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उप्र भाजपा सरकार के पास ‘अपराध के ख़िलाफ़’ अपनी ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की तथाकथित नीति को सच कर दिखाने का मौका है। देखते हैं ‘न्याय’ के साथ कौन खड़ा होता है। भाजपाइयों की आपसी राजनीति का ख़ामियाज़ा कोई तीसरा क्यों भुगते। जो न सुने बेबस की गुहार, वो नहीं सरकार!

232,874 views • 2 years ago •via X (Twitter)

9 Comments

Naseema Fatima's profile picture
Naseema Fatima2 years ago

आज कॉंग्रेस संसदीय दल की बैठक में वायनाड में हुए भूस्खलन से जान गँवाए लोगों को और UPSC के तीन विद्यार्थी, जिन्होंने दिल्ली में अपनी ज़िंदगी खो दी, को श्रद्धांजलि दी गई। 🙏🏻

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सत्य सनातन 'मोदी का परिवार'2 years ago

परिवारवाद बाग़

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🇮🇳 Vishal JyotiDev Agarwal2 years ago

उत्तर प्रदेश में तीन सिटिंग विधायकों की हत्या हुई! - पहले थे सपा विधायक जवाहर यादव उर्फ़ जवाहर पंडित, जिनकी हत्या 1996 में हुई, आरोपी उदयभान करवरिया को 2019 में आजीवन कारावास की सजा हुई, कुछ दिन पहले उदयभान करवरिया जेल से रिहा हो गया! - दूसरे थे बसपा विधायक राजू पाल! जिनकी हत्या जनवरी 2005 में हुई! आरोपी अशरफ की उसके भाई अतीक अहमद के साथ पुलिस अभिरक्षा में हत्या हो गयी, एक बेटे का एनकाउंटर हो गया, अरबों की सम्पत्ति कुर्क हो गयी, पूरा खानदान तहस नहस हो गया! तीसरे थे भाजपा विधायक कृष्णानंद राय, जिनकी हत्या 2005 में हुई, आरोपी मुख़्तार अंसारी ने जेल के खाने में जहर देने की शिकायत की, कुछ दिन बाद जेल में बीमार हुए, अस्पताल में मौत हो गयी! एक दूसरे आरोपी मुन्ना बजरंगी की जेल में ही हत्या हो गयी तथा मुन्ना बजरंगी के साथी संजीव जीवा की न्यायालय में हत्या हो गयी! ...और मुझे कुछ नहीं कहना!

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Sachin Waliya2 years ago

सपा, कॉंग्रेस और भाजपा यह सभी पार्टी जातिवादी है जो अनुसूचित जाति को कभी नहीं चाहती लेकिन उनकी वोट लेने के लिए संविधान बचाओ का नाटक, आरक्षण बचाओ का नाटक और अनुसूचित जाति के लोगों के घर खाना खाने का नाटक आदि करते है। बहुजन समाज को इन सबसे सावधान रहना चाहिए।

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कर्वज्ञम्2 years ago

यह PDA का नारा लगाने वाले लोग उस समय कहां चले गए थे जब..

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नित्या 🇮🇳2 years ago

PDA का नारा देने वाले लोग उस समय कहां चले गए थे .... सुने योगी जी की

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Abhishek Rao2 years ago

अब ये किसने किया यार 🤣

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APOORV MISHRA2 years ago

राजेंद्र नगर की दुखद घटना पर जब सदन में चर्चा हो रही थी, तब INDIA गठबंधन के सभी दलों ने इस बात पर सहमति जताई कि कोचिंग सेंटर को रेगुलेट किया जाए। केंद्र सरकार इस पर क़ानून बनाए। - @SanjayAzadSln जी

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Lehararam bhuriya rathore2 years ago

😎🥰

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देश के प्रधान संसदीय क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द की परंपरा को खंडित करने का प्रयास भाजपा सरकार की संकीर्ण राजनीति का प्रतीक है। यहाँ मची भगदड़ भाजपाइयों की बदइंतज़ामी का प्रमाण है, जो नहीं चाहते हैं कि भाईचारे के ऐसे आयोजन सफल हों। बनारस के ‘नाटी इमली के भरत मिलाप’ की 480 साल से चली आ रही परंपरा में यदुकुल के कंधे पर ही रघुकुल का मिलन होता आ रहा है। सूर्यवंशी-चंद्रवंशी के आपसी प्रेम-स्नेह के बीच कमलवंशी लोग सियासी दरार पैदा कर रहे हैं। गोरखधंधे में व्यस्त उप्र की भाजपा सरकार जहाँ बैरिकेडिंग की जानी चाहिए वहाँ तो नहीं करती है, और जहाँ नहीं की जानी चाहिए वहाँ करती है। कहाँ करती है ये बताने की ज़रूरत नहीं, जनता बहुत समझदार है। निंदनीय!

