
Wasim Akram Tyagi
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DIP Accredited Journalist. Tweets Are Personal, RTs No Endorsement. गलत बातों को सुनना और सुनकर हामी भर लेना, बहुत हैं फायदे इसमें मगर अच्छा नहीं लगता।
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जिस शख्स को पीटा जा रहा है, उसका नाम राहुल सिद्धार्थ है। राहुल सरकारी डॉक्टर हैं। वो अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से जा रहे थे, रास्ते में आवारा गाय आ गई, गाड़ी की टक्कर लगी और गाय मर गई। इसके बाद जो हुआ वो आपके सामने है। राहुल को हिंसक भीड़ ने बुरी तरह पीटा, उनकी गाड़ी को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। यह मामला उत्तर प्रदेश के बदायूं का है। इस वीडियो में आप देखेंगे कि जब राहुल को पीटा जा रहा है, तो वहां पुलिस भी मौजूद है। इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश हो, जहां जानवर के नाम पर इंसान के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जाता हो। इंसानों को जानवरों की तरह पीटा जाता हो। उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया बार-बार दंभ भरते हैं कि उन्होंने प्रदेश को मुक्त बनाया है, वो यह नहीं कहते कि उन्होंने अघोषित तौर पर दक्षिणपंथी धार्मिक कट्टरपंथियों को अराजकता और हिंसा करने का लाइसेंस दे दिया है। पुलिस की मौजूदगी में राहुल को पीटा जा रहा है। लेकिन मजाल भला कि पुलिस उसे बचाए। जबकि यही पुलिस अभियुक्तों के पैर में गोली मारकर उनका एनकाउंटर करने के लिए विख्यात हो चुकी है। लेकिन इस हिंसक झुंड के सामने पुलिस ऐसे बेबस हो, मानो वह अधिकार विहीन हो।
Wasim Akram Tyagi234,769 görüntüleme • 11 gün önce

पत्रकार Shuaib Raza | شعیب رضا ने टीएमसी के बाग़ी सांसद Yusuf Pathan ने सवाल किया कि क्या वह फिर से TMC के सम्पर्क में है? इस सवाल को युसूफ पठान बार-बार टालते रहे। और फिर आखिरकार उन्होंने कह ही दिया, “मैं नहीँ बोलूंगा।” सही भी है! बोलने लायक़ बचे भी कहाँ हो! बोलने लायक़ होते तो बोलते भी।
Wasim Akram Tyagi183,258 görüntüleme • 18 gün önce

एक सावरकर थे। अंग्रेज़ों ने उन्हें जेल में डाल दिया। कुछ वर्ष जेल में रहने के बाद उन्होंने अंग्रेज़ों से माफी मांगी और खुद स्वतंत्रता आंदोलन से अलग कर लिया। इसके एवज में अंग्रेज़ उन्हें साठ रुपया महीना वेतन दिया करते थे। एक मौलाना मोहम्मद अली जौहर थे। मौलाना जौहर की माता जी से लेकर उनका पूरा परिवार स्वतंत्रता सेनानी था। इतिहास ने उन्हें ‘अली बंधु’ का नाम दिया है। वो अपनी आखिरी सांस तक आज़ादी के लिए संघर्ष करते रहे। मौलाना को मालूम नहीं था कि जिस वतन की आज़ादी के लिए वो संघर्ष कर रहे हैं, उसी वतन में एक रोज़ नफ़रत की सियासत के फायर ब्रांड नेता उन पर भी लांछन लगा देंगे। जब पड़ा वक्त वतन पर तो लहू हमने दिया अब आई है बहार तो कहते हैं तेरा काम नहीं!
Wasim Akram Tyagi41,398 görüntüleme • 7 gün önce

