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Chandra Shekhar Aazad

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Founder @BhimArmy_BEM, National President @AzadSamajParty, Member of Parliament - Nagina Loksabha Uttar Pradesh

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वीडियो के साथ यह बात बड़े ही व्यथित मन से लिख रहा हूं कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यह 16 वर्षीय बच्ची का शव नहीं, पेड़ से उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था लटकी हुई है। उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर में 16 वर्षीय सबरीन बानो का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलना बेहद दुखद और चिंताजनक है। परिजनों के अनुसार, 11 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे सबरीन घर से लापता हुई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 12 अगस्त को दोबारा सूचना देने के बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदला। 14 अगस्त को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं से संपर्क करने और पुलिस पर दबाव बनने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। उसी शाम बच्ची का शव बरामद हुआ। परिजनों के अनुसार, उनकी बेटी को अगवा कर उसके साथ बलात्कार के बाद हत्या की गई। यह बेहद गंभीर आरोप है, जिसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 11 अगस्त को बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद 14 अगस्त तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की? अगर समय रहते पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद आज एक परिवार अपनी बेटी को न खोता। 14 अगस्त को उसका शव मिलने के बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आज जब हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, तब एक मां-बाप अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह कैसी आजादी है, जहां एक बेटी की सुरक्षा के लिए भी परिवार को पुलिस पर दबाव बनाना पड़े? Government of UP पुलिस की लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराए, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और सबरीन बानो को न्याय मिले। हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिवार के साथ हैं और न्याय की इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वीडियो के साथ यह बात बड़े ही व्यथित मन से लिख रहा हूं कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यह 16 वर्षीय बच्ची का शव नहीं, पेड़ से उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था लटकी हुई है। उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर में 16 वर्षीय सबरीन बानो का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलना बेहद दुखद और चिंताजनक है। परिजनों के अनुसार, 11 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे सबरीन घर से लापता हुई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 12 अगस्त को दोबारा सूचना देने के बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदला। 14 अगस्त को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं से संपर्क करने और पुलिस पर दबाव बनने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। उसी शाम बच्ची का शव बरामद हुआ। परिजनों के अनुसार, उनकी बेटी को अगवा कर उसके साथ बलात्कार के बाद हत्या की गई। यह बेहद गंभीर आरोप है, जिसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 11 अगस्त को बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद 14 अगस्त तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की? अगर समय रहते पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद आज एक परिवार अपनी बेटी को न खोता। 14 अगस्त को उसका शव मिलने के बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आज जब हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, तब एक मां-बाप अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह कैसी आजादी है, जहां एक बेटी की सुरक्षा के लिए भी परिवार को पुलिस पर दबाव बनाना पड़े? Government of UP पुलिस की लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराए, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और सबरीन बानो को न्याय मिले। हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिवार के साथ हैं और न्याय की इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं

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बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा। महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।

बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा। महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।

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उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के रैपुरा गांव के पास कीचड़ और जलभराव से बदहाल सड़क को लेकर बरसते पानी के बीच हाइवे पर प्रदर्शन कर रहे स्कूली छात्र-छात्राओं (Zen-Alpha) के साथ पुलिस द्वारा बदसलूकी का मामला बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। रैपुरा, मझलवारा, बनियातला और महानपुरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग गड्ढों और जलभराव में तब्दील है। आए दिन ई-रिक्शा और ऑटो पलटने से स्कूली बच्चे चोटिल हो रहे हैं। मजबूर होकर बच्चे अपनी जायज़ मांग लेकर हाइवे पर उतरे, लेकिन उनकी समस्या सुनने के बजाय उन्हें हड़काया गया और उनके साथ बदसलूकी की गई। बच्चे सड़क मांग रहे हैं, बदसलूकी नहीं। बच्चों की आवाज बुलंद रहे।

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के रैपुरा गांव के पास कीचड़ और जलभराव से बदहाल सड़क को लेकर बरसते पानी के बीच हाइवे पर प्रदर्शन कर रहे स्कूली छात्र-छात्राओं (Zen-Alpha) के साथ पुलिस द्वारा बदसलूकी का मामला बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। रैपुरा, मझलवारा, बनियातला और महानपुरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग गड्ढों और जलभराव में तब्दील है। आए दिन ई-रिक्शा और ऑटो पलटने से स्कूली बच्चे चोटिल हो रहे हैं। मजबूर होकर बच्चे अपनी जायज़ मांग लेकर हाइवे पर उतरे, लेकिन उनकी समस्या सुनने के बजाय उन्हें हड़काया गया और उनके साथ बदसलूकी की गई। बच्चे सड़क मांग रहे हैं, बदसलूकी नहीं। बच्चों की आवाज बुलंद रहे।

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दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।

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दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।

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जनपद रामपुर, तहसील स्वार के रुस्तम नगर में स्कूली बच्चों द्वारा गोगा नदी पार कर स्कूल जाने का यह दृश्य भाजपा सरकार के विकास के दावों की जमीनी हकीकत दिखा रहा है। इसके अलावा रामपुर जिले में ही घूघा और पीलाखार नदी पर भी पुलों के अभाव में ग्रामीण लकड़ी और अन्य साधनों से बनाए गए अस्थायी पुलों के सहारे जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। बारिश आते ही ये अस्थायी पुल बह जाते हैं और कई गांवों का संपर्क टूट जाता है। किसान खेतों तक नहीं पहुंच पाते, बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और स्थानीय कारोबार भी प्रभावित होता है। विकास के नाम पर भाजपा ने सिर्फ अपने इंजनों की संख्या बढ़ाई है। “इंजन भरपूर, जनता मजबूर!”

जनपद रामपुर, तहसील स्वार के रुस्तम नगर में स्कूली बच्चों द्वारा गोगा नदी पार कर स्कूल जाने का यह दृश्य भाजपा सरकार के विकास के दावों की जमीनी हकीकत दिखा रहा है। इसके अलावा रामपुर जिले में ही घूघा और पीलाखार नदी पर भी पुलों के अभाव में ग्रामीण लकड़ी और अन्य साधनों से बनाए गए अस्थायी पुलों के सहारे जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। बारिश आते ही ये अस्थायी पुल बह जाते हैं और कई गांवों का संपर्क टूट जाता है। किसान खेतों तक नहीं पहुंच पाते, बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और स्थानीय कारोबार भी प्रभावित होता है। विकास के नाम पर भाजपा ने सिर्फ अपने इंजनों की संख्या बढ़ाई है। “इंजन भरपूर, जनता मजबूर!”

