करने से किसने रोका? अपना पिछवाड़ा उचकाकर सीक्रेट निकाल फटाफट....

Bhosdke Pujari kaa name to Bataa "Umashankar Dubey" ne mandir me Entry nahi di

इन्हे भीमराव सकपालिये और कांशी राम के मंदिर बनाना चाहिए ये अपनी भूल सुथार करें

ओ बॉन सीढ़ी के कुपाध्याय अपने बाप का नाम तो बता दे mcd 😏😏

अगर ये लोग कुछ भी ट्वीट कर रहे हैं तो सभी लोग कृपया जांच पड़ताल कर ले क्योंकि ये लोग तो 5000 सालों से सिर्फ झूठ का करा खा रहे हैं और बदनाम सवर्णों को करते हैं। ये देखिये इस महिला ने ही हवन यज्ञ करा है और बाद में झूठ बोला है

गुलाबी कलर के कुर्ते में मलिहाबाद विधायिका जय देवी कौशल का बेटा विकास कौशल है जो कि इस काकोरी के शीतला माता मंदिर में अभी कुछ दिन पहले रुद्राभिषेक कर रहा था लेकिन विधायिका जी आरोप लगा रही हैं कि उनके साथ जातिगत भेदभाव किया गया..अब सवाल उठता है की क्या राजनीति से प्रेरित नहीं है? या फिर टिकट कटने के पहले ही अपना एजेंडा चला रही हैं

मंदिर के अंदर घुसने से रोका किसी ने या पूजा करने से मना किया किसी ने??? एक विधायक को मना कर दे कोई इतनी औकात है किसी में तो वीडियो दिखा दो आरोप लगाने से सच साबित नहीं होता है।

विधायक जी ने मंदिर को 1.5 करोड़ रुपया दिलवाकर उसका जीर्णोद्धार करवाया, और इनको ही पुजारियों ने वहाँ पूजा नहीं करने दी, बोला उस पोल के पास खड़े होकर हाथ जोड़ो और जाओ। जबकि कथित उच्च जाति के लोगों को गर्भगृह से पूजा करवाई गई। अब सवाल ये उठता है, बहुजन समाज की लतखोर बनने की आदत कब जाएगी ? इसी उत्तर प्रदेश में स्कूलों में जहाँ ज्यादातर दलित पिछड़े वर्ग के बच्चे पढ़ते है जो घटिया किस्म का खाना दिया जा रहा है। लेकिन विधायक साहिबा ब्राह्मणों के लिए मंदिरों का करोड़ों की धनराशि से निर्माण करवा रही हैं। सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति इस देश की बहुजन है, अपनी ताक़त को पहचानो, मंदिरों से सिर्फ़ ब्राह्मणवाद का पंजा समाज पर और कसता जाता है।जितने मंदिर बनेंगे एक वर्ग शक्तिशाली और प्रभावशाली बनेगा। और जितने स्कूल और लाइब्रेरी बनेंगे, हमारा समाज इस जकड़ से बाहर आयेगा। इतने पैसों से एक आधुनिक स्कूल या उच्च स्तर की डिजिटल लाइब्रेरी भी बनवायी जा सकती थी। लेकिन विधायक साहिबा को पता नहीं किसका भला करना था।

पुजारी का नाम नही लिखा नोलन।

कौन से पंडित ने मना किया ये बताओ , जल्दी से , पत्रकारिता करो ठीक-ठाक से

ये वीडियो X पर ही है और इसमें विधायक श्रीमती जय देवी जी द्वारा पूजन किया जा रहा है और ये उसी समारोह का वीडियो बताया जा रहा है। अपमान आदि की बातें करना विधायक जी की कोई छिपी हुई रणनीति हो सकती है या आप जैसे कथित पत्तलकारों का #पेआउट_भिक्षाटन के लिए तथ्यहीन समाचार को वायरल करना।

और फिर भाजपाई और संघी मानसिकता वाले कहते हैं कि सांसद/विधायक के बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए। पहले माल्लिकार्जुन खड़गे से अछूत व्यवहार किया और फिर अब अपनी ही पार्टी की विधायिका से। छी।

@myogiadityanath जी इस शीतला माता मंदिर और इनके पुचारियों के घर पर कब बुलडोजर चलाएंगे या फिर आपके इशारे पर ये सब हो रहा है इस मंदिर की ये दूसरी घटना है ये मंदिर भेदभाव का गढ़ बन गया है इसके पहले भी पेशाब कांड यहीं हुआ था या फिर योगी जी का समर्थन है???

