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गोरखपुर के दौरे के दौरान, उप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ समाजवादी नेता श्री माता प्रसाद पांडेय जी एवं श्री लाल बिहारी यादव जी पर असामाजिक तत्वों का हमला घोर निंदनीय है। यदि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के जन संपर्क एवं जन समस्याओं की सुनवाई पर सत्ता संरक्षित...

133,750 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

6 Kommentare

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Kuldeep Yadavvor 1 Jahr

भाजपाई गुंडों द्वारा नेता विरोधी दल श्री माता प्रसाद पांडे जी और श्री लाल बिहारी यादव जी पर जानलेवा हमला किया गया, तत्काल कार्यवाही करें पुलिस

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Drx.Krishnavor 1 Jahr

पे.ल दिया ठाकुरों ने और करो हिंदू मुस्लिम

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विरेन्द्र यादव एडवोकेट सहारनपुरvor 1 Jahr

क़ानून व्यवस्था में 0

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Ankit Trivedivor 1 Jahr

जंगलराज

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Mukesh Yadavvor 1 Jahr

अघोषित आपातकाल लागू है।

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Raghvendra dubeyvor 1 Jahr

नेता प्रतिपक्ष आदरणीय माता प्रसाद पाण्डेय जी पर कायराना हमला प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोलता है

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भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं है। भाजपा ‘जन-तंत्र’ को ‘धन-तंत्र’ मानकर सिर्फ़ दोहन और दमन में विश्वास करती है। उप्र के हमीरपुर में एक सड़क बनने को लेकर जब सालों से कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों ने ज़िलाधिकारी के कार्यालय पर प्रभावशाली प्रदर्शन करके दिखा दिया कि ‘भाजपा का अहंकारी शासन-प्रशासन’ यदि जनता तक नहीं पहुँचेगा तो जनता उन तक पहुँच जाएगी। भाजपाई ऊपर-से-नीचे का जो ‘एकतंत्र बनाना’ चाहते हैं, वो अब और नहीं चलेगा। जन-प्रतिनिधि हो या लोक सेवक, अब सबको ये समझना ही होगा कि ‘लोकतंत्र’ नीचे-से-ऊपर की ओर जाता है। अब हमारा यही समाजवादी मूल्य सबको अपनाना ही होगा कि ‘समाज के लिए सत्ता है’। भाजपा हमेशा सत्ता के लिए समाज का दुरुपयोग करती है जबकि समाजवादी सिद्धांत कहता है : समाज के उत्थान और कल्याण के लिए सत्ता का सदुपयोग किया जाना ही शासन-प्रशासन के औचित्य को सिद्ध करता है। यदि जन-कल्याण नहीं तो सरकार नहीं!

Akhilesh Yadav

243,964 Aufrufe • vor 7 Tagen

सांसद माननीय रामजी लाल सुमन जी के क़ाफ़िले पर टायर व पत्थर फेंककर, उनके ऊपर जो जानलेवा हमला हुआ है वो उस ऐक्सीडेंट का कारण बना है, जो प्राणांतक दुर्घटना में भी बदल सकता था। ये एक आपराधिक कृत्य है। इतने टायर एक साथ इकट्ठा करना, एक गहरी साज़िश का सबूत ख़ुद है। ये एक बार फिर इंटेलिजेंस की गहरी चूक है या फिर जानबूझकर की गयी अनदेखी है। अगर शासन-प्रशासन ये सब जानते हुए भी अंजान बनने की कोशिश कर रहा है तो वो ये जान ले कि अराजकता किसी को भी नहीं बख्शती है, एक दिन भाजपाई और उनके संगी-साथी भी ऐसे हिंसक तत्वों का शिकार होंगे। देश में एक सांसद के ऊपर हुए जानलेवा हमले का संज्ञान लेना वाला कोई है या फिर ‘पीडीए का सांसद’ होने के कारण वर्चस्ववादियों की सरकार शर्मनाक चुप्पी साधकर भूमिगत हो जाएगी। अब क्या बुलडोज़र का दम बेदम हो गया है या उप्र की सरकार ने अराजकता के आगे समर्पण कर दिया है या फिर ये सब उप्र सरकार की रज़ामंदी से हो रहा है? घोर, घोर, घोर निंदनीय! पीडीए कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