Akhilesh Yadav

321,697 views • 1 year ago

धिक्कार है ऐसी भाजपाई राजनीति और सत्ता की भाजपाई भूख पर जो सियासत के लिए देश के भाईचारे के बीच दंगा कराने की साज़िश करती है। बहराइच हिंसा के मामले में हर दिन नये खुलासे हो रहे हैं, जिनसे भाजपा मुँह दिखाने लायक नहीं रही है। भाजपा के विधायक ही भाजपाइयों पर साज़िश करने की एफ़आइआर करा रहे हैं और दंगाई छुपे कैमरे के सामने सच उगल रहे हैं। भाजपा के जो थोड़े बहुत समर्थक और वोटर बचे हैं, अब तो भाजपा का ये षड्यंत्रकारी और हिंसक रूप देखकर वो भी शर्मिंदा हैं। भाजपा ने अपने समर्थकों की भावनाओं को गुमराह करके, उनका इस्तेमाल अपनी सत्ता को बचाए-बनाए रखने के लिए किया है। सच तो ये है कि भाजपा अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ षड्यंत्र कर रही है। भाजपा भाजपाइयों से दंगे कराकर उन्हें ही फँसा दे रही है। तभी तो भाजपा का विधायक, भाजपाइयों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट लिखवा रहा है। अब तो भाजपाई भी कहने लगे हैं : भाजपा किसी की सगी नहीं। यूपी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

451,169 views • 1 year ago

भाजपा अपने सेट किये हुए ‘प्लांटेड लोगों’ के उपनाम का दुरुपयोग करके उप्र के पड़ोसी राज्यों से लोगों को लाकर, समाज को बाँटनेवाली जो ‘घुसपैठिया राजनीति’ प्रदेश में कर रही है, उसका सच बच्चा-बच्चा जानता है। उप्र का समाज कुछ नकारात्मक लोगों की गलतियों से बँटेगा नहीं बल्कि और भी मजबूत होगा। आज क्या उप्र में एक भी ऐसा भाजपाई नहीं है जिस पर दिल्लीवाले भरोसा कर सकें? शायद ऐसा ही है तभी तो वो बाहर से लोगों को लाकर षडयंत्र की नई बिसात बिछा रहे हैं। सच तो ये है कि ये लखनऊवालों के लिए एक ‘ताल ठोंकती चुनौती’ है कि उप्र को अस्थिर करने के लिए उप्र की सीमा पार से लोग बार बार अंदर आ रहे हैं और प्रदेश का अमन-चैन बिगाड़ कर आराम से वापस चले जा रहे हैं। उप्र की भाजपा सरकार क्या अब अपने प्रदेश की सीमाएं किसी भी अराजक तत्व के लिए खोल देगी। अगर ऐसा है तो उप्र की भाजपा सरकार खुलकर घोषणा कर दे या फिर उन अराजकतावादी तत्वों के ख़िलाफ़ FIR करके तुरंत अपनी पुलिस भेजकर गिरफ़्तार करवाए। अगर ये नहीं हुआ तो कल को उप्र की भाजपा सरकार को ठेंगा दिखाते हुए ऐसे और लोग भी आएंगे और उप्र की जनता मान लेगी कि भाजपा सरकार उप्र में काग़ज़ी सरकार बनकर रह गयी है, न उसके पास कोई नेतृत्व है और न ही उप्र की क़ानून -व्यवस्था और यहाँ कि शांति के लिए कोई प्रतिबद्धता। कुछ गिनती के प्रभुत्ववादी और वर्चस्ववादी लोगों ने तो उस कलाकार को भी नहीं छोड़ा जो अपनी थाप से दुनिया देखता है। उसकी ढोलक छीनकर और उस पर आरोप लगाकर ऐसे नकारात्मक लोगों ने अपने ही समाज की सहानुभूति खो दी है। हमारे देश की संस्कृति के सच्चे उपासक सदैव सहृदय और करुणा से भरे होते हैं, जो लोग ऐसा करते हैं, वो मानवीय मानकों पर ख़ारिज कर दिये जाने वाले अभारतीय और अमानवीय लोग होते हैं। आज संपूर्ण पीडीए समाज ‘इटावा कथावाचन पीडीए अपमान कांड’ के हर पीड़ित के साथ अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा है। ’पीडीए’ उत्पीड़न के ख़िलाफ़ नई ढोलक की नई गूँज है। पीडीए ’पीड़ा, दुख और अपमान’ का त्रिदंश झेलने वाले परंपरागत रूप से उपेक्षित और उत्पीड़ित लोगों के बीच आई नई चेतना और एकजुटता का सामूहिक, सामाजिक, सामुदायिक ऐलान है। पीडीए प्रतिशोध की नहीं सोच के परिवर्तन की पुकार है। पीडीए ग़ैर बराबरी को दूर करके समता, समानता, गरिमा, प्रतिष्ठा को सुनिश्चित करनेवाले सकारात्मक -प्रगतिशील ‘सामाजिक न्याय के राज’ का संकल्पित उद्घोष है।