दलित के लाडले चले जाते पूजा करवा देते।

दलितों के लिए इससे बेहतर कोई सरकार ही नहीं है, किसी से थोड़ी बहुत नोंक झोंक हुई तो तुरंत यूपी पुलिस एससी एसटी एक्ट लगा देगी। यूपी में तो फर्जी एससी एसटी एक्ट की बाढ़ आ गई है।।

Dalito se bada bewakoof koi h hi nhi is sansaar m...bura lag sakta h lekin jab baar baar aise case aate hein to kyu na apna ek alag system banaye ye log...har baar ijjat magne se nhi milti...jo log aapko ijjat na de..unse doori bna Lena hi better h...bhaad m jaye ye sab.

मै होता तो इनके ऊपर ठहाके लगा कर हंसता ये नेता है दलित आदिवासी के साथ इतना भेद भाव होता है तो ये लोग मुंह फेर के निकल लेते है अब इनके साथ हुआ तो दलित बन गए इनको तो वही सरेआम गाली पड़नी चाहिए थी तब आत्मा और तृप्त होता

लगता है दूसरी पार्टी से टिकिट मिल रहा है आसानी से।

पूजा करने से रोकने वाले तुम्हारे स्वजातीय हैं

अपने आप को यह ब्राह्मण ठाकुर बनिया के बराबर समझने लगे हैं, तुम हिंदू हो सकते हो, मगर पंडित ठाकुर बनिया कभी नहीं बन सकते बीजेपी के अनुसार

चुनाव आ रहे है इसलिए खुद बीेजेपी वाले जाति के आधार पर दंगे करवाने के चक्कर में इन sc St को साधने के चक्कर में है 😡 पर एक बार ध्यान रखना अगर स्वर्ण समाज नाराज हो गया तो लाले पड़ जाएंगे वोट के

Mandir Jana hi ni chahiye apko

@rashtrapatibhvn @NCSC_GoI

इ सब लाते खाने जाता है मंदिरों में। झूठो का पत्थर पूजे चल जाता है। जब तोरा खातीर संविधान लिखे वाला के इ देश मे इज्जत ना मिलल तो तोरा मिलीं।

कोई अपने घर में पूजा रखे और मैं उसके घर पे जाऊं तो वो मुझे पूजा करने के लिए ना बुलाए तो उसमें जातीय भेदभाव कैसे हुआ

वे कौन लोग है, जो बोलते है, कि जातिवाद की मानसिकता खत्म हो गई हैं, और आरक्षण हट जाना चाहिए, अब बताओ विधायक को भी मंदिर में दलित होने से उनके प्रति भेदभाव किया जाता है, तो इसका मतलब है, आरक्षण गरीबी का पैमाना तो है, नहीं यहां तो उन्हें जाति के आधार पर उनके साथ भेद भाव हो रहा है।

मंदिरों में अब इतनी भीड़ होती हैं कि कोई वहां जाति पूछने के लिए खड़ा नहीं रहता है।।।

शीतला देवी मंदिर परिसर में अवांछित कृत्य को लेकर कुछ समय पहले विवाद हुआ था शायद, तब व्यवस्थापकों के खिलाफ विधायक जी थी। शायद उसी से संबंधित कुछ हुआ होगा। काकोरी में विधायक महोदया का अंदरखाने बहुत विरोध है। इस बार फूल से टिकट भी जीत की गारंटी नहीं ।

कैसा मंदिर है जो जाति से पवित्र और अपवित्र होता है।

Saare dalito k joot bajne chahiye agar mandir mein ghusne ki koshish bhi karien to.. taang tod deni chahiye inki.. tabh bhi akal na aye to goli maar do .. tab bhi na sudhere to inka kuch nahi ho sakta. Latiyane ki adat hai inhe
