
Kalamshala
@kalamshala1 • 82,746 subscribers
साहित्य, समाज और संस्कृति.....
Videos

मन न मिला तो कैसा नाता चला अकेला ठोकर खाता - कृष्ण मुरारी पहारिया ❤️🌻
Kalamshala104,849 просмотров • 1 год назад

अजनबी लगती है कभी पहचानी लगती है, ज़िन्दगी मुझको तो अधूरी-सी कहानी लगती है। ढल जाती है उम्र तमन्नाएँ मिट नहीं पाती, दबी हुई इच्छाओं की कुर्बानी लगती है। खाली हाथ आए हैं और जाना भी है खाली हाथ, फिर दौलत के पीछे क्यूँ दुनिया दीवानी लगती है? - पल्लवी मिश्रा ✨
Kalamshala34,987 просмотров • 4 месяцев назад

हमने भी सोकर देखा है नए-पुराने शहरों में जैसा भी है अपने घर का बिस्तर अच्छा लगता है। . निदा फ़ाज़ली ❤️🌻
Kalamshala53,404 просмотров • 1 год назад

जिन मुश्किलों में मुस्कुराना हो मना, उन मुश्किलों में मुस्कुराना धर्म है। . गोपालदास "नीरज" ❤️🌻
Kalamshala40,756 просмотров • 1 год назад

अँधेरों की सभा में सर उठाना सीख जाते हैं, दियों को बस जला दो, झिलमिलाना सीख जाते हैं वो ये भी सीख जाते हैं, सफ़र कैसे किया जाए, क़दम जो राह पर आगे बढ़ाना सीख जाते हैं किसी तालीम के मोहताज होते हैं नहीं पौधे, वो खुद मिट्टी में अपनी जड़ जमाना सीख जाते है अशोक रावत ✨
Kalamshala21,814 просмотров • 7 месяцев назад

कहाँ की दोस्ती किन दोस्तों की बात करते हो मियाँ दुश्मन नहीं मिलता कोई अब तो ठिकाने का वसीम बरेलवी 🌻
Kalamshala31,647 просмотров • 1 год назад

मोड़ था कैसा तुझे था खोने वाला मैं रो ही पड़ा हूँ कभी न रोने वाला मैं . राजेन्द्र मनचंदा बानी 🌻
Kalamshala25,229 просмотров • 1 год назад
Больше нет контента для загрузки