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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में आज सैकड़ों छोटे-छोटे बच्चे ‘जेन-अल्फा’ अपने हाथों में परम पूज्य बाबा साहेब की तस्वीरें लिए शिक्षा एवं सम्मानजनक मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। इनका आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था बदहाल है। बेंच-डेस्क टूटे हुए हैं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह दृश्य भाजपा की डबल इंजन सरकार की शिक्षा व्यवस्था में विफलताओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन्हीं बदहाल परिस्थितियों के विरोध में सामने आया यह दृश्य शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति बच्चों की जागरूकता के साथ-साथ बेहतर भविष्य की उनकी उम्मीदों को भी प्रतिबिंबित कर रहा था। जय भीम! जय जेन-अल्फा! 😊

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में आज सैकड़ों छोटे-छोटे बच्चे ‘जेन-अल्फा’ अपने हाथों में परम पूज्य बाबा साहेब की तस्वीरें लिए शिक्षा एवं सम्मानजनक मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। इनका आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था बदहाल है। बेंच-डेस्क टूटे हुए हैं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह दृश्य भाजपा की डबल इंजन सरकार की शिक्षा व्यवस्था में विफलताओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन्हीं बदहाल परिस्थितियों के विरोध में सामने आया यह दृश्य शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति बच्चों की जागरूकता के साथ-साथ बेहतर भविष्य की उनकी उम्मीदों को भी प्रतिबिंबित कर रहा था। जय भीम! जय जेन-अल्फा! 😊

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15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या से जुड़े बाकी आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों पर लाठीचार्ज तथा न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को दर्शाता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। मैं शीघ्र ही मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा।

15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या से जुड़े बाकी आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों पर लाठीचार्ज तथा न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को दर्शाता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। मैं शीघ्र ही मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा।

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जिला हमीरपुर में स्कूल जाने की सड़क की मांग को लेकर स्कूली बच्चों और बच्चियों का 5 किलोमीटर तिरंगा मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचना और 4 घंटे धरने पर बैठना बेहद चिंताजनक है। करीब 1.5 KM सड़क दलदल बनने से लगभग 3,000 लोगों और बच्चों की आवाजाही प्रभावित है। समस्या का समाधान करने के बजाय पुलिस का इस्तेमाल बच्चों को धकियाने के लिए किया जा रहा है। बच्चियों को बार-बार “हट-हट” कहकर संबोधित किया गया। भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार में उत्तर प्रदेश के दो चेहरे हैं। एक तरफ पुलिस और पूरा शासन-प्रशासन खुद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी पर फूल बरसा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमीरपुर में स्कूल जाने के लिए सड़क की मांग कर रहे छोटे-छोटे बच्चों और बच्चियों को पुलिस अपमानित कर धकिया रही है। सत्ता की देखरेख में स्वागत के लिए फूल और अपने अधिकार की मांग कर रहे बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार।यह कैसा शासन और कैसी संवेदनशीलता है?

जिला हमीरपुर में स्कूल जाने की सड़क की मांग को लेकर स्कूली बच्चों और बच्चियों का 5 किलोमीटर तिरंगा मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचना और 4 घंटे धरने पर बैठना बेहद चिंताजनक है। करीब 1.5 KM सड़क दलदल बनने से लगभग 3,000 लोगों और बच्चों की आवाजाही प्रभावित है। समस्या का समाधान करने के बजाय पुलिस का इस्तेमाल बच्चों को धकियाने के लिए किया जा रहा है। बच्चियों को बार-बार “हट-हट” कहकर संबोधित किया गया। भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार में उत्तर प्रदेश के दो चेहरे हैं। एक तरफ पुलिस और पूरा शासन-प्रशासन खुद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी पर फूल बरसा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमीरपुर में स्कूल जाने के लिए सड़क की मांग कर रहे छोटे-छोटे बच्चों और बच्चियों को पुलिस अपमानित कर धकिया रही है। सत्ता की देखरेख में स्वागत के लिए फूल और अपने अधिकार की मांग कर रहे बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार।यह कैसा शासन और कैसी संवेदनशीलता है?

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भारत के माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी 10 मई को हुए भारत-पाकिस्तान सीज़फायर का आज देश को संबोधित कर बखान कर रहे थे, और उधर पाकिस्तान अखनूर, सांबा जम्मू सहित सीमावर्ती इलाकों में अपने ड्रोन और यूएवी भेज रहा था। यह कैसा सीज़फायर है? #ceasfire #ceasefirevoilation

भारत के माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी 10 मई को हुए भारत-पाकिस्तान सीज़फायर का आज देश को संबोधित कर बखान कर रहे थे, और उधर पाकिस्तान अखनूर, सांबा जम्मू सहित सीमावर्ती इलाकों में अपने ड्रोन और यूएवी भेज रहा था। यह कैसा सीज़फायर है? #ceasfire #ceasefirevoilation

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चुनावी रैलियों में "बटेंगे तो कटेंगे" का नारा देने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी खुद सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मंच पर समाज को 'हरिजन" और 'गैर हरिजन' में बांट रहे हैं। क्या इस 'हरिजन"शब्द के प्रयोग से उनका तथाकथित हिंदू खतरे में नहीं आता? जबकि 1982 में केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों के लिए एक एडवाइजरी जारी कर अनुसूचित जातियों के लिए 'हरिजन' शब्द का इस्तेमाल न करने को कहा था। 2010 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस संबंध में नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी करके इस पर रोक लगाई थी। यहां तक कि माननीय न्यायालय द्वारा भी इसे अपमानजनक बताते हुए प्रतिबंध लगाया गया था। इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को क्या इन निर्णयों की जानकारी नहीं है? या जानबूझकर "हरिजन" शब्द का प्रयोग करके अनुसूचित वर्ग के लोगों का अपमान किया जा रहा है? जब गांधी जी ने अछूतों के लिए हरिजन शब्द का इस्तेमाल करना शुरू किया, तो परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जी ने इसका कड़ा विरोध किया और इसे अपमानजनक शब्द बताया था। ये सवाल उस समय भी पूछा गया था और आज भी प्रासंगिक है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बताएं, यदि अनुसूचित जाति के लोग 'हरिजन' हैं तो बाकी अन्य लोग ‘हरि’ के जन नहीं तो किसके जन हैं?

