
Comrade M
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Though born into the sacred order of the Brahmins, you may call me Moses. || Team Dahi-Chiura ||
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बिहार में फ़ुटहोल्ड बनाने के लिए प्रशांत किशोर ने एनार्की का सहारा नहीं लिया। कोई आर्टिफीसियल अनरेस्ट नहीं क्रिएट किया। टूलकिट्स के सहारे मूवमेंट्स नहीं क्रिएट किए। राजनीति के सबसे आसान हथकंडे पीपल टू पीपल डिवाइड का सहारा नहीं लिया। मिथिला-पूर्वांचल - सीमांचल जैसे रीजन में थोड़े से फंडिंग्स से हलचल मचाने वाले कई मूवमेंट्स तैयार हो सकते थे। जो राष्ट्रवादी पार्टी के साँस हलक में ला देते। उसके पास भी नफ़रत से मोटिवेटेड कैडर होता। यह सब नहीं किए । गांधी को दुहराया।जैसा रास्ता गांधी ने जिया था। जिन विचारों को उन्होंने प्रॉपगेट किया। उसे ही लेकर आगे बढ़ा। यह कठिन रास्ता है। लेकिन कठिन रास्ते के सहारे ही लोगों को उनकी वास्तविक सच्चाई दिखलाई जा सकती है। पलायन , अफ़सरशाही , धवस्त हो चुकी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान आकृष्ट किया जा सकता है। यह सब बोरिंग मुद्दे हैं , जो इन गड्ढों में धँसा हुआ है उसे भी इसे जानने-गुनने की इच्छा नहीं है। प्रशांत ने अपने एक्सपर्टीज से इसे जनता की बीच रोचक बनाया। जनसुराज के स्ट्रक्चर में बहुत सी कमियाँ है , जो उसके उड़ान को लिमिटेशन दे रही हैं। उसपर चुनाव बाद बात करेंगे। पर उसका नैरेटिव ही आज विमर्श है। इसके पहले कभी नहीं हुआ कि हर मेजर ट्रेन जंक्शन पर छठ आने वालों को लिए स्पेशल व्यवस्था हुआ हो। इसबार हो रहा है। हर बार घुसपैठियों को रोकने वाले और बांग्लादेशी भगाने वाले गृह मंत्री बता रहे हैं कि वह बिहार को AI हब बनायेंगे। उनके टुकड़ो पर पलने वाली अंजना ओम कश्यप को हैसियत नहीं कि उनसे काउंटर प्रश्न कर ले कि AI हब के लिए ह्यूमन रिसोर्स तैयार करने का प्लान क्या है? खैर यहाँ विपक्ष में राजद है जो पूरी तरह अमित शाह के हाथों कंप्रोमाइज़्ड है। इलेक्शन पोलराइज्ड होना ही है , बहुत से लोग जो दिल से जनसुराज को वोट देना चाहते हैं , वो नहीं देंगे क्योंकि कि वोट ख़राब हो जाएगा तो राजद आ जाएगी और हमारी जिंदगी इससे भी ख़राब हो जाएगी। जो जनसुराज के एक्चुअल ग्रोथ को और रिड्यूस करेगी। फिर भी प्रशांत किशोर राइट ऑफ नहीं होंगे। बीजेपी IT सेल का कॉर्डिनेटेड अटैक उन्हें तिलक मिटाने वाला मुल्ला एजेंट और मेघा प्रसाद जैसी दलाल को पत्रकार नहीं साबित कर पाएगा। चुनाव खुल चुका है , जो जहाँ समझेगा अपने विवेक से वोट करेगा। शायद प्रशांत बुरी तरह हार जाए। मेरी तरह जो रियलिस्टक लोग उनसे दस प्रतिशत वोट की उम्मीद लगाये हुए हैं।वह भी क्रॉस ना कर पाए। मगर प्रशांत किशोर बने रहेंगे। अगली सरकार के सामने यक्ष प्रश्न बनकर खड़ा रहेंगे। जब भी कोई बिहारी दिल्ली , गुजरात , पंजाब , मुंबई , तमिलनाडु में पीटा जाएगा तो उनकी बातें सरकारों के मस्तिष्क में नृत्य करेंगी। वह कोई सत्यप्रकाश तिवारी और शशिभूषण सिन्हा नहीं हैं , जो अमित शाह के ताप से डर जाएँगे। जय बिहार 🙏🏼
Comrade M38,597 次观看 • 11 个月前

जो भरत तिवारी को जाति से और अपराध से जोड़ रहे हैं , उनके लिए यह वीडियो। कभी उन गाँव में जाकर अगस्त-सितंबर में जाकर समय बिताओ जहाँ नदी में लोगों की जीवन भर की उनकी पूँजी गिर रही होती है। किस दहशत में वो लोग रातों को सोते हैं , उसको प्रत्यक्ष अनुभव करो फिर उसे वेदना की आवाज को दबाए जाने के बाद की पीड़ा को समझो। भरत की सनक की पृष्ठभूमि है उसमे है , ना कि पिस्तौल लेकर लड़ते हुए लड़के में।
Comrade M14,343 次观看 • 3 个月前

ब्राह्मणवाद शब्द इसलिए गढ़ा गया है ताकि संपन्न ब्राह्मणों को गिल्ट ट्रैप किया जा सके और कमजोर ब्राह्मणों पर अत्याचार किया जा सका। ऐसे ही शब्दों का आतंक है कि साधन-संपन्न और सामाजिक रूप से ताकतवर जातियाँ आज कमजोर तबके का आरक्षण खा रही हैं। और सत्ता पाने के लिए उनके ही नाम का विक्टिम कार्ड खेल रही हैं। ऐसे ही शब्दों का आतंक है कि एक कमजोर ब्राह्मण विष्णु तिवारी को अकारण बीस साल जेल में रहना पड़ा। जिस भी सज्जन ने इसे टोकने का कार्य किया है , नेक कार्य किया है। खींच के दो चार जूता भी मारना चाहिए था। अगली बार कोई क्रांतिकारी यह कूलता दिखाने का प्रयास करे तो उसके हृदय में डर हो।
Comrade M11,189 次观看 • 8 个月前
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