Akhilesh Yadav

164,571 views • 1 year ago

बेरोज़गारी की पीड़ा से गुज़र रहे युवाओं के साथ अमानवीय तरीके से मारपीट व बाल पकड़कर अपमानित करने का जो काम उप्र की भाजपा सरकार कर रही है, वो दरअसल भाजपा का सत्ता का अहंकार है, जो अमानुषिक बनकर अपनी ताक़त दिखा रहा है। भाजपा ये न भूले कि पढ़नेवाले युवा लड़ना नहीं चाहते हैं, वो तो बस साफ़-सुथरे तरीक़े से नौकरी की प्रक्रिया का शुद्धीकरण करवाने की माँग कर रहे हैं। हम प्रतियोगी अभ्यर्थियों के साथ नैतिक बल बनकर खड़े हैं। हम उप्र लोक सेवा आयोग की दोषपूर्ण परीक्षा प्रणाली और भ्रष्ट चयन प्रक्रिया पर लग रहे आरोपों के संदर्भ में एक SIR की पुरज़ोर माँग करते हैं। भाजपा को इस बर्बरतापूर्ण व्यवहार के लिए युवा कभी माफ़ नहीं करेंगे। भाजपा के एजेंडे में नौकरी है ही नहीं! भाजपा जाए तो नौकरी आए!

Akhilesh Yadav

66,399 views • 9 months ago

जिसकी शादी में मुख्यमंत्री जी प्रोटोकॉल तोड़कर गये हों, उसकी ही इतनी हिम्मत होगी कि वो किसी पुलिसवाले को सरेआम मारे। जबकि सब कुछ जनता के सामने बीच-बाज़ार हुआ फिर भी भाजपाई दबंगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग का मनोबल गिरा है और अंदर-ही-अंदर आक्रोश पनप रहा है। भाजपाईयों द्वारा किये गये अपराधों के ख़िलाफ़ उप्र की भाजपा सरकार ज़ीरो कार्रवाई करती है। जो सरकार पुलिस का मनोबल तोड़ती है वो कहीं-न-कहीं अपराधियों के हौसले बुलंद करती है। भाजपा ये नहीं कह सकती है कि विपक्ष झूठे आरोप लगा रहा है क्योंकि ये तो दिनदहाड़े घटी घटना है, जिसके सैकड़ों गवाह हैं। जो सरकार अपनी पुलिस के मान-सम्मान की रक्षा नहीं कर सकती, वो भला ग़रीब, किसान, महिला व विरोध कर रहे बेरोज़गार युवाओं की हिफ़ाज़त क्या करेगी। #नहीं_चाहिए_भाजपा

