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जिस प्रेम में संबंध आत्मा से जुड़ा हो , उस प्रेम का अंत कभी नहीं हो सकता है ।।

15,806 次观看 • 9 天前 •via X (Twitter)

20 条评论

🍁अज्ञात शख्स 🍁 的头像
🍁अज्ञात शख्स 🍁9 天前

जिस प्रेम का रिश्ता आत्मा से हो जाए, वो बिछड़ सकता है… मिट नहीं सकता। 🖤🥀

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋9 天前

शुक्रिया जी आपका

रद्दी शायरी 的头像
रद्दी शायरी9 天前

waah 👌

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋9 天前

शुक्रिया जी आपका

♢○̶I̶'̶m̶ ̶S̶H̶A̶R̶I̶B̶ ○♢ 的头像
♢○̶I̶'̶m̶ ̶S̶H̶A̶R̶I̶B̶ ○♢9 天前

Bahut zabardast kaha 👌

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋9 天前

शुक्रिया जी आपका

𝑴𝒂𝒉𝒊 ♡ 的头像
𝑴𝒂𝒉𝒊 ♡9 天前

Kya baat hai 👌

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋9 天前

शुक्रिया जी आपका

Shoaib Nirban 的头像
Shoaib Nirban9 天前

💯 correct

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋8 天前

शुक्रिया जी आपका

Ashok Mushroof 的头像
Ashok Mushroof9 天前

Beautiful lines 👌

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋9 天前

शुक्रिया जी आपका

⊥OXIƆ 的头像
⊥OXIƆ9 天前

बिलकुल सही👌

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋9 天前

शुक्रिया जी आपका

साँवरा🧗‍♂️ 的头像
साँवरा🧗‍♂️9 天前

Awwwwwwwwwwwwwwwww

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋9 天前

शुक्रिया जी आपका

RUmi 🖤 的头像
RUmi 🖤9 天前

वाह

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋8 天前

शुक्रिया जी आपका

Pritikaaa 的头像
Pritikaaa9 天前

Bilkul

🦋 देवदास 🦋 的头像
🦋 देवदास 🦋9 天前

शुक्रिया जी आपका

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स्त्री ने कभी यह घोषणा ही नहीं की कि मेरे पास भी आत्मा है । वह चुपचाप पुरूष के पीछे चल पड़ती है । युधिष्ठिर जैसा अद्भुत आदमी द्रौपदी को जुए में दाँव पर लगा देता है ! फिर भी कोई यह नहीं कहता कि हम कभी युधिष्ठिर को धर्मराज नहीं कहेंगे । नहीं, कोई यह नहीं कहता ! बल्कि कोई कहेगा तो हम कहेंगे कि अधार्मिक आदमी है । नास्तिक आदमी है, इसक़ी बात मत सुनो ! स्‍त्री को जुए पर, दाँव पर लगाया जा सकता है, क्योंकि भारत में स्‍त्री सम्पदा है, सम्पत्ति है । हम हमेशा से कहते रहें हैं, स्‍त्री सम्पत्ति है और इसीलिए तो पति को स्वामी कहते हैं । स्वामी का मतलब आप समझते हैं, क्या होता है ? अगर हिन्दुस्तान की स्‍त्री में थोड़ी भी अक्ल होती तो एक—एक शब्द से उसे ‘#स्वामी’ निकाल बाहर कर देना चाहिए । कोई पुरुष कोई स्‍त्री का स्वामी नहीं हो सकता । स्वामी का क्या मतलब होता है ? स्‍त्री दस्तखत कर देती है अपनी चिट्ठी में ‘ #आपकी_दासी ’ और पति देव बहुत प्रसन्न हो कर पढ़ते हैं । बड़े आनन्दित होते हैं कि बड़ी प्रेम की बात लिखी है । लेकिन इसका पता है कि स्वामी और दास में कभी प्रेम नहीं हो सकता । प्रेम की सम्भावना समान तल पर हो सकती है । स्वामी और दास में क्या प्रेम हो सकता है ? इसलिए हिन्दुस्तान में प्रेम की सम्भावना ही समाप्त हो गयी । हिन्दुस्तान में स्‍त्री—पुरुष साथ रह रहे हैं और साथ रहने को प्रेम समझ रहे हैं ! वह प्रेम नहीं है । हिन्दुस्तान में प्रेम का सरासर धोखा है । साथ रहना भर प्रेम नहीं है । किसी तरह कलह कर के 24 घण्टे गुजार देना, प्रेम नहीं है । ज़िन्दगी गुजार देनी प्रेम नहीं है । प्रेम की पुलक और है । प्रेम की प्रार्थना और है । प्रेम की सुगन्ध और है । प्रेम का सँगीत और है । लेकिन वह कहीं भी नहीं ! असल में गुलाम और दास में, मालिक में और स्वामी में, कोई प्रेम नहीं हो सकता । लेकिन हमारे खयाल में नहीं है यह बात कि पूरब की स्‍त्री नेहु विशेष कर भारत की स्‍त्री ने अपनी आत्मा का अधिकार ही स्वीकार नहीं किया है । आत्मा की आवाज भी नहीं दी है । उसने हिम्मत भी नहीं जुटायी कि वह कह सके कि ‘#मैं_भी_हूँ !

तृप्त ...🖤

210,828 次观看 • 2 年前