जहां सांप्रदायिक तनाव होता है ये गुंडे वहीं नज़र आते है। जहां तनाव नहीं है, वहां पहुंचकर ये गुंडे तनाव पैदा करते हैं। खुद को धर्म के लड़ाके बताकर ये गुंडे गालियां देते हैं, विवादित एवं भड़काऊ बयानबाज़ी करते हैं। लेकिन मजाल भला कि मदर ऑफ डेमोक्रेसी की पुलिस इनके खिलाफ एक्शन ले पाए। अब ये गुंडे पुर्णिया सांसद पप्पू यादव को लेकर भड़काऊ बयानबाज़ी कर रहे हैं। गालियां दे रहे हैं। मुसलमानों पर विवादित एवं भड़काऊ टिप्पणी कर रहे हैं। यह सब दिल्ली में हो रहा है। Amit Shah के मातहत काम करने वाले CP Delhi #DilKiPolice और Delhi Police शायद ही इनके खिलाफ एक्शन ले पाए। मदर ऑफ डेमोक्रेसी की पुलिस कानून से नहीं बल्कि ‘मालिक’ के ‘आदेश’ से चल रही है।
Wasim Akram Tyagi114,606 görüntüleme • 21 gün önce

इस ऑडियो में ग़ाज़ियाबाद के हिस्ट्रीशीटर Pinki Bhaiya का चेला सोनू शर्मा बताया जा रहा है। सोनू गाजियाबाद के खोड़ा में पिंकी चौधरी के संगठन का अध्यक्ष है। आरोप है कि सोनू ‘दूसरे’ समुदाय के युवक से रंगदारी मांग रहा है। POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD बताए कि इन अपराधियों को इतनी आज़ादी क्यों दी हुई है? इस सबका मास्टरमाइंड हिस्ट्रीशीटर पिंकी चौधरी नहीं तो कौन है? DGP UP की UP POLICE इसकी जांच करेगी?
Wasim Akram Tyagi61,369 görüntüleme • 12 gün önce
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मानवता को शर्मसार करने वाला यह वीडियो महाराष्ट्र के वसई का है। संदीप पवार नामी एक दरिंदे ने चार वर्षीय बच्चे को पूरी ताक़त से सड़क पर पटख दिया। बच्चे का नाम विघ्नेश है उसके पिता का संदीप के साथ विवाद चल रहा था। संदीप ने उसकी सज़ा चार वर्षीय मासूम को दी है।
Wasim Akram Tyagi609,170 görüntüleme • 4 ay önce

यूपी के शाहजहांपुर में 31 जुलाई को गौतम मौर्य नामी युवक की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड की साजिश अवनीश ने रची थी। चूंकि हत्या में ‘दूसरे’ लोग शामिल थे, तो इसलिए इस हत्याकांड के बाद तनाव हो गया। हत्याकांड के अगले रोज़ अराजक तत्वों ने ‘दूसरे’ समुदाय के लोगों जिनका इस हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं था, उनकी दुकानों पर पथराव किया, तोड़ फोड की, इबादतगाह को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। गौतम हत्याकांड के सभी आरोपी गिरफ्तार हैं। अवनीश के अलावा बाकी सभी आरोपितों के घरों पर UP POLICE बुलडोजर चला चुकी है। Government of UP के मुखिया Yogi Adityanath जीरो टॉलरेंस नीति भी इतनी साफ है कि साफ पता चल जाता है कि किस हद तक भेदभाव है। अवनीश चूंकि मुख्यमंत्री का सजातीय है, इसलिए उसका घर नहीं गिराया गया, बाकी सभी ‘दूसरे’ थे, उनका घर भी गिरा दिया। खैर! अब सवाल यह है कि इन वीडियो में नज़र आ रहे अराजक तत्वों के खिलाफ SHAHJAHANPUR POLICE ने क्या कार्रावाई की? क्या इनके खिलाफ कार्रावाई नहीं होना चाहिए? इस अराजकता फैलाने के षडयंत्रकारियों की पहचान हुई? क्या वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान की गई?
Wasim Akram Tyagi12,887 görüntüleme • 2 gün önce

अपनी आखिरी सांस तक भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर के किरदार पर लांछन लगाते वक्त यूपी के मुख्यमंत्री की ज़ुबान तक नहीं लड़खड़ाई। योगी जिस राजनीतिक विचारधारा के अनुयायी हैं, और वह विचारधारा जिस ‘वीर’ को आदर्श मानती है, वो वीर अंग्रेज़ों से पेंशन लेते थे। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने बजाय उस पेंशन वाले के खिलाफ बोलने के, मौलाना जौहर को बंटवारे का जिम्मेदार बताया है। यह नफ़रती कुंठा का प्रदर्शन है।
Wasim Akram Tyagi32,797 görüntüleme • 8 gün önce

