Loading video...

Video Failed to Load

Go Home

“ लप्पू सा सचिन आज 4 साल पूरे होने पर Anniversary मना रहा है ! और सीमा हैदर कह रही है की पता ही नहीं चला है 4 साथ लेकर आई थी और 2 बच्चे कब हो गए है ! इन 4 सालो में 4 बच्चे साथ लेकर आई...

42,405 views • 6 months ago •via X (Twitter)

0 Comments

No comments available

Comments from the original post will appear here

Related Videos

लवजेहाद का नया तोड़..महाकाली ! वेस्ट यूपी में BJP महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री डॉ उदिता त्यागी लवजेहाद के खिलाफ "महाकाली वाहिनी" लेकर आयी है. बेटियां समय से शादी करें और हिंदू महिलाओं 4 बच्चे पैदा करें, यह आह्वान किया है. श्रीमती त्यागी ने 3 बार पीएचडी की है. पत्रकार- आपने कहा हिंदू 4 बच्चे पैदा करे तो क्या लालू यादव आपके आइडियल हो सकते है, उन्होने 9 बच्चे पैदा किये है? डॉ उदिता त्यागी- 9 बच्चे या 4 बच्चे. अगर मेरे घर में गला कटने की नौबत आयेगी तो मेरे घर में बच्चे और हथियार नही है तो मैं नही बचूंगी. ये प्रैक्टीकल कैलकुलेशन है. लालू आइडियल नही थे, ना होगें. 9 बच्चे पैदा करने के लिए नही कह रहे है लेकिन 3-4 बच्चे हर महिला पैदा करें. पत्रकार- आपने कहा सामने वाले, ये कौन है? डॉ उदिता त्यागी- सामने वाले जेहादी सुअर. जो सुअरो की तरह बच्चे पैदा कर रहे है वो है और कौन है...कितनी क्लियरिटी चाहिए आपको.. हम मुस्लिम्स की बात कर रहे है. - PVS मॉल, मेरठ, उत्तरप्रदेश

Narendra Pratap

80,479 views • 5 months ago

बोलते हैं न जब नींद और नशा दोनों भारी हो जाए तो दुनियां ईधर की उधर हो जाए लेकिन बंदा उठता नहीं है इधर छोटे से कमरे में गैस पर चावल चढ़ा है, नीचे पतीला पूरा काला हो रहा है, धुआं उठ रहा है और पूरे कमरे में जलने की बदबू फैल रही है बच्चे चिल्ला-चिल्ला के कह रहे हैं - अंकल बंद कर दो, आग लग जाएगी, चावल जल गए और अंकल एक लुंगी में मस्त पड़े हैं, जैसे कोई फिक्र ही ना हो, फिर बड़ी मुश्किल से उठे, लड़खड़ाते हुए गए और तब जाकर गैस बंद की। ये वीडियो मज़ाकिया लगता है, पर सोचो अगर बच्चे ना होते तो आज ये छोटा सा कमरा ही जल जाता। नशे में लापरवाही जानलेवा बन सकती है।
0:36

Sensitive content

बोलते हैं न जब नींद और नशा दोनों भारी हो जाए तो दुनियां ईधर की उधर हो जाए लेकिन बंदा उठता नहीं है इधर छोटे से कमरे में गैस पर चावल चढ़ा है, नीचे पतीला पूरा काला हो रहा है, धुआं उठ रहा है और पूरे कमरे में जलने की बदबू फैल रही है बच्चे चिल्ला-चिल्ला के कह रहे हैं - अंकल बंद कर दो, आग लग जाएगी, चावल जल गए और अंकल एक लुंगी में मस्त पड़े हैं, जैसे कोई फिक्र ही ना हो, फिर बड़ी मुश्किल से उठे, लड़खड़ाते हुए गए और तब जाकर गैस बंद की। ये वीडियो मज़ाकिया लगता है, पर सोचो अगर बच्चे ना होते तो आज ये छोटा सा कमरा ही जल जाता। नशे में लापरवाही जानलेवा बन सकती है।

desikishu

164,215 views • 21 days ago

एंकर ओर BJP प्रवक्ता - बस थोड़ी सी ही महंगाई बढ़ी है! जवाब - सुबह उठते ही 29₹ गैस का दाम बढ़ गया, थोड़ा सा बढ़ा! 1% के पास 40% धन है, हमसे थोड़ा सा हो ज्यादा है! 19% बच्चे कुपोषित है, बस थोड़ा सा कुपोषित है! हर तीसरा बच्चा बौना पैदा होता है, थोड़ा सा बौना पैदा हो रहा! भारत भुखमरी में 123 देशों में 102 वें नंबर पर है, बस थोड़ा सा भुखमरी है! ये कैसा थोड़ा सा है? शर्म भी नहीं आती! मोदी जी कहते है, देश संकट में है जनता पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चले! शाम होते ही, महामानव 30-32 गाड़ियों के काफिले के साथ रोडशो पर निकल जाते है! फिर कहते है, विदेश भ्रमण मत करिए और दूसरे ही दिन 4 देशों की विदेशी यात्रा पर मेलोडी खिलाने निकल पड़ते है! SBI की रिसर्च कहती है कि गरीबी रेखा में वो आते है गाँव में जिनका महीने की आमदनी 1,632 रुपये, और शहर में 1,944 रुपये है वो गरीब है। उससे 1₹ ज्यादा वाले अमीर है? यह आंकड़ों में गरीब को मिटाने का तरीका है। रेखा इतनी नीचे खींच दो कि कोई उसके नीचे बचे ही नहीं। और ऐसे सबको अमीर बना दो?

Priyanka Bharti

141,029 views • 4 months ago

वाह सही है, अपने खराब पालन-पोषण का ठीकरा दूसरों पर डाल देना आप कह रही है की इस जनरेशन के सारे बच्चे आपकी बेटी की तरह ही बत्तमीज़ और संस्कारहीन है, ना ना बहन, आपकी बेटी ऐसी है क्युकी आप एक असफल माता रही, हमारे बच्चे ऐसे नहीं है क्युकी उनके माता पिता ने संस्कार दिए है, सही और ग़लत के बीच का अंतर बताया है, रही बात सोशल मीडिया पर अंडर ऐज बच्चो के प्रतिबंध की तो आप क्या-क्या प्रतिबंध करेंगे और कितना कर पाएंगे ? हमारे बच्चे सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करते, ना ही प्रोटेस्ट में जाते है और ना ही किसी बाहर वाले के इन्फ्लुएंस में आते है वो सिर्फ पढ़ाई करते है और मेहनत करते है और अच्छे अंक लाकर टॉप करते है, सरकार का काम है देश चलाना, व्यवस्था चलाना, आपकी बेटी को संस्कार देना या उसकी पैरेंटिंग करना सरकार का काम नहीं है बच्चो में परवरिश और संस्कार देने का काम बच्चो के माता पिता और उसके परिवार का होता है, संस्कारों की जड़ मजबूत होगी तो बच्चे ऐसे भटकेंगे नहीं,

Kajal HINDUsthani

15,286 views • 2 months ago