Akhilesh Yadav

443,361 views • 2 years ago

भाजपाइयों को ईमान की रोटी नहीं पचती। भाजपा सरकार में जिनका भी उत्पीड़न हो रहा है, उसके पीछे बात ये नहीं है कि वो कहाँ का है, वो जो कोई भी ही, अगर वो मेहनत करके ईमानदारी से दो जून की रोटी कमा रहा है, मजबूर है, बेबस है या वंचित समाज का है तो वो भ्रष्ट भाजपा सरकार के शोषण-उत्पीड़न का शिकार होगा ही। भाजपा द्वारा गरीबों के विरोध की असली वजह सबको समझनी चाहिए, जो बहुत गहरी है, जिसकी जड़ में मनोविज्ञान है। भाजपाइयों को लगता है कि ‘ईमान की रोटी कमानेवाले’ सैद्धांतिक रूप से भाजपाइयों की पैसे की उस भूख के ख़िलाफ़ हैं, जो बेईमानी से ही पैसा कमाना जानती है। भाजपाइयों को लगता है, ईमानदारी से पैसा कमानेवाले, उनकी बेईमानी की सोच के साक्षात् विरोधी हैं, इसीलिए ऐसे ईमानदार लोगों को आम जनता की आँख के सामने से हटा देना चाहिए। कहा जाता है, जब कुछ दिखना बंद हो जाता है, तो लोग उसके बारे में सोचना भी बंद कर देते हैं। इसीलिए भाजपा ग़रीबों-मेहनतकशों को हटा रही है। देश के प्रधान संसदीय क्षेत्र में तीन पीढ़ियों से पटरी लगाकर अपना पेट भरनेवाले गुजराती समाज के लोगों की आवाज़ सुनी जाए और उनके रोज़गार को हर हाल में बचाया जाए। बनारसी-गुजराती कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! #भाजपा_ग़रीब_विरोधी_है

Akhilesh Yadav

48,020 views • 1 year ago

उप्र में ‘सत्ता सजातीय’ और पुलिस का गठजोड़ साज़िश रचकर ‘जाति’ देखकर हत्या करवा रहा है। इसके लिए किसी को मिली सुरक्षा हटाने तक का षड्यंत्र किया जा रहा है। सत्ताधारियों को लग रहा है कि जब उनकी सरकार है तब न तो कोई जाँच होगी और न ही कोई पकड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ये क्यों नहीं स्वीकार कर लेते हैं कि उप्र की बागडोर अपराधियों के हाथ में चली गयी है? ऐसे शासन से अच्छी तो अराजकता होती है, जहाँ जनता सरकार के भरोसे तो नहीं होती है। सीसीटीवी के सबूत के बावजूद भी जब अपराधी पकड़ा नहीं जा रहा है, तो फिर न्याय के नाम पर उप्र में बचा क्या। उप्र की इंद्रिय शून्य सरकार को छोड़कर सबको मालूम है कि हत्यारा कौन है। उप्र की जनता इतनी असुरक्षित कभी न थी। न्यायालय स्वत: संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई करे, यही हमारी पुरजोर माँग है। हत्यारे, संलिप्त पुलिस और भाजपाई माफ़िया कोई बचना नहीं चाहिए। अगर शासन ने कुछ नहीं किया तो वो भी इस अपराध में भागीदार माना जाएगा और सबसे कमज़ोर, हताश और लाचार शासन भी। जिसका इक़बाल नहीं, वो सरकार नहीं। मुख्यमंत्री जी लखनऊ की जगह चंदौली को राजधानी घोषित कर दें और जहाँ जाना हो चले जाएं लेकिन उप्र की जनता को यूँ माफ़ियों की गोलियाँ खाने के लिए न छोड़ें। घोर निंदनीय व दंडनीय हत्याकांड। उप्र में ‘महा-अन्यायराज’ का दौर चल रहा है।

Akhilesh Yadav

86,937 views • 1 year ago

एक-दूसरे के ख़िलाफ़ ‘चोर-पुलिस’ का जो खेल बचपन में खेला जाता था, वो अब भाजपा राज में नये नियम से खेला जा रहा है। इस बार ‘चोर-पुलिस’ दोनों मिलकर खेल रहे हैं, अब कोई किसी के ख़िलाफ़ नहीं है बल्कि उल्टा एक-दूसरे के साथ हैं। देश की सरहदों की सुरक्षा करनेवालों की ही चौखट जब सुरक्षित नहीं है तो बाक़ी जनता का क्या। हमारी मांग है कि पुलिस बरामद हुआ पूरा माल तुरंत वापिस करे और एक सैन्यकर्मी और उसके दुखी-व्यथित परिवार को ये विश्वास दिलाए कि उप्र की भाजपा सरकार सैनिकों के घरों की रक्षा करने में विफल नहीं है अन्यथा स्वीकार करे कि उप्र की लगाम अपराधियों के हाथ में चली गयी है। जनता पूछ रही है हम क्या करें? ये वही उप्र, वही कानपुर है जहां बैंकों तक के लॉकर टूट गये थे। भाजपा राज में न घर सुरक्षित है, न बैंक। जनता जाए तो जाए कहाँ? घोर निंदनीय! जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