इस ‘नए भारत’ में जिन लड़ाकों को तैयार किया गया है, अब वो मैदान में उतर चुके हैं। नफ़रत की प्रयोगशाला में तैयार ये लड़ाके अब उन लोगों पर हमला कर रहे हैं जो प्रोटेस्ट करने वाले युवाओं का समर्थन कर रहे हैं। इस वीडियो में देखिए कि पहले एक नफ़रती चिंटू एक युवक पर हमला करता है, फिर वहां खड़े उसके गैंग के सदस्य उसे पीटना शुरू कर देते हैं। Amit Shah CP Delhi #DilKiPolice Delhi Police बताए कि इन अराजकतवादी तत्वों के खिलाफ कार्रावाई करेगी? या इनसे याचना करेगी?
Wasim Akram Tyagi108,720 görüntüleme • 1 ay önce

यूपी में दो बहनों ने इस्लाम धर्म अपना लिया था, जिसके बाद दोनों को परिवार ने बंधक बना लिया। दोनों बहनों ने 2020 और 2021 में धर्मांतरण किया था। अब युवतियां हाईकोर्ट पहुंची, हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप जैन ने दोनों युवतियों को आज़ाद करने आदेश देते हुए 25 लाख रुपया मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया है।
Wasim Akram Tyagi41,039 görüntüleme • 12 gün önce

दिल्ली में जमुना सफाई के नाम पर प्रोपेगेंडा करने के लिए अब आईटी सेल के टुकड़ाखोरों को जमुना में उतारा गया है। अब आप इस वीडियो को देखिए! वीडियो में दिख आईटी सेल का टुकड़ा खोर जमुना का पानी पीने का प्रोपेगंडा कर रहा है। वह पानी लेता है, उसे गटकने का दिखावा करता है और फिर पानी पिए बगैर ही बहा देता है।
Wasim Akram Tyagi859,777 görüntüleme • 10 ay önce

इस मंच पर तक़रीर करने वाले ‘मुक़र्रिर’ को देखिए, सुनिए! फिर यह भी देखिए कि जब यह तक़रीर की जा रही थी तब ‘मुक़र्रिर’ क्या था! और आज क्या है। जिस शख्स को मुक़र्रिर ने ‘बाप की हैसियत’ दी थी, उस शख्स के परिवार पर ग़म का पहाड़ टूटा है, और यह एक बार नहीं कई बार हुआ है। सवा तीन साल पहले उस परिवार में 24 घंटे के भीतर तीन जनाज़े उठे, जिसमें एक जनाजा उस शख्स का भी था, जिसे इस मुक़र्रिर ने ‘बाप की हैसियत’ दी थी। बाकी दो जनाज़े उस शख्स के भाई और बेटे के थे। लेकिन वह मुक़र्रिर उस वक्त भी उन जनाजों पर सार्वजनिक तौर पर शोक प्रकट भी नहीं कर पाया था। बीते रोज़ उसी परिवार का एक और सदस्य सुपुर्द-ए-खाक हुआ है। लेकिन मजाल भला कि यह मुक़र्रिर जो अब ‘सांसद’ भी है वह उस दुर्घटना पर सार्वजनिक तौर पर ग़म का इज़हार भी कर पाता। जब कांधों पर चढ़कर ‘बड़ा’ बनना था, तब भरे मंच से उस शख्स को ‘बाप’ बता दिया था। और जब बारी कांधा देने की आई तो ‘बेख़बरी’ की चादर तान ली। क्यों? क्या यह ‘डर’ था कि इससे राजनीतिक ‘तरक्की’ रुक सकती? माना हालात ‘अच्छे’ नहीं हैं, लेकिन इतने भी बुरे नहीं हैं कि किसी ‘अपने’ की मौत पर ग़म का इज़हार भी ना कर सकें।
Wasim Akram Tyagi43,870 görüntüleme • 14 gün önce

