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जाति में जनता उलझी है, नेता नहीं।
11,842 views • 1 year ago •via X (Twitter)
10 Comments

यह वाकई एक कटु सच्चाई है। हमारे समाज में जाति और धर्म जैसी विभाजनकारी चीज़ों में जनता उलझी रहती है, और कई नेता इस स्थिति का लाभ उठाते हैं। जनता को जाति और धर्म के आधार पर बांटकर अपने हित साधने की राजनीति करना कुछ नेताओं के लिए एक आसान तरीका बन गया है। जब जनता इन विभाजनकारी मुद्दों में उलझी रहती है, तो असली समस्याएँ—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और विकास—पिछड़ जाती हैं। नेता इन मुद्दों पर जनता का ध्यान आकर्षित करने के बजाय जातिगत या धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करते हैं। सच तो यह है कि जब तक लोग इन मुद्दों से ऊपर उठकर अपने अधिकारों और असली मुद्दों के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक विकास में रुकावट बनी रहेगी। जनता के लिए जरूरी है कि वे जाति और धर्म के घेरे से बाहर निकलकर सही मायनों में अपने भविष्य और देश के विकास के लिए सोचें।

क्या आपका कोई Youtube channel है?

तेजस्वी जी ने तो जाति में शादी भी नहीं की; तेज प्रताप ने किया, लेकिन छोड़ दिया|

Mobile phone should be the party symbol of Jan Suaraj Party.

प्रशांत बबुआ तू ई बताओ के तू #नरेंद्र मोदी पर,#नीतीश कुमार पर , #दीपांकर भट्टाचार्य पर या #योगी पर बयान क्यूं नहीं देते ?

Good. Akela. U. P

सही हो या गलत लेकिन बात में 👌✅

Bhai Congress ki tarah Teri funding,,, CIA/MI6/Ford Foundation etc se nhi n aati hai .... Agar aati hogi to ... Pichhla generation wale vote nhi dene ki bat krte honge, Hm Gand maar lenge lo

Right sir

जाती पाती टूटेगा जन सुराज जीतेगा

