
Rajkumar Bhati
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पूर्णकालिक सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता। मूलतः पत्रकार। लेखन व अध्ययन में रुचि। प्रवक्ता समाजवादी पार्टी।
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दिल्ली के जवाहर भवन में डॉ रफरफ शकील अंसारी और जावेद अनवर द्वारा लिखित पुस्तक 'जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु' का लोकार्पण था। लोकार्पण के बाद इसी विषय पर परिचर्चा थी। वक्ताओं में मेरे अलावा श्री योगेंद्र यादव जी, श्री आशुतोष, प्रो. रतन लाल, श्रीमती शीबा असलम फहमी और श्री बिलाल अहमद थे। मैंने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारे समाज में जातियों को लेकर बहुत खराब मुहावरे, लोकोक्तियां और कहावतें बनी हुई है । मैंने यह भी कहा कि ऐसी कहावतें दोनों तरफ से हैं जो दूसरे समाज को अपमानित करती है । मैंने बताया कि एक पत्रकार महोदय मुझे एक दोहा सुनाकर चिढ़ाते थे - "गुर्जर अहीर कंजर कुत्ता बिल्ली बंदर ये छै ना होते तो खुले किवाड़ों सोते दूसरे पत्रकार ने मुझे एक दोहा बताया कि आप उन्हें यह सुना दिया करो । जिसमें ब्राह्मण और वैश्या का जिक्र है । साथ ही साथ मैंने यह भी बोला कि यह दोहा बहुत ज्यादा खराब था इसलिए मैंने कभी नहीं सुनाया । और मैं भी इसे ठीक नहीं मानता । क्योंकि ब्राह्मण भी बहुत भले होते हैं । लेकिन जिनके दिमाग में फितूर भरा होता है ऐसे लोग इसकी कुछ सेकंड की क्लिप चलाकर मेरे ऊपर निशाना साध रहे हैं । समझदार लोगों को पूरा वीडियो सुनकर सच्चाई की तह तक पहुंचना चाहिए ।
Rajkumar Bhati133,296 görüntüleme • 22 gün önce

सरकार का फर्ज बनता है कि वह गीता और कुरान दोनों को बराबर सम्मान दे। यहां इसका उल्टा किया जा रहा है।
Rajkumar Bhati23,373 görüntüleme • 5 gün önce

अर्नब हम शर्मिन्दा हैं चरण चुंबक पत्रकारिता जिंदा है Video credit: News crowd9.0
Rajkumar Bhati77,617 görüntüleme • 1 ay önce

भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि शिक्षा, चिकित्सा, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और देश की सुरक्षा जैसी गंभीर समस्याओं पर न्यूज चैनल चर्चा न करें। इसलिए जनता का ध्यान हटाने के लिए हिंदू-मुसलमान विवाद को वह जिंदा रखना चाहती है ।उसके समर्थक न्यूज़ चैनल इस बात में उनकी मदद करते हैं ।
Rajkumar Bhati16,002 görüntüleme • 6 gün önce

जातिवाद इस देश की सबसे भयंकर बीमारी है। इस बीमारी पर हमें खुलकर बात करनी होगी।
Rajkumar Bhati52,218 görüntüleme • 28 gün önce

राष्ट्रीय चैनल की डिबेट में बहन जी बड़े गर्व के साथ पूरे देश को बता रही हैं कि वह अपर कास्ट यानी उच्च जाति हैं। तो बहन जी यह भी बता दें कि फिर लोवर कास्ट या नीच जाति कौन है। यह जातीय घमंड संविधान के लागू होने के 75 वर्ष बाद भी इनके दिमाग से नहीं निकला है। ये आज भी मनुस्मृति की सोच के अनुसार चल रहे हैं और ये सामंतवादी लोग सामाजिक, शैक्षिक रूप से पीछे रह गए लोगों को अगर सरकार कोई सुविधा देती है तो उसे जातिवाद मानते हैं। यानि इनका अहंकार जातिवाद नहीं है। एससी, एसटी, ओबीसी को न्याय मिलना जातिवाद है। दूसरी भूमिका एंकर की देखिए। अपर कास्ट बहन जी के पक्ष में तुरंत कूद के आ गए और मंडल, पिछड़े और दलितों की आलोचना करने लगे। खुद को अपर कास्ट कहने में इन्हें कोई समस्या नहीं। कान खोलकर सुनो-- "अपर कास्ट, उच्च जाति, सवर्ण, अवर्ण, लोअर कास्ट, नीच जाति गैर संवैधानिक और गैरकानूनी शब्द हैं और अपराध हैं। एससी, एसटी, ओबीसी और जनरल कैटेगरी ये संवैधानिक शब्द हैं। Paul Annesley
Rajkumar Bhati119,171 görüntüleme • 3 ay önce

लो जी एक और नया नमूना बाजार में आया है l ये महोदय कह रहे हैं कि जितने खूबसूरत और अमीर लोग धरती पर हैं वे सब स्वर्ग से फेंके गए हैं l और जो गरीब गुरबा और काले कलूटे बदसूरत लोग हैं ये सब नरक से फेंके गए हैं l फुल मनोरंजन का मसाला बाजार में बढ़ता ही जा रहा है l
Rajkumar Bhati785,157 görüntüleme • 3 yıl önce

CDS एग्जाम पास कर सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए ग्रेटर नोएडा के गाँव पाली निवासी सिद्धार्थ गुर्जर आज गांव लौटे तो पूरा गांव उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़ा। सिद्धार्थ के पिता, दादा और मामा भी भारतीय सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं। ऐसे देशभक्त परिवार पर हम सबको गर्व है।
Rajkumar Bhati61,960 görüntüleme • 2 ay önce

🌙✨ ईद की दिली मुबारकबाद ✨🌙 दादरी विधानसभा क्षेत्र एवं जिला गौतम बुद्ध नगर के समस्त सम्मानित जनता जनार्दन को ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। यह पवित्र पर्व हम सभी को आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देता है। हमारा संकल्प है कि दादरी की धरती पर हमेशा अमन, सौहार्द और विकास की नई मिसाल कायम रहे। आप सभी के जीवन में खुशहाली, तरक्की और सुख-समृद्धि बनी रहे, यही मेरी दिली कामना है। 🌙 ईद मुबारक 🌙
Rajkumar Bhati53,539 görüntüleme • 2 ay önce

'म्लेच्छ' शब्द कोई गाली नहीं है । प्राचीन काल में म्लेच्छ उन सब लोगों के लिए प्रयुक्त होता था जो भारतीय मूल के धर्म को नहीं मानते थे और भारतीय भाषाएं नहीं बोलते थे । कालांतर में इसे मुसलमान के लिए कहा जाने लगा । बीजेपी के लोग आमतौर पर मुसलमान के लिए इस शब्द का प्रयोग करते हैं और उन्हें बार-बार अपमानित करते हैं । किंतु भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता को अपने लिए इस शब्द का सुनना इतना खराब लगा कि डिबेट छोड़कर भागने लगे । आपको उस समय गुस्सा क्यों नहीं आता जब मुस्लिम समुदाय के लोगों को इन शब्दों से अपमानित किया जाता है ?
Rajkumar Bhati79,279 görüntüleme • 4 ay önce

हाउस अरेस्ट की अवधि बढ़ती ही जा रही है । पता नहीं क्यों सरकार इतनी भयभीत है ।
Rajkumar Bhati156,733 görüntüleme • 9 ay önce

बहन की पत्रकारिता देखिए । और समझ में आ जाए तो मुझे बताइए।
Rajkumar Bhati58,847 görüntüleme • 3 ay önce