यह RSS का जमूरा इस देश की होनहार छात्रा Neha को बदमाश बता रहा है। किसी महिला के लिए “बदमाश” सबसे भद्दी गालियों में से एक गाली है। यह उस महिला के चरित्र हनन करने जैसा है। क्या NCW और UP_MahilaAyog इस जमूरे के खिलाफ एक्शन लेगी? क्या UP POLICE इसके खिलाफ भी एक्शन लेगी?
Wasim Akram Tyagi10,667 görüntüleme • 3 gün önce
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वीडियो मे दिख रहे शख्स का नाम अशोक खरात है। यह महाराष्ट्रा के पुणे में रहता है, और खुद को ज्योतिष बताता है। यह “समस्या समाधान” के नाम पर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। महिलाओं को के बहाने से अपने ऑफिस बुलाता, फिर उन्हें नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर देता। इसके बाद गुप्त कैमरों से उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाता और फिर उन्हीं वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल करता था। यहां सिर्फ एक सवाल है और वो सवाल किसी सरकार या प्रशासन से नहीं है, बल्कि दक्षिणपंथी संगठनों से है कि वो इस दुराचारी के खिलाफ कब प्रदर्शन करेंगे? इस दुराचारी ने जिन महिलाओं के वीडियो बनाए हैं, क्या वो ‘दूसरे’ संप्रदाय की हैं? नहीं! तब इसके खिलाफ कब प्रदर्शन होगा? कब इसके बहिष्कार का आह्वान होगा? इसी पुणे में एक सप्ताह के भीतर दक्षिणपंथी कट्टरपंथियों ने रोज़ा इफ्तार कर रहे रोज़ेदारों पर हमला करके उन्हें पीट-पीट कर लहुलुहान किया था। उससे पहले एक मुस्लिम शख्स के मुँह में गोबर दिया गया था। लेकिन इस घटना पर चुप्पी है! यह कैसा दोहरापन है?
Wasim Akram Tyagi417,522 görüntüleme • 5 ay önce

प्रतापगढ़ के रहने वाले स्वतंत्र टिप्पणीकार आलोक त्रिपाठी ने Congress सांसद Imran Pratapgarhi की तीखी आलोचना की है। आलोक का कहना है कि Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Vadra को भी इसका संज्ञान लेना चाहिए कि उनकी पार्टी ने जिन्हें सांसद बनाया है, ग्राउंड पर उनकी कोई पकड़ ही नहीं है। खैर! आलोक को सुनिए!
Wasim Akram Tyagi131,756 görüntüleme • 1 ay önce

प्रतापगढ़ की रानीगंज सीट से विधायक Dr. R. K. Verma mla आबान अहमद की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचे थे। इसके बाद उनसे रिपोर्टर ने सवाल किया कि क्यों आए, जिस पर उन्होंने बेबाक़ी से जवाब दिया है। डॉ. वर्मा जिस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, उसी क्षेत्र में उस ‘शाइर’ का भी घर है, जिसने भरे मंच से आबान के पिता को ‘बाप की हैसियत’ दी थी। बताइए! आरके वर्मा जिन्हें चंद महीने बाद ही चुनाव में जाना है, उनके लिए कोई ‘मसेलहत’ नहीं थी। कुछ लोग एक ‘शाइर’ की कायरता और अति महत्त्वाकांक्षा को ‘मसलेहत’ का नाम दे रहे हैं। आरके वर्मा ने इसी बात-चीत में ‘शाइर’ की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। आरके वर्मा ने कहा “इमरान प्रतापगढ़ी अतीक को मसीहा मानते रहे हैं. ऐसे में अतीक के बेटे की मौत के बाद उन्हें कम से कम दो शब्द शोक संवेदना के लिए जरूर कहने चाहिए थे।” सवाल फिर वही घूम कर आ जाता है कि एक शाइर जो सार्वजनिक मंच से कई बार डी.एम. मिश्र की ग़ज़ल का मिसरा पढ़ चुका हो कि, “हम रहे गर चुप तो फिर बोलेगा कौन।” वह शाइर अब ऐसे चुप है, जैसे बोलना ही ना जानता हो।
Wasim Akram Tyagi31,861 görüntüleme • 12 gün önce