चुनावी रैलियों में "बटेंगे तो कटेंगे" का नारा देने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी खुद सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मंच पर समाज को 'हरिजन" और 'गैर हरिजन' में बांट रहे हैं। क्या इस 'हरिजन"शब्द के प्रयोग से उनका तथाकथित हिंदू खतरे में नहीं आता? जबकि 1982 में केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों के लिए एक एडवाइजरी जारी कर अनुसूचित जातियों के लिए 'हरिजन' शब्द का इस्तेमाल न करने को कहा था। 2010 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस संबंध में नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी करके इस पर रोक लगाई थी। यहां तक कि माननीय न्यायालय द्वारा भी इसे अपमानजनक बताते हुए प्रतिबंध लगाया गया था। इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को क्या इन निर्णयों की जानकारी नहीं है? या जानबूझकर "हरिजन" शब्द का प्रयोग करके अनुसूचित वर्ग के लोगों का अपमान किया जा रहा है? जब गांधी जी ने अछूतों के लिए हरिजन शब्द का इस्तेमाल करना शुरू किया, तो परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जी ने इसका कड़ा विरोध किया और इसे अपमानजनक शब्द बताया था। ये सवाल उस समय भी पूछा गया था और आज भी प्रासंगिक है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बताएं, यदि अनुसूचित जाति के लोग 'हरिजन' हैं तो बाकी अन्य लोग ‘हरि’ के जन नहीं तो किसके जन हैं?

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ग्वालियर में डीएम ऑफिस पर ज्ञापन देने गए हमारे गुर्जर समाज के लोगों पर लाठीचार्ज करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है! गुर्जर समाज पर पड़ी एक-एक लाठी को पूरे देश के लोग देख रहे है। कल जिस तरह से गुर्जर महाकुंभ में आये लोगों के वाहनों को पुलिस द्वारा नुकसान पहुंचाया गया उस से यह स्पष्ट होता है कि सरकार के नेताओ के इशारे पर यह सब गुर्जर समाज को डराने के लिये कराया गया है। यदि गुर्जर समाज के निर्दोष लोगों पर फर्जी मुकदमे लगाकर उन्हें परेशान किया गया तो भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) इस अन्याय के विरोध में आंदोलन करेगी!

ग्वालियर में डीएम ऑफिस पर ज्ञापन देने गए हमारे गुर्जर समाज के लोगों पर लाठीचार्ज करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है! गुर्जर समाज पर पड़ी एक-एक लाठी को पूरे देश के लोग देख रहे है। कल जिस तरह से गुर्जर महाकुंभ में आये लोगों के वाहनों को पुलिस द्वारा नुकसान पहुंचाया गया उस से यह स्पष्ट होता है कि सरकार के नेताओ के इशारे पर यह सब गुर्जर समाज को डराने के लिये कराया गया है। यदि गुर्जर समाज के निर्दोष लोगों पर फर्जी मुकदमे लगाकर उन्हें परेशान किया गया तो भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) इस अन्याय के विरोध में आंदोलन करेगी!

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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर विधानसभा के पतारा गांव में पिछड़े समाज के छोटेलाल प्रजापति की लाठी डंडे से पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। सामंतियों का दुस्साहस देखो भाई छोटेलाल को मारकर उनकी लाश उन्ही के घर के पास फेक गए, इस वारदात के एक दिन पहले भी सामंती गुंडे पूरे परिवार को धमकी देकर गए थे। इतनी बड़ी वारदात के बावजूद आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। परिवार से जानकारी मिली है कि तकरीबन 10-12 गुंडों ने भाई छोटेलाल की हत्या की है. लेकिन FIR में सिर्फ 3 ही नाम हैं, बाकी आरोपियों को बचाया जा रहा है। प्रशासन के लोगों सुन लो अगर आरोपियों की जाति देखकर बचाने की कोशिश की गई तो Aazad Samaj Party - Kanshi Ram के कार्यकर्ता सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर विधानसभा के पतारा गांव में पिछड़े समाज के छोटेलाल प्रजापति की लाठी डंडे से पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। सामंतियों का दुस्साहस देखो भाई छोटेलाल को मारकर उनकी लाश उन्ही के घर के पास फेक गए, इस वारदात के एक दिन पहले भी सामंती गुंडे पूरे परिवार को धमकी देकर गए थे। इतनी बड़ी वारदात के बावजूद आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। परिवार से जानकारी मिली है कि तकरीबन 10-12 गुंडों ने भाई छोटेलाल की हत्या की है. लेकिन FIR में सिर्फ 3 ही नाम हैं, बाकी आरोपियों को बचाया जा रहा है। प्रशासन के लोगों सुन लो अगर आरोपियों की जाति देखकर बचाने की कोशिश की गई तो Aazad Samaj Party - Kanshi Ram के कार्यकर्ता सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।

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नगीना चुनाव के समय हम सब पर प्रचार का बहुत प्रेशर था। लेकिन एक दिन जब इन साथियों का प्रचार देखा तो मन प्रसन्न हो गया, यह प्रचार भी हमेशा याद रहेगा मुझे और आपकी टीम से जल्द मिलूंगा।

नगीना चुनाव के समय हम सब पर प्रचार का बहुत प्रेशर था। लेकिन एक दिन जब इन साथियों का प्रचार देखा तो मन प्रसन्न हो गया, यह प्रचार भी हमेशा याद रहेगा मुझे और आपकी टीम से जल्द मिलूंगा।

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उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी के थाना जामों क्षेत्र के ग्राम बंधवा मजरे रेसी में जातंकवादी द्वारा जानवर चराने गए दलित युवक चन्द्रशेखर सरोज से बेवजह गला दबाकर बेरहमी से मारपीट करने और इतना ही नहीं, उसी रात करीब 1:40 बजे पीड़ित परिवार के घर में आग लगाने, जिससे उनका छप्पर पूरी तरह जलकर राख हो गया। परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना अत्यंत पीड़ादायक और दण्डनीय है। जातंकवादी के हौसले इतने बुलंद थे कि नशे की हालत में आए दिन जान से मारने की धमकी देता था। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यह घटना केवल एक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि आपके राज में समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। हम Government of UP से मांग करते हैं कि-आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, आगजनी से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। CM Office, GoUP

उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी के थाना जामों क्षेत्र के ग्राम बंधवा मजरे रेसी में जातंकवादी द्वारा जानवर चराने गए दलित युवक चन्द्रशेखर सरोज से बेवजह गला दबाकर बेरहमी से मारपीट करने और इतना ही नहीं, उसी रात करीब 1:40 बजे पीड़ित परिवार के घर में आग लगाने, जिससे उनका छप्पर पूरी तरह जलकर राख हो गया। परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना अत्यंत पीड़ादायक और दण्डनीय है। जातंकवादी के हौसले इतने बुलंद थे कि नशे की हालत में आए दिन जान से मारने की धमकी देता था। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यह घटना केवल एक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि आपके राज में समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। हम Government of UP से मांग करते हैं कि-आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, आगजनी से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। CM Office, GoUP

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हरियाणा के जिला पलवल में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के बोर्ड को उखाड़ फेंकने की घटना न सिर्फ निंदनीय, बल्कि सामाजिक न्याय के खिलाफ सोची-समझी साजिश है। यह घटना उन जातिवादी मानसिकताओं की पोल खोलती है जो आज भी पिछड़े, दलित और वंचित समाज के महापुरुषों के सम्मान से चिढ़ती हैं। लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि कर्पूरी ठाकुर सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति और हक-हकूक की ज्वलंत मशाल हैं, जिसे कोई मिटा नहीं सकता! यह हमला उस विचारधारा पर है जिसने पिछड़ों, दलितों और गरीबों को उनका हक दिलाया। यह घटना दर्शाती है कि जातिवादी शक्तियां आज भी समतामूलक समाज से डरती हैं और कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों के प्रतीकों को मिटाकर बहुजन चेतना को कमजोर करना चाहती हैं। मैं MyGovHaryana से माँग करता हूँ कि — 1. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। 2. वहीं पर दोबारा कर्पूरी ठाकुर जी का सम्मानजनक बोर्ड लगाया जाए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए सरकार व प्रशासन सार्वजनिक रूप से इस घटना की निंदा करें। मैं चेतावनी देता हूं कि अगर दोषियों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो इसे बहुजन समाज पर हमला माना जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। कर्पूरी ठाकुर जी अमर थे, अमर हैं, और अमर रहेंगे! उनकी विचारधारा को कोई ताकत नहीं मिटा सकती! Nayab Saini, CMO Haryana

हरियाणा के जिला पलवल में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के बोर्ड को उखाड़ फेंकने की घटना न सिर्फ निंदनीय, बल्कि सामाजिक न्याय के खिलाफ सोची-समझी साजिश है। यह घटना उन जातिवादी मानसिकताओं की पोल खोलती है जो आज भी पिछड़े, दलित और वंचित समाज के महापुरुषों के सम्मान से चिढ़ती हैं। लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि कर्पूरी ठाकुर सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति और हक-हकूक की ज्वलंत मशाल हैं, जिसे कोई मिटा नहीं सकता! यह हमला उस विचारधारा पर है जिसने पिछड़ों, दलितों और गरीबों को उनका हक दिलाया। यह घटना दर्शाती है कि जातिवादी शक्तियां आज भी समतामूलक समाज से डरती हैं और कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों के प्रतीकों को मिटाकर बहुजन चेतना को कमजोर करना चाहती हैं। मैं MyGovHaryana से माँग करता हूँ कि — 1. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। 2. वहीं पर दोबारा कर्पूरी ठाकुर जी का सम्मानजनक बोर्ड लगाया जाए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए सरकार व प्रशासन सार्वजनिक रूप से इस घटना की निंदा करें। मैं चेतावनी देता हूं कि अगर दोषियों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो इसे बहुजन समाज पर हमला माना जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। कर्पूरी ठाकुर जी अमर थे, अमर हैं, और अमर रहेंगे! उनकी विचारधारा को कोई ताकत नहीं मिटा सकती! Nayab Saini, CMO Haryana

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मुख्यमंत्री योगी जी के राज में बहुजनों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही और अब ये जानलेवा हो गया है। बाराबंकी में सामुहिक दुष्कर्म पीड़ित दलित छात्रा की कहीं सुनवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलन्द हो गए और अपनी हरकतों से बाज़ नही आए और अंत में युवती ने जान दे दी! बेहद दुखद, शर्मनाक और निंदनीय। अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले हैदरगढ़ थाने के पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ़ मुकदमा दर्ज किया जाए व दुष्कर्म के आरोपियों को गिरफ्तार कर फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चला कर सख्त सजा दिलाई जाए।

मुख्यमंत्री योगी जी के राज में बहुजनों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही और अब ये जानलेवा हो गया है। बाराबंकी में सामुहिक दुष्कर्म पीड़ित दलित छात्रा की कहीं सुनवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलन्द हो गए और अपनी हरकतों से बाज़ नही आए और अंत में युवती ने जान दे दी! बेहद दुखद, शर्मनाक और निंदनीय। अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले हैदरगढ़ थाने के पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ़ मुकदमा दर्ज किया जाए व दुष्कर्म के आरोपियों को गिरफ्तार कर फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चला कर सख्त सजा दिलाई जाए।

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प्रयागराज जनपद के गऊघाट में हॉलीडे होम योजना के नाम पर चला “अतिक्रमण हटाओ” अभियान विकास नहीं, बल्कि व्यवस्था की कठोरता और मानवीय संवेदनहीनता का प्रतीक है। कल सुबह से जिला प्रशासन, सिविल पुलिस, आरपीएफ व अन्य विभागों की भारी मौजूदगी में अभियान चलाया गया। प्रशासन का दावा है कि किसी भी विरोध को नियंत्रित कर कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। लोगों को लाठियों से खदेड़े जाने, घरों से अर्तन-बर्तन और जरूरी सामान तक उठाने का अवसर नहीं दिया गया। अचानक पहुंची पुलिस द्वारा महिलाओं पर लाठीचार्ज भी किया गया, जिनमें वृद्ध तथा गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने “शांतिपूर्ण कार्रवाई” के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गंभीर अंतर ने आधी आबादी को उचित और न्यायसंगत हिस्सेदारी दिए बिना नारी वंदन अधिनियम लागू कर ‘नारी वंदन’ का ढिंढोरा पीटने वाली बीजेपी के आधी आबादी के असली 'वंदन' का सच एक बार फिर से उजागर किया है।

