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*समाज मै एसी मां होती तो डिवोर्स(तलाक़) के केश ही खत्म*
67,143 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)
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बिल्कुल सही कहा आपने ये तो है ही ✅

अगर हर माँ बेटियों को रिश्तों की अहमियत समझाए, तो तलाक़ के मामले कम हो सकते हैं। वीडियो में माँ की भूमिका पारिवारिक एकता को दर्शाती है।

सही कहा! ऐसी माँएँ होतीं तो प्रेम और समझदारी से तलाक के मामले खत्म हो जाते! 🙏🌺

अगर मांओं की ऐसी भूमिका समाज में होती, तो तलाक़ के मामले कम हो सकते हैं।

सच कहा अगर ऐसी सब माँ हो जाए तो तलाक की नौबत ही न आए 🙏

सभी माओ द्वारा अपनी बेटियों को ऐसी ही शिक्षा देनी चाहिए ।

"माँ की ऐसी भूमिका समाज में होती, तो तलाक़ के मामले ही खत्म हो जाते।" यह ट्वीट हास्य और सामाजिक टिप्पणी का एक मिश्रण है, जो माँ की पारंपरिक भूमिका और परिवार की एकता पर जोर देता है। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे माँ अपनी बेटी के वैवाहिक विवादों में हस्तक्षेप करती है, जो भारतीय समाज में मातृ प्रभुत्व और परिवार की स्थिरता को दर्शाता है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत में तलाक़ के मामले बढ़ रहे हैं, और सुप्रीम कोर्ट ने गुजारा-भत्ता और कानूनी प्रावधानों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है। शुक्ला का यह पोस्ट उस व्यापक सांस्कृतिक कथानक को छूता है, जहां परिवार के कार्यालय और पीढ़ीगत संपत्ति प्रबंधन अधिक structured हो रहे हैं, जैसा कि EY-Julius Baer के अध्ययन में उल्लेखित है। यह विकास पारंपरिक परिवार संरचनाओं, जिसमें मजबूत मातृ भागीदारी शामिल है, को आधुनिक सामाजिक चुनौतियों जैसे तलाक़ को कम करने में सक्षम बनाता है।

बिलकुल सही बात है — अगर मां बेटियों को सहना नहीं, सँभलकर जीना सिखाती, तो तलाक़ नहीं, सम्मान के फैसले कहलाते। 🙏✨

अगर हर मां अपने बेटे को और हर बेटी को रिश्तों की अहमियत समझाए, तो न तलाक़ होंगे, न बिखरे घर दिखाई देंगे…! 💔

माँ अगर रिश्तों को समझने वाली हो,तो अदालतें तलाक़ के केस से खाली हो जाएं।