यह घटना यूपी के शामली के लिलौन गांव की है। लिलौन निवासी मोमीन के परिवार से इसी गांव का निवासी शिवम नामी एक शख्स रंजिश रखता है। रंजिश महज़ चुनावी है। लेकिन इस चुनावी रंजिश में शिवम ने ऐसी क्रूरता दिखाई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। बीते महीने मार्च की 10 तारीख को मोमीन के दो बच्चे घर से यह कहकर निकले कि वो खेलने जा रहे हैं। इन बच्चों को शिवम और उसके साथी नितिन और गोलू दोनों बच्चो को बहला फुसलाकर बडी नहर पर ले गए। आरोप है कि इन तीनों ने दोनों बच्चों को पहले बेरहमी से पीटा और फिर नहर में फेंक दिया, चूंकि एक बच्चा तैरना जानता था तो वह अपने छोटे भाई को भी किसी तरह नहर से निकाल लाया। इसके बाद शिवम और उसके साथियों तीनों ने दोनों बच्चों को अपने घर में बन्धक बना लिया, और उन्हें निर्वस्त्र करके बेरहमी से पीट। बच्चों के साथ हो रहे अमानवीय एवं क्रूरता की सूचना पाकर मोमीन मौके पर पहुंचे, तो शिवम और उसके साथियों द्वारा उनके साथ भी गाली गलौज की गई। जिसके बाद मोमीन द्वारा Call 112 पर कॉल कर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। आरोप है कि पुलिस द्वारा आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रावाई नहीं हुई है। अब यहां से कई सवाल हैं। क्या DGP UP की UP POLICE बच्चों के साथ अमानवीय एवं क्रूर रवैया अपनाने वाले शिवम और उसके गुर्गों के खिलाफ सख्त ऐसी कार्रावाई करेगी जो नज़ीर बने? इस घटना को एक महीने से भी ज्यादा का वक्त बीत गया है, लेकिन आरोपितों पर कोई कार्रावाई तक नहीं हुई है, ऐसा क्यों? Yogi Adityanath की Government of UP में बच्चों के साथ क्रूरता करने वालो के साथ पुलिस इतना ढुल मुल रवैया क्यों अपनाए हुए है। इस मामले का NCPCR को संज्ञान लेना चाहिए, दोषियों को ऐसी सज़ा मिले जो नज़ीर बन जाए।
Wasim Akram Tyagi278,923 görüntüleme • 4 ay önce

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ‘दूसरों’ को माफिया अपराधी कहते नहीं थकते। जबकि यह सर्वविदित है कि यूपी का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने ऊपर दर्ज तमाम मुकदमे वापस ले लिए थे। उन पर कुल 28 मुकदमे दर्ज़ थे, जिनमें 22 मुकदमे गंभीर थे। खुद को खुद से ‘बरी’ करके वो ‘दूसरों’ को अपराधी बताते हैं।
Wasim Akram Tyagi15,904 görüntüleme • 6 gün önce

इज़रायल की जीत के लिए कहीं हवन हो रहा है, कहीं कुछ हो रहा है। लेकिन मैं एक बात बताना चाहता हूँ, पूरे ईरान में कहीं गाय नहीं खाई जाती, लेकिन इजरायल में कोई दस्तरख्वान ऐसा नहीं है, जहां गाय नहीं खाई जाती हो। तो जहां तुम्हारी माता को चबा-चबा कर खाया जाता है, उसे तुम फादर लैंड कह रहे हो। मौलाना कल्बे जव्वाद
Wasim Akram Tyagi296,950 görüntüleme • 5 ay önce

गुजरात के अहमदाबाद का यह परिवार लंदन से अहमदाबाद ईद उल अज़हा मनाने आया था। आज ही इस परिवार के अपने उन्हें एयरपोर्ट पर विदा करने आए थे। उन्हें क्या ख़बर थी कि उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही, एक हादसा उनका सबकुछ बर्बाद कर देगा। #Planecrash | #AirIndia | #AhemdabadPlaneCrash
Wasim Akram Tyagi721,549 görüntüleme • 1 yıl önce