प्रयागराज जनपद के गऊघाट में हॉलीडे होम योजना के नाम पर चला “अतिक्रमण हटाओ” अभियान विकास नहीं, बल्कि व्यवस्था की कठोरता और मानवीय संवेदनहीनता का प्रतीक है। कल सुबह से जिला प्रशासन, सिविल पुलिस, आरपीएफ व अन्य विभागों की भारी मौजूदगी में अभियान चलाया गया। प्रशासन का दावा है कि किसी भी विरोध को नियंत्रित कर कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। लोगों को लाठियों से खदेड़े जाने, घरों से अर्तन-बर्तन और जरूरी सामान तक उठाने का अवसर नहीं दिया गया। अचानक पहुंची पुलिस द्वारा महिलाओं पर लाठीचार्ज भी किया गया, जिनमें वृद्ध तथा गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने “शांतिपूर्ण कार्रवाई” के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गंभीर अंतर ने आधी आबादी को उचित और न्यायसंगत हिस्सेदारी दिए बिना नारी वंदन अधिनियम लागू कर ‘नारी वंदन’ का ढिंढोरा पीटने वाली बीजेपी के आधी आबादी के असली 'वंदन' का सच एक बार फिर से उजागर किया है।

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उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में दलित समाज की दो नाबालिग बच्चियों (12 और 14 वर्ष) का 12 फरवरी को जातिवादी गुंडों ने अपहरण कर बंधक बना लिया। गाँव के कुछ लोगों ने पंचायत कर जबरन सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे आज दिनदहाड़े अवैध हथियारों से लैस होकर पीड़ित परिवार के घर में घुसे। उन्होंने बड़ी बच्ची को जबरन उठाने की कोशिश की, और जब छोटी बच्ची ने विरोध किया, तो उसकी निर्दयता से हत्या कर दी गई, और बड़ी बच्ची को अपराधी जबरन उठा ले गए। यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि जातिगत बर्बरता की पराकाष्ठा है। इस नृशंस घटना के बाद परिवार व क्षेत्र में भय का माहौल है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि दलित समाज पर खुला हमला है! उत्तर प्रदेश में दबंगों और जातिवादी अपराधियों के हौसले कानून से बड़े हो चुके हैं। प्रशासन न्याय देने में विफल है, अपराधियों के सामने घुटने टेक चुका है। Government of UP से हमारी मांगें:- 1. आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, POCSO अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। 2. मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। 3. पीड़ित परिवार को राज्य सरकार सुरक्षा और उचित मुआवजा दे। यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा! कासगंज की भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की टीम न्याय के लिए इस जातिवादी बर्बरता के खिलाफ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में दलित समाज की दो नाबालिग बच्चियों (12 और 14 वर्ष) का 12 फरवरी को जातिवादी गुंडों ने अपहरण कर बंधक बना लिया। गाँव के कुछ लोगों ने पंचायत कर जबरन सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे आज दिनदहाड़े अवैध हथियारों से लैस होकर पीड़ित परिवार के घर में घुसे। उन्होंने बड़ी बच्ची को जबरन उठाने की कोशिश की, और जब छोटी बच्ची ने विरोध किया, तो उसकी निर्दयता से हत्या कर दी गई, और बड़ी बच्ची को अपराधी जबरन उठा ले गए। यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि जातिगत बर्बरता की पराकाष्ठा है। इस नृशंस घटना के बाद परिवार व क्षेत्र में भय का माहौल है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि दलित समाज पर खुला हमला है! उत्तर प्रदेश में दबंगों और जातिवादी अपराधियों के हौसले कानून से बड़े हो चुके हैं। प्रशासन न्याय देने में विफल है, अपराधियों के सामने घुटने टेक चुका है। Government of UP से हमारी मांगें:- 1. आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, POCSO अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। 2. मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। 3. पीड़ित परिवार को राज्य सरकार सुरक्षा और उचित मुआवजा दे। यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा! कासगंज की भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की टीम न्याय के लिए इस जातिवादी बर्बरता के खिलाफ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

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ओडिशा के क्योंझर जिले में जीतू मुंडा अपनी तीन महीने पहले (26 जनवरी 2026 को) मृत हुई बहन के कंकाल को कब्र से निकालकर ले जा रहे हैं। जिस बहन का पति और इकलौती संतान पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे और अब पूरे परिवार में सिर्फ वही अकेले जीवित बचे हैं। अपनी बहन के बैंक खाते में जमा 19,300 रुपये निकालने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और उत्तराधिकार (वारिस) प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाने के कारण बैंक कर्मचारियों ने ‘नियमों’ का हवाला देते हुए उन्हें कई बार खाली हाथ लौटा दिया। परेशान होकर वे सीधे श्मशान घाट पहुंचे। अपनी बहन की कब्र खोदी और उनका कंकाल बाहर निकाला। कंकाल को एक कपड़े में लपेटकर, अपने कंधे पर लादे, 5 किमी नंगे पांव चलते हुए वे सीधे बैंक के भीतर जा पहुंचे। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि बिना चढ़ावे के ये प्रमाण पत्र इतने कम समय में बन पाना किसी के लिए संभव नहीं है। और फिर एक तो वे गरीब, ऊपर से आदिवासी-ऐसे में इन कागजों को तुरंत जुटा पाना उनके लिए असंभव था। वहीं, इसी बैंकिंग व्यवस्था में उद्योगपतियों के वो 11 लाख करोड़ रुपये के कर्जे चुपचाप माफ़ भी हो जाते हैं, जिससे वे अरबों-खरबों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लेते हैं। ओडिशा की यह घटना व्यवस्था की संवेदनहीनता और असमानता की भयावह सच्चाई को उजागर करती है।

