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Deepak Singh दीपक सिंह

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Ex M.L.C. Uttar Pradesh, C.L.P. Leader UP. Chairman Regulation Committee U.P. Vidhanparishad, Chairman PSC Ministry of Railways Govt.of India

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श्रीरामलला के गर्भगृह में चाहे स्वर्ण रामायण हो अथवा आभूषण “साकेत रत्न विज्ञान केंद्र” अयोध्या के दुकानदार मंदिर से सीधा प्राप्त कर लेते थे। और कोई सबूत चाहिए? बस इनका पद इतना है की यह भी चंपत के सखा है। यदि उन्हें श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अधिकृत किया था, तो आदेश सार्वजनिक किया जाए। यदि नहीं, तो गर्भगृह के पास बहुमूल्य चढ़ावे स्वीकार करने की अनुमति किसने दी? क्या केवल किसी का करीबी होना ही योग्यता है? रामभक्तों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके चढ़ावे किस प्रक्रिया से स्वीकार होते हैं और उनकी जवाबदेही किसकी है। ट्रस्ट को तथ्यात्मक और सार्वजनिक जवाब देना चाहिए। #RamMandir #Ayodhya #Transparency #Accountability

श्रीरामलला के गर्भगृह में चाहे स्वर्ण रामायण हो अथवा आभूषण “साकेत रत्न विज्ञान केंद्र” अयोध्या के दुकानदार मंदिर से सीधा प्राप्त कर लेते थे। और कोई सबूत चाहिए? बस इनका पद इतना है की यह भी चंपत के सखा है। यदि उन्हें श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अधिकृत किया था, तो आदेश सार्वजनिक किया जाए। यदि नहीं, तो गर्भगृह के पास बहुमूल्य चढ़ावे स्वीकार करने की अनुमति किसने दी? क्या केवल किसी का करीबी होना ही योग्यता है? रामभक्तों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके चढ़ावे किस प्रक्रिया से स्वीकार होते हैं और उनकी जवाबदेही किसकी है। ट्रस्ट को तथ्यात्मक और सार्वजनिक जवाब देना चाहिए। #RamMandir #Ayodhya #Transparency #Accountability

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सच बात जुबान पर आ ही जाती है, पर दिल्ली वाले के समझ में यह क्यों नहीं आती है। नेता प्रतिपक्ष के सम्मान में बिना व्यवधान के सुनना संसदीय परंपरा और शिष्टाचार है। चाहे कोई मंत्री हो प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री। शायद दिल्ली वाले स्पीकर ने कांग्रेस सरकार नहीं देखी इसलिए संसदीय परंपराओं को मिट्टी में मिला रहे हैं। कई बार के विधायक महाना जी ने कांग्रेस की भी सरकार देखी है इसलिए सच बात जुबां पर आ गयी। Satish Mahana

सच बात जुबान पर आ ही जाती है, पर दिल्ली वाले के समझ में यह क्यों नहीं आती है। नेता प्रतिपक्ष के सम्मान में बिना व्यवधान के सुनना संसदीय परंपरा और शिष्टाचार है। चाहे कोई मंत्री हो प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री। शायद दिल्ली वाले स्पीकर ने कांग्रेस सरकार नहीं देखी इसलिए संसदीय परंपराओं को मिट्टी में मिला रहे हैं। कई बार के विधायक महाना जी ने कांग्रेस की भी सरकार देखी है इसलिए सच बात जुबां पर आ गयी। Satish Mahana

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यह अमेठी की जनता दैनिक भास्कर की पत्रकार नहीं स्मृति ईरानी जी। इसे न धमकाएं, 5 कैमरे हो या 50, इनकी आवाज कोई नहीं दबा सकता, इन्हें आप पत्रकार की तरह हटा भी नहीं पाएंगी, यह आपको 2024 में हटा देगें।

यह अमेठी की जनता दैनिक भास्कर की पत्रकार नहीं स्मृति ईरानी जी। इसे न धमकाएं, 5 कैमरे हो या 50, इनकी आवाज कोई नहीं दबा सकता, इन्हें आप पत्रकार की तरह हटा भी नहीं पाएंगी, यह आपको 2024 में हटा देगें।

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सीट बेल्ट बांध लीजिए मित्रों, एक बड़े संघर्ष के लिए तैयार रहिए। भाजपा सरकार UP में बिजली बेचने जा रही हम ऐसा नहीं होने देंगे, सड़क पर उतरेंगें एक दिन के लिए आर पर की लड़ाई लड़ने के लिए।

सीट बेल्ट बांध लीजिए मित्रों, एक बड़े संघर्ष के लिए तैयार रहिए। भाजपा सरकार UP में बिजली बेचने जा रही हम ऐसा नहीं होने देंगे, सड़क पर उतरेंगें एक दिन के लिए आर पर की लड़ाई लड़ने के लिए।

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