128,849 views • 1 year ago

शिक्षकों और बच्चों के अभिभावकों को जितनी जल्दी ये बात समझ आ जाएगी कि भाजपा सरकार शिक्षक और शिक्षा के ख़िलाफ़ है और भाजपा की वजह से परिवारवालों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय है, उतनी ही जल्दी परिवर्तन के लिए ज़मीन बननी तैयार हो जाएगी। भाजपा शिक्षकों और कर्मचारियों को विरोध का एक ऐसा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य न करे जिससे हर क्षेत्र में ठहराव आ जाए। भाजपा अपनी हार का तो विश्लेषण करती है लेकिन शिक्षक और कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति हमेशा बेरुख़ी का नज़रिया अपनाती है। भाजपा की सरकार एक हृदयहीन सरकार है। जिसमें संवेदना न हो वो सरकार नहीं चाहिए। #नहीं_चाहिए_भाजपा

Akhilesh Yadav

194,954 views • 2 years ago

भाजपा सरकार के लिए ‘रोज़गार मेला’ सिर्फ़ एक इवेंट है और कुछ नहीं। यहाँ नौकरी के नाम पर युवाओं को ठगा जा रहा है। लगता है भाजपा के लोग विदेश में नौकरी के नाम पर ‘प्लेसमेंट एजेंसी’ के एजेंट बनकर नाममात्र के वेतन पर युवाओं की मजबूरी का फ़ायदा उठाकर बीच में कमीशन कमाना चाहते हैं। भाजपा के लिए नौकरी भी एक जुमला है। अब उप्र के सचेत युवा ‘भाजपाई झाँसे’ में आकर अपना शोषण नहीं होने देंगे, उन्हें नौकरी के नाम पर कोई गुमराह नहीं कर सकता है। जहाँ 9 साल इंतज़ार कर लिया है वो कुछ दिन और कर लेंगे और आगामी चुनाव में यही युवा भाजपा सरकार का टोकन काटेंगे और हमेशा के लिए पत्ता भी साफ़ कर देंगे क्योंकि अब वो समझ गये हैं कि ‘नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं’। युवा ये भी नहीं भूलेंगे कि ये वही मुख्यमंत्री जी हैं जिन्होंने उप्र के युवाओं के बारे में कहा था कि कमी नौकरी की नहीं है बल्कि युवाओं में योग्यता की है। मुख्यमंत्री जी ये भी बताएं कि विदेश में जानेवाले युवाओं का शोषण नहीं होगा इसकी गारंटी कौन देगा। इस तरह के आयोजन साबित कर रहे हैं कि निवेश और उससे सृजित होनेवाला रोज़गार का दावा फुस्स हो गया है। हमारे प्रदेश की युवतियों की नौकरी के लिए सरकार की कोई विशेष योजना क्यों नहीं है? भाजपा सरकार जवाब दे। युवा कहे आज का नहीं चाहिए भाजपा! भाजपा जाए तो नौकरी-रोज़गार आए!

Akhilesh Yadav

52,857 views • 1 year ago

छत्तीसगढ़ में 35 दिनों से धरने पर बैठी आदिवासी बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षिकाओं के साथ जो अन्याय हो रहा है, वह भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करता है। इन शिक्षिकाओं को अपनी आवाज उठाने का भी अधिकार नहीं दिया गया, बल्कि जब उन्होंने वित्त मंत्री से न्याय की गुहार लगाई, तो उन्हें सुनने के बजाय पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है, बल्कि आदिवासी समाज की उपेक्षा और महिलाओं के प्रति सरकार की उदासीनता को भी दर्शाती है। भाजपा सरकार का यह रवैया दिखाता है कि वह कमजोर और वंचित वर्गों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती। सरकार को याद रखना चाहिए कि शिक्षक समाज के निर्माण की नींव होते हैं, और उनके साथ इस प्रकार का बर्ताव अस्वीकार्य है। यह घटना आदिवासियों के प्रति सरकार के रवैये पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। भाजपा को इस मुद्दे पर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और इन शिक्षिकाओं को न्याय दिलाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। Vishnu Deo Sai Narendra Modi President of India

Tribal Army

11,481 views • 1 year ago