ओडिशा के क्योंझर जिले में जीतू मुंडा अपनी तीन महीने पहले (26 जनवरी 2026 को) मृत हुई बहन के कंकाल को कब्र से निकालकर ले जा रहे हैं। जिस बहन का पति और इकलौती संतान पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे और अब पूरे परिवार में सिर्फ वही अकेले जीवित बचे हैं। अपनी बहन के बैंक खाते में जमा 19,300 रुपये निकालने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और उत्तराधिकार (वारिस) प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाने के कारण बैंक कर्मचारियों ने ‘नियमों’ का हवाला देते हुए उन्हें कई बार खाली हाथ लौटा दिया। परेशान होकर वे सीधे श्मशान घाट पहुंचे। अपनी बहन की कब्र खोदी और उनका कंकाल बाहर निकाला। कंकाल को एक कपड़े में लपेटकर, अपने कंधे पर लादे, 5 किमी नंगे पांव चलते हुए वे सीधे बैंक के भीतर जा पहुंचे। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि बिना चढ़ावे के ये प्रमाण पत्र इतने कम समय में बन पाना किसी के लिए संभव नहीं है। और फिर एक तो वे गरीब, ऊपर से आदिवासी-ऐसे में इन कागजों को तुरंत जुटा पाना उनके लिए असंभव था। वहीं, इसी बैंकिंग व्यवस्था में उद्योगपतियों के वो 11 लाख करोड़ रुपये के कर्जे चुपचाप माफ़ भी हो जाते हैं, जिससे वे अरबों-खरबों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लेते हैं। ओडिशा की यह घटना व्यवस्था की संवेदनहीनता और असमानता की भयावह सच्चाई को उजागर करती है।

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जिला बदायूं के थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों-वंचितों एवं महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर मंगलवार को शुरू हुए विवाद के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई बेहद चिंताजनक है। मेरी ग्रामीणों से बात हुई है। उनका कहना है कि अब प्रशासन बदले की भावना से कार्रवाई कर रहा है। रात के अंधेरे में घरों में दबिश दी जा रही है और तोड़फोड़ की जा रही है, जबकि कई घरों में केवल महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मौजूद हैं। हमारा सवाल है मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी से, कि करीब एक सप्ताह से प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियां चल रही थीं, तब पुलिस और एलआईयू क्या कर रही थी? प्रशासन ने समय रहते ग्रामीणों से संवाद कर इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास क्यों नहीं किया? पथराव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में निर्दोष ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को डराना-धमकाना या उनके घरों में तोड़फोड़ करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राजा की सीकरी गांव पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा और पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की वास्तविक स्थिति जानेगा। Government of UP

Chandra Shekhar Aazad

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जिला अयोध्या के थाना पूराकलंदर क्षेत्र के कन्दैला गांव में पुराने जमीन विवाद को लेकर सामंतियों ने कल शाम को पहले तो बम मारा और जब नीचे गिर गए तो राम लगन मौर्य पर फायरिंग कर दी, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना में मृतक भाई राम लगन मौर्य की वृद्ध मां गंभीर रूप से घायल हैं, परिजनों के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते हमला किया गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी,घटना के बाद से अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। Government of UP मामले की त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। साथ ही, घायल वृद्ध मां को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए उनके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घटना अत्यंत पीड़ादायक व दण्डनीय है। हमारी गहरी संवेदनाएँ मृतक राम लगन मौर्य जी के शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही, हम घायल मां के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
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जिला अयोध्या के थाना पूराकलंदर क्षेत्र के कन्दैला गांव में पुराने जमीन विवाद को लेकर सामंतियों ने कल शाम को पहले तो बम मारा और जब नीचे गिर गए तो राम लगन मौर्य पर फायरिंग कर दी, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना में मृतक भाई राम लगन मौर्य की वृद्ध मां गंभीर रूप से घायल हैं, परिजनों के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते हमला किया गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी,घटना के बाद से अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। Government of UP मामले की त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। साथ ही, घायल वृद्ध मां को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए उनके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घटना अत्यंत पीड़ादायक व दण्डनीय है। हमारी गहरी संवेदनाएँ मृतक राम लगन मौर्य जी के शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही, हम घायल मां के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

Chandra Shekhar Aazad

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उत्तर प्रदेश के जिला चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत विशेषरपुर नई बस्ती भरदुआ में लगभग 50 वर्षों से निवास कर रहे अनुसूचित जनजाति के गोंड/मांझी समुदाय के लोगों के साथ हुई कार्रवाई बेहद गंभीर और चिंताजनक है। पीड़ितों का कहना है कि 19 अगस्त को, स्थानीय भाजपा नेता के दबाव में प्रशासन ने उनकी खेती की भूमि पर खड़ी मिर्च व अन्य फसलों को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया, धान की रोपाई बर्बाद कर दी और खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए। उनका आरोप है कि उक्त नेता के दबाव में इन परिवारों को पहले भी कई बार परेशान किया गया है। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। महिलाओं को बाल पकड़कर घसीटा गया। ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर कुछ लोगों को जेल भेजा गया है। लगातार पुलिस दबिश से गांव में भय का माहौल है और कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर बताए जा रहे हैं। गांव का मुख्य रास्ता भी खराब कर दिया गया, जिससे लोगों को पानी भरी मेड़ से आवागमन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, आदिवासी परिवारों और उनकी जमीन व फसल पर इस तरह की कार्रवाई वनाधिकार अधिनियम, 2006 का गंभीर उल्लंघन है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। Government of UP तत्काल पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराए, महिलाओं और ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार के दोषियों पर कार्रवाई करे, नष्ट फसलों का उचित मुआवजा दे, मुकदमों की समीक्षा करे और वनाधिकार अधिनियम के तहत आदिवासी परिवारों के अधिकार सुनिश्चित करे। CM Office, GoUP National Commission for Scheduled Tribes NHRC India Antarsingh Arya

Chandra Shekhar Aazad

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लखनऊ के पारा स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं का सुबह 6 बजे से मूसलाधार बारिश के बीच विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ सड़क पर उतरना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। शिक्षकों की भारी कमी, खराब भोजन और बीमार होने पर समय से इलाज न मिलना सरकार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है। छात्राओं का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर सड़क से लेकर संसद तक लगातार आवाज उठाकर बार-बार सरकारों को चेताया था, लेकिन बुलडोजर के माध्यम से तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारों ने हमारी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और आज हालात यह हैं कि उन्होंने न केवल शिक्षा व्यवस्था को, बल्कि पूरी व्यवस्था को ही बुलडोज कर दिया गया है। इसी का परिणाम है कि जिस उम्र में इन Gen-Alpha बच्चों के हाथों में खिलौने, किताबें और सपने होने चाहिए थे, आज उसी उम्र में वे अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार के लिए सड़क पर लड़ने को मजबूर हैं। “जियो Gen-Alpha!”

