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सुनिये भाजपा राज का पुलिसनामा! शीर्षक है: बंटाधार उप्र का समाचार, पुलिसवालों पर हुई एफ़आइआर!

104,585 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

9 Kommentare

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Dr.Meraj Hussainvor 1 Jahr

UP पुलिस कमाल है, प्रदेश बेहाल है।

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Sudhir Mishra 🇮🇳vor 1 Jahr

वह “गुंडों के पोषक” कहलाते हैं, जो पुलिस से नफरत करते हैं! इसीलिए सपा सरकार को “गुंडाराज” के “नाम” से जाना जाता है! ऐसा करने वाले पुलिस कर्मी सपा समर्थक तो नहीं?

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Kuldeep Yadavvor 1 Jahr

उत्तर प्रदेश में पुलिस सत्ता का आनंद ले रही है 👇👇

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Samajwadi मंथनvor 1 Jahr

सबने बदनाम किया है आपने यूपी में काम किया है

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Dev Thakur Nandvansivor 1 Jahr

येभी दरोगा का बेटा है

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Sanjay Ranavor 1 Jahr

आज कल प्रदेश या विदेश का समाचार चाहिए तो अखिलेश जी को फॉलो करे , वह बता देगें कहाँ पे सांड खड़ा है , कहाँ बच्चा रो रहा है , कौन से गायक क्या गया , कहाँ गाय ने बछडा दिया ! आज कल यह लोकल पत्रकारों की नौकरी खां रहे है और वह काम बखूबी निभा रहे है! #Thanksgiving @AMISHDEVGAN @DDNewsHindi @News18UP

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𝕏ena J.Gillvor 1 Jahr

संविधान के ‘सच्चे पहरेदार’

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Shivam Yadavvor 1 Jahr

यूपी में खाकी कलंकित हो रही है

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Vishwanath Yadav Vissuvor 1 Jahr

सुनिये भाजपा राज का पुलिसनामा! शीर्षक है : बंटाधार उप्र का समाचार, पुलिसवालों पर हुई एफ़आइआर!

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उप्र के कासगंज में एक दलित को रामलीला देखते समय, मंच के क़रीब कुर्सी पर बैठने पर पुलिस द्वारा अपमानित व पीटे जाने के बाद उस दलित की आत्महत्या का समाचार बेहद दुखद और सामाजिक रूप से चिंताजनक है। आज़ादी का तथाकथित अमृतकाल मना रही भाजपा सरकार के समय में प्रभुत्ववादी सोच को जो बढ़ावा दिया जा रहा है, ये उसका ही परिणाम है कि PDA के साथ ऐसा अपमानजनक व्यवहार करने का दुस्साहस किया जा रहा है। PDA समाज का शारीरिक अपमान दरअसल PDA के लोगों को मानसिक रूप से कमज़ोर करने के एक बड़े मनोवैज्ञानिक षड्यंत्र का हिस्सा है। ऐसी घटनाओं पर लीपापोती करना उप्र की भाजपा सरकार की आदत बन गयी है। घोर निंदनीय! इंसाफ़ हो!

Akhilesh Yadav

181,094 Aufrufe • vor 1 Jahr