424,156 Aufrufe • vor 1 Jahr

एक-दूसरे के ख़िलाफ़ ‘चोर-पुलिस’ का जो खेल बचपन में खेला जाता था, वो अब भाजपा राज में नये नियम से खेला जा रहा है। इस बार ‘चोर-पुलिस’ दोनों मिलकर खेल रहे हैं, अब कोई किसी के ख़िलाफ़ नहीं है बल्कि उल्टा एक-दूसरे के साथ हैं। देश की सरहदों की सुरक्षा करनेवालों की ही चौखट जब सुरक्षित नहीं है तो बाक़ी जनता का क्या। हमारी मांग है कि पुलिस बरामद हुआ पूरा माल तुरंत वापिस करे और एक सैन्यकर्मी और उसके दुखी-व्यथित परिवार को ये विश्वास दिलाए कि उप्र की भाजपा सरकार सैनिकों के घरों की रक्षा करने में विफल नहीं है अन्यथा स्वीकार करे कि उप्र की लगाम अपराधियों के हाथ में चली गयी है। जनता पूछ रही है हम क्या करें? ये वही उप्र, वही कानपुर है जहां बैंकों तक के लॉकर टूट गये थे। भाजपा राज में न घर सुरक्षित है, न बैंक। जनता जाए तो जाए कहाँ? घोर निंदनीय! जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

128,846 Aufrufe • vor 1 Jahr

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी अपनी चिर-परिचित शैली में संदिग्ध विदेशी अज्ञातवास से लौटें और कोई भारत विरोधी बयान न आये ये कैसे संभव है। उनके भारत लौटते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज़ का अत्यंत निंदनीय भारत विरोधी बयान सामने आया। सोज़ ने कहा कि जम्मू काश्मीर का मामला केवल राज्य का दर्जा या धारा 370 की बहाली का नहीं, बल्कि “दाखिली खुदमुख्तारी” अर्थात “संप्रभुता” का है। उन्होंने इसे मुस्लिम बहुल राज्य होने और मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अपनी शर्तों पर भारत के साथ रहने जैसे और अत्यंत घातक आधार से भी जोड़ा। राहुल गांधी जी, सोनिया गांधी जी और श्री खड़गे जी से स्पष्ट प्रश्न है क्या यह कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक लाइन है? यदि नहीं, तो क्या कांग्रेस पार्टी इस बयान का स्पष्ट खंडन करते हुए सैफुद्दीन सोज़ के विरुद्ध कार्रवाई करेगी? यदि कांग्रेस ऐसा नहीं करती, तो यह माना जाएगा कि देश के अंदर किसी राज्य की ‘ख़ुदमुख़्तारी’ ( अर्थात् संप्रभुता Sovereignty) की बात करके देश के टुकड़े करने वाला यह बयान कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

116,744 Aufrufe • vor 1 Monat

उप्र के महोबा में ‘सत्ता सजातीय’ प्रभुत्ववादियों ने मंदिर में दर्शन करने जा रहे, एक दलित नव विवाहित जोड़े पर चप्पल उतारकर अपने घर के सामने से गुजरने के लिए दबाव डाला और दलित दूल्हे द्वारा विरोध किये जाने पर उस पर हिंसक हमला किया। ये घटना उस सरकार के मुँह पर… जो ‘सबके साथ’ का ढोंग करती है। पीडीए समाज अब ऐसी नाइंसाफ़ी और नहीं सहेगा। अगर मुख्यमंत्री जी इस मामले में आनाकानी करते हैं और अपनों को बचाने के लिए समझौते का दबाव बनवाते हैं तो ये ‘महोबा कांड’ उनकी कमज़ोरी का प्रतीक बनकर इतिहास में दर्ज हो जाएगा। पीडीए समाज याद रखेगा जिस समय ये उत्पीड़न और हमला हुआ, उस समय एक दलित नारी भी नव विवाहिता के रूप में सरेआम अपमान का घूँट पीने पर मजबूर की जा रही थी। भाजपा के ‘नारी वंदन’ का ऐसा वीभत्स रूप उप्र की हर युवती-महिला देख रही है। भाजपा के पतन में नारी शक्ति ही मुख्य कारक बनेगी। आत्मसम्मान कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

53,005 Aufrufe • vor 1 Jahr

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के व्यापारी स्व. शुभम द्विवेदी की पत्नी ने इस बात पर सार्वजनिक तौर पर दुख प्रकट किया है कि वो उप्र के मुख्यमंत्री से कई महीनों से मिलने की लगातार कोशिश कर रही हैं परंतु उनकी तरफ़ से कोई जवाब नहीं आ रहा है। क्या यही है भाजपा का महिला सम्मान का असली सच? ये घोर निंदनीय है कि अपने राज्य की एक पीड़ित बेटी का दर्द सुनने का समय मुख्यमंत्री जी के पास नहीं है लेकिन दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार करने का समय है। भाजपा के घोर समर्थक तक मुख्यमंत्री जी के इस निर्दयी व्यवहार पर बेहद शर्मिंदा होंगे, खासतौर से एक औरत होने के नाते भाजपा की महिला सदस्यों को मुख्यमंत्री जी का ये रूखा व्यवहार बहुत खल रहा होगा। जिसके ऊपर दुखों का पहाड़ टूटा हो और ऊपर से वो उपेक्षा का शिकार भी तो निराश-हताश होकर और टूट जाता है। ये हालात कभी किसी की ज़िंदगी में न आएं। इस उपेक्षा के पीछे अगर और कोई वजह हो तो वो स्पष्ट की जाए। हमारी माँग है कि स्व. शुभम द्विवेदी को शहीद का दर्जा दिया जाए और महिला की सरकारी नौकरी की मांग पूरी करी जाए। अगर ये नहीं हुआ तो हम सरकार में आकर ये माँग पूरी करेंगे। भाजपा संवेदनहीन भी और हृदयहीन भी।

