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हमारा ग्रन्थ "भारत का संविधान" "शूद्र पढ़े लिखे भी हों तब भी पूजनीय नहीं हैं, ब्राह्मण कैसा भी हो वो पूजनीय है।”यह बाबा जूते खाने योग्य है।
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10 Kommentare

@kanishksinghASP

@kanishksinghASP अगर शूद्र पूजनीय नहीं तो तू और तेरा भगवान और तेरा यूरेशियन ब्राम्हण भी पूजनीय नहीं हो सकता ढोंगी बाबा। हिंदू धर्म में बस यही सब है मन करता है धर्म परिवर्तन कर लूं

@kanishksinghASP

@kanishksinghASP

@kanishksinghASP ऐसे बाबा जेल में हि अच्छे लगते हैं

@kanishksinghASP यह जहरीला मनुवादी पंडित खुलेआम दलितों का और शूद्रों का अपमान कर रहा है और शूद्र कितना भी पंडित क्यों ना हो वह पूजनीय लायक नहीं है और ब्राह्मण कितना भी बदमाश लुच्चा लफंगा क्यों ना हो वह पूछने लायक है यह कहां का इंसाफ है यह हिंदू धर्म नहीं बल्कि पाखंडी यों का धर्म है

@kanishksinghASP @Meera_Meenaji

@kanishksinghASP यह सच है क्या रावण अभी जिंदा है

@kanishksinghASP @pkboss25 मेरी तरफ से 1008 जूतों की छोटी सी भेंट इस पाखंडी बाबा को

@kanishksinghASP जान बुज़ के आधा वीडियो दिखाया हे ताकि गलत अर्थ बता के ramcharit को बदनाम कर सके। यहाँ तुलसी दाश जी कहते है जो गुण से हिन हो लेकिन भगवानका भक्त हो उसकीपूजा कर लो लेकिन जो वेद का विद्वान हो लेकिन भगवान का भक्त ना हो वह शूद्र से गया हुआ होता है विप्र का अर्थ है विष्णु का प्रिय


