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हमारे बच्चों को रेस में तो आने दो ! #SushilaMeena
30,577 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)
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ये लोगों का हक़ 75 वर्षों से तुम जैसे अमीर मीणा खा रहे थे। अब कह रहा है “रेस में आने दो”,अब तक तुम लोगों ने इनके नाम पर राजनीति कर इनका हक़ खाया था। अब नहीं, क्योंकि “कोटा में कोटा” लागू हो गया,अब न्याय हुआ। अब अमीर दलित,आदिवासी अब ग़रीब दलितों आदिवासियों का हक़ नहीं खा पायेंगे।

I think go to sea from now. Please don't find me.

इस खिलाड़ी का भी संघर्ष बहुत है

राजस्थान में इन्ही बच्चो का हक तुम जैसे ट्राइबल आर्मी बनाकर खा रहे हो, वांगड में भील गरासिया आज भी पिछड़े हुए तुम लोगों के कारण आरक्षण में असामनता जिसको लाभ मिल गया वो भी लाइन में खड़ा है भिखारी बनकर...

1947 के बाद कि 4 पीढियां निकल गई हमारी,,शिक्षा में आरक्षण, नोकरी में आरक्षण, बढ़ती में आरक्षण, अन्य अनेक आर्थिक सुविधाएं होकर भी इनके बच्चे अभी तक रेस में नही है ?? ये कैसा बयान है

ऐसे बढ़ेंगे।ये है अवसर,? ये हैं उन्नति? ऐसे उन्नति होगी हंसराज मीना की। सुअर भी ऐसा नहीं चाहते।मानव बनो।

St आरक्षण का बँटवारा तो होकर रहेगा 💯, जब ही असली आदिवासी race में aayega 💯💯

Tune kya kiya inke liye. Sare din tweet par gyan deta hai. Kuch karke dikha inke liye.

बीजेपी के शासनकाल में ही हीरा बाहर निकाला गया वर्ना कांग्रेस की सरकार होती तो गांधी ही निकलता कर्जमाफी की औलाद !! पूछता है भारत @arunbajpairajan

सुशीला मीणा जी का उदाहरण बहुत प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया।

"बच्चों को समान अवसर मिलना ही उनकी असली जीत की शुरुआत है। हर प्रतिभा को अपनी रेस में दौड़ने का अधिकार होना चाहिए।