Akhilesh Yadav

82,096 Aufrufe • vor 3 Monaten

राम-विरोधी कांग्रेस की रामलीला मैदान में हुई कुंठाग्रस्त, घुसपैठिया-परस्त रैली में आदत से मजबूर और फ्रस्ट्रेशन से भरपूर होकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए एक बार फिर अपशब्दों और गालियों का प्रयोग किया गया। एक बार फिर उनके कार्यकर्ताओं द्वारा मोदी जी की मृत्यु की कामना करने और कब्र खोदने जैसे शब्दों के नारे लगाते हुए वीडियो सामने आए। यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी अब मुस्लिम लीगी–माओवादी एजेंडे के तहत चलते हुए एक राजनीतिक दल के स्थान पर अराजकता का मंच बनती जा रही है। आपको राहुल गांधी जी की तारीफ करनी है, करिए; मगर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विरुद्ध इस प्रकार के अपशब्दों का प्रयोग, जो पहले भी किया गया है, सर्वथा निंदनीय है। यद्यपि कोई तुलना ही नहीं है। यहाँ राहुल गांधी जी भारत की राजनीति और अपनी पार्टी के सर्वाधिक असफल और सर्वाधिक उच्छंखल नेता सिद्ध हुए हैं, वहीं नरेंद्र मोदी जी भारत की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के सर्वाधिक सफल और सर्वाधिक कर्मठ नेता साबित हुए हैं। इसलिए यदि कोई उनके बारे में बोलता है, तो दोनों में ज़मीन–आसमान का अंतर है। हिंदी में एक कहावत है “चाँद पर थूका अपने ही सिर पर।”

Dr. Sudhanshu Trivedi

22,950 Aufrufe • vor 8 Monaten

भाजपा सरकार के मंत्रियों का ये ‘मानमर्दन’ सुनने में कटु लगे जैसे ‘मुख्य-मुख’ के वचन मुख्यमंत्री जी पता करके बताएं जनमानस में आक्रोश का विषय बना ये वीडियो AI जेनरेटेड है या सत्य है। अगर ये सत्य है तो जवाब आपको ही देना होगा क्योंकि मंत्रियों का चयन तो आपने ही किया है। ये आपको चुनौती है मंत्रियों को नहीं, लेकिन आपके इन विशेष मंत्रियों के नामों की भी पर्ची अगर ऊपर से ही आई थी तो आप ये वीडियो ऊपर भी भेज सकते हैं। बच नहीं सकते, हर हाल में जवाब तो देना ही पड़ेगा क्योंकि ये दो समाज के मान-सम्मान का सवाल बन गया है। अगर कहनेवालों ने किसी एक व्यक्ति विशेष का नाम लिया होता तो बाद दूसरी थी परंतु एक ‘समाज विशेष’ और एक ‘दल विशेष’ का नाम लेकर दो बड़े समाजों के मान को सरेआम ठेस पहुँचायी गयी है। इन दलों के नेताओं को भी आगे आकर बोलना चाहिए। अगर उन दोनों समाज के मंत्री बने नेताओं ने कुछ नहीं किया तो मान लिया जाएगा कि उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर अपना मंत्री पद ज़्यादा प्यारा है, अपने समाज का मान-सम्मान नहीं। घोर आपत्तिजनक व निंदनीय!

Akhilesh Yadav

124,650 Aufrufe • vor 2 Monaten

#WATCH दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, "आज जिस प्रकार से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कृत्य किया है वो पूरी तरह से अशोभनीय है निंदनीय है। नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं ये उनके व्यवहार में दिखा। मेरा मानना है कि लोकतंत्र में विरोध और अराजकता दोनों अलग-अलग शब्द है। विरोध जब मर्यादा की हदों को पार कर जाती है वो अराजकता बन जाती है। राहुल गांधी अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं। संसदीय जीवन में हमारे कुछ ऐसे पद होते हैं जो पार्टी विशेष के नहीं होते। प्रधानमंत्री केवल एक पार्टी के नेता नहीं है 140 करोड़ देशवासियों के चुने हुए जन प्रतिनिधि हैं। जिनको पूरे देश की जनता आस्था और विश्वास का केंद्र मानती है। आज उनके आवास पर जिस प्रकार का अराजकता फैलाने का प्रयास राहुल गांधी ने किया है। ये स्पष्ट संदेश देता है कि ये विरोध की राजनीति नहीं अराजकता वादी राजनीति के परिचायक बनते जा रहे हैं।"

ANI_HindiNews

21,957 Aufrufe • vor 29 Tagen