Chandra Shekhar Aazad

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उत्तर प्रदेश के जिला कन्नौज के तिर्वा स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रवृत्ति न मिलने से नाराज छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सरकार की छात्र कल्याण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। छात्रों का कहना है कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण उन्हें फीस, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। छात्रवृत्ति कोई एहसान नहीं, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा जारी रखने का जरूरी सहारा है। यदि छात्रों को अपनी पढ़ाई के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए भी प्रदर्शन को मजबूर होना पड़े, तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है। हम Government of UP से मांग करते हैं कि छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान कराया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए, इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा! ” CM Office, GoUP Yogi Adityanath UP Samaj Kalyan Vibhag Asim Arun

Chandra Shekhar Aazad

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अजमेर के कडैल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य पर छात्रा द्वारा वीडियो में बताए गए अशोभनीय व्यवहार के आरोप पर कुछ कहने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। इससे पहले भी छात्राओं और अध्यापिकाओं को आपत्तिजनक शब्द कहने और अश्लील तस्वीरें दिखाने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। एक तरफ राजस्थान सरकार खुद को “In Loco Parentis” यानी अभिभावक के समान दायित्व निभाने वाली बताकर बच्चों की सुरक्षा, निजता और गरिमा के नाम पर स्कूलों में बिना अनुमति फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगाती है, वहीं दूसरी तरफ विद्यालयों के भीतर ही छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े ऐसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। कैमरे और वीडियो पर रोक लगाने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। इसके लिए स्कूलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और ऐसा सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना होगा, जहां हर बच्चा सम्मान और सुरक्षा के साथ शिक्षा प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी, यदि आपके संरक्षण में पढ़ने वाली बेटियां विद्यालय में ही असुरक्षित महसूस करेंगी, तो अभिभावक के समान दायित्व निभाने वाली सरकार की इस जिम्मेदारी का आखिर क्या अर्थ रह जाता है? Government of Rajasthan तत्काल दोषी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। बहिन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Chandra Shekhar Aazad

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भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की डबल इंजन उत्तर प्रदेश सरकार “महिला सम्मान” के नाम पर 50,000 रुपये देने का प्लान बना रही है। चुनाव से पहले 20 हजार रुपये और चुनाव के बाद 10-10 हजार रुपये की तीन किस्तें। चुनाव से पहले भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी महिला सम्मान के नाम पर ऐसी योजनाएं लाई गईं। लेकिन बाद में कई जगह पात्रता की शर्तें कड़ी हुईं, सत्यापन के नाम पर लाभार्थियों की संख्या घटाई गई और बड़ी संख्या में महिलाएं योजनाओं के दायरे से बाहर कर दी गईं। वहीं राशि वापस न कर पाने वाली महिलाओं को थाने-कचहरी और मुकदमों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह बेहद निंदनीय है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, आगरा जिले की यह तस्वीरें उत्तर प्रदेश में आपके “महिला सम्मान” के दावों की पोल खोलने वाली है। “चुनावी महिला सम्मान”अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक है!

Chandra Shekhar Aazad

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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में आज सैकड़ों छोटे-छोटे बच्चे ‘जेन-अल्फा’ अपने हाथों में परम पूज्य बाबा साहेब की तस्वीरें लिए शिक्षा एवं सम्मानजनक मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। इनका आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था बदहाल है। बेंच-डेस्क टूटे हुए हैं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह दृश्य भाजपा की डबल इंजन सरकार की शिक्षा व्यवस्था में विफलताओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन्हीं बदहाल परिस्थितियों के विरोध में सामने आया यह दृश्य शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति बच्चों की जागरूकता के साथ-साथ बेहतर भविष्य की उनकी उम्मीदों को भी प्रतिबिंबित कर रहा था। जय भीम! जय जेन-अल्फा! 😊

Chandra Shekhar Aazad

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जिला बाराबंकी के हैदरगढ़ के सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे गुमान मजरे कोलवा गांव में लंबे समय से चले आ रहे जमीनी विवाद का फैसला पीड़ित पक्ष के पक्ष में आने के बाद उन्होंने अपनी जमीन पर फसल बोई थी। इसके बावजूद आरोपी पक्ष जुताई करने के लिए पहुंचा और विरोध करने पर पहले से घात लगाए लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि इस दौरान महिलाओं समेत कई लोगों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया, जिसमें 70 वर्षीय शमशेर अली की मौत हो गई। वहीं, जब दलित समाज के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 16 अगस्त की इस घटना में लगभग 30 आरोपियों में से अभी तक केवल 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। बाकी आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला टीम मौके-ए-वारदात से ही पीड़ित पक्ष के साथ खड़ी है। पीड़ितों को न्याय दिलाने और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर कल धरना भी दिया गया। Government of UP से हमारी मांग है कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा पीड़ित परिवार और घायलों को उचित न्याय एवं सहायता दी जाए। हमारी गहरी संवेदनाएँ मृतक शमशेर अली जी के शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही, हम सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
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जिला बाराबंकी के हैदरगढ़ के सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे गुमान मजरे कोलवा गांव में लंबे समय से चले आ रहे जमीनी विवाद का फैसला पीड़ित पक्ष के पक्ष में आने के बाद उन्होंने अपनी जमीन पर फसल बोई थी। इसके बावजूद आरोपी पक्ष जुताई करने के लिए पहुंचा और विरोध करने पर पहले से घात लगाए लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि इस दौरान महिलाओं समेत कई लोगों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया, जिसमें 70 वर्षीय शमशेर अली की मौत हो गई। वहीं, जब दलित समाज के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 16 अगस्त की इस घटना में लगभग 30 आरोपियों में से अभी तक केवल 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। बाकी आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला टीम मौके-ए-वारदात से ही पीड़ित पक्ष के साथ खड़ी है। पीड़ितों को न्याय दिलाने और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर कल धरना भी दिया गया। Government of UP से हमारी मांग है कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा पीड़ित परिवार और घायलों को उचित न्याय एवं सहायता दी जाए। हमारी गहरी संवेदनाएँ मृतक शमशेर अली जी के शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही, हम सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

Chandra Shekhar Aazad

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मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की चंदेरी विधानसभा के ग्राम पंचायत महोली चौराहे पर साहस और शौर्य की मिसाल, 1857 के महासंग्राम की महानायिका वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी जी की प्रतिमा को पुलिस द्वारा जबरन हटाया जाना बहुजन नायकों और नायिकाओं के प्रति भाजपा की घोर असंवेदनशीलता और बहुजन इतिहास के अपमान को दर्शाता है। 16 अगस्त को वीरांगना अवंती बाई जी की जयंती है। जयंती से ठीक पहले उनकी प्रतिमा हटाया जाना अत्यंत निंदनीय है और भाजपा सरकार की बहुजन विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। MP MyGov तत्काल प्रतिमा को सम्मानपूर्वक उसी स्थान पर स्थापित करे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे। बहुजन समाज अपने नायकों और नायिकाओं के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

Chandra Shekhar Aazad

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15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या से जुड़े बाकी आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों पर लाठीचार्ज तथा न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को दर्शाता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। मैं शीघ्र ही मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा।

Chandra Shekhar Aazad

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जिला हमीरपुर में स्कूल जाने की सड़क की मांग को लेकर स्कूली बच्चों और बच्चियों का 5 किलोमीटर तिरंगा मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचना और 4 घंटे धरने पर बैठना बेहद चिंताजनक है। करीब 1.5 KM सड़क दलदल बनने से लगभग 3,000 लोगों और बच्चों की आवाजाही प्रभावित है। समस्या का समाधान करने के बजाय पुलिस का इस्तेमाल बच्चों को धकियाने के लिए किया जा रहा है। बच्चियों को बार-बार “हट-हट” कहकर संबोधित किया गया। भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार में उत्तर प्रदेश के दो चेहरे हैं। एक तरफ पुलिस और पूरा शासन-प्रशासन खुद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी पर फूल बरसा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमीरपुर में स्कूल जाने के लिए सड़क की मांग कर रहे छोटे-छोटे बच्चों और बच्चियों को पुलिस अपमानित कर धकिया रही है। सत्ता की देखरेख में स्वागत के लिए फूल और अपने अधिकार की मांग कर रहे बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार।यह कैसा शासन और कैसी संवेदनशीलता है?

Chandra Shekhar Aazad

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उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के एक सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील के नाम पर बच्चों को पानी जैसी सब्ज़ी और जली हुई रोटियाँ परोसा जाना बेहद शर्मनाक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रतीक है। बच्चों की थाली में भ्रष्टाचार किसी भी सभ्य समाज के माथे पर सबसे बड़ा कलंक होता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, समय रहते अपनी शासन व्यवस्था सुधारिए। नहीं तो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन और बुनियादी सुविधाएँ देने के बजाय आपकी सरकार हर घटना में, फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन की तरह, यही तलाश करती रह जाएगी कि “कहीं इसके पीछे भीम आर्मी का हाथ तो नहीं है?”

Chandra Shekhar Aazad

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस एवं हॉस्टल शुल्क वृद्धि, सीटों में कटौती तथा छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 10 जुलाई से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के विरुद्ध पहले एफआईआर दर्ज करना, उन्हें निलंबित करना, विश्वविद्यालय परिसर में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना तथा उसके बाद आंदोलन के दौरान उनके साथ लगातार मारपीट और हमले की घटनाएं अत्यंत पीड़ादायक व चिंताजनक हैं। 2 अगस्त को दर्शनशास्त्र विभाग में प्रवेश लेने वाले एक छात्र के साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा अभद्रता और मारपीट की घटना भी सामने आई। इसके बाद, 3 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर हमला हुआ, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए। घायल छात्रों की शिकायत लिए जाने के बावजूद समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। साथ ही, घटना लगभग दोपहर 3 बजे हुई, लेकिन अधिकांश घायल छात्र-छात्राओं को रात लगभग 11 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद ही उनका चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) कराया गया। घायलों को समय पर उपचार न मिलना तथा शिकायतों पर विलंब से कार्रवाई होना अत्यंत गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। हम Ministry of Education से मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, हमले और मारपीट की सभी घटनाओं की सत्यता सामने लाई जाए, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए, घायल छात्र-छात्राओं को समुचित चिकित्सा, सुरक्षा एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, छात्र-छात्राओं पर दर्ज मुकदमों, निलंबन तथा परिसर में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध की निष्पक्ष समीक्षा कर लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। छात्र प्रतिनिधियों के साथ तत्काल सार्थक संवाद स्थापित कर फीस वृद्धि, सीटों में कटौती तथा छात्र हितों से जुड़े सभी मुद्दों का न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए। भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की प्रयागराज की स्थानीय टीम घटना के बाद मौके पर पहुंची और पीड़ित छात्र-छात्राओं के साथ मौजूद रही। MyGovIndia University of Allahabad Pralhad Joshi #AllahabadUniversity

Chandra Shekhar Aazad

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पंत छात्रावास स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आईएएस-पीसीएस प्री एग्जामिनेशन सेंटर छात्रावास में एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के छात्रों को अवैध बताकर जबरन छात्रावास खाली कराना, कमरों के ताले तोड़ना तथा बिजली-पानी काटना एनडीए सरकार की बहुजन विरोधी मानसिकता का एक और उदाहरण है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024 में प्रवेश लिया था तथा 13 सितंबर 2024 को उन्हें छात्रावास आवंटित किया गया। वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय ने छात्रावास में नए प्रवेश की प्रक्रिया ही नहीं कराई और न ही नए आवेदन आमंत्रित किए। ऐसे में छात्रों का कहना है कि उनका आवंटन सितंबर 2026 तक वैध है। बांग्लादेश में दलितों की दिखावटी चिंता करने वाले मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, क्या इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पंत छात्रावास में एससी, एसटी एवं ओबीसी छात्रों के साथ हो रही ज्यादती आपको दिखाई नहीं देती? हम Government of UP से मांग करते हैं कि छात्रों का उत्पीड़न तत्काल बंद किया जाए, छात्रावास की बिजली-पानी की व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए, वर्ष 2025 से लंबित छात्रावास प्रवेश प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों की शिक्षा और सम्मान पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा। University of Allahabad

Chandra Shekhar Aazad

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